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बरसात ने श्योपुर नगरपालिका के कामकाज की पूरी तरह से पोल खोल दी है, जहाँ शहर की गलियाँ पानी से लबालब हैं और नालियाँ जाम पड़ी हैं। इस स्थिति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को गहरी नींद में बताया गया है, वहीं नगरपालिका अध्यक्ष का भी कहीं अता-पता नहीं है। इस बदहाल व्यवस्था को लेकर जनता सीधे सवाल उठा रही है कि क्या नगरपालिका अध्यक्ष इसी दिन के लिए भाजपा में शामिल हुई थीं। आरोप है कि 'तीन इंजन की सरकार' होने के बावजूद श्योपुर को केवल हताशा, निराशा और अव्यवस्थित प्रबंधन ही मिला है। जनता जानना चाहती है कि उन्हें जलभराव, टूटी सड़कों और अव्यवस्थाओं से कब मुक्ति मिलेगी, क्योंकि विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच भी श्योपुर की जनता आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है।
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बरसात ने श्योपुर नगरपालिका के कामकाज की पूरी तरह से पोल खोल दी है, जहाँ शहर की गलियाँ पानी से लबालब हैं और नालियाँ जाम पड़ी हैं। इस स्थिति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को गहरी नींद में बताया गया है, वहीं नगरपालिका अध्यक्ष का भी कहीं अता-पता नहीं है। इस बदहाल व्यवस्था को लेकर जनता सीधे सवाल उठा रही है कि क्या नगरपालिका अध्यक्ष इसी दिन के लिए भाजपा में शामिल हुई थीं। आरोप है कि 'तीन इंजन की सरकार' होने के बावजूद श्योपुर को केवल हताशा, निराशा और अव्यवस्थित प्रबंधन ही मिला है। जनता जानना चाहती है कि उन्हें जलभराव, टूटी सड़कों और अव्यवस्थाओं से कब मुक्ति मिलेगी, क्योंकि विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच भी श्योपुर की जनता आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है।
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- श्योपुर में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपने पहुँचीं आशा कार्यकर्ताओं ने जिला स्वास्थ्य अधिकारी पर अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना के बाद आशा कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है। उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर विरोध जताया है और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।1
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