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नैनीताल के भवाली सैनिटोरियम के समीप मुख्य मार्ग पर एक विशालकाय पेड़ के अचानक गिर जाने से यातायात आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है। राहत की बात यह है कि सड़क पूरी तरह बंद नहीं हुई है और वाहनों की आवाजाही अभी भी जारी है। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है। पेड़ को काटकर हटाने का कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा। अधिकारियों का अनुमान है कि मार्ग को पूरी तरह साफ करने में करीब आधे घंटे का समय लग सकता है, जिसके चलते इस दौरान यातायात में कुछ बाधा आ सकती है। प्रशासन ने राहगीरों और वाहन चालकों से धैर्य रखने और सावधानी बरतने की अपील की है।
Nainital news
नैनीताल के भवाली सैनिटोरियम के समीप मुख्य मार्ग पर एक विशालकाय पेड़ के अचानक गिर जाने से यातायात आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है। राहत की बात यह है कि सड़क पूरी तरह बंद नहीं हुई है और वाहनों की आवाजाही अभी भी जारी है। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है। पेड़ को काटकर हटाने का कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा। अधिकारियों का अनुमान है कि मार्ग को पूरी तरह साफ करने में करीब आधे घंटे का समय लग सकता है, जिसके चलते इस दौरान यातायात में कुछ बाधा आ सकती है। प्रशासन ने राहगीरों और वाहन चालकों से धैर्य रखने और सावधानी बरतने की अपील की है।
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- अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट विकासखंड स्थित जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छानागोलू परिसर में 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान के तहत शुक्रवार को एक बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी अंशुल सिंह की उपस्थिति में आयोजित इस शिविर में 1150 से अधिक लोगों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ प्राप्त किया। आधार सेवा केंद्र, श्रम विभाग और अन्य विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से आधार नामांकन, श्रम कार्ड बनाने और अन्य जनोपयोगी सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। शिविर के दौरान पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया गया, जिसमें महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा तीन लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट, डेयरी विकास विभाग द्वारा छह पशुपालकों को स्वच्छ दुग्ध उत्पादन किट और मत्स्य विभाग द्वारा दो लाभार्थियों को मत्स्य तालाब निर्माण व सुधार कार्यों के लिए एक लाख रुपये से अधिक की स्वीकृति के चेक वितरित किए गए। बागवानी विकास परिषद के उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ढेला ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित इस अभियान को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए लाभकारी बताया। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने शिविर में प्राप्त 96 शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। अधिकांश शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष को संबंधित विभागों को भेजा गया है। इस अवसर पर उत्तराखंड पलायन निवारण आयोग के सदस्य अनिल सिंह साही, उपजिलाधिकारी सुनील कुमार राज, परियोजना निदेशक डीआरडीए के.एन. तिवारी और खंड विकास अधिकारी निवेदिता खुल्बे सहित कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।1
- बागेश्वर जनपद के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश के कारण जगह-जगह पेड़ गिर गए हैं, जिससे यातायात बाधित हो गया है। इन अवरुद्ध मार्गों और बंद रास्तों को पुनः खोलने के लिए फायर पुलिस द्वारा युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है। फायर पुलिस की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर गिरे हुए पेड़ों को हटाने का कार्य कर रही हैं, ताकि आवागमन को यथाशीघ्र सुचारु बनाया जा सके और आम जनता को हो रही परेशानी से राहत मिल सके।1
- बिलासपुर तहसील परिसर में शुक्रवार को खराब मौसम के बीच भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) के दर्जनों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। किसानों ने तहसील के पार्क में अपनी समस्याओं पर चर्चा की और इसके बाद नारेबाजी करते हुए उपजिलाधिकारी को प्रधानमंत्री को संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। उपजिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर किसानों की बात सुनी और उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। भाकियू अंबावता के नेता मोहम्मद सलीम वारसी ने संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि किसान सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं और अधिकारियों द्वारा बिना रिश्वत के कोई काम नहीं किया जा रहा है। उन्होंने भ्रष्टाचार और महंगाई को चरम पर बताते हुए किसानों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। साथ ही, सरकार द्वारा एक हेक्टेयर भूमि पर सालाना सात कट्टे यूरिया की सीमा तय करने के फैसले को किसान विरोधी बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया। किसानों की मांगों में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करना, फसलों का उचित मूल्य तय करने का अधिकार मिलना, कर्ज माफी और पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण शामिल है। इसके अतिरिक्त, कृषि मशीनरी व सामग्री पर जीएसटी समाप्त करने, खाद-बीज और कीटनाशक पर 80 प्रतिशत सब्सिडी देने, अमेरिका के साथ कृषि समझौते रद्द करने और सामान्य नलकूप कनेक्शन योजना दोबारा शुरू करने की मांग उठाई गई। ज्ञापन में घरेलू बिजली दरों में कटौती, 200 यूनिट मुफ्त बिजली और निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर कार्रवाई करने की भी मांग की गई है। इस प्रदर्शन में मोहम्मद अहकाम मिर्जा, मोहम्मद आसिम रजा, लखविंदर सिंह, सुजान सिंह, रणजीत सिंह और मुरारी लाल सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।2
- चम्पावत के पूर्णागिरी मार्ग पर हनुमान चट्टी के पास शुक्रवार को सड़क के बीचों-बीच एक पेड़ गिर गया, जिसके कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। सूचना मिलने के बाद टनकपुर फायर स्टेशन की राहत एवं बचाव टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। फायर कर्मियों ने वुडन कटर, आरा और कुल्हाड़ी का इस्तेमाल करते हुए गिरे हुए पेड़ को काटकर रास्ते से हटाया। इस त्वरित कार्रवाई से मार्ग को साफ कर यातायात को सुचारू रूप से बहाल किया गया, जिससे वहां से गुजरने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को बड़ी राहत मिली। समय पर की गई इस कार्रवाई के कारण सड़क पर लंबा जाम लगने की स्थिति भी टल गई और आवागमन सुरक्षित रूप से फिर शुरू हो सका। स्थानीय लोगों ने इस त्वरित राहत कार्य के लिए फायर टीम की प्रशंसा की है।1
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से जनपद चम्पावत के लिए दो प्रमुख विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत टनकपुर उप जिला चिकित्सालय में नई स्वास्थ्य सुविधाओं का उद्घाटन किया गया, जिसमें दो अत्याधुनिक डायलिसिस मशीनें और एक नई ईसीजी मशीन शामिल हैं। इन सुविधाओं के शुरू होने से सीमांत क्षेत्र के मरीजों को अब स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने डांडा ककनई में नेस्ले इंडिया और बीएआईएफ (BAIF) के सहयोग से संचालित 'उत्तराखंड CSR-2026 समग्र ग्राम विकास कार्यक्रम' (HVDP) का भी शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, जल संरक्षण, सौर ऊर्जा, महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति प्रदान करना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत से राज्य के समग्र विकास में अपने सीएसआर संसाधनों का योगदान देने का आह्वान किया ताकि उत्तराखंड एक समावेशी विकास का मॉडल बन सके। मुख्यमंत्री ने 'आदर्श चम्पावत – विकसित चम्पावत' के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इस वर्चुअल कार्यक्रम में दर्जा राज्य मंत्री श्रीमती हेमा जोशी, कैंप कार्यालय के नोडल अधिकारी श्री के. एस बृजवाल, तहसीलदार टनकपुर पिंकी आर्य और सीएमएस टनकपुर डॉ घनश्याम तिवारी सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।4
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून स्थित मुख्य सेवक सदन से वर्चुअल माध्यम द्वारा जनपद चम्पावत को विकास की दो बड़ी सौगातें प्रदान कीं। उन्होंने टनकपुर उप जिला चिकित्सालय में नवीन स्वास्थ्य सुविधाओं का उद्घाटन किया और डांडा ककनई में नेस्ले इंडिया एवं बीएआईएफ (BAIF) के सहयोग से संचालित 'उत्तराखंड CSR-2026 समग्र ग्राम विकास कार्यक्रम' (HVDP) का शुभारंभ किया। टनकपुर उप जिला चिकित्सालय में दो अत्याधुनिक डायलिसिस मशीनें और एक नई ईसीजी मशीन स्थापित की गई है, जिससे सीमांत क्षेत्र के मरीजों को अब स्थानीय स्तर पर ही आधुनिक चिकित्सा सेवाएँ मिल सकेंगी। वहीं, डांडा ककनई में शुरू किए गए समग्र ग्राम विकास कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, जल संरक्षण, सौर ऊर्जा, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और स्वरोजगार जैसे क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति दी जाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) देवभूमि के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने उद्योग जगत का आह्वान किया कि वे उत्तराखंड की विकास यात्रा में सहभागी बनें। मुख्यमंत्री ने 'आदर्श चम्पावत – विकसित चम्पावत' के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सरकार की पारदर्शी नीतियों और जनसहभागिता के माध्यम से चम्पावत को विकास और सुशासन का आदर्श जनपद बनाया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान दर्जा राज्य मंत्री श्रीमती हेमा जोशी, मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के नोडल अधिकारी श्री के. एस. बृजवाल, टनकपुर की तहसीलदार पिंकी आर्य, सीएमएस डॉ. घनश्याम तिवारी सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।4
- चंपावत में 'आदर्श चम्पावत @2030' अभियान के तहत उद्यमिता विकास प्रशिक्षण का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण सत्र का मुख्य उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार के अवसरों के प्रति प्रेरित और प्रोत्साहित करना था।1