शिवपुरी जिले के करैरा नगर में गुरुवार को धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास का एक नया अध्याय रचा गया, जब यहां पहली बार भगवान श्री जगन्नाथ जी की भव्य एवं दिव्य रथयात्रा पूरी श्रद्धा और सनातन संस्कृति के अनुपम वैभव के साथ निकाली गई। बड़ा बाजार स्थित भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर से वैदिक मंत्रोच्चार, विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुई यह पावन यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरा नगर "जय जगन्नाथ" के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। यात्रा के दौरान एक सुसज्जित रथ पर भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा के दिव्य विग्रह विराजमान थे, जिनके दर्शन के लिए मार्ग के दोनों ओर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया गया तथा भजन-कीर्तन और धार्मिक धुनों के बीच श्रद्धालुओं ने प्रभु के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया। इस रथयात्रा में करैरा नगर के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में सराबोर दिखाई दिया। इस रथयात्रा की गरिमा तब और बढ़ गई जब धूमेश्वर धाम के पूज्य संत श्री श्री 1008 अनिरुद्ध वन जी महाराज अपने सान्निध्य से यात्रा को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करने पहुंचे। रथयात्रा में एक रथ पर जहां भगवान श्री जगन्नाथ विराजमान थे, वहीं दूसरे रथ पर पूज्य अनिरुद्ध वन जी महाराज श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए चल रहे थे, जिन्हें देखने के लिए लोगों में विशेष उत्साह था। मंदिर समिति, स्थानीय श्रद्धालुओं और समस्त नगरवासियों के महत्वपूर्ण योगदान से संपन्न हुआ यह भव्य आयोजन करैरा के धार्मिक एवं सांस्कृतिक इतिहास में एक गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा।
शिवपुरी जिले के करैरा नगर में गुरुवार को धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास का एक नया अध्याय रचा गया, जब यहां पहली बार भगवान श्री जगन्नाथ जी की भव्य एवं दिव्य रथयात्रा पूरी श्रद्धा और सनातन संस्कृति के अनुपम वैभव के साथ निकाली गई। बड़ा बाजार स्थित भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर से वैदिक मंत्रोच्चार, विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुई यह पावन यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। इस ऐतिहासिक
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरा नगर "जय जगन्नाथ" के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। यात्रा के दौरान एक सुसज्जित रथ पर भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा के दिव्य विग्रह विराजमान थे, जिनके दर्शन के लिए मार्ग के दोनों ओर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया गया तथा भजन-कीर्तन और धार्मिक धुनों के बीच श्रद्धालुओं ने प्रभु के
दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया। इस रथयात्रा में करैरा नगर के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में सराबोर दिखाई दिया। इस रथयात्रा की गरिमा तब और बढ़ गई जब धूमेश्वर धाम के पूज्य संत श्री श्री 1008 अनिरुद्ध वन जी महाराज अपने सान्निध्य से यात्रा को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करने पहुंचे।
रथयात्रा में एक रथ पर जहां भगवान श्री जगन्नाथ विराजमान थे, वहीं दूसरे रथ पर पूज्य अनिरुद्ध वन जी महाराज श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए चल रहे थे, जिन्हें देखने के लिए लोगों में विशेष उत्साह था। मंदिर समिति, स्थानीय श्रद्धालुओं और समस्त नगरवासियों के महत्वपूर्ण योगदान से संपन्न हुआ यह भव्य आयोजन करैरा के धार्मिक एवं सांस्कृतिक इतिहास में एक गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा।
- शिवपुरी जिले के करैरा नगर में पहली बार भगवान श्री जगन्नाथ जी की भव्य रथयात्रा पूरी श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ निकाली गई। इस ऐतिहासिक और भव्य आयोजन में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा के जयघोष से पूरा करैरा नगर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया। इस पावन यात्रा के मार्ग में श्रद्धालु लगातार भजन-कीर्तन करते हुए भगवान के रथ के साथ चलते रहे। नगर के विभिन्न स्थानों पर रथयात्रा का पुष्पवर्षा और आरती के साथ भव्य स्वागत किया गया। इसके साथ ही, स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए स्वागत और सेवा की विशेष व्यवस्थाएं भी कीं। नगरवासियों ने इस भव्य आयोजन को करैरा के धार्मिक इतिहास का एक बेहद यादगार और गौरवपूर्ण क्षण बताया। रथयात्रा के अंत में श्रद्धालुओं ने भगवान श्री जगन्नाथ जी से यह कामना व्यक्त की कि यह यात्रा आने वाले वर्षों में भी इसी तरह निरंतर निकाली जाती रहे और यह भव्य परंपरा आगे बढ़ती रहे।1
- शिवपुरी जिले के करैरा नगर में गुरुवार को धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास का एक नया अध्याय रचा गया, जब यहां पहली बार भगवान श्री जगन्नाथ जी की भव्य एवं दिव्य रथयात्रा पूरी श्रद्धा और सनातन संस्कृति के अनुपम वैभव के साथ निकाली गई। बड़ा बाजार स्थित भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर से वैदिक मंत्रोच्चार, विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुई यह पावन यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरा नगर "जय जगन्नाथ" के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। यात्रा के दौरान एक सुसज्जित रथ पर भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा के दिव्य विग्रह विराजमान थे, जिनके दर्शन के लिए मार्ग के दोनों ओर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया गया तथा भजन-कीर्तन और धार्मिक धुनों के बीच श्रद्धालुओं ने प्रभु के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया। इस रथयात्रा में करैरा नगर के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में सराबोर दिखाई दिया। इस रथयात्रा की गरिमा तब और बढ़ गई जब धूमेश्वर धाम के पूज्य संत श्री श्री 1008 अनिरुद्ध वन जी महाराज अपने सान्निध्य से यात्रा को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करने पहुंचे। रथयात्रा में एक रथ पर जहां भगवान श्री जगन्नाथ विराजमान थे, वहीं दूसरे रथ पर पूज्य अनिरुद्ध वन जी महाराज श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए चल रहे थे, जिन्हें देखने के लिए लोगों में विशेष उत्साह था। मंदिर समिति, स्थानीय श्रद्धालुओं और समस्त नगरवासियों के महत्वपूर्ण योगदान से संपन्न हुआ यह भव्य आयोजन करैरा के धार्मिक एवं सांस्कृतिक इतिहास में एक गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा।4
- शिवपुरी जिले के करैरा में लगभग 800 वर्ष पुराने ऐतिहासिक मंदिर से पहली बार जगत के पालनहार श्री श्री 1008 श्री जगन्नाथ जी भगवान की भव्य रथ यात्रा निकाली गई। मंदिर में सुबह से ही विशेष धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-अर्चना के साथ भगवान जगन्नाथ का अभिषेक किया गया। मंदिर के पुजारी रामू तिवारी और डबरा से आए ऋषभ पंडित ने बताया कि सुबह के अनुष्ठानों के बाद इस भव्य रथ यात्रा का शुभारंभ हुआ। धूमेश्वर महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर पंडित अनिरुद्ध वन महाराज के सानिध्य में शुरू हुई यह रथ यात्रा नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। यात्रा बड़ा बाजार, पुरानी तहसील, मंशापूरन हनुमान मंदिर, पुराना बस स्टैंड, नया बस स्टैंड, बीज भंडार रोड, शिवपुरी रोड, काली माता मंदिर, फिल्टर रोड, महुअर पुल और आईटीबीपी के सामने से गुजरते हुए राम मंदिर पहुंची। राम मंदिर में भगवान जगन्नाथ की आरती उतारी गई और करीब आधे घंटे के विश्राम के दौरान भक्तों को ठंडा शरबत व प्रसाद वितरित किया गया। इसके बाद रथ यात्रा पुनः महुअर पुल से होते हुए बड़ा बाजार स्थित जगन्नाथ मंदिर वापस लौटी। डीजे, घोड़ों और बग्गी के साथ निकाली गई इस रथ यात्रा का नगर में जोरदार स्वागत हुआ। एक दर्जन से अधिक स्थानों पर भक्तों द्वारा पुष्प वर्षा की गई और श्रद्धालुओं को खिचड़ी का प्रसाद, पानी, शरबत और कोल्ड ड्रिंक बांटी गई। प्रभु के दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकलकर सड़कों पर उमड़ पड़े, जिससे पूरा नगर भक्तिमय माहौल से सराबोर हो गया।1
- मध्य प्रदेश में उपचुनाव के माहौल के बीच नरोत्तम मिश्रा ने भरे मंच से एक बेहद तीखा और चौंकाने वाला बयान दिया है। नरोत्तम मिश्रा ने सीधे तौर पर मंच से कहा कि मेरा टिकट काटने वालों तक जाने की तुम्हारी क्षमता नहीं है। भरे मंच से दिए गए उनके इस बयान ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है और हर तरफ इसी बात की चर्चा हो रही है कि आखिर उन्होंने ऐसा किसके लिए और क्यों कहा।1
- ग्वालियर जिले के भितरवार में खाद की किल्लत, बिजली कटौती और नशे के खिलाफ किसान सभा ने एक जोरदार जुलूस निकाला। प्रदर्शन के बाद किसान सभा के पदाधिकारियों और क्षेत्रवासियों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार शिवदत्त कटारे को अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से क्षेत्र की गंभीर समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की गई है। दिए गए ज्ञापन में मुख्य रूप से किसानों के लिए पर्याप्त खाद की व्यवस्था सुनिश्चित कराने और बिजली कंपनी को नियमित एवं सुचारू विद्युत आपूर्ति देने के निर्देश जारी करने की मांग की गई है। इसके साथ ही, शिक्षण संस्थानों की जांच कर छात्रों से वसूली जा रही अतिरिक्त फीस पर रोक लगाने और पुलिस प्रशासन को मुस्तैद कर नशीले पदार्थों के अवैध कारोबारियों पर तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी उठाई गई है। ज्ञापन सौंपने के बाद तहसीलदार शिवदत्त कटारे ने किसानों को आश्वासन दिया कि प्रशासन इन सभी समस्याओं पर जल्द ही उचित कार्यवाही करेगा और इनका निपटारा करेगा। इस प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान मुख्य रूप से किसान सभा भितरवार के पदाधिकारी कॉमरेड बीरबल चैन, मुकेश यादव, दिनेश पाठक, मुन्ना कुरैशी, पवन और संदीप सहित बड़ी संख्या में किसान व क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।2
- ग्वालियर के डबरा में एक युवक-युवती ने आर्य समाज में विवाह करने का दावा करते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। दतिया के पटेल कॉलोनी की मूल निवासी (वर्तमान निवासी जाटव मोहल्ला, डबरा) खुशी सिंह (पुत्री सतप्रकाश सिंह) और डबरा निवासी अभिषेक मोहोनिया (पुत्र जशवंत मोहोनिया) ने बताया कि उन्होंने 15 जुलाई 2026 को आर्य समाज संस्कृति संस्थान में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अपनी स्वेच्छा से विवाह कर लिया है। विवाह संपन्न होने के बाद दोनों ने पुलिस अधीक्षक ग्वालियर और थाना प्रभारी डबरा शहर को एक वीडियो संदेश भेजकर अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। वीडियो संदेश में इस नवविवाहित जोड़े ने अपनी मर्जी से विवाह करने की बात कहते हुए किसी भी अप्रिय घटना की आशंका जताई है। युवती ने अपने परिजनों पर मारपीट और प्रताड़ना के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उसका दावा है कि उसकी मां पहले इस शादी के लिए राजी थीं, लेकिन बाद में वे इसका विरोध करने लगीं और उसे नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई जा रही थी, जिसके चलते उसने घर छोड़कर शादी करने का फैसला किया। युवती ने यह भी कहा कि यदि अभिषेक के परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी उसके परिजनों की होगी। हालांकि, युवती के इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि पुलिस ने इस संबंध में कोई मामला दर्ज किया है या सुरक्षा प्रदान करने को लेकर कोई आदेश जारी किया है।1
- मध्य प्रदेश के नरवर में विधायक रमेश खटीक की जनचौपाल के दौरान उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब ग्रामीणों ने उनकी शिकायतें न सुने जाने का आरोप लगाया। इस बात से नाराज होकर विरोध स्वरूप एक व्यक्ति ने अपने मासूम बच्चे को सीधे विधायक की कार के बोनट पर रख दिया। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है।1