चकिया क्षेत्र के हाजीपुर गांव में 13 मई 2026 को 25 केवीए का विद्युत ट्रांसफार्मर जल जाने के बाद से पूरे गांव की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे ग्रामीणों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्युत विभाग को बार-बार शिकायत और सूचना देने के बावजूद अब तक ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया है, जिसके चलते उनमें गहरा आक्रोश है। गांव में बिजली बाधित होने के कारण लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भीषण गर्मी के बीच घरों में अंधेरा छाया हुआ है, और बिजली चालित मोटरों पर निर्भरता के कारण पेयजल की गंभीर समस्या भी उत्पन्न हो गई है। इसके अलावा, बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, और बुजुर्गों व महिलाओं को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण गर्मी में रातभर जागने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग पर गंभीर लापरवाही और उदासीनता का आरोप लगाया है। समाजसेवी अमरेश ने बताया कि बार-बार अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। संजय, मल्लू, रमेश, गोलू, महादेव और हिमांशु सहित अन्य ग्रामीणों ने भी विभागीय उदासीनता पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए जल्द ट्रांसफार्मर बदलने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि नया ट्रांसफार्मर जल्द नहीं लगाया गया और बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के साथ ही आंदोलन करने को भी बाध्य होंगे। उन्होंने जिलाधिकारी और विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर गांव की बिजली व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। हाजीपुर गांव में उत्पन्न इस बिजली संकट ने ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था की चुनौतियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है, और अब सभी की निगाहें विभागीय कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
चकिया क्षेत्र के हाजीपुर गांव में 13 मई 2026 को 25 केवीए का विद्युत ट्रांसफार्मर जल जाने के बाद से पूरे गांव की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे ग्रामीणों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्युत विभाग को बार-बार शिकायत और सूचना देने के बावजूद अब तक ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया है, जिसके चलते उनमें गहरा आक्रोश है। गांव में बिजली बाधित होने के कारण लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भीषण गर्मी के बीच घरों में अंधेरा छाया हुआ है, और बिजली चालित मोटरों पर निर्भरता के कारण पेयजल की गंभीर समस्या भी उत्पन्न हो गई है। इसके अलावा, बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, और बुजुर्गों व महिलाओं को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण गर्मी में रातभर जागने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग पर गंभीर
लापरवाही और उदासीनता का आरोप लगाया है। समाजसेवी अमरेश ने बताया कि बार-बार अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। संजय, मल्लू, रमेश, गोलू, महादेव और हिमांशु सहित अन्य ग्रामीणों ने भी विभागीय उदासीनता पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए जल्द ट्रांसफार्मर बदलने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि नया ट्रांसफार्मर जल्द नहीं लगाया गया और बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के साथ ही आंदोलन करने को भी बाध्य होंगे। उन्होंने जिलाधिकारी और विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर गांव की बिजली व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। हाजीपुर गांव में उत्पन्न इस बिजली संकट ने ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था की चुनौतियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है, और अब सभी की निगाहें विभागीय कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
- हाजीपुर में एक 25 केवीए ट्रांसफार्मर जल जाने के कारण क्षेत्र में बिजली संकट गहरा गया है। इस घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।1
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- चंदौली के शहाबगंज थाना क्षेत्र के मचवल गांव के पास एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जहाँ एक ऑटो लिप्टस के पेड़ से टकरा गया। इस दुर्घटना में सेमरा निवासी 20 वर्षीय रोहन विश्वकर्मा की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, सकलडीहा के टेनुवर निवासी राजकुमार गौतम गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद ऑटो चालक अपना वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मृतक रोहन विश्वकर्मा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- बिहार के कैमूर जिले में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस द्वारा एक बाइक सवार के साथ की गई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह घटना कुढ़नी थाना क्षेत्र के गोरिया नदी के पुल पर हुई। मारपीट के बाद बाइक सवार को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया।1
- महान संत कबीर दास जी की वाणी के अनुसार, जो लोग तीन देवों की भक्ति करते हैं, उनकी कभी मुक्ति नहीं हो पाती। कबीर दास जी ने स्पष्ट किया है कि इन तीनों गुणों की भक्ति में पूरा संसार भटक जाता है और सही मार्ग से विचलित हो जाता है। उनकी शिक्षा यह भी कहती है कि अपने निज नाम या सच्चे आत्मज्ञान के बिना कोई भी इस भवसागर से पार कैसे उतर सकता है, यह असंभव है। यह उपदेश भक्ति और आत्म-चिंतन के महत्व पर जोर देता है।1
- पूर्व जिला पंचायत सुशील सिंह ने बताया है कि ₹73.5 लाख की लागत से एक सड़क का निर्माण किया जाएगा। इस सड़क के निर्माण कार्य से ग्रामीणों को काफी सहूलियत मिलेगी, जिससे उनकी आवाजाही और दैनिक जीवन में सुविधा होगी।1
- बिहार के कैमूर जिले में सोनहन थाना क्षेत्र के मचहलपुर गाँव में लगभग डेढ़ एकड़ भूमि पर वर्चस्व को लेकर दो पक्षों के बीच चल रहा पुराना विवाद गुरुवार देर रात आगजनी में बदल गया। इस घटना में एक झोपड़ी, उसमें रखा सारा सामान और पुआल की गांज पूरी तरह जलकर खाक हो गई। आगजनी के बाद गाँव में तनाव का माहौल है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, यह भूमि विवाद काफी समय से चला आ रहा था, जिसने गुरुवार रात तब तूल पकड़ा जब अचानक एक पक्ष की झोपड़ी में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और दूसरे पक्ष द्वारा रखे गए पुआल की गांज को भी अपनी चपेट में ले लिया। घटनास्थल से सामने आए वीडियो क्लिप के आधार पर, एक पक्ष पर दूसरे पक्ष को 'दलित एक्ट' के तहत फंसाने की धमकी देने और बहुसंख्यक होने का धौंस दिखाकर मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है। प्रथम पक्ष के पीड़ित अर्जुन साह और उनके परिवार के सदस्यों का कहना है कि वे इस भूमि पर सैकड़ों वर्षों से खेती करते आ रहे हैं और उनकी झोपड़ी भी कई सालों से वहीं थी, जिसे जानबूझकर निशाना बनाया गया। वहीं दूसरे पक्ष का दावा है कि विवादित भूमि सार्वजनिक है और अर्जुन साह ने इस पर अवैध कब्जा कर रखा है। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और सोनहन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की गहन जांच में जुट गई। सोनहन थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और अंचलाधिकारी (CO) के निर्देशों के अनुसार जल्द ही भूमि का विधि-व्यवस्था के तहत सीमांकन (नापी) कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि सार्वजनिक है या निजी, इसका अंतिम निर्णय कागजातों की बारीकी से जांच के बाद ही होगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि कानून को हाथ में लेना और आगजनी जैसी घटनाओं को अंजाम देना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।4
- चकिया क्षेत्र के हाजीपुर गांव में 13 मई 2026 को 25 केवीए का विद्युत ट्रांसफार्मर जल जाने के बाद से पूरे गांव की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे ग्रामीणों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्युत विभाग को बार-बार शिकायत और सूचना देने के बावजूद अब तक ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया है, जिसके चलते उनमें गहरा आक्रोश है। गांव में बिजली बाधित होने के कारण लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भीषण गर्मी के बीच घरों में अंधेरा छाया हुआ है, और बिजली चालित मोटरों पर निर्भरता के कारण पेयजल की गंभीर समस्या भी उत्पन्न हो गई है। इसके अलावा, बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, और बुजुर्गों व महिलाओं को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण गर्मी में रातभर जागने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग पर गंभीर लापरवाही और उदासीनता का आरोप लगाया है। समाजसेवी अमरेश ने बताया कि बार-बार अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। संजय, मल्लू, रमेश, गोलू, महादेव और हिमांशु सहित अन्य ग्रामीणों ने भी विभागीय उदासीनता पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए जल्द ट्रांसफार्मर बदलने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि नया ट्रांसफार्मर जल्द नहीं लगाया गया और बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के साथ ही आंदोलन करने को भी बाध्य होंगे। उन्होंने जिलाधिकारी और विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर गांव की बिजली व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। हाजीपुर गांव में उत्पन्न इस बिजली संकट ने ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था की चुनौतियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है, और अब सभी की निगाहें विभागीय कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।2