कन्नौद के सिविल अस्पताल में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मौके पर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) डॉ. लोकेश मीणा ने बताया कि जनसंख्या नियंत्रण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 11 जुलाई से 18 जुलाई 2026 तक जनसंख्या दिवस अभियान चलाया जाएगा। इस वर्ष के अभियान का नारा "जब बच्चों में हो सही अन्तर, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल" रखा गया है। उन्होंने स्वस्थ परिवार के लिए दो बच्चों के बीच उचित अंतराल और सही समय पर गर्भधारण की आवश्यकता पर जोर दिया। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी गांवों में जाकर सास-बहू सम्मेलन और समूह चर्चा का आयोजन करेंगे। वे घर-घर जाकर योग्य दंपत्तियों से संपर्क साधेंगे और उन्हें परिवार नियोजन के स्थाई व अस्थाई साधनों के बारे में विस्तार से बताएंगे। स्वास्थ्यकर्मी लाभार्थियों को कंडोम, माला-एन, छाया, अंतरा, कॉपर-टी और महिला व पुरुष नसबंदी जैसी सुविधाओं की उपलब्धता के प्रति जागरूक करेंगे। इसके साथ ही इच्छुक दंपत्तियों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर ये सेवाएं निःशुल्क प्रदान की जाएंगी। इस कार्यशाला में सेक्टर मेडिकल ऑफिसर डॉ. माल सिंह बेनल, डॉ. हर्षवर्धन राणा, बीईई दिनेश साहू, बीपीएम प्रदीप पवार, बीसीएम विनोद भंवर, सभी सेक्टर सुपरवाइजर, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, एएनएम और एमपीडब्ल्यू विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कन्नौद के सिविल अस्पताल में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मौके पर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) डॉ. लोकेश मीणा ने बताया कि जनसंख्या नियंत्रण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 11 जुलाई से 18 जुलाई 2026 तक जनसंख्या दिवस अभियान चलाया
जाएगा। इस वर्ष के अभियान का नारा "जब बच्चों में हो सही अन्तर, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल" रखा गया है। उन्होंने स्वस्थ परिवार के लिए दो बच्चों के बीच उचित अंतराल और सही समय पर गर्भधारण की आवश्यकता पर जोर दिया। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी गांवों में जाकर सास-बहू
सम्मेलन और समूह चर्चा का आयोजन करेंगे। वे घर-घर जाकर योग्य दंपत्तियों से संपर्क साधेंगे और उन्हें परिवार नियोजन के स्थाई व अस्थाई साधनों के बारे में विस्तार से बताएंगे। स्वास्थ्यकर्मी लाभार्थियों को कंडोम, माला-एन, छाया, अंतरा, कॉपर-टी और महिला व पुरुष नसबंदी जैसी सुविधाओं की उपलब्धता के प्रति जागरूक करेंगे। इसके
साथ ही इच्छुक दंपत्तियों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर ये सेवाएं निःशुल्क प्रदान की जाएंगी। इस कार्यशाला में सेक्टर मेडिकल ऑफिसर डॉ. माल सिंह बेनल, डॉ. हर्षवर्धन राणा, बीईई दिनेश साहू, बीपीएम प्रदीप पवार, बीसीएम विनोद भंवर, सभी सेक्टर सुपरवाइजर, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, एएनएम और एमपीडब्ल्यू विशेष रूप से उपस्थित रहे।
- मध्य प्रदेश के देवास जिले के अंतर्गत खातेगांव में एक नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया है। इस घटना का खुलासा तब हुआ, जब पीड़ित बच्ची की मां ने अपनी बेटी को आपत्तिजनक हालत में देख लिया। इस मामले में नाबालिग के साथ दुष्कर्म की कोशिश किए जाने का आरोप लगाया गया है।1
- सीहोर के थाना भैरूंदा पुलिस ने जुआरियों के खिलाफ एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से ₹79,510 की नकद राशि और 52 ताश के पत्ते जब्त किए हैं। इस मामले में पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों के विरुद्ध जुआ अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। थाना भैरूंदा पुलिस ने बताया कि जिले में अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है और भविष्य में भी इस प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- देवास जिले के हाटपीपल्या में निलंबित उपयंत्री सतीश समेले का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने मीडिया के सामने विकास कार्यों में जनपद से लेकर भोपाल तक चलने वाले कमीशन के खेल का बड़ा पर्दाफाश किया है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि "कौन माई का लाल है जो जनपद से लेकर भोपाल तक पैसे नहीं ले रहा हो।" उनके आरोपों के अनुसार, किसी भी कार्य की शुरुआत होते ही सरपंच को 10%, सचिव को 5%, जीआरएस को 3%, सब इंजीनियर को 5%, सहायक यंत्री को 2%, और जनपद सीईओ को 2-3% का कमीशन सीधे तौर पर जाता है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि निरीक्षण के लिए आने वाले अधिकारी भी "सूटकेस" लेते हैं, चाहे वे कमिश्नरी से आएं, भोपाल से आएं या फिर जिले से। निलंबित उपयंत्री ने सब इंजीनियरों को महज "वसूली एजेंट" बताया है और दावा किया है कि जिला पंचायत के कामों में डंके की चोट पर 10 से 15% का कमीशन फिक्स रहता है। उन्होंने खुद को भी इस भ्रष्ट तंत्र का हिस्सा बताते हुए स्वीकार किया कि उनसे भी यह काम करवाया गया। इन गंभीर आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोर्ट के लिए वॉइस रिकॉर्डिंग और वीडियो जैसे पुख्ता सबूत होने का दावा किया है।1
- हरदा में मूंग खरीदी की मांग को लेकर शुक्रवार को किसानों ने शहर की प्रमुख सड़कों पर सांकेतिक चक्का जाम कर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में बड़ी संख्या में किसान शहर के प्रमुख मार्गों पर एकत्र हुए और सरकार से मूंग खरीदी समेत अपनी अन्य समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने साफ किया कि उन्हें केवल सीमित खरीदी स्वीकार्य नहीं है। सरकार को सभी पात्र किसानों की 100 प्रतिशत मूंग खरीदनी चाहिए ताकि किसी भी किसान को अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर न होना पड़े। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक तेज करेंगे।1
- पुनासा के मुंदी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्थित एक बंद पड़े खंडहर क्वार्टर में शुक्रवार दोपहर को एक नवजात शिशु मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। राहगीरों ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी और मौके पर पहुंचकर देखा तो नवजात वहां पड़ा हुआ था। इसके बाद तुरंत अस्पताल प्रबंधन और पुलिस को घटना की सूचना दी गई। सूचना पाकर बीएमओ डॉ. आनंद ओनकर अस्पताल स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और कुछ ही देर में पुलिस भी वहां आ गई। नवजात को तत्काल अस्पताल के लेबर रूम में ले जाकर प्राथमिक उपचार दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार, नवजात बालक पूरी तरह से स्वस्थ है और उसका जन्म करीब 2 से 3 घंटे पहले ही हुआ था। नवजात के गले में हरे रंग के कपड़े की चिंदी बंधी हुई थी। करीब दो घंटे तक मुंदी अस्पताल में रखने के बाद नवजात को एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल खंडवा भिजवाया गया, जहां उसे भर्ती करा दिया गया है। जानकारी के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान मुंदी अस्पताल में कोई प्रसव नहीं हुआ है, जिसके चलते पुलिस अब इस बात की गहन जांच में जुट गई है कि बच्चे को वहां कौन छोड़कर गया है।1
- भाऊ साहेब भुस्कुटे शासकीय महाविद्यालय टिमरनी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य की कार्यप्रणाली और मनमानी पर गहरी नाराजगी जताई है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कॉलेज के प्राचार्य जेके जैन आए दिन नियमों की अवहेलना करते हैं और जब भी छात्र उनसे मिलने पहुंचते हैं, तो वह और उनका आधा स्टाफ गायब मिलता है। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने बताया कि पिछले दिनों कॉलेज की प्राध्यापिका चावला मैडम की तबीयत खराब होने पर उन्हें न तो अस्पताल पहुंचाया गया और न ही प्राथमिक उपचार दिया गया। जब उन्होंने इसकी सूचना प्राचार्य जेके जैन को दी, तो उन्होंने संवेदनहीनता दिखाते हुए कहा कि "आप अपने हिसाब से देख लो।" इसी मुद्दे को लेकर जब परिषद के कार्यकर्ता कॉलेज पहुंचे, तो प्राचार्य और स्टाफ फिर गायब थे और घंटों इंतजार के बाद दोपहर 1 बजे प्राचार्य वापस लौटे। कार्यकर्ता कृष्णा भाटी ने आरोप लगाया कि कॉलेज के प्राध्यापक संतोषजनक जवाब देने के बजाय खुद 'सरपंच' बन बैठते हैं। कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य को कॉलेज के अन्य कमरों में ले जाकर वहां फैली गंदगी दिखाई और उसे साफ कराने की मांग की। शुभम धनवारे ने बताया कि पूर्व में ज्ञापन सौंपकर वाटर कूलर साफ करने और प्राध्यापकों की समय पर उपस्थिति का निवेदन किया गया था, लेकिन प्राचार्य ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस दौरान नगर अध्यक्ष अमित पालवे, विजय सोलंकी, अरविंद गुर्जर, राहुल कौशल, करण माडले, उमेश सोलंकी सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
- बिना किसी आभूषण के विवाह रचाने वाली एक दुल्हन इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। अपनी सादगी और मुस्कान से इस दुल्हन ने बड़ी संख्या में लोगों का दिल जीत लिया है। यह पूरा मामला एक वीडियो के रूप में सामने आया है जो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालाँकि, इस वीडियो के फिल्माए जाने की सटीक लोकेशन की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।1
- देवास जिले के कन्नौद स्थित ग्राम ननासा के ओवरब्रिज पर शुक्रवार को एक बड़ा सड़क हादसा हुआ। हरदा से इंदौर की ओर जा रहा 18 पहियों का खाली टैंकर, जिसका क्रमांक एन.एल 01 एसी 4318 है, आगे चल रहे वाहन के चालक द्वारा अचानक ब्रेक लगाने के कारण उसके पीछे जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि टैंकर का केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और 45 वर्षीय चालक बृजभान पुत्र राम सिंह, जो उत्तर प्रदेश के ललितपुर का निवासी है, केबिन के भीतर बुरी तरह फंस गया। संयोग से उसी समय वहां से गुजर रहे कन्नौद थाना प्रभारी तहजीब काजी की नजर दुर्घटनाग्रस्त टैंकर पर पड़ी। उन्होंने तुरंत अपने पुलिस वाहन को रुकवाया और चालक को बचाने के प्रयास शुरू कर दिए। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने सड़क से गुजर रहे एक बड़े वाहन को रुकवाकर उसकी मदद से लोहे की मोटी जंजीर के जरिए क्षतिग्रस्त केबिन को खिंचवाया, जिसके बाद ही बृजभान को बाहर निकाला जा सका। घायल चालक को टोल नाके से पहुंची एंबुलेंस के जरिए कन्नौद के शासकीय सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। गनीमत रही कि चालक को गंभीर चोटें नहीं आई हैं। वहीं, पुलिस अब उस वाहन की तलाश कर रही है जिसके चालक द्वारा अचानक ब्रेक लगाने से यह दुर्घटना घटित हुई।1