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उदयपुर–पिंडवाड़ा हाईवे पर ट्रेलर खाई में गिरा, चालक-परिचालक केबिन में फंसे उदयपुर–पिंडवाड़ा हाईवे पर ट्रेलर खाई में गिरा, चालक-परिचालक केबिन में फंसे
Vishnu lohar
उदयपुर–पिंडवाड़ा हाईवे पर ट्रेलर खाई में गिरा, चालक-परिचालक केबिन में फंसे उदयपुर–पिंडवाड़ा हाईवे पर ट्रेलर खाई में गिरा, चालक-परिचालक केबिन में फंसे
More news from राजस्थान and nearby areas
- उदयपुर–पिंडवाड़ा हाईवे पर ट्रेलर खाई में गिरा, चालक-परिचालक केबिन में फंसे1
- Post by देवीलाल गरासिया2
- *8 महीनों से भवन ध्वस्त, खुले में पढ़ने को मजबूर 250 विद्यार्थी* ग्राम पंचायत मादडा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मादडा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। जर्जर अवस्था के कारण सरकार के आदेश पर विद्यालय भवन को 8 महीने पहले ध्वस्त कर दिया गया था, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। डोम या टेंट जैसी वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है, जिससे करीब 250 विद्यार्थी खुले में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। यह विद्यालय कक्षा 12 तक संचालित है। स्टाफ की स्थिति भी कमजोर है—19 पद स्वीकृत होने के बावजूद केवल 7 शिक्षक कार्यरत हैं और सेकंड ग्रेड का एक भी शिक्षक उपलब्ध नहीं है। अभिभावकों ने शीघ्र भवन निर्माण और शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की है।1
- उदयपुर। जिले के सायरा थाना क्षेत्र में जंगली भालुओं का आतंक बढ़ता जा रहा है। रविवार सुबह एक और किसान पर भालुओं ने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार घटना करदा क्षेत्र के नोतल की भागल गांव में रविवार सुबह करीब 5 बजे हुई। किसान पेमाराम गमेती अपने खेत पर फसल की रखवाली करने जा रहे थे। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे तीन जंगली भालुओं ने अचानक उन पर हमला कर दिया। भालुओं ने पेमाराम के सिर, चेहरे और पैरों को बुरी तरह नोच डाला और उन्हें जमीन पर गिराकर कई जगह गहरे घाव कर दिए। उनकी चीख-पुकार सुनकर पास में मौजूद भेरूलाल सुधार मौके पर पहुंचे और शोर मचाकर अन्य ग्रामीणों को बुलाया। ग्रामीणों की भीड़ देखकर तीनों भालू जंगल की ओर भाग गए। घायल किसान को तुरंत गोगुंदा अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर एमबी हॉस्पिटल उदयपुर रेफर कर दिया गया। क्षेत्र में गन्ने की फसल अधिक होने के कारण भालू खेतों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। तीन दिनों में दूसरी बार हुए हमले के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और वन विभाग से भालुओं को पकड़ने की मांग की जा रही है।1
- Post by अब्राहम थामस कोवुर1
- उदयपुर जिले के वल्लभनगर उपखंड क्षेत्र के गाडरीयावास मेघवाल बस्ती में लंबे समय से चली आरही पेयजल समस्या का स्थाई समाधान हो गया है। वल्लभनगर विधायक उदय लाल डांगी के अथक प्रयासों से मोहल्ले में नया पनघट लगाया गया है। जिससे ग्रामीणों को अब घर के पास ही स्वच्छ जल उपलब्ध हो सकेगा।1
- सलूम्बर। जिले के समग्र विकास को गति देने के उद्देश्य से संचालित पंच गौरव कार्यक्रम के अंतर्गत विस्तृत कार्ययोजना की समीक्षा के लिए सोमवार को जिला कलेक्टर कक्ष में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने की, जिसमें विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में पंच गौरव कार्यक्रम के तहत जिले में प्रस्तावित विकास कार्यों की प्रगति, उनकी कार्यान्वयन रणनीति तथा विभागवार जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। नोडल प्रभारी एवं उपनिदेशक आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग शेल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष के बजट के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर दिए गए हैं। बैठक के दौरान जिला कलेक्टर ने राजीविका के अंतर्गत प्रस्तावित पलाश प्रोसेसिंग यूनिट का कार्य शुरू नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को इसे शीघ्र प्रारंभ कराने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। कलेक्टर मीणा ने जयसमंद झील क्षेत्र के विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि झील क्षेत्र में सड़क आवागमन को सुगम बनाया जाए तथा यात्रियों के लिए पेयजल, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। इसके साथ ही पर्यटकों की सुविधा के लिए कैफेटेरिया विकसित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वर्षभर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए, जिनमें जनजागरूकता अभियान, प्रदर्शनी एवं अन्य गतिविधियां शामिल हों, ताकि आमजन को पंच गौरव कार्यक्रम के उद्देश्यों और योजनाओं की जानकारी मिल सके। बैठक में पलाश की नर्सरी विकसित करने तथा पलाश वाटिका स्थापित करने के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पंच गौरव कार्यक्रम के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्विति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य जिले के समग्र विकास को गति देना तथा आमजन को विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। बैठक के अंत में जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंच गौरव कार्यक्रम के तहत जिले की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि योजनाओं का प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में पंच गौरव कार्यक्रम से जुड़े विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।1
- Post by देवीलाल गरासिया1