रायबरेली की सदर तहसील से प्रशासनिक लापरवाही और बदहाल व्यवस्थाओं को उजागर करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि तहसील परिसर स्थित लेखपाल कक्षा में लगे करीब 12 पंखों में से सिर्फ एक या दो ही चल रहे हैं, जबकि बाकी बंद पड़े हैं। भीषण गर्मी और उमस के बीच वहाँ मौजूद शिक्षक, लेखपाल, कर्मचारी और फरियादी हाथों से पंखा झलकर किसी तरह राहत पाने की कोशिश करते नज़र आ रहे हैं। बताया गया है कि इसी कक्ष में जनगणना कार्य को लेकर शिक्षकों और कर्मचारियों की ट्रेनिंग चल रही थी। एक तरफ सरकार प्रशासनिक व्यवस्थाओं को हाईटेक और सुविधाजनक बनाने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ तहसील परिसर की यह हालत इन दावों की हकीकत बयां कर रही है। घंटों तक प्रशिक्षण लेने पहुँचे लोगों को गर्मी से बेहाल होकर बैठना पड़ा, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने की ज़रूरत तक नहीं समझी। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों का आरोप है कि सदर तहसील में अव्यवस्थाओं का यह कोई पहला मामला नहीं है। यहाँ अक्सर बिजली, सफाई और बैठने जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर शिकायतें सामने आती रहती हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ कागजी दावे करने में व्यस्त रहते हैं। यह घटना सदर तहसील की बदहाल व्यवस्था को उजागर करती है, जहाँ 12 में से केवल 1-2 पंखे चालू होने से अधिकारी, कर्मचारी और फरियादी भीषण गर्मी में हाथ से पंखा झलने को मजबूर हैं।
रायबरेली की सदर तहसील से प्रशासनिक लापरवाही और बदहाल व्यवस्थाओं को उजागर करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि तहसील परिसर स्थित लेखपाल कक्षा में लगे करीब 12 पंखों में से सिर्फ एक या दो ही चल रहे हैं, जबकि बाकी बंद पड़े हैं। भीषण गर्मी और उमस के बीच वहाँ मौजूद शिक्षक, लेखपाल, कर्मचारी और फरियादी हाथों से पंखा झलकर किसी तरह राहत पाने की कोशिश करते नज़र आ रहे हैं। बताया गया है कि इसी कक्ष में जनगणना कार्य को लेकर शिक्षकों और कर्मचारियों की ट्रेनिंग चल रही थी। एक तरफ सरकार प्रशासनिक व्यवस्थाओं को हाईटेक और सुविधाजनक बनाने के दावे कर रही है, वहीं
दूसरी तरफ तहसील परिसर की यह हालत इन दावों की हकीकत बयां कर रही है। घंटों तक प्रशिक्षण लेने पहुँचे लोगों को गर्मी से बेहाल होकर बैठना पड़ा, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने की ज़रूरत तक नहीं समझी। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों का आरोप है कि सदर तहसील में अव्यवस्थाओं का यह कोई पहला मामला नहीं है। यहाँ अक्सर बिजली, सफाई और बैठने जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर शिकायतें सामने आती रहती हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ कागजी दावे करने में व्यस्त रहते हैं। यह घटना सदर तहसील की बदहाल व्यवस्था को उजागर करती है, जहाँ 12 में से केवल 1-2 पंखे चालू होने से अधिकारी, कर्मचारी और फरियादी भीषण गर्मी में हाथ से पंखा झलने को मजबूर हैं।
- उन्नाव के मौरावां थाना क्षेत्र के गालिबपुर गांव में सड़क निर्माण से जुड़े विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जहाँ बीजेपी महिला मोर्चा की मंडल मंत्री सुभाषिनी कश्यप के साथ जमकर मारपीट की गई। इस घटना में महिलाओं और पुरुषों ने मिलकर मंत्री पर हमला किया। इस मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। वीडियो सामने आने के बाद पीड़िता सुभाषिनी कश्यप ने सरकार और प्रशासन से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।1
- रायबरेली की सदर तहसील से प्रशासनिक लापरवाही और बदहाल व्यवस्थाओं को उजागर करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि तहसील परिसर स्थित लेखपाल कक्षा में लगे करीब 12 पंखों में से सिर्फ एक या दो ही चल रहे हैं, जबकि बाकी बंद पड़े हैं। भीषण गर्मी और उमस के बीच वहाँ मौजूद शिक्षक, लेखपाल, कर्मचारी और फरियादी हाथों से पंखा झलकर किसी तरह राहत पाने की कोशिश करते नज़र आ रहे हैं। बताया गया है कि इसी कक्ष में जनगणना कार्य को लेकर शिक्षकों और कर्मचारियों की ट्रेनिंग चल रही थी। एक तरफ सरकार प्रशासनिक व्यवस्थाओं को हाईटेक और सुविधाजनक बनाने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ तहसील परिसर की यह हालत इन दावों की हकीकत बयां कर रही है। घंटों तक प्रशिक्षण लेने पहुँचे लोगों को गर्मी से बेहाल होकर बैठना पड़ा, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने की ज़रूरत तक नहीं समझी। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों का आरोप है कि सदर तहसील में अव्यवस्थाओं का यह कोई पहला मामला नहीं है। यहाँ अक्सर बिजली, सफाई और बैठने जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर शिकायतें सामने आती रहती हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ कागजी दावे करने में व्यस्त रहते हैं। यह घटना सदर तहसील की बदहाल व्यवस्था को उजागर करती है, जहाँ 12 में से केवल 1-2 पंखे चालू होने से अधिकारी, कर्मचारी और फरियादी भीषण गर्मी में हाथ से पंखा झलने को मजबूर हैं।2
- प्रतापगढ़ में मां बेल्हा देवी धाम में बृहस्पतिवार शाम को घंटा घड़ियाल और शंख की गूंज के बीच मां सई गंगा की भव्य महाआरती की गई। हर वर्ष की भांति इस बार भी 21वां श्री गंगा दशहरा महोत्सव सफलता का इतिहास रचता दिखा, जिसमें घाट से लेकर मंदिर तक आदि गंगा मां सई का जयकारा लगाते भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरा धाम दीपों से जगमगा रहा था, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो चांद सितारे भी अपना प्रकाश लेकर इस उत्सव में शामिल होने आ गए हों। धाम को बिजली की झालरों और फूल-मालाओं से भी सजाया गया था। समिति के अध्यक्ष और मां बेल्हा देवी धाम के उप प्रबंधक प्रमोद कुमार सिंह मुन्ना भैया ने इस विशाल जनसैलाब को मां की कृपा बताया और सभी भक्तों के कल्याण की प्रार्थना की। संयोजक रोशनलाल उमरवैश्य ने बताया कि इस वर्ष बेल्हा देवी धाम को 21,000 दीपों से रोशन किया गया था। आदि मां गंगा सई की पौराणिकता को ध्यान में रखते हुए, गंगा आरती के समान ही विधि-विधान से काशी के ग्यारह पुरोहितों द्वारा यह महाआरती संपन्न कराई गई। इस महाआरती में डीएम अभिषेक पांडे, एसपी दीपक भूकर सहित कई अधिकारी, समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु आस्था के साथ शामिल हुए। भक्तों की अत्यधिक भीड़ के कारण पुलिस प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में काफी मेहनत करनी पड़ी। कई थानों की पुलिस, महिला पुलिस, पीएसी तथा अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी, उपजिलाधिकारी सदर और सीओ सिटी के निर्देश पर शहर कोतवाल की देखरेख में पूरी मुस्तैदी से सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। आरती, झांकी, मंचन और भजनों का आनंद लेने के बाद श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने प्रमुख पदाधिकारियों के साथ श्रद्धालुओं को नदी संरक्षण, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया, साथ ही पौधवितरण और पौधरोपण करते हुए नदियों के महत्व पर जोर दिया। मंगला प्रसाद रघु पंडा की पूरी टीम ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महाआरती के पश्चात भव्य आतिशबाजी का प्रदर्शन भी किया गया। इस मौके पर मंगला प्रसाद (रघु पंडा), सुरेश अग्रवाल, छेदीलाल, संतोष कुमार, श्याम उमरवैश्य, देवानंद, जगदंबा प्रसाद (जग्गू पंडा), सुरेश मास्टर, आदर्श कुमार, विवेक कुमार, परमानंद मिश्रा, आलोक, अरविंद, प्रदीप, मनोज पंडा, मनीष, गोलू, राजू, पवन पटवा, बाबा सिंह और मुकेश सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।3
- एक पत्रकार के सवाल पर, राहुल गांधी ने यह दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार एक साल के भीतर गिर जाएगी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, अखिलेश यादव ने राहुल गांधी के बयान का पूरी तरह समर्थन किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि राहुल गांधी ने 'ठीक कहा' है और जैसे ही उत्तर प्रदेश में समाजवादी सरकार बनेगी, दिल्ली में भी सत्ता (दिल्ली की सरकार) गिर जाएगी।1
- प्रतापगढ़ के कोहड़ौर थाना क्षेत्र में एक छेड़खानी मामले में पीड़िता को न्याय न मिलने पर वह अपनी शिकायत लेकर सीओ सिटी, प्रतापगढ़ के कार्यालय पहुँची। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री के शासन में थानेदार पीड़ित पक्ष को ही निशाना बना रहे हैं, जबकि न्याय दिलाना दूर की बात है। लाखीपुर (बोझवा), थाना कोहड़ौर, पट्टी, प्रतापगढ़ की सुशीला देवी पत्नी अरविंद यादव ने बताया कि उनके पट्टीदार राजेश कुमार यादव उर्फ गभरू पुत्र स्व. राम मिलन यादव, जो नशेड़ी किस्म का व्यक्ति है और जिसकी पत्नी दिवंगत हो चुकी है, अक्सर उन्हें बुरी नियत से देखता है। 20 मई की रात लगभग 1 बजे राजेश कुमार यादव उर्फ गभरू ने सोते समय पीड़िता की चारपाई के पास आकर मच्छरदानी उठाकर उनका हाथ पकड़ लिया और मुँह दबाकर जोर जबरदस्ती करने लगा। पीड़िता के अनुसार, यह दूसरी बार है जब आरोपी ने उनके साथ ऐसा किया है, जबकि उनके पति सूरत में रहते हैं और वह अपने दो नाबालिग बच्चों के साथ घर पर अकेली रहती हैं। घटना के बाद पीड़िता ने रात में ही आपातकालीन सेवा UP112 पर फोन किया, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। अगली सुबह पीड़िता को कोहड़ौर थाने बुलाया गया, जहाँ उन्होंने लिखित तहरीर दी और घर वापस आ गईं। हालाँकि, 22 मई को जब पीड़िता अपने सहयोगी स्वामी नाथ यादव के साथ थाने पहुँचीं और मुकदमे की नकल माँगी, तो उन्हें और स्वामी नाथ यादव को बंद कर दिया गया। जबकि दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी राजेश कुमार यादव उर्फ गभरू को 21 मई को 'शांति भंग' में चालान करके छोड़ दिया गया। पीड़िता का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया और उन्हें व उनके सहयोगी को पुलिसिया भय दिखाकर 22 मई को 'शांति भंग' में चालान करके मामले को खत्म करने का प्रयास किया गया। पीड़िता ने सीओ सिटी से सवाल किया कि यह कैसी न्याय व्यवस्था है, जहाँ थानाध्यक्ष कोहड़ौर धनंजय राय द्वारा आरोपी को बचाने के लिए पीड़िता को ही महिला सिपाहियों से डराया-धमकाया गया। सीओ सिटी प्रशांत राज हुड्डा ने पीड़िता के प्रार्थना पत्र को पढ़कर उन्हें आश्वस्त किया कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्याय दिलाया जाएगा। उन्होंने पीड़िता को यह भी भरोसा दिलाया कि यदि आरोपी या उसके समर्थक उन्हें फिर से डराते-धमकाते हैं, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। इस घटना में जहाँ थानाध्यक्ष कोहड़ौर धनंजय राय पर पीड़िता को परेशान करने और आरोपी को बचाने का आरोप लगा, वहीं सीओ सिटी ने पीड़िता को न्याय का भरोसा दिलाया है।1
- उत्तर प्रदेश में अब ग्राम प्रधानों को प्रशासक का पद दे दिया गया है। यह महत्वपूर्ण कदम सीएम योगी के एक बड़े फैसले के तहत उठाया गया है। इस बदलाव के बाद यह सवाल उठ रहा है कि इस नई व्यवस्था में वास्तविक शक्ति किसके हाथों में होगी।1
- प्रतापगढ़ के मान्धाता शिव हनुमान मंदिर में एक विशाल महाप्रसाद और भंडारे का भव्य आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शैलेंद्र मिश्रा और निशा मिश्रा ने पूर्ण श्रद्धाभाव के साथ इस पूरे कार्यक्रम को करवाया, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भगवान शिव और बजरंगबली का विधिवत पूजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन के दौरान भंडारे में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से गूंज उठा।4
- जनपद रायबरेली में सिंचाई विभाग पेंशनर एसोसिएशन ने अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार धरना प्रदर्शन शुरू किया। यह कदम सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष रविंद्र कुमार श्रीवास्तव द्वारा 87 अभियंता शारदा सहायक खंड दक्षिणी को दिए गए एक अनुरोध पत्र के जवाब में जिला कार्यपालि द्वारा बातचीत की अपील ठुकराए जाने के बाद उठाया गया। रविंद्र कुमार श्रीवास्तव ने आंदोलन की स्थिति टालने के लिए 25 मई तक संगठन को बुलाकर वार्ता करने का आग्रह किया था, जिसकी सूचना जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को भी दी गई थी। आंदोलन शुरू होने के बाद, अधिशासी अभियंता शारदा सहायक सुशील यादव जी ने संगठन के पदाधिकारियों को बुलाया और सौहार्दपूर्ण वातावरण में वार्ता की। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी लंबित बिंदुओं का निस्तारण 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित कर दिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद, हरिश्चंद्र यादव, अध्यक्ष, ने अपनी संतुष्टि व्यक्त करते हुए धरना स्थगित कर दिया और अधिशासी अभियंता को बधाई भी दी।1