उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के अजीतमल विकास खंड के महमूदपुर पैगुपुर गांव में जलभराव की समस्या ने विकराल रूप ले लिया है, जिससे ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया है। गांव की मुख्य गलियों से लेकर आम रास्तों तक पर कई फीट गहरा गंदा पानी जमा है। इस स्थिति से स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है, और गंदे पानी के बीच से गुजरने के कारण लोग आए दिन चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गांव की मुख्य सड़कें और नालियां पूरी तरह से चोक हो चुकी हैं, जिससे जल निकासी पूरी तरह ठप है। हफ्तों से जमा इस थमे हुए पानी से लगातार बदबू आ रही है, और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से मलेरिया, डेंगू और टायफाइड जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है। स्थानीय निवासियों का यह भी कहना है कि थोड़ी सी बारिश होते ही गंदा पानी उनके घरों के भीतर तक दाखिल हो जाता है। इस गंभीर समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों और ग्राम प्रधान को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं। ग्रामीणों ने आईजीआरएस पोर्टल और तहसील दिवस पर भी अपनी गुहार लगाई, लेकिन इसके बावजूद आज तक धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन की इस बेरुखी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है, और उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जल निकासी की स्थाई व्यवस्था नहीं की गई, तो वे तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के अजीतमल विकास खंड के महमूदपुर पैगुपुर गांव में जलभराव की समस्या ने विकराल रूप ले लिया है, जिससे ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया है। गांव की मुख्य गलियों से लेकर आम रास्तों तक पर कई फीट गहरा गंदा पानी जमा है। इस स्थिति से स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है, और गंदे पानी के बीच से गुजरने के कारण लोग आए दिन चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गांव की मुख्य सड़कें और नालियां पूरी तरह से चोक हो चुकी हैं, जिससे जल निकासी पूरी तरह ठप है। हफ्तों से जमा इस थमे हुए पानी से लगातार बदबू आ रही है, और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से मलेरिया, डेंगू और टायफाइड जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है। स्थानीय निवासियों का यह भी कहना है कि थोड़ी सी बारिश होते ही गंदा पानी उनके घरों के भीतर तक दाखिल हो जाता है। इस गंभीर समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों और ग्राम प्रधान को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं। ग्रामीणों ने आईजीआरएस पोर्टल और तहसील दिवस पर भी अपनी गुहार लगाई, लेकिन इसके बावजूद आज तक धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन की इस बेरुखी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है, और उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जल निकासी की स्थाई व्यवस्था नहीं की गई, तो वे तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
- समाजसेवी संगठन एक विचित्र पहल सेवा समिति रजि. औरैया की महिला शाखा तुलसी "सखी ग्रुप" की आवश्यक बैठक हाल ही में क्रॉनिक एकैडमी, औरैया में संपन्न हुई। लक्ष्मी बिश्नोई की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में आगामी 16 जुलाई 2026, गुरुवार को होने वाले वार्षिक धार्मिक आयोजन, प्रभु जगन्नाथ जी की शोभायात्रा, पर सर्वसम्मति से विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। शाखा अध्यक्ष लक्ष्मी बिश्नोई ने बताया कि विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी फूलमती मंदिर से दोपहर 3 बजे शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस भव्य आयोजन में वृंदावन के मशहूर कलाकारों द्वारा मनोहारी नृत्यों की प्रस्तुति दी जाएगी और गाजे-बाजे की मधुर धुन के साथ यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरेगी। कार्यक्रम के संयोजक के रूप में भारतीय जनता पार्टी-औरैया के नगर महामंत्री कपिल गुप्ता और पर्यावरण प्रहरी मनीष पुरवार (हीरु) को सर्वसम्मति से चुना गया है। समिति के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) ने जानकारी दी कि मुख्य अतिथि द्वारा प्रभु जगन्नाथ जी की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना करने के उपरांत झंडी दिखाकर शोभायात्रा को नगर भ्रमण के लिए रवाना किया जाएगा। यह रथ यात्रा फूलमती मंदिर, औरैया से शुरू होकर समिति द्वारा निर्धारित मार्गों से होते हुए वापस फूलमती मंदिर पर प्रसाद वितरण के साथ समाप्त होगी। समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने समिति परिवार, धार्मिक विचारधारा रखने वाले शहर व समाज के बंधुओं, महिला शक्ति और प्रभु जगन्नाथ जी के भक्तों से इस धार्मिक यात्रा में समय से सम्मिलित होने की अपील की है। इस महत्वपूर्ण बैठक में शाखा की प्रभारी बबिता गुप्ता, सुनीता चौबे, अर्चना बिश्नोई, मंगला शुक्ला, गुड्डन गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष मधु शर्मा, काजल पोरवाल, अनुपम पोरवाल, रजनी पोरवाल, पुष्पा गुप्ता, शिक्षक अनुराग गुप्ता, सचिन पोरवाल, मनीष पुरवार (हीरु), हिमांशु दुबे और संजय अग्रवाल सहित कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे।1
- पूज्यपाद ज्योतिषपीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य जी महाराज अपनी ऐतिहासिक 'गविष्ठि' - गोरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा लेकर जनपद औरैया में पधार रहे हैं। यह यात्रा गौमाता की रक्षा और धर्म की पुनर्स्थापना के महायज्ञ के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य गौ धर्म और सनातन धर्म की जय सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर, श्री शंकराचार्य चतुरंगिणी सेना और गौ रक्षा दल (भारत) द्वारा एक भव्य दिव्य स्वागत बाइक रैली का आयोजन किया गया है। यह रैली 02 जून 2026, मंगलवार को दोपहर 3:00 बजे सिकंदरा (कानपुर देहात) से काली माता मंदिर, औरैया तक निकाली जाएगी। सभी गौभक्त और सनातनी बंधुओं को इस धर्म के महायज्ञ में सम्मिलित होकर ऐतिहासिक स्वागत को सफल बनाने के लिए सादर आमंत्रित किया गया है। गौ रक्षा दल (भारत) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबा रविन्द्र दास ठाकुर जी महाराज, राष्ट्रीय प्रबंधक ठाकुर रेनू सेंगर जी और प्रदेश सचिव, टीम गौ रक्षक ठाकुर अक्षय सेंगर जी (मुरादगंज, औरैया) इस आयोजन से जुड़े प्रमुख नाम हैं। इस यात्रा के माध्यम से 'गौ माता राष्ट्र माता' का संकल्प दोहराया जा रहा है।1
- शामली पुलिस ने ‘ऑपरेशन सवेरा’ के तहत नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कैराना में एक मादक पदार्थ तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 30 लाख रुपये कीमत की 159 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की है। इस कार्रवाई को मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ एक बड़ा भंडाफोड़ बताया जा रहा है, जिससे नशे के कारोबार पर शिकंजा कसा गया है।1
- उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में एक बुजुर्ग महिला की 'अंधी' हत्या का सनसनीखेज मामला सुलझा लिया गया है। थाना बिधूना पुलिस, स्वाट और सर्विलांस की एक संयुक्त टीम ने ग्राम सूरजपुर में हुई इस वारदात का महज कुछ ही दिनों में सफल अनावरण किया है। पुलिस ने हत्या के मुख्य आरोपी टीटू उर्फ आशीष को गिरफ्तार कर लिया है, जो रिश्ते में मृतका का भतीजा लगता है। उसके पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू और लूटे गए शत-प्रतिशत जेवरात भी बरामद किए गए हैं। जाँच में सामने आया है कि आरोपी टीटू ने मामूली विवाद और आवेश में आकर इस खूनी वारदात को अंजाम दिया था। उसने अपनी मां पर अभद्र टिप्पणी और थप्पड़ का बदला लेने के लिए अपनी बुआ की बेरहमी से हत्या कर दी थी।1
- जसवंतनगर की CO आयुषी सिंह ने नियमों का उल्लंघन कर रहे बाइक चालकों को समझाइश दी और उसके बाद उन्हें सख्त हिदायत भी जारी की।1
- उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के अजीतमल विकास खंड के महमूदपुर पैगुपुर गांव में जलभराव की समस्या ने विकराल रूप ले लिया है, जिससे ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया है। गांव की मुख्य गलियों से लेकर आम रास्तों तक पर कई फीट गहरा गंदा पानी जमा है। इस स्थिति से स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है, और गंदे पानी के बीच से गुजरने के कारण लोग आए दिन चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गांव की मुख्य सड़कें और नालियां पूरी तरह से चोक हो चुकी हैं, जिससे जल निकासी पूरी तरह ठप है। हफ्तों से जमा इस थमे हुए पानी से लगातार बदबू आ रही है, और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से मलेरिया, डेंगू और टायफाइड जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है। स्थानीय निवासियों का यह भी कहना है कि थोड़ी सी बारिश होते ही गंदा पानी उनके घरों के भीतर तक दाखिल हो जाता है। इस गंभीर समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों और ग्राम प्रधान को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं। ग्रामीणों ने आईजीआरएस पोर्टल और तहसील दिवस पर भी अपनी गुहार लगाई, लेकिन इसके बावजूद आज तक धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन की इस बेरुखी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है, और उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जल निकासी की स्थाई व्यवस्था नहीं की गई, तो वे तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।1
- इटावा जिले के भरथना थाना क्षेत्र के नगला आती गाँव में 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन की चपेट में आने से एक किसान गंभीर रूप से झुलस गया। जानकारी के अनुसार, रामप्रकाश पुत्र लालू राम अपने खेतों को देखने गए थे, जिनके ऊपर से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन गुजर रही थी। खेत पर पहुँचने के दौरान वह अचानक विद्युत लाइन की चपेट में आ गए, जिससे उनका शरीर बुरी तरह झुलस गया और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि खेतों के ऊपर से गुजर रही इस हाईटेंशन लाइन को लेकर उन्होंने बिजली विभाग से कई बार शिकायतें की थीं, लेकिन विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। स्थानीय लोगों ने इस घटना को बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही करार देते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित किसान को उचित मुआवजा दिए जाने की जोरदार मांग की है। घायल किसान रामप्रकाश को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन मामले की जांच में जुट गया है।1