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भोपाल में हुई मात्र 30 मिनट की बारिश ने भारी आफत पैदा कर दी है, जिससे नगर निगम भोपाल के दावों की पोल खुल गई है। लालघाटी गुफा मंदिर के सामने स्थित जैन नगर में नाले की सफाई न होने और मिट्टी न हटने के कारण पूरी कॉलोनी में पानी भर गया है, जिससे निगम की वर्षा से पहले नालों की सफाई न करने की लापरवाही उजागर हुई है। इस जलभराव के कारण जैन नगर के लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
Mohammad faisal
भोपाल में हुई मात्र 30 मिनट की बारिश ने भारी आफत पैदा कर दी है, जिससे नगर निगम भोपाल के दावों की पोल खुल गई है। लालघाटी गुफा मंदिर के सामने स्थित जैन नगर में नाले की सफाई न होने और मिट्टी न हटने के कारण पूरी कॉलोनी में पानी भर गया है, जिससे निगम की वर्षा से पहले नालों की सफाई न करने की लापरवाही उजागर हुई है। इस जलभराव के कारण जैन नगर के लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
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- मध्य प्रदेश के ब्यावरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक दुकान में दो पुलिसकर्मी जबरन घुस गए। इस घटना के बाद दुकान में मौजूद दुकानदार और दोनों पुलिसकर्मियों के बीच विवाद हो गया।1
- अखिल भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के आह्वान पर नीट (NEET) परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के विरोध में राजधानी भोपाल में "छात्रों की गूंज" अभियान के तहत एक जोरदार प्रदर्शन किया गया। सैकड़ों छात्र-छात्राओं और संगठन के पदाधिकारियों ने शनिवार को जिंसी चौराहे से लाल परेड ग्राउंड तक पैदल मार्च निकाला, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। प्रदर्शनकारी छात्रों और NSUI कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर कार्रवाई की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। छात्र संगठन के नेताओं ने केंद्र सरकार पर छात्र विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि पेपर लीक होने के बावजूद सरकार कोई कार्रवाई नहीं करती। NSUI के राष्ट्रीय समन्वयक अंशुल तिवारी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि NEET परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी के आधार पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। संगठन की प्रमुख मांगों में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, NTA को भंग कर नई, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू करना, और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना शामिल है। प्रदर्शन के बाद NSUI के प्रतिनिधिमंडल ने भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय सिंह के नाम का ज्ञापन एसीपी बिट्टू शर्मा को सौंपा, जिसमें कार्रवाई की मांग की गई थी। NSUI ने स्पष्ट किया है कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा और परीक्षा प्रणाली में सुधार नहीं होगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। संगठन ने कहा कि वे पैदल मार्च, मशाल जुलूस और विरोध-प्रदर्शनों के माध्यम से लगातार अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।1
- भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने भोपाल में अपने "छात्रों की गूंज" अभियान के तहत जिंसी चौराहे से लाल परेड ग्राउंड तक एक पैदल मार्च निकाला। संगठन ने NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं को लेकर कड़ा विरोध जताया। इस प्रदर्शन के दौरान, NSUI ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तुरंत इस्तीफे, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पैदल मार्च के समापन के बाद, पुलिस कमिश्नर के नाम एक ज्ञापन सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) को सौंपा गया।1
- भोपाल में बड़े तालाब के फुल टैंक लेवल (एफटीएल) दायरे में बने फार्म हाउस और बंगलों को हटाने के लिए शनिवार से जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की टीमों ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है। आज इस अभियान के तहत छह अवैध कब्जों को हटाया जाएगा। यह कार्रवाई नगर निगम द्वारा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में पेश की गई एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) के बाद शुरू हुई है। निगम ने कुछ दिनों पहले ही एनजीटी को बताया था कि तालाब क्षेत्र से कुल 21 अतिक्रमण हटाए जाएंगे।1
- डॉक्टर्स डे पर डॉ मीना साहब ने कहा एवं रीवा में अधिकारी रिटायर्ड हुए एवं शिक्षक संघ मध्यप्रदेश3
- बागेश्वर धाम के नाम से चर्चित धीरेंद्र शास्त्री को विनय कटिहार ने 'चोर' कहकर संबोधित किया है। इस पूरी घटना से जुड़ा एक वीडियो भी उपलब्ध है, जिसे देखने का आह्वान किया गया है।1
- एक वायरल वीडियो के संदर्भ में, सभी स्कूल संचालकों और स्कूल प्रशासन से एक महत्वपूर्ण निवेदन किया गया है। इस अपील में कहा गया है कि स्कूल बसों में बच्चों को घर छोड़ने वाले सभी कर्मचारियों को प्रॉपर तरीके से उचित प्रशिक्षण दिया जाए। इस बात पर इसलिए विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है क्योंकि बच्चे अक्सर घर पहुँचने की जल्दी में रहते हैं, जिससे अप्रिय घटनाएँ घटने की संभावना बढ़ जाती है। इस तरह के प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं से बच्चों को सुरक्षित रखना है।1