देवरिया जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में 30 मई को अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) आयोजित की गई, जिसमें अभिभावकों ने अपना उत्साह दिखाया और सर्वाधिक उपस्थिति वाली छात्राओं के माता-पिता को सम्मानित किया गया। यह बैठक जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, भाटपाररानी के निरीक्षण के उपरांत दिए गए निर्देशों के क्रम में आयोजित हुई, जिन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को जनपद के सभी केजीबीवी में अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाने और छात्राओं की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास करने के आदेश दिए थे। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि 30 मई को सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में अनिवार्य रूप से पीटीएम आयोजित हो। इन बैठकों का उद्देश्य अभिभावकों की शत-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करना था, ताकि उन्हें बालिका शिक्षा के महत्व, उनके सर्वांगीण विकास और समाज में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा था कि अभिभावकों को विद्यालय में शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क सुविधाओं, जैसे आवास, भोजन, खेलकूद, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी जाए। इसके अतिरिक्त, विद्यालयों के शैक्षणिक ढांचे, शैक्षणिक कैलेंडर, अध्ययन पद्धति और आगामी योजनाओं से भी अभिभावकों को अवगत कराने के लिए कहा गया, ताकि विद्यालय के प्रति उनका विश्वास और मजबूत हो सके। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद सभी छात्राएं समय से विद्यालय लौटें और नियमित अध्ययन करें, जिसके लिए अभी से प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए, क्योंकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़ी बालिकाओं तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना प्राथमिकता है। जिलाधिकारी के निर्देशों का पालन करते हुए, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जनपद के सभी 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक बैठकें आयोजित कराईं। इन बैठकों में शिक्षा के महत्व पर विस्तार से चर्चा हुई और अभिभावकों को विद्यालयों में संचालित पठन-पाठन, छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बच्चियों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें और उन्हें शिक्षित बनाएं, यह बताते हुए कि शिक्षित बालिका ही समाज की सशक्त एवं मजबूत नींव होती है। आज आयोजित इन अभिभावक-शिक्षक बैठकों में अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, और इस अवसर पर उत्कृष्ट तथा शत-प्रतिशत उपस्थिति वाली छात्राओं के अभिभावकों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिससे बेहतर शैक्षिक वातावरण के निर्माण और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अभिभावकों को प्रेरित किया गया।
देवरिया जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में 30 मई को अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) आयोजित की गई, जिसमें अभिभावकों ने अपना उत्साह दिखाया और सर्वाधिक उपस्थिति वाली छात्राओं के माता-पिता को सम्मानित किया गया। यह बैठक जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, भाटपाररानी के निरीक्षण के उपरांत दिए गए निर्देशों के क्रम में आयोजित हुई, जिन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को जनपद के सभी केजीबीवी में अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाने और छात्राओं की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास करने के आदेश दिए थे। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि 30 मई को सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में अनिवार्य रूप से पीटीएम आयोजित हो। इन बैठकों का उद्देश्य अभिभावकों की शत-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करना था, ताकि उन्हें बालिका शिक्षा के महत्व, उनके
सर्वांगीण विकास और समाज में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा था कि अभिभावकों को विद्यालय में शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क सुविधाओं, जैसे आवास, भोजन, खेलकूद, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी जाए। इसके अतिरिक्त, विद्यालयों के शैक्षणिक ढांचे, शैक्षणिक कैलेंडर, अध्ययन पद्धति और आगामी योजनाओं से भी अभिभावकों को अवगत कराने के लिए कहा गया, ताकि विद्यालय के प्रति उनका विश्वास और मजबूत हो सके। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद सभी छात्राएं समय से विद्यालय लौटें और नियमित अध्ययन करें, जिसके लिए अभी से प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए, क्योंकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़ी बालिकाओं तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना प्राथमिकता है। जिलाधिकारी के निर्देशों का पालन करते हुए, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जनपद के
सभी 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक बैठकें आयोजित कराईं। इन बैठकों में शिक्षा के महत्व पर विस्तार से चर्चा हुई और अभिभावकों को विद्यालयों में संचालित पठन-पाठन, छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बच्चियों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें और उन्हें शिक्षित बनाएं, यह बताते हुए कि शिक्षित बालिका ही समाज की सशक्त एवं मजबूत नींव होती है। आज आयोजित इन अभिभावक-शिक्षक बैठकों में अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, और इस अवसर पर उत्कृष्ट तथा शत-प्रतिशत उपस्थिति वाली छात्राओं के अभिभावकों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिससे बेहतर शैक्षिक वातावरण के निर्माण और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अभिभावकों को प्रेरित किया गया।
- जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने शनिवार को जनपद में संचालित तीन महत्वपूर्ण कटानरोधी कार्य परियोजनाओं का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए। निरीक्षण की शुरुआत सरयू (घाघरा) नदी के बाएं तट पर छित्तूपुर-भागलपुर तटबंध के किमी 0.825 से किमी 1.140 के मध्य चल रही कटानरोधी परियोजना से हुई। लगभग ₹584.22 लाख लागत की इस परियोजना के तहत हो रहे कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि कटानरोधी कार्य हर हाल में समय से पहले पूरे होने चाहिए, और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसके बाद, उन्होंने सरयू (घाघरा) नदी के बाएं तट पर भागलपुर कस्बे की सुरक्षा के लिए संचालित कटानरोधी कार्य का निरीक्षण किया। लगभग ₹679.09 लाख की लागत से 330 मीटर लंबाई में कराए जा रहे इस कार्य को तेजी से और बरसात से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने घाघरा नदी के बाएं तट पर निर्मित तुर्तीपार-चुरिया तटबंध की सुरक्षा हेतु कराए जा रहे पीचिंग और कटानरोधी कार्यों का भी जायजा लिया। लगभग ₹753.19 लाख लागत वाली इस परियोजना के तहत तटबंध के विभिन्न संवेदनशील स्थलों पर जारी कार्यों की समीक्षा करते हुए, उन्हें समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के आदेश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कटानरोधी परियोजनाएं जनहित और नदी तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण योजनाएं हैं, जिनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी सुनिश्चित करते हुए सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने का निर्देश दिया। इस निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता बाढ़ राधेश्याम प्रसाद, सहायक अभियंता उपेंद्र कुमार, राहुल चौधरी, विवेक कुमार और सोनू कुमार जूनियर इंजीनियर सहित अन्य संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- देवरिया जनपद के बोरडीह ग्राम में 1931 को जन्मे पूर्व विधान परिषद सदस्य, शिक्षाविद और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित स्वर्गीय पंडित परशुराम मणि त्रिपाठी की आदमकद प्रतिमा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा देवरिया के भुजौली तिराहे पर स्थापित की गई है। पूरे प्रदेश में उनकी ख्याति एक योग्य शिक्षाविद के रूप में थी, और वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक श्रेष्ठ कार्यकर्ता भी थे। पंडित त्रिपाठी ने 1953 के कश्मीर आंदोलन से लेकर इमरजेंसी और राम जन्मभूमि आंदोलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे 1992 में भारतीय जनता पार्टी के स्नातक क्षेत्र से प्रथम एमएलसी चुने गए, जहाँ उन्होंने शिक्षक संघ के एक बड़े चेहरे पंचानन राय को हराकर यह सीट जीती थी। उच्च सदन के सदस्य के रूप में, उन्होंने विधान परिषद में प्रभावी भूमिका निभाई तथा समाज के ज्वलंत मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया। वे विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति के सभापति भी रहे। भाजपा और संघ के शीर्ष नेतृत्व ने उनकी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, विनम्रता, शालीनता और समाज सेवा को सदैव सराहा। उन्होंने जीवन के अंतिम क्षण तक पूरी निष्ठा के साथ भाजपा और संघ की रीति-नीति में विश्वास करते हुए अनेक आंदोलनों और कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके योगदान को देखते हुए यह प्रतिमा स्थापित की। इस प्रतिमा के अनावरण समारोह की खास विशेषता यह रही कि इसमें सभी दलों के नेता, जिनमें जनरल प्रकाश मणि त्रिपाठी, देवी प्रसाद सिंह, मोहन सिंह और एमएलसी श्याम सुंदर दास शामिल थे, सम्मिलित रहे।1
- आगामी चार दिनों के लिए बहुत तेज बारिश और आंधी-तूफान के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी जारी की गई है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अगले चार दिनों तक सावधानी बरतें और सतर्क रहें, क्योंकि इस दौरान भारी बारिश और आंधी-तूफान की आशंका है।1
- देवरिया जिले के गौरी बाजार में एक घरेलू हादसे में एक महिला गोली लगने से घायल हो गई, जिसका इलाज जारी है। यह घटना उस समय हुई जब अलमारी साफ की जा रही थी। इस दौरान अलमारी में रखी एक लाइसेंसी पिस्टल नीचे जमीन पर गिर गई। पिस्तौल से निकली गोली अलमारी से टकराने के बाद महिला के हाथ में जा लगी, जिससे वह घायल हो गई।1
- देवरिया जनपद के थाना गौरीबाजार क्षेत्र स्थित ग्राम बड़हरा निवासी पूर्व सैनिक अशोक कुमार के परिवार में शुक्रवार शाम एक हादसा हो गया। अशोक कुमार की पत्नी कुसुमलता दिनांक 29 मई 2026 की शाम अलमारी से उनकी लाइसेंसी पिस्टल निकाल रही थीं कि इसी दौरान पिस्टल अचानक उनके हाथ से गिर गई और फायर हो गया। गोली पहले अलमारी में लगी, फिर कुसुमलता के हाथ में जा लगी, जिससे वह घायल हो गईं। अशोक कुमार ककवल चौराहे पर दुकान संचालित करते हैं और वहीं परिवार के साथ रहते हैं। हादसे के बाद, परिजनों ने तुरंत घायल कुसुमलता को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय देवरिया पहुंचाया। वहाँ चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर कर दिया। वर्तमान में कुसुमलता का इलाज गोरखपुर में चल रहा है और उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम को बुलाकर आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर सत्येन्द्र कुमार राय ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला लाइसेंसी पिस्टल के गिरने से हुए आकस्मिक फायर का लग रहा है। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- Post by विजय कुमार1
- देवरिया में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने शनिवार को जनपद में चल रही तीन महत्वपूर्ण कटानरोधी परियोजनाओं का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा और उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएँ। जिलाधिकारी ने सबसे पहले सरयू (घाघरा) नदी के बाएं तट पर छित्तूपुर-भागलपुर तटबंध के किमी 0.825 से 1.140 के मध्य चल रही लगभग 5.84 करोड़ रुपये की कटानरोधी परियोजना का जायजा लिया, जहाँ उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और मानकों से कोई समझौता न करने के निर्देश दिए। इसके बाद, उन्होंने भागलपुर कस्बे की सुरक्षा के लिए लगभग 6.79 करोड़ रुपये की लागत से 330 मीटर लंबाई में हो रहे कटानरोधी कार्यों का निरीक्षण किया और उन्हें बरसात से पहले तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के क्रम में, घाघरा नदी के बाएं तट पर स्थित तुर्तीपार-चुरिया तटबंध की सुरक्षा हेतु लगभग 7.53 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे पीचिंग और कटानरोधी कार्यों का भी जायजा लिया गया, जहाँ संवेदनशील स्थलों पर समयबद्ध ढंग से काम पूरा करने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कटानरोधी परियोजनाएं नदी तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा और जनहित से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण योजनाएं हैं, और इनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करते हुए उन्हें तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के निर्देश भी दिए। इस निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता बाढ़ राधेश्याम प्रसाद, सहायक अभियंता उपेंद्र कुमार, जूनियर इंजीनियर राहुल चौधरी, विवेक कुमार और सोनू कुमार सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- देवरिया जिले के बरियारपुर थाना क्षेत्र के उदयपुरा गांव में शनिवार को आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध शराब के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान 20 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई, जबकि चंद्रभान मुसहर और माला देवी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। यह अभियान जिला आबकारी अधिकारी के निर्देश पर चलाया गया था, जिसका नेतृत्व आबकारी निरीक्षक सदर सुधीर कुमार सिंह और थानाध्यक्ष बरियारपुर दीपक सिंह ने किया। आबकारी विभाग के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के खिलाफ बरियारपुर थाने में आबकारी अधिनियम की धारा 60 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस और आबकारी विभाग की टीम इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के निर्माण और तस्करी के खिलाफ उनका अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।1