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जागेश्वर मठ महादेव मंदिर में आज रामधवनी कर आरती करते हुए
Yogesh Kumar Gupta
जागेश्वर मठ महादेव मंदिर में आज रामधवनी कर आरती करते हुए
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- दौसा। कुण्डल तहसील मुख्यालय क्षेत्र ग्राम खड़का में चल रही श्रीमद् भागवत कथा वाचन के अंतिम दिन आचार्य विपुल कृष्ण जी महाराज (श्री धाम वृंदावन वाले) ने भगवान श्रीकृष्ण के संपूर्ण जीवनवृत पर चर्चा की और इससे मिली सीख को अपने जीवन में उतारने की नसीहत दी। आचार्य जी ने श्रीकृष्ण और उनके पुत्रों के बीच के एक प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि एक बार श्रीकृष्ण अपने पुत्रों के साथ ही जा रहे थे। इसी बीच एक कुंए में एक गिरगिट देख श्रीकृष्ण के पुत्र रुक गए। बच्चों ने तोतली आवाज में कहा कि कुंए में कोई बड़ा जानवर गिरा पड़ा है। भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन होते ही गिरगिट अपने स्वरूप में आ गया और कहा कि मैं राजा हूं और मैंने अपने जीवनकाल में सिर्फ दान किया। लेकिन एक छोटी सी गलती की वजह से आज मेरा स्वरूप बदल गया है। अपने अभिमान में मैंने एक ब्राह्माण का अपमान कर दिया। जिससे मेरी यह दुर्गति हुई। भगवान श्रीकृष्ण ने बच्चों को कहा कि सत्कर्म करना बेहद अच्छी बात है लेकिन अभिमान में चूर होना गलत। आचार्य विपुल कृष्ण जी महाराज ने श्रोताओं से कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम चंद्र की भांति भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से सीख लेकर हम खुद के जन्म को धन्य बना सकते हैं और मोक्ष की प्राप्ति कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धा से किसी भी जीव की सेवा करने वाले कभी दुख नहीं भोगते।4
- दौसा। खड़का में चल रही श्रीमद् भागवत कथा वाचन के अंतिम दिन आचार्य विपुल कृष्ण जी महाराज (श्री धाम वृंदावन वाले) ने भगवान श्रीकृष्ण के संपूर्ण जीवनवृत पर चर्चा की और इससे मिली सीख को अपने जीवन में उतारने की नसीहत दी। आचार्य जी ने श्रीकृष्ण और उनके पुत्रों के बीच के एक प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि एक बार श्रीकृष्ण अपने पुत्रों के साथ ही जा रहे थे। इसी बीच एक कुंए में एक गिरगिट देख श्रीकृष्ण के पुत्र रुक गए। बच्चों ने तोतली आवाज में कहा कि कुंए में कोई बड़ा जानवर गिरा पड़ा है। भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन होते ही गिरगिट अपने स्वरूप में आ गया और कहा कि मैं राजा हूं और मैंने अपने जीवनकाल में सिर्फ दान किया। लेकिन एक छोटी सी गलती की वजह से आज मेरा स्वरूप बदल गया है। अपने अभिमान में मैंने एक ब्राह्माण का अपमान कर दिया। जिससे मेरी यह दुर्गति हुई। भगवान श्रीकृष्ण ने बच्चों को कहा कि सत्कर्म करना बेहद अच्छी बात है लेकिन अभिमान में चूर होना गलत। आचार्य विपुल कृष्ण जी महाराज ने श्रोताओं से कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम चंद्र की भांति भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से सीख लेकर हम खुद के जन्म को धन्य बना सकते हैं और मोक्ष की प्राप्ति कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धा से किसी भी जीव की सेवा करने वाले कभी दुख नहीं भोगते।4
- राजस्थान की राजधानी जयपुर में बाल मुकुंद आचार्य द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर दूध चढ़ाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, अंबेडकर जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में विधायक ने प्रतिमा का दुग्धाभिषेक किया और इसे सामाजिक समरसता व सम्मान का प्रतीक बताया। हालांकि, इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। एक तरफ कुछ लोग इसे श्रद्धा और सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग इसे पाखंड और प्रतीकात्मक राजनीति बताते हुए आलोचना कर रहे हैं। गौरतलब है कि बाबा साहेब अंबेडकर तर्क, समानता और अंधविश्वास के विरोध के लिए जाने जाते थे। ऐसे में इस तरह की घटनाओं को लेकर विचारधारा बनाम प्रतीकात्मकता की बहस फिर से तेज हो गई है।1
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- दौसा। आज राजस्थान पुलिस दिवस 16 अप्रैल के उपलक्ष्य में जिला दौसा जिले के सभी थाना क्षेत्रों में विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर स्कूल के छात्र-छात्राओं का पुलिस थानों में शैक्षिक भ्रमण करवाया गया, एवं वहां पर उन्हें थानों की कार्यप्रणाली और विभिन्न शाखाओं,रिकॉर्ड संधारण प्रणाली एवं पुलिस कार्य की विस्तृत जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को थाना परिसर का निरीक्षण कराते हुए कानून व्यवस्था, पुलिस की भूमिका एवं जनसेवा से जुड़े कार्यों के बारे में भी अवगत कराया गया। इस अवसर पर कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, दौसा द्वारा आज जिले केंद्रीय विद्यालय दौसा ओर जिले के विभिन्न महत्वपूर्ण एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर महिलाओं, छात्राओं एवं आमजन को सुरक्षा एवं कानून संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम के दौरान लोगों को महिला सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, यातायात नियमों का पालन, राजकोप सिटिजन ऐप के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही महिला हेल्पलाइन 1090/1091/112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, गुड टच–बैड टच की पहचान एवं पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के बारे में भी जागरूक किया गया। इसके अतिरिक्त उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं आमजन को साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने, सोशल मीडिया का सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों एवं आमजन के प्रश्नों का समाधान कर उन्हें कानून के प्रति जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया। इस पहल का उद्देश्य पुलिस व जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना तथा सुरक्षित, जागरूक एवं सशक्त समाज के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।4