शिल्पी हत्याकांड पर गरमाई राजनीति, पूर्व मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उठाए सवाल शिल्पी हत्याकांड पर सियासी घमासान तेज शिल्पी हत्याकांड पर गरमाई राजनीति, पूर्व मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उठाए सवाल हरदोई जिले के मल्लावां क्षेत्र के गढ़ी रसूलपुर गांव में हुए चर्चित शिल्पी हत्याकांड ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। घटना के बाद प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। करीब 45 मिनट तक चली बातचीत के दौरान उन्होंने मृतका को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों को ढांढस बंधाया। इस दौरान परिवार ने मामले की CBI जांच, दोषियों को फांसी की सजा और अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग दोहराई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना से पहले कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई, जिससे आरोपियों के हौसले बढ़े और यह घटना घटित हो गई। हालांकि पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन परिजन इससे संतुष्ट नहीं हैं। परिवार का कहना है कि जब अन्य मामलों में “ऑपरेशन लंगड़ा” और बुलडोजर जैसी कार्रवाई होती है, तो इस मामले में वैसी सख्ती क्यों नहीं दिखाई जा रही। उनका कहना है कि उन्हें केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि कठोर और उदाहरण पेश करने वाली सजा चाहिए। वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है और न्याय दिलाने का आश्वासन भी दिया गया है। इस कदम के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस मामले में पीड़ित परिवार को निष्पक्ष और त्वरित न्याय मिल पाएगा या फिर यह मामला भी सियासी बहस तक ही सीमित रह जाएगा।
शिल्पी हत्याकांड पर गरमाई राजनीति, पूर्व मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उठाए सवाल शिल्पी हत्याकांड पर सियासी घमासान तेज शिल्पी हत्याकांड पर गरमाई राजनीति, पूर्व मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उठाए सवाल हरदोई जिले के मल्लावां क्षेत्र के गढ़ी रसूलपुर गांव में हुए चर्चित शिल्पी हत्याकांड ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। घटना के बाद प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। करीब 45 मिनट तक चली बातचीत के दौरान उन्होंने मृतका को श्रद्धांजलि अर्पित की और
परिजनों को ढांढस बंधाया। इस दौरान परिवार ने मामले की CBI जांच, दोषियों को फांसी की सजा और अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग दोहराई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना से पहले कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई, जिससे आरोपियों के हौसले बढ़े और यह घटना घटित हो गई। हालांकि पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन परिजन इससे संतुष्ट नहीं हैं। परिवार का कहना है कि जब अन्य मामलों में “ऑपरेशन लंगड़ा” और बुलडोजर जैसी कार्रवाई होती है, तो
इस मामले में वैसी सख्ती क्यों नहीं दिखाई जा रही। उनका कहना है कि उन्हें केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि कठोर और उदाहरण पेश करने वाली सजा चाहिए। वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है और न्याय दिलाने का आश्वासन भी दिया गया है। इस कदम के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस मामले में पीड़ित परिवार को निष्पक्ष और त्वरित न्याय मिल पाएगा या फिर यह मामला भी सियासी बहस तक ही सीमित रह जाएगा।
- शाहाबाद बस अड्डे पर ऑटो चालक की दबंगई, सवारियों से मारपीट का वीडियो वायरल— ओवरस्पीड व ओवरलोडिंग से बढ़ रहा खतरा, पुलिस पर उठे सवाल तहसील संवाददाता हरदोई/शाहाबाद: शाहाबाद कस्बे के बस अड्डे पर ऑटो चालक की दबंगई का मामला सामने आया है, जहां सवारियों के साथ मारपीट किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने जहां कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं क्षेत्र में चल रहे थ्री व्हीलर ऑटो के अनियंत्रित संचालन की गंभीर समस्या को भी उजागर कर दिया है। जानकारी के अनुसार, ऑटो संख्या UP 30BT 9532 में सवार यात्रियों ने चालक से वाहन धीमी गति से चलाने को कहा। आरोप है कि इससे नाराज होकर चालक ने बस अड्डे पर ऑटो रोककर सवारियों को उतार दिया और अपने साथियों के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पूरी घटना के दौरान पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन हस्तक्षेप करने के बजाय मूकदर्शक बनी रही। इससे पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इसी के साथ स्थानीय लोगों ने एक और बड़ी समस्या की ओर ध्यान दिलाया है। शाहाबाद बस स्टैंड से हरदोई की ओर जाने वाले थ्री व्हीलर ऑटो में ओवरलोडिंग और ओवरस्पीड आम बात हो गई है। कई ऑटो चालक क्षमता से अधिक सवारियां बैठाते हैं और तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाते हैं, जिससे रोजाना दुर्घटनाएं होते-होते बचती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि “हादसे अब बस होने ही वाले हैं,” हालात इतने खराब हो चुके हैं। यात्रियों, खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मनमाना किराया वसूलना, अभद्र व्यवहार करना और विरोध करने पर धमकी देना—ये सब अब आम हो गया है। कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन इस अराजकता पर लगाम लगाने में असमर्थ है? बस अड्डे जैसे संवेदनशील क्षेत्र में भी अगर यात्री सुरक्षित नहीं हैं, तो आम रास्तों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि दोषी ऑटो चालक पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ पूरे रूट पर चलने वाले थ्री व्हीलर वाहनों की जांच की जाए, ओवरलोडिंग और ओवरस्पीड पर सख्ती से रोक लगाई जाए और बस अड्डों पर पुलिस की सक्रियता बढ़ाई जाए, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।1
- शिल्पी हत्याकांड पर सियासी घमासान तेज शिल्पी हत्याकांड पर गरमाई राजनीति, पूर्व मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उठाए सवाल हरदोई जिले के मल्लावां क्षेत्र के गढ़ी रसूलपुर गांव में हुए चर्चित शिल्पी हत्याकांड ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। घटना के बाद प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। करीब 45 मिनट तक चली बातचीत के दौरान उन्होंने मृतका को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों को ढांढस बंधाया। इस दौरान परिवार ने मामले की CBI जांच, दोषियों को फांसी की सजा और अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग दोहराई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना से पहले कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई, जिससे आरोपियों के हौसले बढ़े और यह घटना घटित हो गई। हालांकि पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन परिजन इससे संतुष्ट नहीं हैं। परिवार का कहना है कि जब अन्य मामलों में “ऑपरेशन लंगड़ा” और बुलडोजर जैसी कार्रवाई होती है, तो इस मामले में वैसी सख्ती क्यों नहीं दिखाई जा रही। उनका कहना है कि उन्हें केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि कठोर और उदाहरण पेश करने वाली सजा चाहिए। वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है और न्याय दिलाने का आश्वासन भी दिया गया है। इस कदम के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस मामले में पीड़ित परिवार को निष्पक्ष और त्वरित न्याय मिल पाएगा या फिर यह मामला भी सियासी बहस तक ही सीमित रह जाएगा।3
- सपा प्रमुख एवं सांसद अखिलेश यादव में उत्तर प्रदेश की जनपद हरदोई में चर्चित हत्याकांड शिल्पी की परिजनों से मुलाकात कर उन्हें कार्यवाही का शासन दिन डंडा स्वाध्याय तमाम मीडिया सहकर्मी और कार्यकर्ता मौजूद रहे1
- यहां गली में पानी के पाइप की जोड़ नहीं लगाए गए हैं यहां से गलियों में पानी बह रहा है पूरी सड़के भरा जा रही है पानी से और इस पर कोई अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है आपसे अनुरोध है कृपया कर इसको सही करवाने की कृपा करें1
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- *दानवीर भामाशाह जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई1
- Post by Chirag Paswan mukhymantri Chirag PaswanMukhymantri1
- ब्रेकिंग न्यूज़ | #हरदोई #शाहाबाद शाहाबाद कस्बे के बस अड्डे पर ऑटो चालक की दबंगई का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, ऑटो (नंबर UP 30BT 9532) में बैठी सवारियों ने चालक से तेज रफ्तार कम करने को कहा, जिससे नाराज होकर चालक ने बीच रास्ते बस अड्डे पर गाड़ी रोक दी। आरोप है कि इसके बाद चालक ने सवारियों और उनके परिजनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मौके पर मौजूद पुलिस मूक दर्शक बनी दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि मामला Shahabad कोतवाली क्षेत्र का है। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ितों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।2