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बाबा रामदेव क्लब मावल ने जीता फाइनल का खिताब चार दिवसीय केपीएल क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित आबूरोड। शहर के निकटवर्ती मावल गांव में चार दिवसीय केपीएल क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में कीर समाज परगना की 30 टीमों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला बाबा रामदेव क्लब मावल एवं जय कासिंद्रा माता क्लब पाली के बीच हुआ। टॉस जीतकर कासिंद्रा माता क्लब पाली ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया। बल्लेबाजी करने उतरी बाबा रामदेव क्लब ने 10 ओवर में 120 रन बनाए जिसके जवाब में जय कासिंद्रा माता क्लब पाली 106 रन ही बना सकी। इस तरह फाइनल का खिताब बाबा रामदेव क्लब मावल ने अपने नाम किया। प्रतियोगिता में मावल के दर्शन कीर मैन ऑफ द मैच रहे जिन्होंने 16 बॉल में 65 रन बनाकर अपनी टीम को जीत दिलाने में अपनी भूमिका अदा की।प्रतियोगिता में मैन ऑफ द सीरीज मनोज बिलाड़ा जसवंतपुरा रहे। कार्यक्रम के आयोजक ओटाराम कीर, गोविंद पुनजी, रमेश जगाजी, टीकाराम, सरपंच सुमन मीणा, प्रवीण मीणा, सुरेश बालेसा, हरीश सोलंकी, गणेश सोलंकी, श्रवण कुमार बामण, ईश्वर बामण, गोविंद बामण, मांगीलाल, अश्विन चौहान, थाना राम, हरीश राठौर, दरगाराम, तिराराम, जसवंत बामण, पीराराम बामण आदि ने व्यवस्था संभाली।

2 hrs ago
user_Lokesh Soni
Lokesh Soni
आबू रोड, सिरोही, राजस्थान•
2 hrs ago
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बाबा रामदेव क्लब मावल ने जीता फाइनल का खिताब चार दिवसीय केपीएल क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित आबूरोड। शहर के निकटवर्ती मावल गांव में चार दिवसीय केपीएल क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में कीर समाज परगना की 30 टीमों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला बाबा रामदेव

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क्लब मावल एवं जय कासिंद्रा माता क्लब पाली के बीच हुआ। टॉस जीतकर कासिंद्रा माता क्लब पाली ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया। बल्लेबाजी करने उतरी बाबा रामदेव क्लब ने 10 ओवर में 120 रन बनाए जिसके जवाब में जय कासिंद्रा माता क्लब पाली 106 रन ही बना

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सकी। इस तरह फाइनल का खिताब बाबा रामदेव क्लब मावल ने अपने नाम किया। प्रतियोगिता में मावल के दर्शन कीर मैन ऑफ द मैच रहे जिन्होंने 16 बॉल में 65 रन बनाकर अपनी टीम को जीत दिलाने में अपनी भूमिका अदा की।प्रतियोगिता में मैन ऑफ द सीरीज मनोज बिलाड़ा

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जसवंतपुरा रहे। कार्यक्रम के आयोजक ओटाराम कीर, गोविंद पुनजी, रमेश जगाजी, टीकाराम, सरपंच सुमन मीणा, प्रवीण मीणा, सुरेश बालेसा, हरीश सोलंकी, गणेश सोलंकी, श्रवण कुमार बामण, ईश्वर बामण, गोविंद बामण, मांगीलाल, अश्विन चौहान, थाना राम, हरीश राठौर, दरगाराम, तिराराम, जसवंत बामण, पीराराम बामण आदि ने व्यवस्था संभाली।

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  • रेवदर तहसील के निम्बोड़ा गांव में बंदरों के बढ़ते आतंक से ग्रामीण दहशत में हैं। पिछले करीब एक सप्ताह से गांव में एक बंदर के हमलावर होने के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं। जानकारी के अनुसार अब तक दर्जनभर ग्रामीण इस बंदर के हमले का शिकार हो चुके हैं, जिनमें कई छोटे बच्चे भी शामिल हैं। हमलों में कई बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं, जिससे गांव में भय और आक्रोश का माहौल बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बंदर अचानक लोगों पर झपट्टा मारकर हमला कर रहा है। खासकर छोटे बच्चों को निशाना बनाने से परिवारों में दहशत फैल गई है। कई अभिभावक अब अपने बच्चों को घर के बाहर खेलने तक नहीं भेज रहे हैं। गांव में रोजमर्रा के कामकाज के दौरान भी लोगों को बंदर के हमले का डर सताने लगा है। समाजसेवी गणपत सिंह निम्बोड़ा ने इस पूरे मामले को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह में करीब दर्जनभर लोग इस बंदर के हमले में घायल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है, लेकिन अब तक वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि मामले की सूचना कई बार वन विभाग को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक बंदर को पकड़ने या नियंत्रित करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की ओर से समय रहते कार्रवाई नहीं होने से लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द टीम भेजकर हमलावर बंदर को पकड़ा जाए, ताकि गांव में फैले डर के माहौल को खत्म किया जा सके और मासूम बच्चों सहित ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो ।
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    रेवदर तहसील के निम्बोड़ा गांव में बंदरों के बढ़ते आतंक से ग्रामीण दहशत में हैं। पिछले करीब एक सप्ताह से गांव में एक बंदर के हमलावर होने के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं।
जानकारी के अनुसार अब तक दर्जनभर ग्रामीण इस बंदर के हमले का शिकार हो चुके हैं, जिनमें कई छोटे बच्चे भी शामिल हैं। हमलों में कई बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं, जिससे गांव में भय और आक्रोश का माहौल बन गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि बंदर अचानक लोगों पर झपट्टा मारकर हमला कर रहा है। खासकर छोटे बच्चों को निशाना बनाने से परिवारों में दहशत फैल गई है। कई अभिभावक अब अपने बच्चों को घर के बाहर खेलने तक नहीं भेज रहे हैं। गांव में रोजमर्रा के कामकाज के दौरान भी लोगों को बंदर के हमले का डर सताने लगा है।
समाजसेवी गणपत सिंह निम्बोड़ा ने इस पूरे मामले को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह में करीब दर्जनभर लोग इस बंदर के हमले में घायल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है, लेकिन अब तक वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
उन्होंने बताया कि मामले की सूचना कई बार वन विभाग को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक बंदर को पकड़ने या नियंत्रित करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की ओर से समय रहते कार्रवाई नहीं होने से लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द टीम भेजकर हमलावर बंदर को पकड़ा जाए, ताकि गांव में फैले डर के माहौल को खत्म किया जा सके और मासूम बच्चों सहित ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो ।
    user_जितेन्द्र संत
    जितेन्द्र संत
    पत्रकार रेवदर, सिरोही, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • सरूपगंज । मांडवाड़ा खालसा गांव में देर रात चोरों ने तीन मकानों को निशाना बनाते हुए चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरो ने सोहनलाल प्रजापत, सवाराम प्रजापत और शंकरलाल माली के घर में घुस गए और पीडत के अनुसार करीब 1 लाख रुपए नकद सहित सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर ले गए। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया ।
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    सरूपगंज । मांडवाड़ा खालसा गांव में देर रात चोरों ने तीन मकानों को निशाना बनाते हुए चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरो ने सोहनलाल प्रजापत, सवाराम प्रजापत और शंकरलाल माली के घर में घुस गए और पीडत के अनुसार करीब 1 लाख रुपए नकद सहित सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर ले गए।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए।
सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया ।
    user_Journalist arif Pathan
    Journalist arif Pathan
    पत्रकार Pindwara, Sirohi•
    1 hr ago
  • सरूपगंज थाना क्षेत्र के मांडवाड़ा खालसा में बीती रात को अज्ञात चोरों ने बंद पड़े तीन घरों के ताले तोड़ दिए। अलमारी के ताले तोड़कर सारा सामान बिखेर दिया। चोर कुछ नकदी व सामान चुराकर फरार हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय पुलिस की गश्त नही होने से चोरी की वारदातें हो रही है। उन्होंने पुलिस गश्त बढाने की मांग की है।
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    सरूपगंज थाना क्षेत्र के मांडवाड़ा खालसा में बीती रात को अज्ञात चोरों ने बंद पड़े तीन घरों के ताले तोड़ दिए। अलमारी के ताले तोड़कर सारा सामान बिखेर दिया। चोर कुछ नकदी व सामान चुराकर फरार हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय पुलिस की गश्त नही होने से चोरी की वारदातें हो रही है। उन्होंने पुलिस गश्त बढाने की मांग की है।
    user_Jitendra Agarwal
    Jitendra Agarwal
    Local News Reporter पिंडवाड़ा, सिरोही, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • *8 महीनों से भवन ध्वस्त, खुले में पढ़ने को मजबूर 250 विद्यार्थी* ग्राम पंचायत मादडा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मादडा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। जर्जर अवस्था के कारण सरकार के आदेश पर विद्यालय भवन को 8 महीने पहले ध्वस्त कर दिया गया था, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। डोम या टेंट जैसी वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है, जिससे करीब 250 विद्यार्थी खुले में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। यह विद्यालय कक्षा 12 तक संचालित है। स्टाफ की स्थिति भी कमजोर है—19 पद स्वीकृत होने के बावजूद केवल 7 शिक्षक कार्यरत हैं और सेकंड ग्रेड का एक भी शिक्षक उपलब्ध नहीं है। अभिभावकों ने शीघ्र भवन निर्माण और शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की है।
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    *8 महीनों से भवन ध्वस्त, खुले में पढ़ने को मजबूर 250 विद्यार्थी*
ग्राम पंचायत मादडा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मादडा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। जर्जर अवस्था के कारण सरकार के आदेश पर विद्यालय भवन को 8 महीने पहले ध्वस्त कर दिया गया था, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। डोम या टेंट जैसी वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है, जिससे करीब 250 विद्यार्थी खुले में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। यह विद्यालय कक्षा 12 तक संचालित है। स्टाफ की स्थिति भी कमजोर है—19 पद स्वीकृत होने के बावजूद केवल 7 शिक्षक कार्यरत हैं और सेकंड ग्रेड का एक भी शिक्षक उपलब्ध नहीं है। अभिभावकों ने शीघ्र भवन निर्माण और शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की है।
    user_Jk Joshi
    Jk Joshi
    कोटरा, उदयपुर, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • Post by Reporter Rajesh pahadiya
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    Post by Reporter Rajesh pahadiya
    user_Reporter Rajesh pahadiya
    Reporter Rajesh pahadiya
    Local News Reporter रानीवाड़ा, जालोर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • उदयपुर–पिंडवाड़ा हाईवे पर ट्रेलर खाई में गिरा, चालक-परिचालक केबिन में फंसे
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    उदयपुर–पिंडवाड़ा हाईवे पर ट्रेलर खाई में गिरा, चालक-परिचालक केबिन में फंसे
    user_Vishnu lohar
    Vishnu lohar
    Local News Reporter झाड़ोल, उदयपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • Post by देवीलाल गरासिया
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    Post by देवीलाल गरासिया
    user_देवीलाल गरासिया
    देवीलाल गरासिया
    झाड़ोल, उदयपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • मंडार पशु मेला तीसरे दिन भी चर्चाओं में - रेवदर के मंडार में आयोजित हो रहा जिला स्तरीय श्री लीलाधारी पशु मेला एक बार फिर चर्चाओं में आ गया है। संयुक्त निदेशक के एपीओ आदेश के बाद पशुपालन विभाग के कार्मिकों ने अनूठे तरीके से विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है। सोमवार को मेले में ड्यूटी के दौरान कर्मचारी हाथों में काली पट्टी बांधकर अपना विरोध जताया और एपीओ आदेश को निरस्त करने की मांग की। दरअसल, मेले के उद्घाटन समारोह के दौरान पिंडवाड़ा-आबू विधायक समाराम गरासिया मंच पर स्वागत और प्रोटोकॉल को लेकर नाराज होकर कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर रवाना हो गए थे। इस घटनाक्रम के अगले ही दिन पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. अमित कुमार को एपीओ कर दिया गया, जिसके बाद विभागीय कार्मिकों में नाराजगी फैल गई। उप निदेशक डॉ. कामठे चांगदेव ने बताया कि ऐसा आरोप लगाया कि विधायक का मंच पर स्वागत नहीं किया गया, लेकिन मंच पर विधायक का पूरे तरीके से सम्मान किया गया था । उसके बावजूद उन्होंने आरोप लगाया, जिसके लिए मंच से माफी भी मांगी । उनको कहा भी कि पहली बार प्रोग्राम हुआ है हमें ऐसे आयोजन की ज्यादा जानकारी नहीं थी, उसके बावजूद भी संयुक्त निदेशक के साथ ऐसा हो रहा है तो यह गलत है । विभाग से मांग की गई है कि एपीओ का आदेश रद्द किया जाए । वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. हबीबभाई राजपुरा ने कहा कि मंडार क्षेत्र के लिए पहला अवसर था, सभी क्षेत्रवासी खुश थे । एक नया अवसर होने के बावजूद भी हमने हमारे प्रयासों में कोई कमी नहीं रखी, इसके बाद भी एक उम्दा और ऑनेस्ट अधिकारी को चालू मेले के अवसर पर एपीओ करने की दुर्घटना होती है तो नाराजगी के तौर पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन जता रहे हैं । मांग यही है कि ऐसा आदेश निरस्त हो जाना चाहिए । इंसान से भूल हो जाती है, लेकिन इतनी बड़ी कमी हमसे नहीं हुई थी, जिसका यह परिणाम मिला है । विधायक को बड़ा दिल रखकर इस गलती को क्षमा करना चाहिए और आदेश को निरस्त करवाना चाहिए । विभाग के कर्मचारियों ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से जो परिस्थितियों पैदा हुई और जो इस तरीके का आदेश जारी हुआ है, इससे विभाग के सारे कार्मिक आघात से ग्रस्त हुए हैं, उनके उत्साह में भी कमी आई है ।
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    मंडार पशु मेला तीसरे दिन भी चर्चाओं में - 
रेवदर के मंडार में आयोजित हो रहा जिला स्तरीय श्री लीलाधारी पशु मेला एक बार फिर चर्चाओं में आ गया है। संयुक्त निदेशक के एपीओ आदेश के बाद पशुपालन विभाग के कार्मिकों ने अनूठे तरीके से विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है। सोमवार को मेले में ड्यूटी के दौरान कर्मचारी हाथों में काली पट्टी बांधकर अपना विरोध जताया और एपीओ आदेश को निरस्त करने की मांग की।
दरअसल, मेले के उद्घाटन समारोह के दौरान पिंडवाड़ा-आबू विधायक समाराम गरासिया मंच पर स्वागत और प्रोटोकॉल को लेकर नाराज होकर कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर रवाना हो गए थे। इस घटनाक्रम के अगले ही दिन पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. अमित कुमार को एपीओ कर दिया गया, जिसके बाद विभागीय कार्मिकों में नाराजगी फैल गई।
उप निदेशक डॉ. कामठे चांगदेव ने बताया कि ऐसा आरोप लगाया कि विधायक का मंच पर स्वागत नहीं किया गया, लेकिन मंच पर विधायक का पूरे तरीके से सम्मान किया गया था । उसके बावजूद उन्होंने आरोप लगाया, जिसके लिए मंच से माफी भी मांगी । उनको कहा भी कि पहली बार प्रोग्राम हुआ है हमें ऐसे आयोजन की ज्यादा जानकारी नहीं थी, उसके बावजूद भी संयुक्त निदेशक के साथ ऐसा हो रहा है तो यह गलत है । विभाग से मांग की गई है कि एपीओ का आदेश रद्द किया जाए ।
वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. हबीबभाई राजपुरा ने कहा कि मंडार क्षेत्र के लिए पहला अवसर था, सभी क्षेत्रवासी खुश थे । एक नया अवसर होने के बावजूद भी हमने हमारे प्रयासों में कोई कमी नहीं रखी, इसके बाद भी एक उम्दा और ऑनेस्ट अधिकारी को चालू मेले के अवसर पर एपीओ करने की दुर्घटना होती है तो नाराजगी के तौर पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन जता रहे हैं । मांग यही है कि ऐसा आदेश निरस्त हो जाना चाहिए । इंसान से भूल हो जाती है, लेकिन इतनी बड़ी कमी हमसे नहीं हुई थी, जिसका यह परिणाम मिला है । विधायक को बड़ा दिल रखकर इस गलती को क्षमा करना चाहिए और आदेश को निरस्त करवाना चाहिए ।
विभाग के कर्मचारियों ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से जो परिस्थितियों पैदा हुई और जो इस तरीके का आदेश जारी हुआ है, इससे विभाग के सारे कार्मिक आघात से ग्रस्त हुए हैं, उनके उत्साह में भी कमी आई है ।
    user_जितेन्द्र संत
    जितेन्द्र संत
    पत्रकार रेवदर, सिरोही, राजस्थान•
    20 hrs ago
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