जलालगढ़ प्रखंड में धूमधाम से मनायी जा रही है सरस्वती पूजा जलालगढ़ प्रखंड में धूमधाम से मनायी जा रही है सरस्वती पूजा। ज्ञान, बुद्धि और विद्या की देवी मां सरस्वती की आराधना जलालगढ़ प्रखंड के विभिन्न सरकारी निजी विद्यालयों एवं निजी कोचिंग संस्थान एवं कई ग्रामीण इलाकों में धूमधाम से मनाई जा रही है।सुबह से ही गांव के विभिन्न स्थानों पर मां सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और सामुदायिक स्थलों पर विशेष पूजा-अर्चना आयोजित की गई। छात्र छात्राओं ने नये नये वस्त्र पहन कर सरस्वती माता की आरती , भजन-कीर्तन में हिस्सा लिया और अपनी किताबों व कलम की पूजा की। इस दौरान कई छोटे बच्चों ने अक्षरारंभ संस्कार के तहत पहली बार अक्षर लेखन किया।कई संस्थानों में संध्या 6 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने सरस्वती वंदना, भजन और नृत्य प्रस्तुत किए। वहीं गाइडलाइंस पालन करवाने को लेकर जलालगढ़ प्रशासन सख्त है डीजे एवं अंश्लील गाने न बजे एवं पूजा की शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अंचलाधिकारी मो सबीहूल हसन, थानाध्यक्ष दीपक कुमार, पुअनि बंश भूषण कुमार, शिवम कुमार, राजेश्वर राम, सअनि मो सरफराज, सदल बल क्षेत्र में गस्ती करते नजर आएं तथा सभी जगह स्थापित प्रतिमा का विसर्जन निर्देश प्रशासन ने संस्थानों व क्लब के आयोजन समिति को दी.
जलालगढ़ प्रखंड में धूमधाम से मनायी जा रही है सरस्वती पूजा जलालगढ़ प्रखंड में धूमधाम से मनायी जा रही है सरस्वती पूजा। ज्ञान, बुद्धि और विद्या की देवी मां सरस्वती की आराधना जलालगढ़ प्रखंड के विभिन्न सरकारी निजी विद्यालयों एवं निजी कोचिंग संस्थान एवं कई ग्रामीण इलाकों में धूमधाम से मनाई जा रही है।सुबह से ही गांव के विभिन्न स्थानों पर मां सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और सामुदायिक स्थलों पर विशेष पूजा-अर्चना आयोजित की गई। छात्र छात्राओं ने नये नये वस्त्र पहन कर सरस्वती माता की आरती , भजन-कीर्तन में हिस्सा लिया और अपनी किताबों व कलम की पूजा की। इस दौरान कई छोटे बच्चों ने अक्षरारंभ संस्कार के तहत पहली बार अक्षर लेखन किया।कई संस्थानों में संध्या 6 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने सरस्वती वंदना, भजन और नृत्य प्रस्तुत किए। वहीं गाइडलाइंस पालन करवाने को लेकर जलालगढ़ प्रशासन सख्त है डीजे एवं अंश्लील गाने न बजे एवं पूजा की शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अंचलाधिकारी मो सबीहूल हसन, थानाध्यक्ष दीपक कुमार, पुअनि बंश भूषण कुमार, शिवम कुमार, राजेश्वर राम, सअनि मो सरफराज, सदल बल क्षेत्र में गस्ती करते नजर आएं तथा सभी जगह स्थापित प्रतिमा का विसर्जन निर्देश प्रशासन ने संस्थानों व क्लब के आयोजन समिति को दी.
- 'कसबा में मनायी गई नेता जी सुभाष चन्द्र बोस की 129 वीं जयंती। नेता जी सुभाष चन्द्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 ईस्वी में हुआ था।आज दिन के करीब 1 बजे नेताजी' सुभाष चंद्र बोस की जयंती 'पराक्रम दिवस' के अवसर पर आज नगर परिषद कसबा के सुभाष चौक में उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दे कर मनाया गया । इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य लोगों ने उनकी जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा है कि शौर्य एवं पराक्रम के प्रतीक 'नेताजी' ने आजादी के आंदोलन के दौरान भारत के युवाओं को विदेशी हुकूमत के खिलाफ एकजुट कर लड़ने की एक नई प्रेरणा दी थी। उन्होंने देश को आजादी दिलाने के लिए ब्रिटिश हुकूमत के खिलाई कई लड़ाइयां भी लड़ी. वह स्वतंत्रता संग्राम के सबसे साहसी और क्रांतिकारी नेताओं में से एक थे. उनका सबसे प्रसिद्ध नारा "तुम मुझे खून दो और मैं तुम्हें आजादी दूंगा" आज भी देश के बच्चे-बच्चे को याद है.1
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- कस्बा प्रखंड के विभिन्न सरकारी और निजी विद्यालयों में शुक्रवार को विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा पूरे विधि-विधान और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर क्षेत्र में विशेष उत्साह देखा गया। प्रखंड के प्राथमिक, मध्य, उच्च विद्यालयों के साथ-साथ निजी शिक्षण संस्थानों में भी भव्य पंडाल सजाए गए थे, जहां मां सरस्वती की आकर्षक प्रतिमाएं स्थापित की गईं।सुबह से ही छात्र-छात्राओं में खासा उत्साह था। बच्चों ने साफ-सुथरी पोशाक पहनकर मां सरस्वती की आराधना की और विद्या, बुद्धि व उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पूजा संपन्न होने के बाद शाम 07 बजे तक प्रसाद वितरण किया जा रहा है।सरस्वती पूजा को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। कस्बा थाना क्षेत्र में पुलिस की विशेष तैनाती की गई थी। पूजा स्थलों और स्कूल परिसरों के आसपास पुलिस लगातार गश्त करती रही, जिससे किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सका।1