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खरगापुर में बुंदेलखंड क्षेत्र के क्रिकेटरों और क्रिएटर्स के सम्मान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष सम्मान समारोह में क्षेत्र के कई लोग मौजूद थे।
भीमकुंड न्यूज़ 24
खरगापुर में बुंदेलखंड क्षेत्र के क्रिकेटरों और क्रिएटर्स के सम्मान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष सम्मान समारोह में क्षेत्र के कई लोग मौजूद थे।
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- खरगापुर में बुंदेलखंड क्षेत्र के क्रिकेटरों और क्रिएटर्स के सम्मान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष सम्मान समारोह में क्षेत्र के कई लोग मौजूद थे।1
- सोनभद्र बंशी सूर्यपुर प्रखंड के माली ग्राम पंचायत में जल अनुरक्षक अपने लंबित मानदेय और भुगतान का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। ये जल अनुरक्षक गांव में पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन लगातार मेहनत के बावजूद भुगतान न मिलने से उनमें गहरी चिंता है। एक वीडियो के माध्यम से अरवल जिला प्रशासन और सोनभद्र बंशी सूर्यपुर प्रखंड प्रशासन से यह अपील की गई है कि माली पंचायत के जल अनुरक्षकों का बकाया भुगतान जल्द से जल्द जारी किया जाए। इस मांग का मुख्य उद्देश्य उनके परिवारों को आर्थिक राहत प्रदान करना है, क्योंकि जल व्यवस्था संभालने वालों को उनका वाजिब अधिकार मिलना चाहिए।1
- औरंगाबाद जिले के हसपुरा प्रखंड के अंतर्गत आने वाले विभिन्न बूथों पर कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को ध्यानपूर्वक सुना। यह कार्यक्रम कोइलवां, सोनहथु और कैथी बनकट सहित अन्य बूथों पर भी आयोजित किया गया था।1
- जितन राम मांझी के पुत्र और मंत्री संतोष सुमन का आरा आगमन हुआ है।1
- लोहार समुदाय के लिए आरक्षण का प्रावधान पुराना है और यह कोई नया विषय नहीं है। यह पूरा मामला सिर्फ 'Lohara' शब्द के हिंदी सुधार से संबंधित है।1
- भोजपुर जिले के आरा सदर प्रखंड अंतर्गत बारा-बसंतपुर गांव में परम पूज्य जीयर स्वामी जी महाराज के सान्निध्य में श्री सूर्यनारायण प्राण प्रतिष्ठात्मक सूर्य महायज्ञ का शुभारंभ शनिवार को किया गया। यह धार्मिक आयोजन भव्य जलयात्रा और वरुण पूजन के साथ प्रारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। आयोजन समिति के अनुसार, यह महायज्ञ 27 जून से 3 जुलाई 2026 तक चलेगा। इस दौरान प्रतिदिन वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विभिन्न अनुष्ठान संपन्न होंगे, जिनमें मंडप पूजन, हवन, अरणी मंथन, जलाधिवास, अन्नाधिवास, पुष्पाधिवास, महास्नान, नगर भ्रमण, प्राण प्रतिष्ठा, गंगा आरती और हवन पूर्णाहुति शामिल हैं। महायज्ञ के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में 1 जुलाई को भगवान श्री सूर्यनारायण की प्राण प्रतिष्ठा तथा संध्या में भव्य गंगा आरती का आयोजन होगा। इसके बाद, 3 जुलाई को हवन पूर्णाहुति, एक विशाल भंडारा और विदाई समारोह के साथ इस महायज्ञ का समापन किया जाएगा। इस महायज्ञ के यज्ञाचार्य पंडित ब्रह्मेश्वर मिश्रा (आरा) हैं। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से इस पुण्य अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने तथा महायज्ञ में सहयोग करने की अपील की है। वर्तमान में पूरे क्षेत्र का वातावरण वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और श्रद्धालुओं की गहरी आस्था से भक्तिमय बना हुआ है।1
- आरा में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच, बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री सह जहानाबाद जिले के प्रभारी मंत्री मोहम्मद जमा खान ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के बयान पर कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग केवल राजनीतिक बयानबाजी और जुमलेबाजी कर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि एनडीए सरकार कानून और संविधान के दायरे में रहकर कार्य करने में विश्वास रखती है। जहानाबाद के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री जमा खान ने स्पष्ट किया कि बिहार सरकार कानून के शासन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी मामले में तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर ही कार्रवाई करती है। उन्होंने बताया कि सरकार किसी भी घटना को गंभीरता से लेती है और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाती है। मंत्री मोहम्मद जमा खान ने यह भी जानकारी दी कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित कर दी गई है। यह समिति पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करेगी। उन्होंने जोर दिया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और सरकार किसी भी दोषी को बख्शने वाली नहीं है। मंत्री ने विपक्ष पर बिना तथ्यों के आरोप लगाने का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए अनावश्यक बयान देना उचित नहीं है, और सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।1
- लोहार समुदाय को पुराने अनुच्छेद 342 के प्रावधानों के अंतर्गत 'लोहारा' के रूप में आरक्षण सूची में शामिल किया गया है।1