Shuru
Apke Nagar Ki App…
बरुआ गांव के पास भीषण सड़क हादसा, बाइक–कार की आमने-सामने टक्कर
Public News Network24
बरुआ गांव के पास भीषण सड़क हादसा, बाइक–कार की आमने-सामने टक्कर
More news from Barabanki and nearby areas
- बरुआ गांव के पास भीषण सड़क हादसा, बाइक–कार की आमने-सामने टक्कर1
- Post by Soni Shukla1
- Post by Soni Shukla1
- संभल में एएसपी अनुज चौधरी ने कुछ ग़लत किया होगा तो न्यायालय निर्णय लेगा लेकिन हम जाट समुदाय को अनुज चौधरी पर गर्व है बोले बीजेपी प्रवक्ता अविरल मालिक राजपथ न्यूज़ पर...1
- टाल प्लाजा पर हुई मारपीट में दोषियों के खिलाफ धारा 151 की कार्यवाही होने अधिवक्ताओं में आक्रोश प्रदर्शन एस पी से रासुका सहित सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाने की हुई मांग मौके पर पहुंचे एडीशनल एसपी क्षेत्राधिकारी एवं भारी पुलिस बल हैदरगढ़ बाराबंकी.। लखनऊ सुल्तानपुर हाइवे पर स्थानीय कोतवाली के बारा टोल प्लाजा पर एक दिन पहले टोल कर्मियों द्वारा अधिवक्ता की पिटाई के विरोध में गुरुवार को अधिवक्ताओं द्वारा टोल प्लाजा पर धरना प्रदर्शन किया गया। मारपीट की घटना से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने टोल पर लगे सारे बैरियर हटवा दिए।जिससे लखनऊ सुल्तानपुर हाईवे पर आवागमन करने वाले वाहन बेरोक टोक आवागमन करते देखे गए।। अधिवक्ताओं के हंगामा को देखते हुए स्थानी कोतवाली के अलावा कई थानों की फोर्स एवं पीएसी के जवान लगाए गए वही मौके पर मौजूद एसडीएम सीओ एवं प्रभारी निरीक्षक हैदरगढ़ के बाद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे एडीशनल एस पी उत्तरी द्वारा अधिवक्ताओं को जेल भेजे गए अभियुक्तों के विरुद्ध सुसंगत धाराओ को जोड़ने के आश्वासन पर प्रदर्शन समाप्त हो गया। गुरुवार को दूसरे दिन प्रयागराज, लखनऊ व हैदरगढ़ बार के तमाम अधिवक्ता साथियों के साथ टोल प्लाजा पर पहुंचे पीड़ित अधिवक्ता ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। अधिवक्ताओं के हंगामा की सूचना मिलते ही कोतवाल अभिमन्यु मल्ल दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए और और नाराज अधिवक्ताओं को मनाने की कोशिश करने लगे। अधिवक्ताओं को शांत न होने पर कोतवाल ने इसकी सूचना उप जिलाधिकारी राजेश विश्वकर्मा एवं पुलिस उपाधीक्षक समीर कुमार सिंह को दिया हंगामा को देखते हुए प्रशासन द्वारा कई थानों की फोर्स के अलावा पीएसी भी बुला ली गई। फिर भी मामला शांत नहीं हो सका।। प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ता दोषी टोल कर्मियों एवं अधिकारियों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्यवाही एवं स्थानीय अधिवक्ताओ के वाहनों को टोल फ्री किए जाने की मांग कर रहे थे। मामले का हल निकलता ना देख अधिकारियों ने इसकी सूचना जिला मुख्यालय पर दी। शाम 4:00 बजे पहुंचे एडिशनल एसपी द्वारा गिरफ्तार अभियुक्तों को जेल भेजने एवं स्थानीय अधिवक्ताओं का टोल माफ कराने का आश्वासन दिये जाने पर मामला शांत हो चुका था परंतु इसी बीच अधिवक्ताओं को जानकारी हुई कि जिन धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया था उन धाराओं की बजाय धारा 151 के तहत गिरफ्तार अभियुक्तो का चालान कर जेल भेजा गया है।यह जानकारी होते ही अधिवक्ता एक बार फिर से आंदोलित हो गए। बताते हैं की उग्र हुए वकीलों ने टोल प्लाजा पर एक बार फिर से तोड़फोड़ शुरू कर दी और वहां पर लगे सीसीटीवी कैमरो को तोड़ डाला। इसी बीच घटनाक्रम की जानकारी होने पर टोल प्लाजा पर पहुंचे उ0प्र0बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष व सदस्य अखिलेश अवस्थी व सेंट्रल बार एशोसिएशन के महामंत्री कुलदीप नारायण मिश्रा की वार्ता एएसपी उत्तरी से हुई। देर शाम एएसपी द्वारा सुसंगत धाराओं को जुड़वानेके आश्वासन पर मामला समाप्त हो गया। उल्लेखनीय हैं कि प्रतापगढ़ जनपद के थाना हथिगवाँ के परानूपुर गाँव निवासी रत्नेश शुक्ला पुत्र नर्मदा प्रसाद उच्च न्यायालय इलाहाबल में अधिवक्ता है और बुधवार की दोपहर उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ काम से जा रहे थे तभी टोल टैक्स को लेकर टोलकर्मियों ने अभद्रता करते हुए मारपीट की थीं।4
- सपा सांसद और के चौधरी में नगराम का भ्रमण कर सुनी जन समस्याएं1
- Post by Soni Shukla1
- एएसपी अनुज चौधरी स्पोर्ट्स कोटे से पुलिस में भर्ती हुए हैं प्रमोशन पाते रहे संभल में जो उन्होंने एक्शन किया था वह अनैतिक था इसलिए कोर्ट ने यह आदेश दिया बोले समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय प्रवक्ता सर्वेश त्रिपाठी राजपथ न्यूज़ पर...1
- *प्रतापगढ़: बिजली विभाग की 'करंट' मारती लापरवाही, घर का इकलौता चिराग बुझाने की कोशिश; देवसरा पावर हाउस पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप* *बिजली विभाग के इस लापरवाही से एक हंसते ,खेलती बच्चे को पहुंचा दिया अस्पताल में जहां कई लाख रुपये हो गए खर्च बच्चे की स्थिति देख कर आ जाएंगे आप की आंख में आंसु* प्रतापगढ़ अमरगढ़। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जहाँ एक ओर विकास और सुशासन के दावे कर रही है, वहीं प्रतापगढ़ के देवसरा पावर हाउस के भ्रष्ट और लापरवाह कर्मचारी सरकार की छवि को धूमिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। विभाग की घोर लापरवाही का ताजा शिकार अमरगढ़ बाजार का एक मासूम परिवार हुआ है, जिसका इकलौता बेटा अब अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। *छत को छूती मौत: 11 हजार वोल्ट की लाइन ने ली मासूम की सुध बुध परिवार का था इकलौता बच्चा* विंध्यवासिनी (तिवारी) टूर एंड ट्रेवल्स के मालिक बबलू तिवारी का इकलौता पुत्र, कृष्ण दत्त तिवारी, अपने घर की छत पर था, तभी वह वहां से गुजर रही 11,000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। बिजली का झटका इतना जोरदार था कि बच्चा बुरी तरह झुलस गया। आनन-फानन में परिजनों ने उसे लखनऊ के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उसकी स्थिति अभी भी अत्यंत नाजुक बनी हुई है। *एक सप्ताह बीता, पर प्रशासन की नींद नहीं टूटी* हैरानी और शर्म की बात यह है कि इस दर्दनाक हादसे को एक सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन न तो बिजली विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी और न ही कोई क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार का हाल जानने पहुँचा। *स्थानीय लोगों का आरोप है कि:* • देवसरा पावर हाउस के कर्मचारी केवल गलत बिल बनाने और अवैध वसूली में व्यस्त हैं। • खतरनाक तारों की शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं होती; काम केवल 'सुविधा शुल्क' (रिश्वत) के दम पर होता है। • शिकायत के बावजूद खतरनाक हाईटेंशन लाइन को अभी तक नहीं हटाया गया है, जो किसी और बड़ी अनहोनी को दावत दे रही है। "क्या प्रशासन किसी और मौत का इंतज़ार कर रहा है? हमारे बच्चे की इस हालत का जिम्मेदार कौन है? विभाग की चुप्पी यह बताने के लिए काफी है कि उन्हें आम आदमी की जान की कोई परवाह नहीं है।" — आक्रोशित ग्रामीण *जनता का अल्टीमेटम: न्याय नहीं तो होगा चक्का जाम* इस घटना से पूरे अमरगढ़ बाजार में भारी रोष व्याप्त है। स्थानीय निवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि: पीड़ित युवक के इलाज का पूरा खर्च सरकार या विभाग द्वारा नहीं उठाया गया, और उन खतरनाक तारों को तत्काल नहीं हटाया गया, तो क्षेत्र की जनता सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन और धरना देने को बाध्य होगी। जिसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन और विद्युत विभाग की होगी। मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की है। सवाल यह है कि भ्रष्टाचार में डूबे ऐसे अधिकारियों पर कब चाबुक चलेगा जो जनता की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं? क्या कृष्ण दत्त को न्याय मिलेगा या फाइलें भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएंगी?2