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हरदा में मूंग खरीदी की मांग को लेकर शुक्रवार को किसानों ने शहर की प्रमुख सड़कों पर सांकेतिक चक्का जाम कर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में बड़ी संख्या में किसान शहर के प्रमुख मार्गों पर एकत्र हुए और सरकार से मूंग खरीदी समेत अपनी अन्य समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने साफ किया कि उन्हें केवल सीमित खरीदी स्वीकार्य नहीं है। सरकार को सभी पात्र किसानों की 100 प्रतिशत मूंग खरीदनी चाहिए ताकि किसी भी किसान को अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर न होना पड़े। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक तेज करेंगे।
Mohanlal Nagle
हरदा में मूंग खरीदी की मांग को लेकर शुक्रवार को किसानों ने शहर की प्रमुख सड़कों पर सांकेतिक चक्का जाम कर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में बड़ी संख्या में किसान शहर के प्रमुख मार्गों पर एकत्र हुए और सरकार से मूंग खरीदी समेत अपनी अन्य समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने साफ किया कि उन्हें केवल सीमित खरीदी स्वीकार्य नहीं है। सरकार को सभी पात्र किसानों की 100 प्रतिशत मूंग खरीदनी चाहिए ताकि किसी भी किसान को अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर न होना पड़े। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक तेज करेंगे।
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- हरदा में मूंग खरीदी की मांग को लेकर शुक्रवार को किसानों ने शहर की प्रमुख सड़कों पर सांकेतिक चक्का जाम कर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में बड़ी संख्या में किसान शहर के प्रमुख मार्गों पर एकत्र हुए और सरकार से मूंग खरीदी समेत अपनी अन्य समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने साफ किया कि उन्हें केवल सीमित खरीदी स्वीकार्य नहीं है। सरकार को सभी पात्र किसानों की 100 प्रतिशत मूंग खरीदनी चाहिए ताकि किसी भी किसान को अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर न होना पड़े। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक तेज करेंगे।1
- भाऊ साहेब भुस्कुटे शासकीय महाविद्यालय टिमरनी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य की कार्यप्रणाली और मनमानी पर गहरी नाराजगी जताई है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कॉलेज के प्राचार्य जेके जैन आए दिन नियमों की अवहेलना करते हैं और जब भी छात्र उनसे मिलने पहुंचते हैं, तो वह और उनका आधा स्टाफ गायब मिलता है। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने बताया कि पिछले दिनों कॉलेज की प्राध्यापिका चावला मैडम की तबीयत खराब होने पर उन्हें न तो अस्पताल पहुंचाया गया और न ही प्राथमिक उपचार दिया गया। जब उन्होंने इसकी सूचना प्राचार्य जेके जैन को दी, तो उन्होंने संवेदनहीनता दिखाते हुए कहा कि "आप अपने हिसाब से देख लो।" इसी मुद्दे को लेकर जब परिषद के कार्यकर्ता कॉलेज पहुंचे, तो प्राचार्य और स्टाफ फिर गायब थे और घंटों इंतजार के बाद दोपहर 1 बजे प्राचार्य वापस लौटे। कार्यकर्ता कृष्णा भाटी ने आरोप लगाया कि कॉलेज के प्राध्यापक संतोषजनक जवाब देने के बजाय खुद 'सरपंच' बन बैठते हैं। कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य को कॉलेज के अन्य कमरों में ले जाकर वहां फैली गंदगी दिखाई और उसे साफ कराने की मांग की। शुभम धनवारे ने बताया कि पूर्व में ज्ञापन सौंपकर वाटर कूलर साफ करने और प्राध्यापकों की समय पर उपस्थिति का निवेदन किया गया था, लेकिन प्राचार्य ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस दौरान नगर अध्यक्ष अमित पालवे, विजय सोलंकी, अरविंद गुर्जर, राहुल कौशल, करण माडले, उमेश सोलंकी सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
- मध्य प्रदेश के देवास जिले के अंतर्गत खातेगांव में एक नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया है। इस घटना का खुलासा तब हुआ, जब पीड़ित बच्ची की मां ने अपनी बेटी को आपत्तिजनक हालत में देख लिया। इस मामले में नाबालिग के साथ दुष्कर्म की कोशिश किए जाने का आरोप लगाया गया है।1
- मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा नगर में ग्रीष्मकालीन मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी सहित विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन का तहसील कार्यालय के सामने चल रहा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर प्रदर्शन करते हुए किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध दर्ज कराने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एक भैंस को सौंप दिया। किसानों का कहना है कि सरकार उनकी आवाज सुनने को तैयार नहीं है, इसलिए उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से यह कदम उठाया है। ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि नर्मदापुरम और प्रदेश के कई अन्य जिलों के किसानों ने भीषण गर्मी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद ग्रीष्मकालीन मूंग की खेती की थी। इसके बावजूद, सरकार ने केवल 25 प्रतिशत उपज खरीदने का निर्णय लिया है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है और उचित मूल्य न मिलने से उनकी मेहनत पर पानी फिर रहा है। भारतीय किसान यूनियन ने मांग की है कि किसानों द्वारा उत्पादित ग्रीष्मकालीन मूंग की 100 प्रतिशत समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित की जाए। यूनियन ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो किसान अपने-अपने ट्रैक्टर तहसील कार्यालय परिसर में खड़े कर उनकी चाबियां तहसीलदार को सौंप देंगे और इसके बाद अपनी मांगों के समर्थन में पैदल ही भोपाल कूच करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। धरना प्रदर्शन के दौरान किसानों ने खाद वितरण की वर्तमान ई-टोकन (ई-विकास) प्रणाली पर भी गंभीर नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना है कि इस प्रणाली के कारण उन्हें समय पर डीएपी और यूरिया खाद नहीं मिल पा रही है और घंटों इंतजार करना पड़ता है। किसानों ने मांग की है कि छत्तीसगढ़ की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी इस ई-टोकन प्रणाली को तुरंत बंद कर खाद वितरण की सरल और प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए। यूनियन ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका यह अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।1
- मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के सिवनी-मालवा में किसान मवेशियों की समस्या से जूझ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर किसानों के सामने खड़ी इन चुनौतियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि लोग केवल अपना भला सोच रहे हैं। एक तरफ गाय माता को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं और हिंदू राष्ट्र बनाने की बातें हो रही हैं, तो वहीं दूसरी तरफ वास्तविक धरातल पर किसान इन मवेशियों की वजह से भारी परेशानी का सामना करने को मजबूर हैं।1
- मध्य प्रदेश के हरसूद में अंजुमन इस्लामिया कमेटी ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से नाजिया इलाही नामक महिला पर इस्लाम धर्म और पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के संबंध में कथित रूप से विवादित टिप्पणी करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। कमेटी का कहना है कि इस प्रकार के बयानों से मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। अंजुमन इस्लामिया कमेटी ने चेतावनी दी है कि किसी भी धर्म, धर्मगुरु या धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती है। इसी को देखते हुए कमेटी ने राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत सख्त एवं उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।1
- बिना किसी आभूषण के विवाह रचाने वाली एक दुल्हन इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। अपनी सादगी और मुस्कान से इस दुल्हन ने बड़ी संख्या में लोगों का दिल जीत लिया है। यह पूरा मामला एक वीडियो के रूप में सामने आया है जो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालाँकि, इस वीडियो के फिल्माए जाने की सटीक लोकेशन की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।1
- देवास जिले के कन्नौद स्थित ग्राम ननासा के ओवरब्रिज पर शुक्रवार को एक बड़ा सड़क हादसा हुआ। हरदा से इंदौर की ओर जा रहा 18 पहियों का खाली टैंकर, जिसका क्रमांक एन.एल 01 एसी 4318 है, आगे चल रहे वाहन के चालक द्वारा अचानक ब्रेक लगाने के कारण उसके पीछे जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि टैंकर का केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और 45 वर्षीय चालक बृजभान पुत्र राम सिंह, जो उत्तर प्रदेश के ललितपुर का निवासी है, केबिन के भीतर बुरी तरह फंस गया। संयोग से उसी समय वहां से गुजर रहे कन्नौद थाना प्रभारी तहजीब काजी की नजर दुर्घटनाग्रस्त टैंकर पर पड़ी। उन्होंने तुरंत अपने पुलिस वाहन को रुकवाया और चालक को बचाने के प्रयास शुरू कर दिए। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने सड़क से गुजर रहे एक बड़े वाहन को रुकवाकर उसकी मदद से लोहे की मोटी जंजीर के जरिए क्षतिग्रस्त केबिन को खिंचवाया, जिसके बाद ही बृजभान को बाहर निकाला जा सका। घायल चालक को टोल नाके से पहुंची एंबुलेंस के जरिए कन्नौद के शासकीय सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। गनीमत रही कि चालक को गंभीर चोटें नहीं आई हैं। वहीं, पुलिस अब उस वाहन की तलाश कर रही है जिसके चालक द्वारा अचानक ब्रेक लगाने से यह दुर्घटना घटित हुई।1