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उत्तर प्रदेश के एटा जनपद में जिला प्रशासन ने किसानों के लिए सब्सिडी पर उपलब्ध सरकारी यूरिया की कालाबाजारी के खिलाफ एक बड़ी और प्रभावी कार्यवाही की है, जिसमें एक संगठित अवैध नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। जिलाधिकारी अरविंद सिंह के निर्देशन में प्रशासनिक टीम ने जलेसर तहसील क्षेत्र में सरकारी यूरिया की अवैध ढुलाई और कालाबाजारी के एक मामले को उजागर करते हुए लगभग 650 बैग सरकारी यूरिया बरामद किए हैं। यह कार्यवाही 24 जून 2026 की रात करीब 11:50 बजे प्राप्त सूचना के आधार पर की गई, जब उपजिलाधिकारी जलेसर पीयूष रावत और तहसीलदार संदीप सिंह ने पुलिस बल के साथ सकरा मोड़ के निकट स्थित एक बंद पड़ी सोडा फैक्ट्री पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान मौके पर सरकारी यूरिया (प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक यूरिया) को अवैध रूप से दूसरी बोरियों में भरकर ट्रकों में लोड करते हुए पकड़ा गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ट्रक संख्या UP 80 CT 0308 से सरकारी यूरिया को तकनीकी ग्रेड यूरिया के खाली बैगों में भरकर दूसरे कंटेनर ट्रक RJ 09 GE 7833 में स्थानांतरित किया जा रहा था। इस बरामद यूरिया को अंतरराज्यीय सीमा के माध्यम से राजस्थान राज्य के भरतपुर जनपद भेजने की तैयारी थी। मौके से एक ट्रक, एक कंटेनर, सिलाई मशीन, प्लास्टिक ड्रम, धागे के बंडल और खाली बैग भी बरामद हुए, जिनका उपयोग यूरिया के बैग बदलने के लिए किया जा रहा था। विस्तृत जांच में ट्रक UP 80 CT 0308 से 59 बैग अनुदानित यूरिया और 591 खाली बैग तथा कंटेनर RJ 09 GE 7833 से लगभग 480 बैग यूरिया (तकनीकी ग्रेड यूरिया की बोरियों में भरे हुए) मिले। इस मामले में ट्रक चालक सहित कुल नौ व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है, जिन्हें आवश्यक विधिक कार्यवाही के लिए पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। जिला कृषि अधिकारी द्वारा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985, उर्वरक (परिसंचालन) आदेश-1973 और आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। जिलाधिकारी अरविंद सिंह के कुशल नेतृत्व और प्रभावी निगरानी के चलते यह कार्यवाही समय रहते संभव हो सकी। जनपद प्रशासन द्वारा लगातार की जा रही निगरानी, सक्रिय सूचना तंत्र और राजस्व, पुलिस तथा कृषि विभाग के बेहतर समन्वय ने इस बड़े अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की जमाखोरी, कालाबाजारी या सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

14 hrs ago
user_JURM KA PARDAAPHAASH
JURM KA PARDAAPHAASH
Press Midea जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
14 hrs ago

उत्तर प्रदेश के एटा जनपद में जिला प्रशासन ने किसानों के लिए सब्सिडी पर उपलब्ध सरकारी यूरिया की कालाबाजारी के खिलाफ एक बड़ी और प्रभावी कार्यवाही की है, जिसमें एक संगठित अवैध नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। जिलाधिकारी अरविंद सिंह के निर्देशन में प्रशासनिक टीम ने जलेसर तहसील क्षेत्र में सरकारी यूरिया की अवैध ढुलाई और कालाबाजारी के एक मामले को उजागर करते हुए लगभग 650 बैग सरकारी यूरिया बरामद किए हैं। यह कार्यवाही 24 जून 2026 की रात करीब 11:50 बजे प्राप्त सूचना के आधार पर की गई, जब उपजिलाधिकारी जलेसर पीयूष रावत और तहसीलदार संदीप सिंह ने पुलिस बल के साथ सकरा मोड़ के निकट स्थित एक बंद पड़ी सोडा फैक्ट्री पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान मौके पर सरकारी यूरिया (प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक यूरिया) को अवैध रूप से दूसरी बोरियों में भरकर ट्रकों में लोड

करते हुए पकड़ा गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ट्रक संख्या UP 80 CT 0308 से सरकारी यूरिया को तकनीकी ग्रेड यूरिया के खाली बैगों में भरकर दूसरे कंटेनर ट्रक RJ 09 GE 7833 में स्थानांतरित किया जा रहा था। इस बरामद यूरिया को अंतरराज्यीय सीमा के माध्यम से राजस्थान राज्य के भरतपुर जनपद भेजने की तैयारी थी। मौके से एक ट्रक, एक कंटेनर, सिलाई मशीन, प्लास्टिक ड्रम, धागे के बंडल और खाली बैग भी बरामद हुए, जिनका उपयोग यूरिया के बैग बदलने के लिए किया जा रहा था। विस्तृत जांच में ट्रक UP 80 CT 0308 से 59 बैग अनुदानित यूरिया और 591 खाली बैग तथा कंटेनर RJ 09 GE 7833 से लगभग 480 बैग यूरिया (तकनीकी ग्रेड यूरिया की बोरियों में भरे हुए) मिले। इस मामले में ट्रक चालक सहित कुल नौ व्यक्तियों को हिरासत

में लिया गया है, जिन्हें आवश्यक विधिक कार्यवाही के लिए पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। जिला कृषि अधिकारी द्वारा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985, उर्वरक (परिसंचालन) आदेश-1973 और आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। जिलाधिकारी अरविंद सिंह के कुशल नेतृत्व और प्रभावी निगरानी के चलते यह कार्यवाही समय रहते संभव हो सकी। जनपद प्रशासन द्वारा लगातार की जा रही निगरानी, सक्रिय सूचना तंत्र और राजस्व, पुलिस तथा कृषि विभाग के बेहतर समन्वय ने इस बड़े अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की जमाखोरी, कालाबाजारी या सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • Post by रवि कुमार
    1
    Post by रवि कुमार
    user_रवि कुमार
    रवि कुमार
    सिकंदरा राव, हाथरस, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • हाथरस में अलीगढ़ रोड स्थित नवीन मंडी समिति के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। इस घटना में तेज रफ्तार बाइक पर सवार दो युवक आगे चल रहे एक ट्रैक्टर-डंपर से पीछे से जा टकराए। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों की मदद की और तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। एंबुलेंस के पहुंचने पर घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया और उन्हें आगे के इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और हादसे से संबंधित जानकारी जुटाई। पुलिस द्वारा फिलहाल घायलों की पहचान की जा रही है और दुर्घटना के सही कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस इस मामले में आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
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    हाथरस में अलीगढ़ रोड स्थित नवीन मंडी समिति के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। इस घटना में तेज रफ्तार बाइक पर सवार दो युवक आगे चल रहे एक ट्रैक्टर-डंपर से पीछे से जा टकराए। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसे के तुरंत बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों की मदद की और तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। एंबुलेंस के पहुंचने पर घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया और उन्हें आगे के इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और हादसे से संबंधित जानकारी जुटाई। पुलिस द्वारा फिलहाल घायलों की पहचान की जा रही है और दुर्घटना के सही कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस इस मामले में आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
    user_Cp 24 news
    Cp 24 news
    Local News Reporter हाथरस, हाथरस, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • सामुदायिक शौचालय केयर टेकर एसोसिएशन ने गुरुवार को हाथरस के जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर ओसी कलेक्ट्रेट को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में बकाया मानदेय की तत्काल मांग की गई है, साथ ही समूह द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार के मामलों पर कड़ी कार्रवाई की भी अपील की गई। एसोसिएशन ने अपने ज्ञापन में बताया कि ग्राम पंचायतों में कार्यरत केयरटेकर प्रतिदिन सामुदायिक शौचालयों की सफाई व्यवस्था, रखरखाव, सुरक्षा और जनसुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं, जो स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में निर्णायक भूमिका निभाता है। इसके बावजूद, उन्हें समय पर मानदेय नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि भुगतान प्रक्रिया में अनावश्यक देरी और पारदर्शिता की कमी के कारण कर्मचारियों में भारी असंतोष है, और कुछ स्थानों पर भ्रष्टाचार भी व्याप्त है। एसोसिएशन ने मांग की है कि प्रदेश के सभी सामुदायिक शौचालय केयरटेकरों का मानदेय सीधे उनके निजी बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजा जाए। इसके अतिरिक्त, भुगतान के लिए एक निश्चित समय-सीमा निर्धारित की जाए, ताकि उन्हें हर माह समय पर उनका मानदेय प्राप्त हो सके। केयरटेकरों का तर्क है कि इन कदमों से न केवल भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी बल्कि उन्हें समय पर आवश्यक आर्थिक सहायता भी मिल सकेगी। केयरटेकर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से अपनी इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने और उन्हें राहत प्रदान करने की विनम्र अपील की है।
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    सामुदायिक शौचालय केयर टेकर एसोसिएशन ने गुरुवार को हाथरस के जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर ओसी कलेक्ट्रेट को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में बकाया मानदेय की तत्काल मांग की गई है, साथ ही समूह द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार के मामलों पर कड़ी कार्रवाई की भी अपील की गई।

एसोसिएशन ने अपने ज्ञापन में बताया कि ग्राम पंचायतों में कार्यरत केयरटेकर प्रतिदिन सामुदायिक शौचालयों की सफाई व्यवस्था, रखरखाव, सुरक्षा और जनसुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं, जो स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में निर्णायक भूमिका निभाता है। इसके बावजूद, उन्हें समय पर मानदेय नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि भुगतान प्रक्रिया में अनावश्यक देरी और पारदर्शिता की कमी के कारण कर्मचारियों में भारी असंतोष है, और कुछ स्थानों पर भ्रष्टाचार भी व्याप्त है।

एसोसिएशन ने मांग की है कि प्रदेश के सभी सामुदायिक शौचालय केयरटेकरों का मानदेय सीधे उनके निजी बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजा जाए। इसके अतिरिक्त, भुगतान के लिए एक निश्चित समय-सीमा निर्धारित की जाए, ताकि उन्हें हर माह समय पर उनका मानदेय प्राप्त हो सके। केयरटेकरों का तर्क है कि इन कदमों से न केवल भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी बल्कि उन्हें समय पर आवश्यक आर्थिक सहायता भी मिल सकेगी।

केयरटेकर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से अपनी इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने और उन्हें राहत प्रदान करने की विनम्र अपील की है।
    user_Sunil kumar
    Sunil kumar
    पत्रकार Hathras, Uttar Pradesh•
    19 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के एटा जनपद में जिला प्रशासन ने किसानों के लिए सब्सिडी पर उपलब्ध सरकारी यूरिया की कालाबाजारी के खिलाफ एक बड़ी और प्रभावी कार्यवाही की है, जिसमें एक संगठित अवैध नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। जिलाधिकारी अरविंद सिंह के निर्देशन में प्रशासनिक टीम ने जलेसर तहसील क्षेत्र में सरकारी यूरिया की अवैध ढुलाई और कालाबाजारी के एक मामले को उजागर करते हुए लगभग 650 बैग सरकारी यूरिया बरामद किए हैं। यह कार्यवाही 24 जून 2026 की रात करीब 11:50 बजे प्राप्त सूचना के आधार पर की गई, जब उपजिलाधिकारी जलेसर पीयूष रावत और तहसीलदार संदीप सिंह ने पुलिस बल के साथ सकरा मोड़ के निकट स्थित एक बंद पड़ी सोडा फैक्ट्री पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान मौके पर सरकारी यूरिया (प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक यूरिया) को अवैध रूप से दूसरी बोरियों में भरकर ट्रकों में लोड करते हुए पकड़ा गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ट्रक संख्या UP 80 CT 0308 से सरकारी यूरिया को तकनीकी ग्रेड यूरिया के खाली बैगों में भरकर दूसरे कंटेनर ट्रक RJ 09 GE 7833 में स्थानांतरित किया जा रहा था। इस बरामद यूरिया को अंतरराज्यीय सीमा के माध्यम से राजस्थान राज्य के भरतपुर जनपद भेजने की तैयारी थी। मौके से एक ट्रक, एक कंटेनर, सिलाई मशीन, प्लास्टिक ड्रम, धागे के बंडल और खाली बैग भी बरामद हुए, जिनका उपयोग यूरिया के बैग बदलने के लिए किया जा रहा था। विस्तृत जांच में ट्रक UP 80 CT 0308 से 59 बैग अनुदानित यूरिया और 591 खाली बैग तथा कंटेनर RJ 09 GE 7833 से लगभग 480 बैग यूरिया (तकनीकी ग्रेड यूरिया की बोरियों में भरे हुए) मिले। इस मामले में ट्रक चालक सहित कुल नौ व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है, जिन्हें आवश्यक विधिक कार्यवाही के लिए पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। जिला कृषि अधिकारी द्वारा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985, उर्वरक (परिसंचालन) आदेश-1973 और आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। जिलाधिकारी अरविंद सिंह के कुशल नेतृत्व और प्रभावी निगरानी के चलते यह कार्यवाही समय रहते संभव हो सकी। जनपद प्रशासन द्वारा लगातार की जा रही निगरानी, सक्रिय सूचना तंत्र और राजस्व, पुलिस तथा कृषि विभाग के बेहतर समन्वय ने इस बड़े अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की जमाखोरी, कालाबाजारी या सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
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    उत्तर प्रदेश के एटा जनपद में जिला प्रशासन ने किसानों के लिए सब्सिडी पर उपलब्ध सरकारी यूरिया की कालाबाजारी के खिलाफ एक बड़ी और प्रभावी कार्यवाही की है, जिसमें एक संगठित अवैध नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। जिलाधिकारी अरविंद सिंह के निर्देशन में प्रशासनिक टीम ने जलेसर तहसील क्षेत्र में सरकारी यूरिया की अवैध ढुलाई और कालाबाजारी के एक मामले को उजागर करते हुए लगभग 650 बैग सरकारी यूरिया बरामद किए हैं। यह कार्यवाही 24 जून 2026 की रात करीब 11:50 बजे प्राप्त सूचना के आधार पर की गई, जब उपजिलाधिकारी जलेसर पीयूष रावत और तहसीलदार संदीप सिंह ने पुलिस बल के साथ सकरा मोड़ के निकट स्थित एक बंद पड़ी सोडा फैक्ट्री पर छापा मारा।

छापेमारी के दौरान मौके पर सरकारी यूरिया (प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक यूरिया) को अवैध रूप से दूसरी बोरियों में भरकर ट्रकों में लोड करते हुए पकड़ा गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ट्रक संख्या UP 80 CT 0308 से सरकारी यूरिया को तकनीकी ग्रेड यूरिया के खाली बैगों में भरकर दूसरे कंटेनर ट्रक RJ 09 GE 7833 में स्थानांतरित किया जा रहा था। इस बरामद यूरिया को अंतरराज्यीय सीमा के माध्यम से राजस्थान राज्य के भरतपुर जनपद भेजने की तैयारी थी। मौके से एक ट्रक, एक कंटेनर, सिलाई मशीन, प्लास्टिक ड्रम, धागे के बंडल और खाली बैग भी बरामद हुए, जिनका उपयोग यूरिया के बैग बदलने के लिए किया जा रहा था। विस्तृत जांच में ट्रक UP 80 CT 0308 से 59 बैग अनुदानित यूरिया और 591 खाली बैग तथा कंटेनर RJ 09 GE 7833 से लगभग 480 बैग यूरिया (तकनीकी ग्रेड यूरिया की बोरियों में भरे हुए) मिले। इस मामले में ट्रक चालक सहित कुल नौ व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है, जिन्हें आवश्यक विधिक कार्यवाही के लिए पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया है।

जिला कृषि अधिकारी द्वारा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985, उर्वरक (परिसंचालन) आदेश-1973 और आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। जिलाधिकारी अरविंद सिंह के कुशल नेतृत्व और प्रभावी निगरानी के चलते यह कार्यवाही समय रहते संभव हो सकी। जनपद प्रशासन द्वारा लगातार की जा रही निगरानी, सक्रिय सूचना तंत्र और राजस्व, पुलिस तथा कृषि विभाग के बेहतर समन्वय ने इस बड़े अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की जमाखोरी, कालाबाजारी या सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
    user_JURM KA PARDAAPHAASH
    JURM KA PARDAAPHAASH
    Press Midea जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के उन्नाव में मौसी और भांजी के बीच सड़क पर जमकर मारपीट हुई। दोनों के बीच यह विवाद एक-दूसरे के बॉयफ्रेंड को मैसेज भेजने को लेकर शुरू हुआ, जिसके बाद हालात इतने बिगड़ गए कि उन्होंने सरेआम एक-दूसरे को सड़क पर लिटा-लिटा कर पीटा।
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    उत्तर प्रदेश के उन्नाव में मौसी और भांजी के बीच सड़क पर जमकर मारपीट हुई। दोनों के बीच यह विवाद एक-दूसरे के बॉयफ्रेंड को मैसेज भेजने को लेकर शुरू हुआ, जिसके बाद हालात इतने बिगड़ गए कि उन्होंने सरेआम एक-दूसरे को सड़क पर लिटा-लिटा कर पीटा।
    user_JURM KA PARDAAPHAASH
    JURM KA PARDAAPHAASH
    Press Midea जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
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