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इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और UFBU के बीच बैठक के बाद बैंक हड़ताल टली देशव्यापी: इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच रविवार रात 9:30 बजे हुई अंतिम समय की बैठक के बाद तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल स्थगित कर दी गई है। दोनों पक्षों ने सभी शनिवार को बैंक की छुट्टी के मुद्दे पर विचार करने के लिए एक संयुक्त समिति बनाने, स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए PLI स्कीम में बदलाव पर बातचीत शुरू करने और लंबित अन्य मुद्दों पर चर्चा करने पर सहमति व्यक्त की है। बताया गया है कि इस समझौते के कारण UFBU ने अपने प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन और हड़ताल को वापस ले लिया है। यदि हड़ताल होती तो सरकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तीन दिनों तक बंद रहते, जिससे चेक क्लियरेंस, कैश निकासी और जमा समेत बैंकिंग सेवाएं बाधित हो सकती थीं। हालांकि, अब हड़ताल टलने से सभी बैंक शाखाएं सामान्य रूप से खुलेंगी और सेवाएं सुचारू रूप से जारी रहेंगी, जिससे लाखों ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और UFBU के बीच बैठक के बाद बैंक हड़ताल टली देशव्यापी: इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच रविवार रात 9:30 बजे हुई अंतिम समय की बैठक के बाद तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल स्थगित कर दी गई है। दोनों पक्षों ने सभी शनिवार को बैंक की छुट्टी के मुद्दे पर विचार करने के लिए एक संयुक्त समिति बनाने, स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए PLI स्कीम में बदलाव पर बातचीत शुरू करने और लंबित अन्य मुद्दों पर चर्चा करने पर सहमति व्यक्त की है। बताया गया है कि इस समझौते के कारण UFBU ने अपने प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन और हड़ताल को वापस ले लिया है। यदि हड़ताल होती तो सरकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तीन दिनों तक बंद रहते, जिससे चेक क्लियरेंस, कैश निकासी और जमा समेत बैंकिंग सेवाएं बाधित हो सकती थीं। हालांकि, अब हड़ताल टलने से सभी बैंक शाखाएं सामान्य रूप से खुलेंगी और सेवाएं सुचारू रूप से जारी रहेंगी, जिससे लाखों ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है।

6 hrs ago
user_BaरKaट्ठा Ki आwaज
BaरKaट्ठा Ki आwaज
Court reporter Barkatha, Hazaribagh•
6 hrs ago

इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और UFBU के बीच बैठक के बाद बैंक हड़ताल टली देशव्यापी: इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच रविवार रात 9:30 बजे हुई अंतिम समय की बैठक के बाद तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल स्थगित कर दी गई है। दोनों पक्षों ने सभी शनिवार को बैंक की छुट्टी के मुद्दे पर विचार करने के लिए एक संयुक्त समिति बनाने, स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए PLI स्कीम में बदलाव पर बातचीत शुरू करने और लंबित अन्य मुद्दों पर चर्चा करने पर सहमति व्यक्त की है। बताया गया है कि इस समझौते के कारण UFBU ने अपने प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन और हड़ताल को वापस ले लिया है। यदि हड़ताल होती तो सरकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तीन दिनों तक बंद रहते, जिससे चेक क्लियरेंस, कैश निकासी और जमा समेत बैंकिंग सेवाएं बाधित हो सकती थीं। हालांकि, अब हड़ताल टलने से सभी बैंक शाखाएं सामान्य रूप से खुलेंगी और सेवाएं सुचारू रूप से जारी रहेंगी, जिससे लाखों ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और UFBU के बीच बैठक के बाद बैंक हड़ताल टली देशव्यापी: इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच रविवार रात 9:30 बजे हुई अंतिम समय की बैठक के बाद तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल स्थगित कर दी गई है। दोनों पक्षों ने सभी शनिवार को बैंक की छुट्टी के मुद्दे पर विचार करने के लिए एक संयुक्त समिति बनाने, स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए PLI स्कीम में बदलाव पर बातचीत शुरू करने और लंबित अन्य मुद्दों पर चर्चा करने पर सहमति व्यक्त की है। बताया गया है कि इस समझौते के कारण UFBU ने अपने प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन और हड़ताल को वापस ले लिया है। यदि हड़ताल होती तो सरकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तीन दिनों तक बंद रहते, जिससे चेक क्लियरेंस, कैश निकासी और जमा समेत बैंकिंग सेवाएं बाधित हो सकती थीं। हालांकि, अब हड़ताल टलने से सभी बैंक शाखाएं सामान्य रूप से खुलेंगी और सेवाएं सुचारू रूप से जारी रहेंगी, जिससे लाखों ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है।

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    user_Tuleshwar mahto
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    Video Creator बिशुनगढ़, हजारीबाग, झारखंड•
    8 hrs ago
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    user_Md sabir
    Md sabir
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    19 hrs ago
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    user_आशीष कुमार मुखर्जी
    आशीष कुमार मुखर्जी
    रिपोर्टर रामगढ़, रामगढ़, झारखंड•
    3 hrs ago
  • सीरतुन्नबी कॉम्पिटिशन सीजन-2 की विजेता बनीं नगमा खातून, जीता फ्री उमराह पैकेज व ट्राफी। सीरतुन्नबी, कुरआन और साइंस के तालमेल पर हुआ विशेष व्याख्यान। कलमा शरीफ पढ़ने की मुहिम भी शुरू, दो करोड़ 39 लाख 58 हजार 838 दुरूद शरीफ पेश की। सेराज अहमद कुरैशी रिपोर्टर; इम्तियाज फोनवेल की खास रिपोर्ट पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सीरत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और बच्चों व युवाओं में धार्मिक, नैतिक एवं शैक्षिक जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से मियां साहब इस्लामिया (एमएसआई) इंटर कॉलेज, बक्शीपुर के ऑडिटोरियम में सीरतुन्नबी सेमिनार व सीरतुन्नबी कॉम्पिटिशन सीजन-2 का पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। आयोजन अल कलम ट्रस्ट व तहरीक उलमा-ए-हिंद की ओर से किया गया। अतिथियों का स्वागत हाफिज रहमत अली निजामी, मुजफ्फर हसनैन रूमी, आसिफ महमूद व नेहाल अहमद ने किया। अतिथियों ने सीरतुन्नबी कॉम्पिटिशन के सफल प्रतिभागियों को ट्राफी, शील्ड और पुरस्कार प्रदान किए। कॉम्पिटिशन में कॉलेज ग्रुप की नगमा खातून ने प्रथम स्थान प्राप्त कर सीरतुन्नबी कॉम्पिटिशन सीजन-2 की विजेता बनने का गौरव हासिल किया। उन्हें ट्रैवल प्वाइंट की ओर से फ्री उमराह पैकेज का विशेष पुरस्कार और ट्राफी प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान सीरतुन्नबी कॉम्पिटिशन व अल कलम ट्रस्ट के कार्यों पर सफरनामा प्रस्तुत किया गया। कॉम्पिटिशन के विभिन्न चरणों और प्रतिभागियों की गतिविधियों को वीडियो व अन्य माध्यमों से लोगों के सामने रखा गया। बच्चों द्वारा लिखी गई कॉम्पिटिशन की कॉपियां भी दिखाई गईं। इससे प्रतिभागियों की मेहनत, अध्ययन और सीरत के प्रति उनकी रुचि का परिचय मिला। समारोह के दौरान कलमा शरीफ पढ़ने की एक विशेष मुहिम भी शुरू की गई। आयोजकों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य लोगों को कलमा शरीफ पढ़ने की तरफ प्रेरित करना और धार्मिक जागरूकता को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों से इस मुहिम से जुड़ने और अधिक से अधिक लोगों तक इसका संदेश पहुंचाने की अपील की गई। संचालन कर रहे कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने कहा कि सीरतुन्नबी से जुड़े कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल कॉम्पिटिशन और पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शिक्षाओं, धार्मिक मूल्यों और नेक अमल से जोड़ना भी है। इसी क्रम में कलमा शरीफ पढ़ने की मुहिम को भी कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया। मुख्य अतिथि तहरीक उलमा-ए-हिंद के चेयरमैन डॉ. मुफ्ती मुहम्मद खालिद अय्यूब मिस्बाही ने सीरत, कुरआन और साइंस के विभिन्न पहलुओं पर विचार रखते हुए ज्ञान की अहमियत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कुरआन इंसान को ज्ञान हासिल करने, कायनात पर गौर-ओ-फिक्र करने और सृष्टि में मौजूद निशानियों पर विचार करने की प्रेरणा देता है। विज्ञान प्राकृतिक घटनाओं और कायनात के विभिन्न पहलुओं को समझने का माध्यम है, जबकि धार्मिक शिक्षा इंसान को ज्ञान के सही इस्तेमाल के लिए नैतिक दिशा प्रदान करती है। मुफ्ती खालिद ने अल कलम ट्रस्ट की ओर से आयोजित सीरतुन्नबी कॉम्पिटिशन और उससे जुड़ी विभिन्न पहलों को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को सीरत के अध्ययन से जोड़ने के लिए इस तरह के कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं। प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों में पढ़ने, लिखने और सीखने की रुचि पैदा होती है तथा उन्हें पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की जिंदगी और शिक्षाओं को समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को सीरत-ए-पाक के अध्ययन के साथ शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में भी आगे बढ़ना चाहिए। बच्चों में किताब पढ़ने, सवाल करने, खोज करने और नई चीजें सीखने की आदत विकसित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि धार्मिक शिक्षा और आधुनिक शिक्षा के बीच संतुलन कायम करके समाज के लिए बेहतर भविष्य तैयार किया जा सकता है। विशिष्ट वक्ता हैदराबाद यूनिवर्सिटी के अस्सिटेंट प्रोफेसर डॉ. गौस मुहम्मद अजहरी ने अपने व्याख्यान में कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सीरत मानव जीवन के लिए व्यापक मार्गदर्शन का स्रोत है। उन्होंने कहा कि सीरत का अध्ययन केवल प्रतियोगिता में सफलता हासिल करने या जानकारी बढ़ाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इससे इंसान को अपने जीवन, व्यवहार और समाज के प्रति जिम्मेदारियों को समझने की प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को बचपन से ही सीरत, कुरआन और अच्छे अखलाक से जोड़ने की जरूरत है। नई पीढ़ी अगर पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की जिंदगी का अध्ययन करेगी तो उसे सच्चाई, अमानतदारी, इंसाफ, सब्र, रहमदिली और इंसानियत जैसे गुणों को अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा हासिल करने पर भी जोर दिया। समारोह में सीरतुन्नबी कॉम्पिटिशन से जुड़े एक विशेष पहलू का भी उल्लेख किया गया। बताया गया कि कॉम्पिटिशन और इससे जुड़े प्रयासों के दौरान दो करोड़ 39 लाख 58 हजार 838 दुरूद शरीफ पढ़कर पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बारगाह में पेश किया गया। हाफिज रहमत‌‌‌ अली निजामी व मुजफ्फर हसनैन रूमी ने बताया कि कॉम्पिटिशन का उद्देश्य केवल बच्चों को पुरस्कार दिलाना नहीं था, बल्कि उन्हें सीरत-ए-पाक के अध्ययन से जोड़ना और उनके अंदर पढ़ने-लिखने की रुचि पैदा करना भी था। कॉम्पिटिशन में विभिन्न आयु और शैक्षिक वर्गों के बच्चों सहित बड़ों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में कॉम्पिटिशन के सफरनामे की प्रस्तुति के साथ प्रतिभागियों की लिखी हुई कॉपियां भी प्रदर्शित की गईं। इससे अभिभावकों और मौजूद लोगों को बच्चों की मेहनत को करीब से देखने का अवसर मिला। सफल प्रतिभागियों को मंच पर बुलाकर ट्राफी, शील्ड और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। हिफ्ज ग्रुप में इकरा अंसारी, सलमान अंसारी, मुहम्मद शाद, मुहम्मद साकिब अंसारी और रहमत अली ने पुरस्कार हासिल किए। आलिम ग्रुप में रौनक फातिमा, मुहम्मद कासिम, सदफ हया, सानिया बानो और ऐनुन जारिया सफल रहे। स्कूल ग्रुप में इनाया फातिमा, यसरा खान, यास्ना साकिब, उजमा नूर और सुमैरा वारसी को पुरस्कार मिला। कॉलेज ग्रुप में नगमा खातून, फौजिया तबस्सुम, मरियम शाहीन, सदफ फातिमा और शारीबा कौसर कामयाब रहीं। इसी ग्रुप में नगमा खातून ने प्रथम स्थान हासिल कर प्रतियोगिता की विजेता बनने के साथ फ्री उमराह पैकेज का विशेष पुरस्कार प्राप्त किया। फ्री ग्रुप में करीमा हुसैन, सद्दाम हुसैन निजामी, आहू चश्म निजामी, मेहनाज जहां और सोफिया खातून को पुरस्कार प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने सीरतुन्नबी कॉम्पिटिशन के उद्देश्य और इसके सफर पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बच्चों को सीरत-ए-पाक से जोड़ना समय की महत्वपूर्ण जरूरत है। कॉम्पिटिशन के माध्यम से बच्चों में अध्ययन, लेखन और सीरत के प्रति रुचि पैदा करने का प्रयास किया गया है। कुरआन-ए-पाक की तिलावत हाफिज रहमत अली निजामी ने की। इसके बाद हम्द-ओ-नात पेश की गई। समारोह में प्रधानाचार्य मुख्तार अहमद, प्रधानाचार्या शम्सा अंसारी, अरबाज नक्शबंदी, मुफ्ती अख्तर हुसैन, मुफ्ती अजहर शम्सी, हाजी फैज अहमद खान, शहबाज सिद्दीकी, सैयद जव्वाद अली सब्जपोश, महबूब आलम, कारी शराफत हुसैन, हाफिज आफताब आलम, हाफिज रजी, मौलाना महमूद रजा, मौलाना जहांगीर अहमद, ताबिश सिद्दीकी, शीराज सिद्दीकी, प्रिंस, जीशान, मुहम्मद आजम, नवेद आलम, शादाब सिद्दीकी, सैयद नदीम अहमद, शीरीन आसिफ, ज्या वारसी, आयशा फसीही, आयशा खातून, आस्मां खातून, अली अहमद, समीर अली, जैद, हाजी सेराज अहमद, सैयद जफर हसन, प्रधानाचार्य कारी नसीमुल्लाह, मुफ्तिया कहकशां फिरदौस, सेराज अहमद कुरैशी, आलिमा अरबिया इस्माईली, मौलाना दानिश, प्रधानाचार्य मुहम्मद सिद्दीक, एडवोकेट मुहम्मद आजम, काशिफ महमूद, सैयद आसिम, आसिफ अंसारी, रहमत अली, रुशान, शाद, जीशान, बेलाल अहमद, सैयद शहाबुद्दीन आदि मौजूद रहे। आयोजकों ने कहा कि सीरतुन्नबी कॉम्पिटिशन का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सीरत से जोड़ने के साथ उनमें अध्ययन, लेखन और ज्ञान की रुचि पैदा करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह के कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे और नई पीढ़ी सीरत, कुरआन, शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्रों में आगे बढ़कर समाज और देश की तरक्की में अपना योगदान देगी।
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    सीरतुन्नबी कॉम्पिटिशन सीजन-2 की विजेता बनीं नगमा खातून, जीता फ्री उमराह पैकेज व ट्राफी।
सीरतुन्नबी, कुरआन और साइंस के तालमेल पर हुआ विशेष व्याख्यान।
कलमा शरीफ पढ़ने की मुहिम भी शुरू, दो करोड़ 39 लाख 58 हजार 838 दुरूद शरीफ पेश की।
सेराज अहमद कुरैशी 
रिपोर्टर;  इम्तियाज फोनवेल की खास रिपोर्ट
पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सीरत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और बच्चों व युवाओं में धार्मिक, नैतिक एवं शैक्षिक जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से मियां साहब इस्लामिया (एमएसआई) इंटर कॉलेज, बक्शीपुर के ऑडिटोरियम में सीरतुन्नबी सेमिनार व सीरतुन्नबी कॉम्पिटिशन सीजन-2 का पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। आयोजन अल कलम ट्रस्ट व तहरीक उलमा-ए-हिंद की ओर से किया गया। अतिथियों का स्वागत हाफिज रहमत अली निजामी, मुजफ्फर हसनैन रूमी, आसिफ महमूद व नेहाल अहमद ने किया।
अतिथियों ने सीरतुन्नबी कॉम्पिटिशन के सफल प्रतिभागियों को ट्राफी, शील्ड और पुरस्कार प्रदान किए। कॉम्पिटिशन में कॉलेज ग्रुप की नगमा खातून ने प्रथम स्थान प्राप्त कर सीरतुन्नबी कॉम्पिटिशन सीजन-2 की विजेता बनने का गौरव हासिल किया। उन्हें ट्रैवल प्वाइंट की ओर से फ्री उमराह पैकेज का विशेष पुरस्कार और ट्राफी प्रदान की गई।
कार्यक्रम के दौरान सीरतुन्नबी कॉम्पिटिशन व अल कलम ट्रस्ट के कार्यों पर सफरनामा प्रस्तुत किया गया। कॉम्पिटिशन के विभिन्न चरणों और प्रतिभागियों की गतिविधियों को वीडियो व अन्य माध्यमों से लोगों के सामने रखा गया। बच्चों द्वारा लिखी गई कॉम्पिटिशन की कॉपियां भी दिखाई गईं। इससे प्रतिभागियों की मेहनत, अध्ययन और सीरत के प्रति उनकी रुचि का परिचय मिला।
समारोह के दौरान कलमा शरीफ पढ़ने की एक विशेष मुहिम भी शुरू की गई। आयोजकों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य लोगों को कलमा शरीफ पढ़ने की तरफ प्रेरित करना और धार्मिक जागरूकता को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों से इस मुहिम से जुड़ने और अधिक से अधिक लोगों तक इसका संदेश पहुंचाने की अपील की गई।
संचालन कर रहे कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने कहा कि सीरतुन्नबी से जुड़े कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल कॉम्पिटिशन और पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शिक्षाओं, धार्मिक मूल्यों और नेक अमल से जोड़ना भी है। इसी क्रम में कलमा शरीफ पढ़ने की मुहिम को भी कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया।
मुख्य अतिथि तहरीक उलमा-ए-हिंद के चेयरमैन डॉ. मुफ्ती मुहम्मद खालिद अय्यूब मिस्बाही ने सीरत, कुरआन और साइंस के विभिन्न पहलुओं पर विचार रखते हुए ज्ञान की अहमियत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कुरआन इंसान को ज्ञान हासिल करने, कायनात पर गौर-ओ-फिक्र करने और सृष्टि में मौजूद निशानियों पर विचार करने की प्रेरणा देता है। विज्ञान प्राकृतिक घटनाओं और कायनात के विभिन्न पहलुओं को समझने का माध्यम है, जबकि धार्मिक शिक्षा इंसान को ज्ञान के सही इस्तेमाल के लिए नैतिक दिशा प्रदान करती है।
मुफ्ती खालिद ने अल कलम ट्रस्ट की ओर से आयोजित सीरतुन्नबी कॉम्पिटिशन और उससे जुड़ी विभिन्न पहलों को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को सीरत के अध्ययन से जोड़ने के लिए इस तरह के कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं। प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों में पढ़ने, लिखने और सीखने की रुचि पैदा होती है तथा उन्हें पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की जिंदगी और शिक्षाओं को समझने का अवसर मिलता है।
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उन्होंने कहा कि बच्चों को बचपन से ही सीरत, कुरआन और अच्छे अखलाक से जोड़ने की जरूरत है। नई पीढ़ी अगर पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की जिंदगी का अध्ययन करेगी तो उसे सच्चाई, अमानतदारी, इंसाफ, सब्र, रहमदिली और इंसानियत जैसे गुणों को अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा हासिल करने पर भी जोर दिया।
समारोह में सीरतुन्नबी कॉम्पिटिशन से जुड़े एक विशेष पहलू का भी उल्लेख किया गया। बताया गया कि कॉम्पिटिशन और इससे जुड़े प्रयासों के दौरान दो करोड़ 39 लाख 58 हजार 838 दुरूद शरीफ पढ़कर पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बारगाह में पेश किया गया।
हाफिज रहमत‌‌‌ अली निजामी व मुजफ्फर हसनैन रूमी ने बताया कि कॉम्पिटिशन का उद्देश्य केवल बच्चों को पुरस्कार दिलाना नहीं था, बल्कि उन्हें सीरत-ए-पाक के अध्ययन से जोड़ना और उनके अंदर पढ़ने-लिखने की रुचि पैदा करना भी था। कॉम्पिटिशन में विभिन्न आयु और शैक्षिक वर्गों के बच्चों सहित बड़ों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में कॉम्पिटिशन के सफरनामे की प्रस्तुति के साथ प्रतिभागियों की लिखी हुई कॉपियां भी प्रदर्शित की गईं। इससे अभिभावकों और मौजूद लोगों को बच्चों की मेहनत को करीब से देखने का अवसर मिला। सफल प्रतिभागियों को मंच पर बुलाकर ट्राफी, शील्ड और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
हिफ्ज ग्रुप में इकरा अंसारी, सलमान अंसारी, मुहम्मद शाद, मुहम्मद साकिब अंसारी और रहमत अली ने पुरस्कार हासिल किए।
आलिम ग्रुप में रौनक फातिमा, मुहम्मद कासिम, सदफ हया, सानिया बानो और ऐनुन जारिया सफल रहे।
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कॉलेज ग्रुप में नगमा खातून, फौजिया तबस्सुम, मरियम शाहीन, सदफ फातिमा और शारीबा कौसर कामयाब रहीं। इसी ग्रुप में नगमा खातून ने प्रथम स्थान हासिल कर प्रतियोगिता की विजेता बनने के साथ फ्री उमराह पैकेज का विशेष पुरस्कार प्राप्त किया।
फ्री ग्रुप में करीमा हुसैन, सद्दाम हुसैन निजामी, आहू चश्म निजामी, मेहनाज जहां और सोफिया खातून को पुरस्कार प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने सीरतुन्नबी कॉम्पिटिशन के उद्देश्य और इसके सफर पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बच्चों को सीरत-ए-पाक से जोड़ना समय की महत्वपूर्ण जरूरत है। कॉम्पिटिशन के माध्यम से बच्चों में अध्ययन, लेखन और सीरत के प्रति रुचि पैदा करने का प्रयास किया गया है। कुरआन-ए-पाक की तिलावत हाफिज रहमत अली निजामी ने की। इसके बाद हम्द-ओ-नात पेश की गई। 
समारोह में प्रधानाचार्य मुख्तार अहमद, प्रधानाचार्या शम्सा अंसारी, अरबाज नक्शबंदी, मुफ्ती अख्तर हुसैन, मुफ्ती अजहर शम्सी, हाजी फैज अहमद खान, शहबाज सिद्दीकी, सैयद जव्वाद अली सब्जपोश, महबूब आलम, कारी शराफत हुसैन, हाफिज आफताब आलम, हाफिज रजी, मौलाना महमूद रजा, मौलाना जहांगीर अहमद, ताबिश सिद्दीकी, शीराज सिद्दीकी, प्रिंस, जीशान, मुहम्मद आजम, नवेद आलम, शादाब सिद्दीकी, सैयद नदीम अहमद, शीरीन आसिफ, ज्या वारसी, आयशा फसीही, आयशा खातून, आस्मां खातून, अली अहमद, समीर अली, जैद, हाजी सेराज अहमद, सैयद जफर हसन, प्रधानाचार्य कारी नसीमुल्लाह, मुफ्तिया कहकशां फिरदौस, सेराज अहमद कुरैशी, आलिमा अरबिया इस्माईली, मौलाना दानिश, प्रधानाचार्य मुहम्मद सिद्दीक, एडवोकेट मुहम्मद आजम, काशिफ महमूद, सैयद आसिम, आसिफ अंसारी, रहमत अली, रुशान, शाद, जीशान,  बेलाल अहमद, सैयद शहाबुद्दीन आदि मौजूद रहे।
आयोजकों ने कहा कि सीरतुन्नबी कॉम्पिटिशन का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सीरत से जोड़ने के साथ उनमें अध्ययन, लेखन और ज्ञान की रुचि पैदा करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह के कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे और नई पीढ़ी सीरत, कुरआन, शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्रों में आगे बढ़कर समाज और देश की तरक्की में अपना योगदान देगी।
    user_Imtiyaj A Fonwel
    Imtiyaj A Fonwel
    हिसुआ, नवादा, बिहार•
    4 hrs ago
  • गेतलसूद डैम में फाटक बंद होते ही बदला नजारा, मछली पकड़ने उमड़ी भीड़ रांची। लगातार मूसलाधार बारिश से गेतलसूद डैम का जलस्तर बढ़ने के बाद पांच फाटक खोले गए थे। तेज जलधारा का नजारा देखने के लिए आसपास के लोग पहुंचे और वीडियो बनाए। रविवार सुबह फाटक बंद होने के बाद पानी का बहाव कम हुआ तो डैम के आसपास ग्रामीणों की भीड़ मछली पकड़ने के लिए जुट गई। पत्थरों और कम पानी वाले हिस्सों में मछलियां मिलने पर लोग उन्हें पकड़ते नजर आए। वहीं, डैम का नजारा देखने पहुंचे लोग मछली पकड़ने के इस दृश्य को मोबाइल में कैद करते रहे।
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    गेतलसूद डैम में फाटक बंद होते ही बदला नजारा, मछली पकड़ने उमड़ी भीड़
रांची। लगातार मूसलाधार बारिश से गेतलसूद डैम का जलस्तर बढ़ने के बाद पांच फाटक खोले गए थे। तेज जलधारा का नजारा देखने के लिए आसपास के लोग पहुंचे और वीडियो बनाए। रविवार सुबह फाटक बंद होने के बाद पानी का बहाव कम हुआ तो डैम के आसपास ग्रामीणों की भीड़ मछली पकड़ने के लिए जुट गई। पत्थरों और कम पानी वाले हिस्सों में मछलियां मिलने पर लोग उन्हें पकड़ते नजर आए। वहीं, डैम का नजारा देखने पहुंचे लोग मछली पकड़ने के इस दृश्य को मोबाइल में कैद करते रहे।
    user_REHAN
    REHAN
    Local News Reporter ओरमांझी, रांची, झारखंड•
    15 hrs ago
  • “माननीय स्वास्थ्य मंत्री जी, जब एक मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए आज भी खटिया का सहारा लेना पड़े, तो ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और एंबुलेंस सुविधा पर सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर जिम्मेदारी किसकी है?” बरमसिया में मरीज को खटिया पर लादकर ले जाने का वीडियो वायरल। गिरिडीह के देवरी प्रखंड के बरमसिया गांव में सड़क की बदहाली का वीडियो सामने आया है। बीमार मुंशी किस्कू को ग्रामीण करीब एक किलोमीटर तक खटिया पर लादकर मुख्य सड़क तक ले गए। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क खराब होने से एंबुलेंस भी गांव तक नहीं पहुंच पाती। #गिरिडीह #बरमसिया #सड़क #वायरलवीडियो #झारखंड
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    “माननीय स्वास्थ्य मंत्री जी, जब एक मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए आज भी खटिया का सहारा लेना पड़े, तो ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और एंबुलेंस सुविधा पर सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर जिम्मेदारी किसकी है?”
बरमसिया में मरीज को खटिया पर लादकर ले जाने का वीडियो वायरल।
गिरिडीह के देवरी प्रखंड के बरमसिया गांव में सड़क की बदहाली का वीडियो सामने आया है। बीमार मुंशी किस्कू को ग्रामीण करीब एक किलोमीटर तक खटिया पर लादकर मुख्य सड़क तक ले गए। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क खराब होने से एंबुलेंस भी गांव तक नहीं पहुंच पाती।
#गिरिडीह #बरमसिया #सड़क #वायरलवीडियो #झारखंड
    user_Yuva team jharkhand
    Yuva team jharkhand
    Deori, Giridih•
    15 hrs ago
  • प्रेम की गली में वैकेंसी न होने पर लौटे लाइब्रेरी यह एक भावनात्मक अभिव्यक्ति है जिसमें बताया गया है कि प्रेम की गली में जाने का प्रयास किया गया, लेकिन वहां कोई जगह उपलब्ध नहीं थी। इसलिए व्यक्ति वापस लाइब्रेरी लौट आया। यह वक्तव्य किसी विशिष्ट व्यक्ति या घटना से संबंधित नहीं है और इसमें किसी नाम का उल्लेख नहीं है। यह एक सामान्य कविता या विचार की तरह प्रतीत होता है। प्रेम की गली में वैकेंसी न होने पर लौटे लाइब्रेरी यह एक भावनात्मक अभिव्यक्ति है जिसमें बताया गया है कि प्रेम की गली में जाने का प्रयास किया गया, लेकिन वहां कोई जगह उपलब्ध नहीं थी। इसलिए व्यक्ति वापस लाइब्रेरी लौट आया। यह वक्तव्य किसी विशिष्ट व्यक्ति या घटना से संबंधित नहीं है और इसमें किसी नाम का उल्लेख नहीं है। यह एक सामान्य कविता या विचार की तरह प्रतीत होता है।
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    प्रेम की गली में वैकेंसी न होने पर लौटे लाइब्रेरी

यह एक भावनात्मक अभिव्यक्ति है जिसमें बताया गया है कि प्रेम की गली में जाने का प्रयास किया गया, लेकिन वहां कोई जगह उपलब्ध नहीं थी। इसलिए व्यक्ति वापस लाइब्रेरी लौट आया।

यह वक्तव्य किसी विशिष्ट व्यक्ति या घटना से संबंधित नहीं है और इसमें किसी नाम का उल्लेख नहीं है। यह एक सामान्य कविता या विचार की तरह प्रतीत होता है।
प्रेम की गली में वैकेंसी न होने पर लौटे लाइब्रेरी
यह एक भावनात्मक अभिव्यक्ति है जिसमें बताया गया है कि प्रेम की गली में जाने का प्रयास किया गया, लेकिन वहां कोई जगह उपलब्ध नहीं थी। इसलिए व्यक्ति वापस लाइब्रेरी लौट आया।
यह वक्तव्य किसी विशिष्ट व्यक्ति या घटना से संबंधित नहीं है और इसमें किसी नाम का उल्लेख नहीं है। यह एक सामान्य कविता या विचार की तरह प्रतीत होता है।
    user_BaरKaट्ठा Ki आwaज
    BaरKaट्ठा Ki आwaज
    Court reporter Barkatha, Hazaribagh•
    22 hrs ago
  • गोला : अधूरे निर्माण कार्य और फंड के हिसाब को लेकर जनता परेशान, विधायक ममता देवी ने किया स्थल निरीक्षण
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    गोला : अधूरे निर्माण कार्य और फंड के हिसाब को लेकर जनता परेशान, विधायक ममता देवी ने किया स्थल निरीक्षण
    user_Dilip Karmali
    Dilip Karmali
    रिपोर्टर मो. 7857961735 Gola, Ramgarh•
    19 hrs ago
  • आगामी पर्व-त्योहारों को लेकर नवादा पुलिस सतर्क, अश्रु गैस और वाटर कैनन से मॉक ड्रिल आगामी पर्व-त्योहारों को लेकर नवादा पुलिस सतर्क, अश्रु गैस और वाटर कैनन से मॉक ड्रिल नवादा। आगामी पर्व-त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर नवादा पुलिस पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है। किसी भी विशेष परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस केंद्र, नवादा में अश्रु गैस एवं वाटर कैनन का मॉक ड्रिल कराया गया। मॉक ड्रिल के दौरान पुलिसकर्मियों को आपात स्थिति में भीड़ नियंत्रण, अश्रु गैस के इस्तेमाल तथा वाटर कैनन के संचालन से संबंधित आवश्यक अभ्यास कराया गया। इसका उद्देश्य किसी भी अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने पर पुलिस बल द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। पुलिस प्रशासन की ओर से पर्व-त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ असामाजिक तत्वों एवं उपद्रवी गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखी जाएगी। नवादा पुलिस ने लोगों से पर्व-त्योहारों को आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाने तथा किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति एवं कानून-व्यवस्था भंग करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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    आगामी पर्व-त्योहारों को लेकर नवादा पुलिस सतर्क, अश्रु गैस और वाटर कैनन से मॉक ड्रिल
आगामी पर्व-त्योहारों को लेकर नवादा पुलिस सतर्क, अश्रु गैस और वाटर कैनन से मॉक ड्रिल
नवादा। आगामी पर्व-त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर नवादा पुलिस पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है। किसी भी विशेष परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस केंद्र, नवादा में अश्रु गैस एवं वाटर कैनन का मॉक ड्रिल कराया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान पुलिसकर्मियों को आपात स्थिति में भीड़ नियंत्रण, अश्रु गैस के इस्तेमाल तथा वाटर कैनन के संचालन से संबंधित आवश्यक अभ्यास कराया गया। इसका उद्देश्य किसी भी अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने पर पुलिस बल द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
पुलिस प्रशासन की ओर से पर्व-त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ असामाजिक तत्वों एवं उपद्रवी गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखी जाएगी।
नवादा पुलिस ने लोगों से पर्व-त्योहारों को आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाने तथा किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति एवं कानून-व्यवस्था भंग करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
    user_Sanjay Patrakaar
    Sanjay Patrakaar
    हिसुआ, नवादा, बिहार•
    19 hrs ago
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