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मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के सिवनी-मालवा में किसान मवेशियों की समस्या से जूझ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर किसानों के सामने खड़ी इन चुनौतियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि लोग केवल अपना भला सोच रहे हैं। एक तरफ गाय माता को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं और हिंदू राष्ट्र बनाने की बातें हो रही हैं, तो वहीं दूसरी तरफ वास्तविक धरातल पर किसान इन मवेशियों की वजह से भारी परेशानी का सामना करने को मजबूर हैं।
Shivam
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के सिवनी-मालवा में किसान मवेशियों की समस्या से जूझ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर किसानों के सामने खड़ी इन चुनौतियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि लोग केवल अपना भला सोच रहे हैं। एक तरफ गाय माता को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं और हिंदू राष्ट्र बनाने की बातें हो रही हैं, तो वहीं दूसरी तरफ वास्तविक धरातल पर किसान इन मवेशियों की वजह से भारी परेशानी का सामना करने को मजबूर हैं।
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- मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा नगर में ग्रीष्मकालीन मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी सहित विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन का तहसील कार्यालय के सामने चल रहा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर प्रदर्शन करते हुए किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध दर्ज कराने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एक भैंस को सौंप दिया। किसानों का कहना है कि सरकार उनकी आवाज सुनने को तैयार नहीं है, इसलिए उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से यह कदम उठाया है। ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि नर्मदापुरम और प्रदेश के कई अन्य जिलों के किसानों ने भीषण गर्मी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद ग्रीष्मकालीन मूंग की खेती की थी। इसके बावजूद, सरकार ने केवल 25 प्रतिशत उपज खरीदने का निर्णय लिया है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है और उचित मूल्य न मिलने से उनकी मेहनत पर पानी फिर रहा है। भारतीय किसान यूनियन ने मांग की है कि किसानों द्वारा उत्पादित ग्रीष्मकालीन मूंग की 100 प्रतिशत समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित की जाए। यूनियन ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो किसान अपने-अपने ट्रैक्टर तहसील कार्यालय परिसर में खड़े कर उनकी चाबियां तहसीलदार को सौंप देंगे और इसके बाद अपनी मांगों के समर्थन में पैदल ही भोपाल कूच करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। धरना प्रदर्शन के दौरान किसानों ने खाद वितरण की वर्तमान ई-टोकन (ई-विकास) प्रणाली पर भी गंभीर नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना है कि इस प्रणाली के कारण उन्हें समय पर डीएपी और यूरिया खाद नहीं मिल पा रही है और घंटों इंतजार करना पड़ता है। किसानों ने मांग की है कि छत्तीसगढ़ की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी इस ई-टोकन प्रणाली को तुरंत बंद कर खाद वितरण की सरल और प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए। यूनियन ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका यह अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।1
- मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के सिवनी-मालवा में किसान मवेशियों की समस्या से जूझ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर किसानों के सामने खड़ी इन चुनौतियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि लोग केवल अपना भला सोच रहे हैं। एक तरफ गाय माता को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं और हिंदू राष्ट्र बनाने की बातें हो रही हैं, तो वहीं दूसरी तरफ वास्तविक धरातल पर किसान इन मवेशियों की वजह से भारी परेशानी का सामना करने को मजबूर हैं।1
- नर्मदापुरम के बसंत टॉकीज क्षेत्र में क्षेत्रीय विधायक डॉ. सीताशरण शर्मा नागरिकों की समस्याओं को सुनने के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जन समस्याओं के त्वरित निराकरण के कड़े निर्देश दिए। वहीं दूसरी ओर, इटारसी के तवानगर में टाइगर की मूवमेंट देखी गई है, जिसके बाद वन विभाग की टीम हरकत में आ गई है। वन विभाग के कर्मचारी रात के अंधेरे में भी टाइगर की खोजबीन में जुटे हुए हैं।1
- नर्मदापुरम के पवारखेड़ा स्थित सांदीपनि विद्यालय में "युवा सृजन संवाद" कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कक्षा 11वीं और 12वीं के लगभग 100 विद्यार्थियों से सीधा संवाद स्थापित किया गया। पुलिस मुख्यालय, भोपाल के निर्देशानुसार और नर्मदापुरम के पुलिस अधीक्षक श्री साईंकृष्णा एस. थोटा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक राजन के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके संवैधानिक अधिकारों, नागरिक कर्तव्यों और कानून की मूलभूत अवधारणाओं के प्रति जागरूक करना था। इस संवाद कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर व उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) श्री संतोष मिश्रा, निरीक्षक श्रीमती राखी मौर्य, विद्यालय के प्राचार्य श्री संदीपन नीखर, व्यायाम निर्देशक श्री राजेंद्र प्रसाद नामदेव और व्याख्याता डॉ. संगीता सूर्यवंशी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को संविधान द्वारा प्रदत्त शिक्षा, समानता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही दूसरों के अधिकारों का सम्मान करने और कानून का पालन करने के कर्तव्यों पर बल दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि दूसरों के अधिकारों का उल्लंघन करना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। संवाद के दौरान वर्तमान डिजिटल युग में मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने तकनीकी संसाधनों के अत्यधिक उपयोग से होने वाली शारीरिक, मानसिक व व्यवहारगत समस्याओं जैसे चिड़चिड़ापन, सामाजिक गतिविधियों से दूरी, आक्रामक व्यवहार और एकाग्रता की कमी के बारे में आगाह किया। सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन ठगी से बचाव के तरीकों की जानकारी देते हुए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 भी साझा किया गया। कार्यक्रम के आगामी चरण में विद्यार्थियों को पुलिस की कार्यप्रणाली से प्रत्यक्ष रूप से अवगत कराने के लिए पुलिस थाना और पुलिस कंट्रोल रूम का भ्रमण कराया जाएगा। इस दौरान विद्यार्थी शिकायत प्राप्ति से लेकर वैधानिक कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया, आपातकालीन सेवा डायल-112 की त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली और "सेफ सिटी" योजना के तहत सीसीटीवी कैमरों से होने वाली आधुनिक निगरानी प्रणाली को करीब से समझ सकेंगे। नर्मदापुरम पुलिस ने सभी शिक्षकों और अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को सुरक्षित व जिम्मेदार डिजिटल वातावरण प्रदान करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।1
- भाऊ साहेब भुस्कुटे शासकीय महाविद्यालय टिमरनी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य की कार्यप्रणाली और मनमानी पर गहरी नाराजगी जताई है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कॉलेज के प्राचार्य जेके जैन आए दिन नियमों की अवहेलना करते हैं और जब भी छात्र उनसे मिलने पहुंचते हैं, तो वह और उनका आधा स्टाफ गायब मिलता है। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने बताया कि पिछले दिनों कॉलेज की प्राध्यापिका चावला मैडम की तबीयत खराब होने पर उन्हें न तो अस्पताल पहुंचाया गया और न ही प्राथमिक उपचार दिया गया। जब उन्होंने इसकी सूचना प्राचार्य जेके जैन को दी, तो उन्होंने संवेदनहीनता दिखाते हुए कहा कि "आप अपने हिसाब से देख लो।" इसी मुद्दे को लेकर जब परिषद के कार्यकर्ता कॉलेज पहुंचे, तो प्राचार्य और स्टाफ फिर गायब थे और घंटों इंतजार के बाद दोपहर 1 बजे प्राचार्य वापस लौटे। कार्यकर्ता कृष्णा भाटी ने आरोप लगाया कि कॉलेज के प्राध्यापक संतोषजनक जवाब देने के बजाय खुद 'सरपंच' बन बैठते हैं। कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य को कॉलेज के अन्य कमरों में ले जाकर वहां फैली गंदगी दिखाई और उसे साफ कराने की मांग की। शुभम धनवारे ने बताया कि पूर्व में ज्ञापन सौंपकर वाटर कूलर साफ करने और प्राध्यापकों की समय पर उपस्थिति का निवेदन किया गया था, लेकिन प्राचार्य ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस दौरान नगर अध्यक्ष अमित पालवे, विजय सोलंकी, अरविंद गुर्जर, राहुल कौशल, करण माडले, उमेश सोलंकी सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
- मध्य प्रदेश के हरदा में ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की शत-प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर जोरदार चक्का जाम आंदोलन किया गया। इस आंदोलन के चलते टिमरनी रोड, खड़वा रोड और इंदौर रोड पर यातायात पूरी तरह से ठप रहा। आंदोलन के दौरान ये सड़कें दोपहर 4 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रहीं। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में चक्का जाम किया और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा।1
- मध्य प्रदेश के देवास जिले के अंतर्गत खातेगांव में एक नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया है। इस घटना का खुलासा तब हुआ, जब पीड़ित बच्ची की मां ने अपनी बेटी को आपत्तिजनक हालत में देख लिया। इस मामले में नाबालिग के साथ दुष्कर्म की कोशिश किए जाने का आरोप लगाया गया है।1
- इटारसी में युवा नेता शिवम मेहरा और भाजपा अंत्योदय प्रकोष्ठ के जिला सदस्य जीतू भदौरिया ने पार्टी के नव नियुक्त पदाधिकारियों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। इस अवसर पर चंद्रकांत मेहरा को भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा में 'जिला सह मीडिया प्रभारी' और शुभम मोरे को 'जिला सह आईटी सेल प्रभारी' के दायित्व मिलने पर पुष्पमाला पहनाकर बधाई दी गई। कार्यक्रम के दौरान युवा नेतृत्व को प्रोत्साहित करते हुए सभी ने नवनियुक्त पदाधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।1