रायबरेली गोरा बाजार कुमार गैस एजेंसी पर सुबह से उमड़ी भीड़ – लोग घंटों इंतजार में रायबरेली में एलपीजी संकट गहराया! मध्य पूर्व युद्ध के कारण आपूर्ति प्रभावित, गोरा बाजार कुमार गैस एजेंसी पर सुबह से उमड़ी भीड़ – लोग घंटों इंतजार में रायबरेली शहर के निवासियों को पिछले कई दिनों से रसोई गैस (एलपीजी सिलेंडर) की कमी का सामना करना पड़ रहा है। शहर के गोरा बाजार स्थित कुमार गैस एजेंसी पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं। लोग खाली सिलेंडर लेकर घंटों खड़े रहते हैं, लेकिन कई को रिफिल नहीं मिल पा रहा। यह समस्या केवल रायबरेली तक सीमित नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों जैसे सीतापुर, लखीमपुर खीरी, नोएडा आदि में भी देखी जा रही है।मुख्य कारण मध्य पूर्व (ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध) का है। ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित होने से एलपीजी आयात में देरी हुई है। भारत अपनी एलपीजी जरूरत का लगभग दो-तिहाई हिस्सा आयात करता है, जिसमें मध्य पूर्व का योगदान 85-90% है। इससे पैनिक बाइंग बढ़ गई – लोग पहले से ज्यादा सिलेंडर बुक कर रहे हैं, जिससे डिमांड अचानक उछल गई।सरकार ने स्थिति संभालने के लिए कदम उठाए हैं। रिफाइनरियों को अधिक एलपीजी उत्पादन के आदेश दिए गए हैं। घरेलू सिलेंडर की कीमत में ₹60 की बढ़ोतरी हुई (अब दिल्ली में ₹913), जबकि कमर्शियल में ₹115। रिफिल के लिए न्यूनतम वेटिंग पीरियड 21 से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है, ताकि होर्डिंग रोकी जा सके। अधिकारियों का कहना है कि देश में पर्याप्त स्टॉक है, कोई वास्तविक कमी नहीं – केवल precautionary buying से अस्थायी दबाव है।उपभोक्ताओं का कहना है कि रोजमर्रा की रसोई चलाना मुश्किल हो गया। महिलाएं और परिवार सुबह से शाम तक एजेंसी के चक्कर काट रहे हैं। कुछ जगहों पर ब्लैक मार्केट में सिलेंडर ₹1500 तक बिक रहे हैं।
रायबरेली गोरा बाजार कुमार गैस एजेंसी पर सुबह से उमड़ी भीड़ – लोग घंटों इंतजार में रायबरेली में एलपीजी संकट गहराया! मध्य पूर्व युद्ध के कारण आपूर्ति प्रभावित, गोरा बाजार कुमार गैस एजेंसी पर सुबह से उमड़ी भीड़ – लोग घंटों इंतजार में रायबरेली शहर के निवासियों को पिछले कई दिनों से रसोई गैस (एलपीजी सिलेंडर) की कमी का सामना करना पड़ रहा है। शहर के गोरा बाजार स्थित कुमार गैस एजेंसी पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं। लोग खाली सिलेंडर लेकर घंटों खड़े रहते हैं, लेकिन कई को रिफिल नहीं मिल पा रहा। यह समस्या केवल रायबरेली तक सीमित नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों जैसे सीतापुर, लखीमपुर खीरी, नोएडा आदि में भी देखी जा रही है।मुख्य कारण मध्य पूर्व (ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध) का है। ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित होने से एलपीजी आयात में देरी हुई है। भारत अपनी एलपीजी जरूरत का लगभग दो-तिहाई हिस्सा आयात करता है, जिसमें मध्य पूर्व का योगदान 85-90% है। इससे पैनिक बाइंग बढ़ गई – लोग पहले से ज्यादा सिलेंडर बुक कर रहे हैं, जिससे डिमांड अचानक उछल गई।सरकार ने स्थिति संभालने के लिए कदम उठाए हैं। रिफाइनरियों को अधिक एलपीजी उत्पादन के आदेश दिए गए हैं। घरेलू सिलेंडर की कीमत में ₹60 की बढ़ोतरी हुई (अब दिल्ली में ₹913), जबकि कमर्शियल में ₹115। रिफिल के लिए न्यूनतम वेटिंग पीरियड 21 से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है, ताकि होर्डिंग रोकी जा सके। अधिकारियों का कहना है कि देश में पर्याप्त स्टॉक है, कोई वास्तविक कमी नहीं – केवल precautionary buying से अस्थायी दबाव है।उपभोक्ताओं का कहना है कि रोजमर्रा की रसोई चलाना मुश्किल हो गया। महिलाएं और परिवार सुबह से शाम तक एजेंसी के चक्कर काट रहे हैं। कुछ जगहों पर ब्लैक मार्केट में सिलेंडर ₹1500 तक बिक रहे हैं।
- एक ही व्यक्ति है इस देश में, जो 12 साल में इनके सामने झुका नहीं है। वो नेता विपक्ष राहुल गांधी जी हैं। वो इस सदन में खड़े होकर बेझिझक सच बोलते हैं और सच इनसे पचता नहीं है। : लोकसभा में कांग्रेस महासचिव व सांसद श्रीमती @priyankagandhi जी पराग प्रसाद रावत राष्ट्रीय महासचिव अखिल भारतीय राजीव गांधी विचार मंच1
- सिलेंडर संकट पर अखिलेश का हमला: सरकार की जिम्मेदारी, आम आदमी पर बोझ बढ़ रहा1
- Post by ARYAN KUMAR1
- रायबरेली जिले की डलमऊ तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा सराय दिलावर दरबानीहार में नाली निर्माण को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सरकारी धन से बनने वाली नाली में भारी भ्रष्टाचार किया गया है, जिसके कारण पीड़ित परिवार को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। पीड़ित परिवार का कहना है कि नाली निर्माण लगभग 25 मीटर कराया जाना तय था, लेकिन कथित भ्रष्टाचार के चलते इसे मात्र करीब 9 मीटर तक ही बनाकर काम अधूरा छोड़ दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मामले में ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और बीडीओ की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार, अधूरी नाली के कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही है, जिससे आसपास के घरों में गंदा पानी भरने की समस्या बनी हुई है। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित परिवार ने बताया कि वह न्याय की उम्मीद में जिलाधिकारी समेत कई उच्च अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगा चुका है, लेकिन अब तक उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और अधूरी नाली का निर्माण जल्द पूरा कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके स्थान -रायबरेली रिपोर्ट -बलवंत कुमार1
- टक्कर लगने से महिला गंभीर रूप से घायल ब्लॉगर श्रृष्टि आयुष ने अपनी कार से पहुंचाया घायल महिला को जिला अस्पताल1
- ऊंचाहार (रायबरेली) । क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से आज पुनः जमुनापुर चौराहे पर क्रिटिकल कोऑर्डिनेशन टीम द्वारा विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान बिना कागजात, हेलमेट और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। चेकिंग अभियान के दौरान 15 से अधिक वाहनों के चालान किए गए। साथ ही वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई और लोगों को सुरक्षित तरीके से वाहन चलाने के लिए जागरूक भी किया गया। इस मौके पर ऊंचाहार पुलिस भी मौजूद रही और अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन करें ताकि सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके और क्षेत्र में सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनी रहे।1
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था बेपटरी योगी सरकार को बदनाम करने में जुटे डाक्टर भ्रष्टाचार का बोलबाला ओमप्रकाश श्रीवास्तव हैदरगढ़ बाराबंकी। विकास खण्ड त्रिवेदीगंज क्षेत्र शुंभा एट परींवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की अनुपस्थिति के कारण मरीजों और प्रशासनिक कार्यों के लिए आए लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक निरीक्षण के दौरान अधीक्षक भी अपनी ड्यूटी से नदारद मिले। स्टाफ की कमी के चलते मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है, वहीं कई लोग अपने प्रशासनिक कार्यों के लिए अस्पताल के चक्कर लगाकर वापस लौटने को मजबूर हैं। यह स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है। वहीं शिवाय ब्रिक फील्ड पर मजदूरी करने वाली प्रीति पत्नी संदीप निवासी काशीराम पुरवा, लखीमपुर ने बताया कि वह इलाज के लिए आई थीं, लेकिन स्टॉफ नर्स एवं अधीक्षक उपस्थित नहीं मिले। दिलीप कुमार पुत्र भाई राम निवासी ढोडवापुर शुम्भा बाराबंकी एवं रुद्र प्रताप सिंह निवासी ढोड़वापुर दांत में दर्द होने के कारण सीएससी पर इलाज हेतु आए थे यहां पर डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण बिना इलाज के वापस लौटना पड़ा। इसी तरह, शिवाय ब्रिक फील्ड पर मजदूरी करने आए अनिल कुमार, उदयराज और अमन, तीनों निवासी कटघर, रायबरेली ने बताया कि वे कुत्ते के काटने पर वैक्सीन लगवाने आए थे, लेकिन मौके पर स्टॉफ नर्स नहीं थी तो अधीक्षक कक्ष की ओर गये जहां पर अधिक्षक भी मौजूद नहीं थे। जब शुंभा एट परींवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ मुकुंद कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।4
- जब सदन में स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आता है तो डिप्टी स्पीकर चेयर पर बैठते हैं... आज विपक्ष के 200 से ज्यादा सांसद होने के बाद भी डिप्टी स्पीकर नहीं हैं! ऐसा क्यों? : लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर कांग्रेस के उपनेता @GauravGogoiAsm जी पराग प्रसाद रावत राष्ट्रीय महासचिव अखिल भारतीय राजीव गांधी विचार मंच1