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ग्राम पंचायत भरहटा बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सुरक्षा के इंतजाम। बीते दिवस कुछ अराजक तत्वों ने संविधान निर्माता बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा में काला पेंट पोतने के साथ प्रतिमा खंडित की थी।जिस बात से नाराज क्षेत्र के लोगो ने टिकुरा में धारा दिया था और नागौद उंचेहरा मॉर्ग में जाम जैसे हालात निर्मित हुए थे।इस बीच उंचेहरा एसडीएम सोमेश दुबे और थाना प्रभारी सतीश मिश्रा के तत्वाधान में चित्रकूट से नई प्रतिमा विधिविधान से पूजा अर्चना के साथ विराजित हुई थी।तब कही धरना समाप्त हुआ था,मानव समाज को बांटने वाली घटना दोबारा नही घटित हो इस बात का ख्याल रख ग्राम पंचायत बाबा साहब का व्यवस्थित चबूतरा व कैमरा लगवाने का कार्य करेगी। साथ ही ऐसा निंदनीय कृत्य करने वालो के विरुद्ध प्रशासन से सख्त कार्यवाही करने की आवाज बुलंद की है।आइये जानते है शनिवार की शाम गाव के उपसरपंच ने मामले को लेकर क्या कैसी बात कही है।

18 hrs ago
user_रूप कुमार हरबोल
रूप कुमार हरबोल
Court reporter उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
18 hrs ago

ग्राम पंचायत भरहटा बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सुरक्षा के इंतजाम। बीते दिवस कुछ अराजक तत्वों ने संविधान निर्माता बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा में काला पेंट पोतने के साथ प्रतिमा खंडित की थी।जिस बात से नाराज क्षेत्र के लोगो ने टिकुरा में धारा दिया था और नागौद उंचेहरा मॉर्ग में जाम जैसे हालात निर्मित हुए थे।इस बीच उंचेहरा एसडीएम सोमेश दुबे और थाना प्रभारी सतीश मिश्रा के तत्वाधान में चित्रकूट से नई प्रतिमा विधिविधान से पूजा अर्चना के साथ विराजित हुई थी।तब कही धरना समाप्त हुआ था,मानव समाज को बांटने वाली घटना दोबारा नही घटित हो इस बात का ख्याल रख ग्राम पंचायत बाबा साहब का व्यवस्थित चबूतरा व कैमरा लगवाने का कार्य करेगी। साथ ही ऐसा निंदनीय कृत्य करने वालो के विरुद्ध प्रशासन से सख्त कार्यवाही करने की आवाज बुलंद की है।आइये जानते है शनिवार की शाम गाव के उपसरपंच ने मामले को लेकर क्या कैसी बात कही है।

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  • टाउनहाल सतना में हर्षोंल्लाष के साथ मनाई गई महात्मा ज्योतिवा राव फुले की 198वीं जयंती सतना। द बुद्धाज भूमि , गरीब सेना , सामाजिक एवं बौद्धिष्ट संगठनों द्वारा 11 अप्रैल 2026 शनिवार सामाजिक क्रांति के पितामह एवं शिक्षा के जनक राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिवा राव फुले जी की 198वीं जयंती स्थानीय * * माता सावित्री बाई-महात्मा ज्योति राव फुले **टाउन हाल परिसर में हर्षोल्लास पूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने कहा कि महात्मा ज्योतिराव गोविंदराव फुले ने 19वीं शताब्दी के महान समाज सुधारक, विचारक, लेखक, दार्शनिक और क्रांतिकारी थे, जिन्होंने जाति व्यवस्था, छुआछूत, महिलाओं के शोषण और अंधविश्वासों के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। उन्हें "महात्मा" की उपाधि 1888 में मिली थी। विधायक श्री सिद्धार्थ ने कहा कि वे माली जाति (शूद्र वर्ग) से ताल्लुक रखते थे। उनके पिता गोविंदराव फुले फूलों का व्यापार करते थे। बचपन में ही उन्हें जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा। एक ब्राह्मण दोस्त की शादी में उन्हें निमंत्रित किया गया, लेकिन उनके निम्न जाति होने पर अपमानित किया गया। इस घटना ने उन्हें जाति व्यवस्था की अन्यायपूर्णता का गहरा एहसास कराया। उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और अंग्रेजी शिक्षा प्राप्त की, जो उस समय दुर्लभ थी। उन्होंने थॉमस पेन जैसे विचारकों से प्रेरणा ली। द बुद्धाज बुद्ध के जिलाध्यक्ष एड० के० पी० पाल ने कहा कि ज्योतिबा फूले जी ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे बड़ा हथियार माना। उन्होंने कहा कि अज्ञानता ही शोषण की जड़ है। 1848 में उन्होंने पुणे में भारत का पहला लड़कियों का स्कूल स्थापित किया। उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले (जिन्हें उन्होंने खुद शिक्षित किया था) इस स्कूल की पहली महिला शिक्षिका बनीं। बाद में उन्होंने और भी स्कूल खोले, साथ ही निम्न जातियों के बच्चों के लिए स्कूल और रात्रि विद्यालय शुरू किए। वे स्त्री शिक्षा के जनक कहे जाते हैं। पूर्व पार्षद महिंद वर्धन सिद्धार्थ पप्पू ने कहा कि सावित्रीबाई जी के साथ मिलकर उन्होंने बाल विवाह, सती प्रथा, विधवा विवाह विरोध और विधवाओं के लिए आश्रय गृह जैसे कार्य किए। उन्होंने ब्राह्मणवाद और वर्ण व्यवस्था की कड़ी आलोचना की। उनका मानना था कि यह व्यवस्था विदेशी आक्रमणकारियों (आर्यों) द्वारा थोपी गई है, जो मूल निवासियों (शूद्रों और अतिशूद्रों) को दबाती रही। उन्होंने छुआछूत मिटाने के लिए अपना कुआं सबके लिए खोल दिया और सभी वर्गों को अपने घर में आमंत्रित किया। गरीब सेना के जिलाध्यक्ष एवं पूर्व जनपद सदस्य सुदामा प्रजापति, ने कहा कि 24 सितंबर 1873 को उन्होंने सत्यशोधक समाज की स्थापना की। इसका उद्देश्य शूद्रों, अतिशूद्रों, महिलाओं और दबे-कुचले वर्गों को शिक्षित करना, उनके अधिकार दिलाना और ब्राह्मण पुरोहितों के बिना विवाह जैसी रस्में शुरू करना था। इस समाज में किसी भी जाति या धर्म का व्यक्ति शामिल हो सकता था। यह संगठन सामाजिक समानता का प्रतीक बना। वरिष्ठ समाजसेवी स्वामीदीन कुशवाहा ने कहा कि उन्होंने किसानों की गरीबी और शोषण पर भी आवाज उठाई। ब्रिटिश शासन और स्थानीय जमींदारों/ब्राह्मणों द्वारा किसानों के शोषण की आलोचना की। वे पुणे नगरपालिका के कमिश्नर भी रहे (1876-1883) अखिल भारतीय पिछ्ड़ा वर्ग फेडरेशन के जिलाध्यक्ष सुखेंद्र सिंह ने कहा कि फूले जी ने मराठी भाषा में कई महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखीं, जिनमें सामाजिक अन्याय की तीखी आलोचना है। गुलामगिरि दासता पर, जिसमें उन्होंने जाति व्यवस्था को गुलामी का रूप बताया। उनका अंतिम कार्य, जिसमें उन्होंने सत्य, न्याय और समानता पर आधारित धर्म की बात की। ये रचनाएँ आज भी सामाजिक न्याय आंदोलनों की प्रेरणा हैं। 1888 में स्ट्रोक से लकवा पड़ने के बाद उन्होंने बाएं हाथ से भी लिखना जारी रखा। उनकी विरासत डॉ. भीमराव आंबेडकर, पेरियार और अन्य सामाजिक न्याय के योद्धाओं को प्रेरित करती रही। उन्होंने साबित किया कि शिक्षा और तर्क से समाज को बदला जा सकता है। आज भी उनके विचार जाति मुक्ति, महिला सशक्तिकरण और समानता के आंदोलनों में जीवित हैं। ज्योतिबा जी की पत्नी सावित्रीबाई जी उनके संघर्ष की साथी थीं। उन्होंने न केवल स्कूल चलाए बल्कि समाज में महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों का सामना भी किया। दोनों की जोड़ी को स्त्री शिक्षा और सामाजिक न्याय की प्रतीक माना जाता है। महात्मा ज्योति ने दिखाया कि सच्चा सुधार तब होता है जब हम सबसे कमजोर वर्ग को आगे लाएं। उनकी जयंती पर हम उनके आदर्शों को याद करते हुए समानता और न्याय की प्रतिज्ञा करते हैं। इस अवसर पर सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा डब्बू, एड० के0पी० पाल , पूर्व पार्षद महिंद वर्धन सिद्धार्थ, गरीब सेना के जिलाध्यक्ष व पूर्ब जनपद सदस्य सुदामा प्रजापति, भंते करुणा सागर, रवि बौद्ध, पिछड़ा विंग फेडरेशन के जिला अध्यक्ष सुखेंद्र सिंह ,कांग्रेस इंटक अध्यक्ष सुनील गुप्ता, आनंद कुमार महाजन, मनीष सिंह, संजय मिश्रा, एड० नन्दकुमार कुशवाहा, एस० पी० बौद्ध, अनमोल पाल अरुण कुशवाहा अनुराग पाल, रामसिया कुशवाहा, पूर्व सरपंच के० एल० सिद्धार्थ , सरपंच अशोक सतनामी, हीरालाल कुशवाहा, महेश चक्रवर्ती, केदार कुशवाहा, पूर्व सरपंच अनिल दाहिया, सुरेश प्रजापति, विजय देवसेना, , बृजेंद्र अग्निहाेत्री , विक्रम तामरे, साहिद कुमार साकेत, सिद्धार्थ कुमार साकेत, सत्यराज पाल, अरमान चौधरी, संगीता कुशवाहा, ओमप्रकाश बौद्ध, एड० उमेश राव दिनकर, प्रकाश वर्मा, राजमन वर्मा, जगन्नाथ प्रजापति, सहित सैकड़ों की संख्या में द बुद्धाज भूमि , गरीब सेना, एवं बौद्धिक सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहें। भवदीय महिंद वर्धन सिद्धार्थ पप्पू पूर्व पार्षद नगर पालिक निगम सतना Mo. 9981881811
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    टाउनहाल सतना में हर्षोंल्लाष के साथ मनाई गई महात्मा ज्योतिवा राव 
फुले  की 198वीं जयंती 
सतना। द बुद्धाज भूमि , गरीब सेना , सामाजिक एवं बौद्धिष्ट संगठनों द्वारा 11 अप्रैल 2026 शनिवार  सामाजिक क्रांति के पितामह एवं शिक्षा के जनक राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिवा राव फुले जी की 198वीं जयंती स्थानीय * * माता सावित्री बाई-महात्मा ज्योति राव फुले **टाउन हाल परिसर  में  हर्षोल्लास पूर्वक मनाई गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने कहा कि महात्मा  ज्योतिराव गोविंदराव  फुले ने   19वीं शताब्दी के महान समाज सुधारक, विचारक, लेखक, दार्शनिक और क्रांतिकारी थे, जिन्होंने जाति व्यवस्था, छुआछूत, महिलाओं के शोषण और अंधविश्वासों के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। उन्हें "महात्मा" की उपाधि 1888 में मिली थी।
विधायक श्री सिद्धार्थ  ने कहा कि  वे माली जाति (शूद्र वर्ग) से ताल्लुक रखते थे। उनके पिता गोविंदराव फुले फूलों का व्यापार करते थे।
बचपन में ही उन्हें जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा। एक ब्राह्मण दोस्त की शादी में उन्हें निमंत्रित किया गया, लेकिन उनके निम्न जाति होने पर अपमानित किया गया। इस घटना ने उन्हें जाति व्यवस्था की अन्यायपूर्णता का गहरा एहसास कराया।
उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और अंग्रेजी शिक्षा प्राप्त की, जो उस समय दुर्लभ थी। उन्होंने थॉमस पेन जैसे विचारकों से प्रेरणा ली। 
द बुद्धाज बुद्ध के जिलाध्यक्ष एड० के० पी० पाल ने कहा कि ज्योतिबा फूले जी ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे बड़ा हथियार माना। उन्होंने कहा कि अज्ञानता ही शोषण की जड़ है। 1848 में उन्होंने पुणे में भारत का पहला लड़कियों का स्कूल स्थापित किया। उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले (जिन्हें उन्होंने खुद शिक्षित किया था) इस स्कूल की पहली महिला शिक्षिका बनीं। बाद में उन्होंने और भी स्कूल खोले, साथ ही निम्न जातियों के बच्चों के लिए स्कूल और रात्रि विद्यालय शुरू किए। वे स्त्री शिक्षा के जनक कहे जाते हैं। 
पूर्व पार्षद महिंद वर्धन सिद्धार्थ पप्पू ने कहा कि सावित्रीबाई जी के साथ मिलकर उन्होंने बाल विवाह, सती प्रथा, विधवा विवाह विरोध और विधवाओं के लिए आश्रय गृह जैसे कार्य किए। उन्होंने ब्राह्मणवाद और वर्ण व्यवस्था की कड़ी आलोचना की। उनका मानना था कि यह व्यवस्था विदेशी आक्रमणकारियों (आर्यों) द्वारा थोपी गई है, जो मूल निवासियों (शूद्रों और अतिशूद्रों) को दबाती रही। उन्होंने छुआछूत मिटाने के लिए अपना कुआं सबके लिए खोल दिया और सभी वर्गों को अपने घर में आमंत्रित किया।
गरीब सेना के जिलाध्यक्ष एवं पूर्व जनपद सदस्य सुदामा प्रजापति, ने कहा कि 24 सितंबर 1873 को उन्होंने सत्यशोधक समाज की स्थापना की। इसका उद्देश्य शूद्रों, अतिशूद्रों, महिलाओं और दबे-कुचले वर्गों को शिक्षित करना, उनके अधिकार दिलाना और ब्राह्मण पुरोहितों के बिना विवाह जैसी रस्में शुरू करना था। इस समाज में किसी भी जाति या धर्म का व्यक्ति शामिल हो सकता था। यह संगठन सामाजिक समानता का प्रतीक बना।
वरिष्ठ समाजसेवी स्वामीदीन कुशवाहा ने कहा कि  उन्होंने किसानों की गरीबी और शोषण पर भी आवाज उठाई। ब्रिटिश शासन और स्थानीय जमींदारों/ब्राह्मणों द्वारा किसानों के शोषण की आलोचना की।
वे पुणे नगरपालिका के कमिश्नर भी रहे (1876-1883)
अखिल भारतीय पिछ्ड़ा वर्ग फेडरेशन के जिलाध्यक्ष सुखेंद्र सिंह ने कहा कि फूले जी ने मराठी भाषा में कई महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखीं, जिनमें सामाजिक अन्याय की तीखी आलोचना है। गुलामगिरि दासता पर, जिसमें उन्होंने जाति व्यवस्था को गुलामी का रूप बताया।  उनका अंतिम कार्य, जिसमें उन्होंने सत्य, न्याय और समानता पर आधारित धर्म की बात की।
ये रचनाएँ आज भी सामाजिक न्याय आंदोलनों की प्रेरणा हैं।
1888 में स्ट्रोक से लकवा पड़ने के बाद उन्होंने बाएं हाथ से भी लिखना जारी रखा।
उनकी विरासत डॉ. भीमराव आंबेडकर, पेरियार और अन्य सामाजिक न्याय के योद्धाओं को प्रेरित करती रही। उन्होंने साबित किया कि शिक्षा और तर्क से समाज को बदला जा सकता है। आज भी उनके विचार जाति मुक्ति, महिला सशक्तिकरण और समानता के आंदोलनों में जीवित हैं। 
ज्योतिबा जी की पत्नी सावित्रीबाई जी उनके संघर्ष की साथी थीं। उन्होंने न केवल स्कूल चलाए बल्कि समाज में महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों का सामना भी किया। दोनों की जोड़ी को स्त्री शिक्षा और सामाजिक न्याय की प्रतीक माना जाता है।
महात्मा ज्योति ने दिखाया कि सच्चा सुधार तब होता है जब हम सबसे कमजोर वर्ग को आगे लाएं। उनकी जयंती पर हम उनके आदर्शों को याद करते हुए समानता और न्याय की प्रतिज्ञा करते हैं। 
इस अवसर पर सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा डब्बू, एड० के0पी० पाल , पूर्व पार्षद महिंद वर्धन सिद्धार्थ, गरीब सेना के जिलाध्यक्ष व पूर्ब जनपद सदस्य सुदामा प्रजापति, भंते करुणा सागर, रवि बौद्ध,  पिछड़ा विंग फेडरेशन के जिला अध्यक्ष सुखेंद्र सिंह ,कांग्रेस इंटक अध्यक्ष सुनील गुप्ता, आनंद कुमार महाजन,  मनीष सिंह, संजय मिश्रा, एड० नन्दकुमार कुशवाहा, एस० पी० बौद्ध, अनमोल पाल  अरुण कुशवाहा अनुराग पाल, रामसिया कुशवाहा,   पूर्व सरपंच के० एल० सिद्धार्थ , सरपंच अशोक सतनामी, हीरालाल कुशवाहा, महेश चक्रवर्ती, केदार कुशवाहा, पूर्व सरपंच अनिल दाहिया, सुरेश प्रजापति, विजय देवसेना, , बृजेंद्र अग्निहाेत्री , विक्रम तामरे, साहिद कुमार साकेत, सिद्धार्थ कुमार साकेत, सत्यराज पाल, अरमान चौधरी, संगीता कुशवाहा, ओमप्रकाश बौद्ध, एड० उमेश राव दिनकर,  प्रकाश वर्मा, राजमन वर्मा, जगन्नाथ प्रजापति, सहित सैकड़ों की संख्या में द बुद्धाज भूमि , गरीब सेना, एवं बौद्धिक सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहें।
भवदीय
महिंद वर्धन सिद्धार्थ पप्पू 
पूर्व पार्षद
नगर पालिक निगम सतना 
Mo. 9981881811
    user_रूप कुमार हरबोल
    रूप कुमार हरबोल
    Court reporter उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • अमरपाटन श्री एमएम हॉस्पिटल सतना रोड अमरपाटन कृष्णा नगर कॉलोनी के सामने
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    अमरपाटन श्री एमएम हॉस्पिटल सतना रोड अमरपाटन कृष्णा नगर कॉलोनी के सामने
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • शुभ शनिवार पर मिनी वृंदावन धाम पन्ना भगवान जुगल किशोर महाराज जी के दर्शन प्राप्त करें
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    शुभ शनिवार पर मिनी वृंदावन धाम पन्ना भगवान जुगल किशोर महाराज जी के दर्शन प्राप्त करें
    user_Sandeep shukla
    Sandeep shukla
    पत्रकारिता Devendranagar, Panna•
    19 hrs ago
  • Post by Bolti Divare
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    Post by Bolti Divare
    user_Bolti Divare
    Bolti Divare
    Voice of people हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    4 min ago
  • Post by Prakash Pathak Satna
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    Post by Prakash Pathak Satna
    user_Prakash Pathak Satna
    Prakash Pathak Satna
    Social Media Manager बीरसिंहपुर, सतना, मध्य प्रदेश•
    48 min ago
  • पीड़ित पहुंचे राज्य मंत्री राधा सिंह के घर, पानी के लिए हुई मारपीट
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    पीड़ित पहुंचे राज्य मंत्री राधा सिंह के घर, पानी के लिए हुई मारपीट
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Huzur, Rewa•
    3 hrs ago
  • मैहर में खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली को ट्रेलर ने मारी टक्कर, 15 घायल,बरहों कार्यक्रम से लौट रहे थे लोग मैहर जिले में शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। यह दुर्घटना अमरपाटन क्षेत्र अंतर्गत NH-30 पर ग्राम रिगरा ब्रिज के पास हुई, जहां हाईवे किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली को तेज रफ्तार ट्रेलर ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार लोग बरहों कार्यक्रम में शामिल होकर बेलदरा की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में ट्रैक्टर का डीजल खत्म हो जाने के कारण वाहन हाईवे किनारे खड़ा कर दिया गया था। तभी पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने ट्रॉली को टक्कर मार दी, जिससे उसमें सवार करीब 15 लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और हाईवे पर कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही डायल 112, हाईवे पेट्रोलिंग टीम और एंबुलेंस सेवाएं तुरंत मौके पर पहुंचीं। घायलों को 108 एंबुलेंस और 1033 हाईवे एंबुलेंस की मदद से सिविल अस्पताल मैहर और अमरपाटन पहुंचाया गया। घायलों में संखिबाई साकेत (50 वर्ष), अजय बुंकर (17 वर्ष), प्रदीप साकेत (24 वर्ष) और संतोष साकेत (50 वर्ष) सहित अन्य लोग शामिल हैं। प्राथमिक उपचार के बाद दो गंभीर घायलों को जिला अस्पताल सतना रेफर किया गया है, जबकि अन्य का का इलाज मैहर सिविल अस्पताल और अमरपाटन सिविल अस्पताल में जारी है। मामले में पंचराज सिंह, थाना प्रभारी नादन देहात ने बताया कि ट्रेलर को क्रेन की मदद से जब्त कर थाने लाया जा रहा है और चालक को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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    मैहर में खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली को ट्रेलर ने मारी टक्कर, 15 घायल,बरहों कार्यक्रम से लौट रहे थे लोग
मैहर जिले में शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। यह दुर्घटना अमरपाटन क्षेत्र अंतर्गत NH-30 पर ग्राम रिगरा ब्रिज के पास हुई, जहां हाईवे किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली को तेज रफ्तार ट्रेलर ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार लोग बरहों कार्यक्रम में शामिल होकर बेलदरा की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में ट्रैक्टर का डीजल खत्म हो जाने के कारण वाहन हाईवे किनारे खड़ा कर दिया गया था। तभी पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने ट्रॉली को टक्कर मार दी, जिससे उसमें सवार करीब 15 लोग घायल हो गए।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और हाईवे पर कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही डायल 112, हाईवे पेट्रोलिंग टीम और एंबुलेंस सेवाएं तुरंत मौके पर पहुंचीं। घायलों को 108 एंबुलेंस और 1033 हाईवे एंबुलेंस की मदद से सिविल अस्पताल मैहर और अमरपाटन पहुंचाया गया।
घायलों में संखिबाई साकेत (50 वर्ष), अजय बुंकर (17 वर्ष), प्रदीप साकेत (24 वर्ष) और संतोष साकेत (50 वर्ष) सहित अन्य लोग शामिल हैं। प्राथमिक उपचार के बाद दो गंभीर घायलों को जिला अस्पताल सतना रेफर किया गया है, जबकि अन्य का का इलाज मैहर सिविल अस्पताल और अमरपाटन सिविल अस्पताल में जारी है।
मामले में पंचराज सिंह, थाना प्रभारी नादन देहात ने बताया कि ट्रेलर को क्रेन की मदद से जब्त कर थाने लाया जा रहा है और चालक को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
    user_रूप कुमार हरबोल
    रूप कुमार हरबोल
    Court reporter उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • Post by Prakash Pathak Satna
    1
    Post by Prakash Pathak Satna
    user_Prakash Pathak Satna
    Prakash Pathak Satna
    Social Media Manager बीरसिंहपुर, सतना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    1
    Post by उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    user_उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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