झुंझुनूं जिले के कनिका की ढाणी में रहने वाले छात्र प्रदीप मेघवाल ने सीकर में नीट पेपर लीक मामले से आहत होकर आत्महत्या कर ली थी। इसी प्रकरण में पीड़ित परिवार से मिलने पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा उनके घर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने परिवार की मौजूदगी में सीकर कलेक्टर से फोन पर बात की और प्रशासनिक संवेदनहीनता पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। गुढ़ा ने कलेक्टर को बताया कि इस घटना से पूरे देश में सीकर की बदनामी हो रही है, लेकिन इसके बावजूद जिला प्रशासन का कोई भी वरिष्ठ अधिकारी अब तक पीड़ित परिवार से मिलने नहीं पहुंचा। उन्होंने कलेक्टर से दो टूक कहा, “अंग्रेज अफसर भी आपसे ठीक थे, आप लोगों में संवेदना नहीं बची है।” वहीं, छात्र के पिता ने भी फोन पर पुलिस अधिकारियों पर प्रताड़ित करने और धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने सख्त जांच के नाम पर परिवार को परेशान किया। मिली जानकारी के अनुसार, कलेक्टर और गुढ़ा के बीच हुई इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पूर्व मंत्री गुढ़ा ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि प्रशासन को खुद पीड़ित परिवार के बीच पहुंचकर संवेदना जतानी चाहिए।
झुंझुनूं जिले के कनिका की ढाणी में रहने वाले छात्र प्रदीप मेघवाल ने सीकर में नीट पेपर लीक मामले से आहत होकर आत्महत्या कर ली थी। इसी प्रकरण में पीड़ित परिवार से मिलने पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा उनके घर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने परिवार की मौजूदगी में सीकर कलेक्टर से फोन पर बात की और प्रशासनिक संवेदनहीनता पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। गुढ़ा ने कलेक्टर को बताया कि इस घटना से पूरे देश में सीकर की बदनामी हो रही है, लेकिन इसके बावजूद जिला प्रशासन का कोई भी वरिष्ठ अधिकारी अब तक पीड़ित परिवार से मिलने नहीं पहुंचा। उन्होंने कलेक्टर से दो टूक कहा, “अंग्रेज अफसर भी आपसे ठीक थे, आप लोगों में संवेदना नहीं बची है।” वहीं, छात्र के पिता ने भी फोन पर पुलिस अधिकारियों पर प्रताड़ित करने और धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने सख्त जांच के नाम पर परिवार को परेशान किया। मिली जानकारी के अनुसार, कलेक्टर और गुढ़ा के बीच हुई इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पूर्व मंत्री गुढ़ा ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि प्रशासन को खुद पीड़ित परिवार के बीच पहुंचकर संवेदना जतानी चाहिए।
- झुंझुनूं जिले के घरड़ाना खुर्द में सोमवार को समाजसेवी स्वर्गीय चौधरी श्रीचंद राव की 12वीं पुण्यतिथि पर एक विशाल श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने सार्वजनिक स्थानों पर श्रमदान करते हुए बेजुबान पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था की और परिंडे लगाए, जिससे उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की जा सके। कार्यक्रम में बुहाना के पूर्व प्रधान चौधरी हरपाल सिंह राव मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि समाजसेवी नोरग राव ने इसकी अध्यक्षता की। मंच संचालन का कार्य शिक्षाविद एवं पूर्व प्रधानाचार्य विजयपाल सिंह राव ने संभाला। पूर्व युवा कांग्रेस जिला सचिव सरजीत राव ने बताया कि यह आयोजन स्वर्गीय चौधरी श्रीचंद राव की स्वयं की इच्छा के अनुरूप था, जिनकी कामना थी कि हर वर्ष उनकी स्मृति में श्रमदान और पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था की जाए। इस श्रद्धांजलि सभा में बजरंग, जगदीश, ईश्वर, बलबीर सिंह, सुभाष, मनरूप, देशराम, भानाराम, करण सिंह, संदीप, धर्मपाल, प्रदीप, रविंद्र, अंकित, वेदांत, निशांत, प्रिश और विनय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में बलबीर सिंह राव ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।1
- आज दौसा जिला कलेक्ट्रेट पर नगर पालिका बसवा के सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर वाल्मीकि सेना के नेतृत्व में एक जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी और समाज के लोग एकजुट होकर उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने हक-अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की गई। ज्ञापन में कर्मचारियों ने समय पर वेतन भुगतान, स्थायी नियुक्ति प्रदान करने, सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने और ठेका प्रथा को समाप्त करने सहित कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। वाल्मीकि सेना के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि जब तक सफाई कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं होगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सभी कर्मचारियों से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज की ताकत ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को मजबूती से प्रशासन के सामने रखने के लिए जमकर नारेबाजी भी की, जिसमें वाल्मीकि सेना के कई कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद थे।2
- नवलगढ़ से मिल रही जानकारी के अनुसार, सेहत बनाने के प्रयास में एक परिवार की सेहत गंभीर रूप से बिगड़ गई। सूत्रों से प्राप्त खबर के मुताबिक, खरबूजे का जूस पीने के तुरंत बाद ही पूरा परिवार बीमार पड़ गया, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब सेहत बनाने के लिए पिए जा रहे ज्यूस के जहर बनकर कहर बरपाने की चेतावनी दी जा रही है।1
- भीषण गर्मी के प्रकोप के कारण जंगल और दूरदराज़ के इलाकों में रहने वाले आदिवासी समुदाय को पानी की गंभीर किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। जलस्रोत सूख जाने के चलते इन लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर गहरे कुओं में उतरकर पानी निकालने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इसके अलावा, कई परिवारों को अपनी दैनिक पानी की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए रोज़ाना मीलों पैदल चलकर पानी लाना पड़ रहा है।1
- बढ़ती महंगाई के मद्देनजर, सीनियर सिटीजंस के लिए वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाकर ₹10,000 प्रतिमाह करने की जोरदार मांग उठी है। यह मांग मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान द्वारा की जा रही है, जो सीनियर सिटीजंस के हकों के लिए लगातार एक सशक्त आवाज बुलंद कर रहा है।1
- अमित शाह ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने काफिले को आधे से भी कम कर दिया है।1
- महेंद्रगढ़ की उपायुक्त अनुपमा अंजलि ने सोमवार को एक अनूठी पहल की, जिसके तहत उन्होंने सरकारी गाड़ियों के काफिले का उपयोग करने के बजाय अधिकारियों के साथ ई-रिक्शा में यात्रा की। इस कदम के माध्यम से, उपायुक्त ने आमजन को ईंधन बचत और ऊर्जा संरक्षण का संदेश दिया, साथ ही उन्हें पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्रेरित किया।1
- झुंझुनूं जिले के कनिका की ढाणी में रहने वाले छात्र प्रदीप मेघवाल ने सीकर में नीट पेपर लीक मामले से आहत होकर आत्महत्या कर ली थी। इसी प्रकरण में पीड़ित परिवार से मिलने पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा उनके घर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने परिवार की मौजूदगी में सीकर कलेक्टर से फोन पर बात की और प्रशासनिक संवेदनहीनता पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। गुढ़ा ने कलेक्टर को बताया कि इस घटना से पूरे देश में सीकर की बदनामी हो रही है, लेकिन इसके बावजूद जिला प्रशासन का कोई भी वरिष्ठ अधिकारी अब तक पीड़ित परिवार से मिलने नहीं पहुंचा। उन्होंने कलेक्टर से दो टूक कहा, “अंग्रेज अफसर भी आपसे ठीक थे, आप लोगों में संवेदना नहीं बची है।” वहीं, छात्र के पिता ने भी फोन पर पुलिस अधिकारियों पर प्रताड़ित करने और धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने सख्त जांच के नाम पर परिवार को परेशान किया। मिली जानकारी के अनुसार, कलेक्टर और गुढ़ा के बीच हुई इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पूर्व मंत्री गुढ़ा ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि प्रशासन को खुद पीड़ित परिवार के बीच पहुंचकर संवेदना जतानी चाहिए।1