नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में भीम आर्मी ने 25 जुलाई को देशभर में प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसी के तहत उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद में भीम आर्मी के कई पदाधिकारियों को एहतियातन कई दिनों से उनके घरों पर ही नजरबंद रखा गया था। देवबंद क्षेत्र के गांव लबकरी स्थित जिला संयोजक शौर्य आंबेडकर के आवास पर भी सुबह से भारी पुलिस बल तैनात रहा, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीणों और भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने उनके आवास पर पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। आवास पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शौर्य आंबेडकर ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि सरकार दलितों, मजदूरों, किसानों तथा छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसके बाद मौके पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी (सीओ) और तहसीलदार को भीम आर्मी की ओर से छात्र आंदोलन और विभिन्न जनसमस्याओं से संबंधित 13 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। पुलिस-प्रशासन की सतर्कता के बीच यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में भीम आर्मी ने 25 जुलाई को देशभर में प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसी के तहत उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद में भीम आर्मी के कई पदाधिकारियों को एहतियातन कई दिनों से उनके घरों पर ही नजरबंद रखा गया था। देवबंद क्षेत्र के गांव लबकरी स्थित जिला संयोजक शौर्य आंबेडकर के आवास पर भी सुबह से भारी पुलिस बल तैनात रहा, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीणों और भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने उनके आवास पर पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। आवास पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शौर्य आंबेडकर ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि सरकार दलितों, मजदूरों, किसानों तथा छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसके बाद मौके पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी (सीओ) और तहसीलदार को भीम आर्मी की ओर से छात्र आंदोलन और विभिन्न जनसमस्याओं से संबंधित 13 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। पुलिस-प्रशासन की सतर्कता के बीच यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
- देवबंद में एक बंद मकान को निशाना बनाते हुए चोरों ने सोने-चांदी के आभूषण, नगदी और अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया। जिस समय यह चोरी हुई, उस समय महिला अपने तीन बच्चों के साथ नगर में स्थित अपने मायके गई हुई थी और घर पर कोई नहीं था। पड़ोसियों ने जब घर का ताला खुला और अंदर सामान बिखरा हुआ देखा, तो उन्होंने तुरंत मामले की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच शुरू कर दी है।1
- NEET पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "आज इस्तीफा दिलवा दें, 15 दिन बाद फिर शपथ दिला दें।" अखिलेश यादव ने सरकार से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि केवल आश्वासन देने से युवाओं का भरोसा वापस नहीं आएगा। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इससे राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छिड़ गई है।1
- मुजफ्फरनगर जनपद में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन किसान प्रहरी' अभियान के तहत थाना भोपा पुलिस ने ट्रांसफार्मर एवं विद्युत लाइन चोरी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह के 5 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए ट्रांसफार्मरों का सामान, विद्युत लाइन के तारों के बंडल, चोरी में प्रयुक्त उपकरण, एक एक्टिवा स्कूटी तथा एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल से जुड़ा रेहड़ा बरामद किया है। गिरोह से हुई पूछताछ के आधार पर ट्रांसफार्मर एवं विद्युत लाइन चोरी के कुल 7 अभियोगों का सफल अनावरण किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों में शेर खान उर्फ शेर अली उर्फ शेर मोहम्मद पुत्र पुन्ना (निवासी ग्राम बुझाहेड़ी, थाना पुरकाजी), कुर्बान पुत्र इंतजार (निवासी मोहल्ला श्यामपुरा, थाना पुरकाजी), जीशान पुत्र शब्बीरा (निवासी मोहल्ला श्यामपुरा, थाना पुरकाजी), आसिफ पुत्र पुन्ना (निवासी ग्राम बुझाहेड़ी, थाना पुरकाजी) और इस्लाम उर्फ बाला पुत्र अनीस (निवासी मोहल्ला नूर नगरियान, थाना पुरकाजी) शामिल हैं। यह गिरोह ग्रामीण क्षेत्रों में लगे विद्युत ट्रांसफार्मरों और बिजली की लाइनों को निशाना बनाकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था, जिससे किसानों और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस कार्रवाई को किसानों की सुरक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता बताया है।1
- मुज़फ्फरनगर में जंतर-मंतर पर हुई घटना के विरोध में बड़ी संख्या में छात्रों ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। इस दौरान प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने मामले के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। इस धरने को उस समय राजनीतिक समर्थन भी मिला, जब समाजवादी पार्टी के चरथावल विधानसभा सीट से विधायक पंकज मलिक छात्रों के बीच पहुंचे। उन्होंने छात्रों के साथ धरने पर बैठकर अपना समर्थन जताया और उनकी मांगों का समर्थन करते हुए पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की बात कही।2
- नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के आह्वान पर आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के हजारों कार्यकर्ताओं ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में जोरदार प्रदर्शन किया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर मार्च निकालते हुए कचहरी स्थित जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और परिसर में जमकर नारेबाजी करते हुए धरना दिया। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि पेपर लीक मामले की जिम्मेदारी लेते हुए धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपना इस्तीफा दें। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि पेपर लीक मामले के सभी आरोपियों पर देशद्रोह का मुकदमा चलाकर उन्हें उम्रकैद या फांसी की सजा दी जानी चाहिए। आजाद समाज पार्टी के मुजफ्फरनगर जिला पंचायत सदस्य अमरकांत मलिक उर्फ चीकू ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और महिलाओं के साथ अभद्रता की गई। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार जमीन गिरवी रखकर और कर्ज उठाकर बच्चों को कोचिंग कराते हैं, लेकिन पेपर लीक होने से युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है और कई छात्र आत्महत्या करने पर मजबूर हुए हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब-जब युवाओं का आंदोलन शुरू हुआ है, तब-तब सरकारें गिरी हैं और इस सरकार को भी इसका हिसाब देना पड़ेगा।4
- नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में भीम आर्मी ने 25 जुलाई को देशभर में प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसी के तहत उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद में भीम आर्मी के कई पदाधिकारियों को एहतियातन कई दिनों से उनके घरों पर ही नजरबंद रखा गया था। देवबंद क्षेत्र के गांव लबकरी स्थित जिला संयोजक शौर्य आंबेडकर के आवास पर भी सुबह से भारी पुलिस बल तैनात रहा, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीणों और भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने उनके आवास पर पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। आवास पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शौर्य आंबेडकर ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि सरकार दलितों, मजदूरों, किसानों तथा छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसके बाद मौके पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी (सीओ) और तहसीलदार को भीम आर्मी की ओर से छात्र आंदोलन और विभिन्न जनसमस्याओं से संबंधित 13 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। पुलिस-प्रशासन की सतर्कता के बीच यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।1
- मुजफ्फरनगर में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत तितावी थाना पुलिस ने मुठभेड़ के बाद एक शातिर एटीएम चोर को गिरफ्तार किया है। इसके बाद चलाए गए सघन कॉम्बिंग अभियान के दौरान गिरोह के दो अन्य सदस्यों को भी पुलिस ने दबोच लिया। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से एक स्विफ्ट कार, ₹38,000 नकद, एक तमंचा, दो जिंदा कारतूस और विभिन्न बैंकों के करीब 40–50 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। इस बरामदगी से आशंका जताई जा रही है कि यह गिरोह संगठित तरीके से एटीएम धोखाधड़ी और चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। सीओ फुगाना नरेंद्र यादव ने बताया कि पुलिस की सतर्कता से इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके अन्य साथियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। वहीं थाना प्रभारी जयबीर चौधरी ने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।1