सिरमौर में जमीन विवाद को दिया जा रहा राजनीतिक रंग, अतिक्रमण और धमकी का आरोप सिरमौर। क्षेत्र में एक गंभीर जमीन विवाद का मामला सामने आया है, जहां एक स्वघोषित नेता पर आदिवासियों को मोहरा बनाकर निजी जमीन पर अवैध अतिक्रमण कराने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित के अनुसार पहले उसकी जमीन पर कब्जे का प्रयास किया गया, जिसके बाद उसने विधिसम्मत तरीके से सीमांकन कराते हुए न्यायालय तहसील में धारा 250 के तहत मामला दर्ज कराया। मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद संबंधित व्यक्ति अब इसे राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहा है। आरोप है कि आदिवासियों को कंबल जैसे प्रलोभन देकर भीड़ इकट्ठा की जा रही है और जबरन पक्का निर्माण कराने की कोशिश की जा रही है। पीड़ित का कहना है कि शिकायत करने पर माननीय तहसीलदार, थाना प्रभारी और स्थानीय विधायक पर भी अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था को बदनाम करने का प्रयास हो रहा है। इसके साथ ही गंभीर आरोप यह भी है कि जंगल क्षेत्र से अवैध रूप से ट्रैक्टर द्वारा पत्थर तुड़वाकर निर्माण सामग्री लाई जा रही है, जो स्पष्ट रूप से वन नियमों का उल्लंघन है। जब पीड़ित ने इसका विरोध किया तो उसे धमकियां दी गईं। मामले ने क्षेत्र में तनाव का माहौल बना दिया है। पीड़ित ने जिला प्रशासन और पुलिस से निष्पक्ष जांच कर अवैध अतिक्रमण, धमकी और वन संपदा के दोहन पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सिरमौर में जमीन विवाद को दिया जा रहा राजनीतिक रंग, अतिक्रमण और धमकी का आरोप सिरमौर। क्षेत्र में एक गंभीर जमीन विवाद का मामला सामने आया है, जहां एक स्वघोषित नेता पर आदिवासियों को मोहरा बनाकर निजी जमीन पर अवैध अतिक्रमण कराने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित के अनुसार पहले उसकी जमीन पर कब्जे का प्रयास किया गया,
जिसके बाद उसने विधिसम्मत तरीके से सीमांकन कराते हुए न्यायालय तहसील में धारा 250 के तहत मामला दर्ज कराया। मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद संबंधित व्यक्ति अब इसे राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहा है। आरोप है कि आदिवासियों को कंबल जैसे प्रलोभन देकर भीड़ इकट्ठा की जा रही है और जबरन पक्का निर्माण कराने की
कोशिश की जा रही है। पीड़ित का कहना है कि शिकायत करने पर माननीय तहसीलदार, थाना प्रभारी और स्थानीय विधायक पर भी अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था को बदनाम करने का प्रयास हो रहा है। इसके साथ ही गंभीर आरोप यह भी है कि जंगल क्षेत्र से अवैध रूप से ट्रैक्टर द्वारा पत्थर तुड़वाकर निर्माण सामग्री
लाई जा रही है, जो स्पष्ट रूप से वन नियमों का उल्लंघन है। जब पीड़ित ने इसका विरोध किया तो उसे धमकियां दी गईं। मामले ने क्षेत्र में तनाव का माहौल बना दिया है। पीड़ित ने जिला प्रशासन और पुलिस से निष्पक्ष जांच कर अवैध अतिक्रमण, धमकी और वन संपदा के दोहन पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
- प्रेमानंद महाराज श्री सत्संग प्रेमानंद जी का साक्षात् प्रमाण राधे राधे श्री किशोरी राधा रानी सरकार जी की जय हो श्री बिहारी जू सरकार की जय हो1
- Post by Abhishek Pandey1
- उत्तर प्रदेश के कोरेक्स के बाद, अब गुजरात का टैबलेट व्यापार जोरो पर,1
- सिरमौर में जमीन विवाद को दिया जा रहा राजनीतिक रंग, अतिक्रमण और धमकी का आरोप सिरमौर। क्षेत्र में एक गंभीर जमीन विवाद का मामला सामने आया है, जहां एक स्वघोषित नेता पर आदिवासियों को मोहरा बनाकर निजी जमीन पर अवैध अतिक्रमण कराने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित के अनुसार पहले उसकी जमीन पर कब्जे का प्रयास किया गया, जिसके बाद उसने विधिसम्मत तरीके से सीमांकन कराते हुए न्यायालय तहसील में धारा 250 के तहत मामला दर्ज कराया। मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद संबंधित व्यक्ति अब इसे राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहा है। आरोप है कि आदिवासियों को कंबल जैसे प्रलोभन देकर भीड़ इकट्ठा की जा रही है और जबरन पक्का निर्माण कराने की कोशिश की जा रही है। पीड़ित का कहना है कि शिकायत करने पर माननीय तहसीलदार, थाना प्रभारी और स्थानीय विधायक पर भी अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था को बदनाम करने का प्रयास हो रहा है। इसके साथ ही गंभीर आरोप यह भी है कि जंगल क्षेत्र से अवैध रूप से ट्रैक्टर द्वारा पत्थर तुड़वाकर निर्माण सामग्री लाई जा रही है, जो स्पष्ट रूप से वन नियमों का उल्लंघन है। जब पीड़ित ने इसका विरोध किया तो उसे धमकियां दी गईं। मामले ने क्षेत्र में तनाव का माहौल बना दिया है। पीड़ित ने जिला प्रशासन और पुलिस से निष्पक्ष जांच कर अवैध अतिक्रमण, धमकी और वन संपदा के दोहन पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।4
- sabhi pyare bhaiyon ko Basant panchmi ki hardik shubhkamnaye1
- Post by Damodar kushwaha1
- *शराब माफिया चला नेता बनने,अमरपाटन में सवालों के घेरे में ‘कथित नेता’,जरा आप भी सुने नेता जी ने किसको कहा हिजडा* अमरपाटन में हाल ही में आयोजित एक जन्मदिन समारोह ने स्थानीय राजनीति ने नई बहस को जन्म दे दिया है। जिस व्यक्ति ने मंच से ताकत और प्रभाव का प्रदर्शन करने की कोशिश की उसके अतीत को लेकर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं लोगों का कहना है कि ये वही है जो कुछ वर्ष पहले तक गली-गली घूमकर अवैध शराब की पैकारी करता था। 10–10 रुपये के लालच में घर-घर पऊआ सप्लाई करने वाला यह व्यक्ति आज खुद को बाहुबली और नेता के रूप में स्थापित करने का प्रयास कर रहा है। मानना है कि अपराध की पृष्ठभूमि से राजनीति में प्रवेश करने की यह प्रवृत्ति समाज के लिए घातक है। जिस तरह से जन्मदिन समारोह को शक्ति प्रदर्शन में बदला गया, उससे साफ है कि यह आयोजन सामाजिक नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश देने का प्रयास था। हालांकि सवाल यह भी है कि इस कथित शक्ति प्रदर्शन में वास्तव में कितने लोग स्वेच्छा से आए और कितने सिर्फ दिखावे का हिस्सा बने। इतिहास गवाह है कि शराब माफिया और बाहुबल के दम पर खड़ी की गई सियासत ज्यादा दिन टिक नहीं पाती—ऐसे कई उदाहरण पहले भी मिट्टी में मिल चुके हैं। अमरपाटन की जनता अब जागरूक है और वह अच्छे चरित्र, साफ छवि और जनहित के मुद्दों पर काम करने वाले प्रतिनिधियों को ही स्वीकार करेगी। ऐसे में अवैध धंधों से राजनीति में छलांग लगाने वालों को सचेत हो जाना चाहिए, क्योंकि कानून और जनता दोनों की नजरें खुली हैं। *आप भी वीडियो देखिये और सुनिये, नेता जी कह रहे है "ठाकुर हिजडा" होता है*1
- आप सभी को बसंत पंचमी एवं सरस्वती पूजन दिवस पर की अनंत बधाई एवं ढेरों शुभकामनाएं 🎉🎉2