वीडियो देख फैंस बोले पैसे की कदर नहीं करोगे तो पैसा आपकी कदर नहीं करेगा, गोविन्दा का स्कूल के इवेंट का वीडियो हुआ वायरल दरअसल हाल ही में गोविंदा ने यूपी के प्रतापगढ़ के स्कूल के एनुअल फंक्शन में शिरकत की, जहां स्टेज पर उनकी मौजूदगी ने सबका ध्यान खींच लिया। स्कूल इवेंट में गोविंदा अपने सुपरहिट गाने पर डांस परफॉर्मेंस दी। गोविंदा वीडियो में अपने गाने 'यूपी वाला ठुमका लगाओ...' गाने पर झूमते दिखे। साथ ही अपने कई दूसरे गानों पर भी परफॉर्म किया डांस के साथ हीरो उन्होनें गाने भी गाए और सभी से बातचीत भी की। गोविंदा का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे यूपी के प्रतापगढ़ में एक स्कूल के एनुअल फंक्शन में डांस करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने अपने सुपरहिट गाने "यूपी वाला ठुमका लगाओ" पर जमकर डांस किया, जिसे देखकर लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं। हालांकि, कुछ लोगों ने उन्हें ट्रोल भी किया है, उनके करियर के उतार-चढ़ाव और निजी जिंदगी को लेकर। एक यूजर ने कहा, "क्या डाउनफॉल है। UP के प्रतापगढ़ में छोटे से प्रोग्राम में नाचना पड़ रहा है आप पैसे की कद्र नहीं करेंगे, तो पैसा भी आप की कद्र नहीं करेगा।" वहीं दूसरे ने कहा, "क्या हालत हो गई है इनकी।" एक ने कहा, "टाइम टाइम की बात है।" मगर गोविंदा के कुछ फैंस उनके सपोर्ट में भी आगे आ रहे हैं। फैंस का कहना है कि गोविंदा डाउन टू अर्थ हैं और वे अपने काम को लेकर सच्चे हैं।
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- अब्दुल सत्तारAjmer, Rajasthansupper सॉन्ग supper hiro govnda nais2 hrs ago
- बीकानेर l77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर अभय जैन ग्रंथालय में एक गरिमामय एवं विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्व गुरुदीप आश्रम, जयपुर के महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानेश्वर पुरी जी रहे। सर्वप्रथम मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण किया गया, जिसके पश्चात राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानेश्वर पुरी जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि गणतंत्र केवल शासन व्यवस्था नहीं बल्कि चेतना, संस्कृति और ज्ञान परंपरा की रक्षा का संकल्प है। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन पांडुलिपियाँ हमारी आत्मा हैं, जिनमें वेद, दर्शन, विज्ञान, आयुर्वेद और सामाजिक मूल्यों का अमूल्य ज्ञान सुरक्षित है। यदि इनका संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियाँ अपनी जड़ों से कट जाएँगी। उन्होंने पांडुलिपि संरक्षण को राष्ट्र सेवा का कार्य बताते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग से इसमें सहभागिता का आह्वान किया।इस अवसर पर अभय जैन ग्रंथालय के निदेशक ऋषभ नाहटा ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए अपने विचार रखे। उन्होंने भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत संचालित ज्ञान भारतम् मिशन के माध्यम से ग्रंथालय में चल रहे पांडुलिपि सर्वेक्षण, संरक्षण, डिजिटलीकरण एवं शोध कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह मिशन भारतीय ज्ञान परंपरा को संरक्षित कर उसे वैश्विक मंच तक पहुँचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।कार्यक्रम का संचालन मोहित बिस्सा द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। कार्यक्रम के दौरान गणतंत्र दिवस की भावना, भारतीय संविधान, सांस्कृतिक चेतना एवं पांडुलिपि संरक्षण जैसे विषयों पर सार्थक जोर दिया गया ।इस अवसर पर एडवकेट रविन्द्र बरडिया, डॉ. संदीप व्यास, लव कुमार देराश्री,नवरत्न चोपड़ा, मोहित बिस्सा, लक्ष्मी कांत उपाध्याय, गौरव आचार्य, जसवंत सिंह एवं वीरेंद्र सहित अनेक प्रबुद्धजन, शोधार्थी एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का समापन भारतीय सांस्कृतिक धरोहर, ज्ञान परंपरा एवं पांडुलिपि संरक्षण को राष्ट्र निर्माण का अभिन्न अंग मानते हुए उसे सुरक्षित रखने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।1
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- अस्थमा हों नजला ज़ुकाम हो खांसी आना बलग़म आना छींक आना सांस लेने में दिक्कत हो हों एलर्जी हो। 75686281431
- चीन ने फोम और कॉन्क्रीट से मकान बनाने की एक अनोखी और सस्ती तकनीक विकसित की है, जिससे ईंट, पत्थर और मजदूरों की जरूरत कम हो जाएगी। इस तकनीक में फोम कॉन्क्रीट का उपयोग किया जाता है, जो हल्का, ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण के अनुकूल होता है। फोम कॉन्क्रीट के फायदे: हल्का और ऊर्जा-कुशल फोम कॉन्क्रीट हल्का होता है, जिससे निर्माण की लागत कम होती है और ऊर्जा की बचत होती है। सस्ता फोम कॉन्क्रीट की कीमत ईंट और पत्थर की तुलना में कम होती है। तेजी से निर्माण: फोम कॉन्क्रीट से मकान बनाने की प्रक्रिया तेज होती है, जिससे समय और मजदूरी की बचत होती है। पर्यावरण के अनुकूल फोम कॉन्क्रीट पर्यावरण के अनुकूल होता है, क्योंकि इसमें कोई हानिकारक पदार्थ नहीं होता है।1
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- राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ का बागेश्वर धाम बालाजी के पुजारी धीरेंद्र शास्त्री के तीन दिवासी कथा की समीक्षा रिपोर्ट। अच्छी लगे तो कमेंट बॉक्स में हमें अवश्य लिखना।1
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