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उदल कुशवाहा
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- Post by उदल कुशवाहा1
- Post by RK LIVE KARAULI1
- किसानों के चेहरे पर मुस्कुराहट रिमझिम रिमझिम बरसात आ रही है सुबह 4:30 बजे से पानी मौसम खराब हो गया है जैसे आज बस थोड़ी-थोड़ी मौसम रिमझिम बरस रहा है जो गेहूं के खेतों में किसानों के लिए फायदा लाभदायक है इसी तरह से यह किसानों के लिए जितने ही बरसात आती है इसी तरह से गेहूं की फसल लाभदायक हो जाती है1
- गंगापुर सिटी में व्यापारी और पत्रकार के बीच हुई बहस शहर के अतिक्रमण को लेकर बार-बार हो रही है प्रशासनिक अधिकारी और व्यापारियों के बीच में बैठक अभी तक नहीं निकला कोई निष्कर्ष1
- Post by राजू काँकोरिया खण्डार1
- ग्राम वृखापुरा पंचायत रन्छोरपुरा में भ्रष्टाचार का आरोप: सरपंच-सचिव पर गंभीर अनियमितताओं के मामले में जांच की मांग मुरैना (म.प्र.)। जिले की जौरा तहसील स्थित ग्राम पंचायत रन्छोरपुरा में सरपंच और सचिव पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के वर्तमान सरपंच लखन राठौर और सचिव गजेंद्र धाकड़ के कार्यकाल में बिना काम कराए लाखों रुपये के गबन का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर को दिए गए शिकायत पत्र में बताया गया है कि सरपंच और सचिव ने मिलकर आवास योजना, शौचालय निर्माण और पंचायत में विभिन्न निर्माण कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर धांधली की है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पात्र हितग्राहियों से आवास और शौचालय के नाम पर अवैध रूप से हजारों रुपये वसूले गए, लेकिन उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला और सरकारी खजाने में भी पैसे जमा नहीं कराए गए। मुख्य आरोप: • सरपंच का निवास स्थान: शिकायत में कहा गया है कि सरपंच लखन राठौर वृखापुरा गांव के निवासी हैं और सरपंच बनने के बाद से उन्होंने रन्छोरपुरा में निवास नहीं किया, बल्कि अपने एक सहयोगी से कामकाज करवाया। • आवास योजना में धांधली: ग्रामीणों के अनुसार, कई पात्र परिवारों से आवास स्वीकृत कराने के नाम पर 20,000 रुपये तक लिए गए, लेकिन उन्हें आज तक घर नहीं मिला। • शौचालय निर्माण में गबन: शौचालय बनवाने के बाद भी हितग्राहियों से 5,000 रुपये वसूले गए, जबकि ये धनराशि सीधे सरकार द्वारा दी जाती है • विकास कार्यों में शून्य प्रगति: शिकायत में आरोप है कि ग्राम वृखापुरा में आज तक कोई भी निर्माण कार्य (जैसे रुपटा निर्माण, तालाब निर्माण, पत्थर नाली निर्माण) नहीं कराया गया है। कागजों में विकास कार्य दिखाकर फर्जी बिलों से लाखों रुपये का भुगतान उठा लिया गया है। • सफाई व्यवस्था बदहाल: नालियों की सफाई और मरम्मत के लिए भी सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। नालियां आज भी गंदी पड़ी हैं, जिससे गंदगी और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। • खुले कुओं और श्मशान घाट की अनदेखी: खुले कुओं को बंद करने या श्मशान घाट पर कोई निर्माण कार्य नहीं कराया गया है, जबकि इन मदों में भी राशि का गबन किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे इस संबंध में पहले भी एस.डी.एम. तहसील जौरा को शिकायत दे चुके हैं (दिनांक 06.02.2026), लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अब उन्होंने कलेक्टर से इस पूरे प्रकरण की तत्काल जांच करवाकर सरपंच और सचिव से गबन की गई राशि वसूल करने और उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की अपील की है। इस मामले ने स्थानीय प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं1
- सवाई माधोपुर: माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार समीक्षा गौतम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर द्वारा बुधवार को मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह सवाई माधोपुर का निरीक्षण कर आवासितों की संख्या, आवासितों को मेन्यू के अनुसार भोजन की उपलब्धता, पुनर्वास गृह के कक्षों एवं परिसर की साफ-सफाई, आवासितों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु डॉक्टर की विजिट, स्टोर में उपलब्ध संसाधन आदि के संबंध में जांच की गई। निरीक्षण के दौरान पुनर्वास गृह में कुल 48 आवासित पाएं गएं। आवासितों द्वारा अवगत करवाया गया कि उन्हें मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध नहीं करवाया जाता है, रोजाना खाने में दाल एवं चपाती दी जाती है। साथ ही निरीक्षण के दौरान पुनर्वास गृह के परिसर में खरपतवार एवं झाड़ियां उगी पाई गई। इस संबंध में सचिव समीक्षा गौतम द्वारा मौके पर उपस्थित पुनर्वास गृह के मैनेजर वीरसिंह गुर्जर को आवासितों को मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध करवाने, पुनर्वास गृह में उगी खरपतवार एवं झाड़ियों को कटवाकर साफ-सफाई करवाने एवं पुनर्वास के योग्य व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए प्रभावी कदम उठाने के संबंध में सख्त निर्देश दिए गए। गत निरीक्षण में भी सचिव समीक्षा गौतम द्वारा निर्देश प्रदान किए गए थे, परन्तु पुनर्वास गृह के मैनेजर द्वारा निर्देशों को गंभीरता पूर्वक नहीं लिया जा रहा है। साथ ही सचिव समीक्षा गौतम द्वारा राजकीय संप्रेक्षण एवं किशोर गृह, का निरीक्षण कर अधीक्षक विमलेश कुमार से विधि से संघर्षरत किशोरों की संख्या, उनके मुकदमों, अधिवक्ता की उपलब्धता, किशोरों को संतुलित आहार, नाश्ते व भोजन की उपलब्धता, चिकित्सकीय सुविधा, डॉक्टर की विजिट आदि के संबंध में जानकारी ली गई। साथ ही सचिव समीक्षा गौतम द्वारा पालना गृह में छोड़ें गए शिशुओं की संख्या, शिशुओं को प्रदान मूलभूत सुविधाएं, बच्चों की दत्तक ग्रहण प्रक्रिया, बच्चों से संबंधित रजिस्टरों के संधारण आदि के संबंध में जानकारी ली गई।1
- Post by RK LIVE KARAULI1