सासनी में प्रसूता की मौत के बाद प्रशासन का कड़ा रुख, अस्पताल सीज सासनी। उत्तर प्रदेश के सासनी क्षेत्र में प्रसूता पिंकी और उसके नवजात शिशु की उपचार के दौरान हुई दर्दनाक मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। लापरवाही के गंभीर आरोपों के बीच शुक्रवार को तहसीलदार डॉली यादव और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने संबंधित अस्पताल पर धावा बोला। टीम ने अस्पताल के चप्पे-चप्पे का बारीकी से निरीक्षण किया और आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया। उल्लेखनीय है कि गुरुवार को पिंकी को प्रसव के लिए यहाँ भर्ती कराया गया था, जहाँ इलाज के दौरान जच्चा-बच्चा दोनों ने दम तोड़ दिया था। इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया था। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिलाधिकारी के सख्त निर्देश पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान तहसीलदार डॉली यादव ने अस्पताल के पंजीकरण, मरीजों के भर्ती रिकॉर्ड और घटना के वक्त मौजूद स्टाफ की योग्यता से संबंधित दस्तावेजों को खंगाला। स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों की तकनीकी टीम ने लेबर रूम और वहां मौजूद चिकित्सा उपकरणों की स्थिति देखी ताकि यह पता लगाया जा सके कि अस्पताल आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए मानकों के अनुरूप तैयार था या नहीं। जांच टीम ने मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए हैं। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि जांच में लापरवाही की पुष्टि होती है या अस्पताल मानकों के विपरीत संचालित पाया जाता है, तो संचालक के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद से ही क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित और मानक विहीन निजी अस्पतालों के मालिकों में हड़कंप व्याप्त है।
सासनी में प्रसूता की मौत के बाद प्रशासन का कड़ा रुख, अस्पताल सीज सासनी। उत्तर प्रदेश के सासनी क्षेत्र में प्रसूता पिंकी और उसके नवजात शिशु की उपचार के दौरान हुई दर्दनाक मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। लापरवाही के गंभीर आरोपों के बीच शुक्रवार को तहसीलदार डॉली यादव और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने संबंधित अस्पताल पर धावा बोला। टीम ने अस्पताल के चप्पे-चप्पे का बारीकी से
निरीक्षण किया और आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया। उल्लेखनीय है कि गुरुवार को पिंकी को प्रसव के लिए यहाँ भर्ती कराया गया था, जहाँ इलाज के दौरान जच्चा-बच्चा दोनों ने दम तोड़ दिया था। इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया था। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिलाधिकारी
के सख्त निर्देश पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान तहसीलदार डॉली यादव ने अस्पताल के पंजीकरण, मरीजों के भर्ती रिकॉर्ड और घटना के वक्त मौजूद स्टाफ की योग्यता से संबंधित दस्तावेजों को खंगाला। स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों की तकनीकी टीम ने लेबर रूम और वहां मौजूद चिकित्सा उपकरणों की स्थिति देखी ताकि यह पता लगाया जा सके कि अस्पताल आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए मानकों के अनुरूप तैयार था
या नहीं। जांच टीम ने मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए हैं। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि जांच में लापरवाही की पुष्टि होती है या अस्पताल मानकों के विपरीत संचालित पाया जाता है, तो संचालक के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद से ही क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित और मानक विहीन निजी अस्पतालों के मालिकों में हड़कंप व्याप्त है।
- राजधानी दिल्ली के एक निजी अस्पताल में खुलेआम लूट का वीडियो सामने आया है। अस्पताल पर आरोप है कि उसने ₹1300 की दवा के लिए मरीजों से ₹5100 वसूले, बिलिंग में हेराफेरी की गई। यह घटना निजी अस्पतालों की मनमानी वसूली की समस्या को उजागर करती है।1
- हाथरस के सासनी में एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान गर्भवती महिला की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया, उनका कहना है कि 8 साल बाद घर में खुशी आने वाली थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और मामले की जांच शुरू कर दी है।4
- हाथरस की अनाज मंडी में हाल ही में हुई चोरी के बाद व्यापारियों में गहरा आक्रोश है। आढ़तिया एसोसिएशन ने एसडीएम और सीओ सिटी से मिलकर खराब सीसीटीवी कैमरों व लचर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। अधिकारियों ने जल्द ही घटना का खुलासा करने और मंडी की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने का आश्वासन दिया है।1
- Post by Deepak1
- हाथरस के सासनी कस्बे के एक नर्सिंग होम में इलाज के दौरान एक प्रसूता की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।4
- अलीगढ़ के कोइल में 10-12 दिनों से कूड़े का ढेर लगा हुआ है, जिससे स्थानीय निवासी और खासकर बच्चे परेशान हैं। लगातार बढ़ रहे कूड़े के कारण संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।2
- उत्तर प्रदेश में एक अवैध डॉक्टर के हाथों गर्भवती महिला और उसके नवजात बच्चे की जान चली गई। पीड़ित परिवार ने नर्सिंग होम के रजिस्ट्रेशन और डॉक्टर की योग्यता की जांच के साथ प्राथमिकी दर्ज कर न्याय की मांग की है।4
- हाथरस। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की ओर से 9 मई को महाराणा प्रताप शोभायात्रा निकाली जाएगी हाथरस। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की ओर से आयोजित प्रेसवार्ता में 9 मई को प्रस्तावित महाराणा प्रताप शोभायात्रा को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की गई। समिति के अध्यक्ष अनिल सिसोदिया ने बताया कि इस वर्ष शोभायात्रा को विशेष रूप से भव्य और आकर्षक स्वरूप दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शोभायात्रा में उज्जैन का डमरू दल, नासिक ढोल, राजस्थान के पारंपरिक नगाड़े, घोड़े-ऊंट तथा विभिन्न आकर्षक झांकियां प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहेंगी। यात्रा का शुभारंभ गौशाला रोड स्थित तुलसी स्मृति भवन से किया जाएगा, जबकि समापन दाऊजी महाराज मंदिर पर प्रसादी वितरण के साथ होगा। प्रेसवार्ता में बताया गया कि कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश महामंत्री रामप्रताप सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। वहीं, स्थानीय विधायक वीरेंद्र सिंह राणा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर शोभायात्रा अध्यक्ष अनिल सिसोदिया के साथ नरेश प्रधान, प्रहलाद सिंह सिसोदिया, मनोज सिसोदिया, डॉ. योगेंद्र सिंह गहलोत सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।1
- अलीगढ़ में बिजली के स्मार्ट मीटरों से छेड़छाड़ के कई मामले सामने आए हैं। इस पर सरकार ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है।1