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पाली में अधिकमास नगर परिक्रमा के दौरान एक वृद्ध महिला पर हुए मवेशी के हमले से वह गंभीर रूप से घायल हो गई। सवेरे हुए इस हादसे में, 80 वर्षीय रतनी देवी को एक मवेशी ने अपने सींग से मारकर हवा में उछाल दिया। घटना की सूचना मिलने पर, कालिका टीम ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और महिला को बांगड़ अस्पताल में भर्ती कराया। इस हमले में रतनी देवी के पेट में टाँके आए हैं और उसके एक पैर पर भी गंभीर चोट लगी है, जिसका बांगड़ अस्पताल में इलाज जारी है।
Hastpal singh
पाली में अधिकमास नगर परिक्रमा के दौरान एक वृद्ध महिला पर हुए मवेशी के हमले से वह गंभीर रूप से घायल हो गई। सवेरे हुए इस हादसे में, 80 वर्षीय रतनी देवी को एक मवेशी ने अपने सींग से मारकर हवा में उछाल दिया। घटना की सूचना मिलने पर, कालिका टीम ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और महिला को बांगड़ अस्पताल में भर्ती कराया। इस हमले में रतनी देवी के पेट में टाँके आए हैं और उसके एक पैर पर भी गंभीर चोट लगी है, जिसका बांगड़ अस्पताल में इलाज जारी है।
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- शनिवार सुबह पाली के रोहट क्षेत्र स्थित नेहड़ा बांध का गेट खोले जाने के बाद किसानों के दो पक्ष आमने-सामने आ गए। एक पक्ष ने इसका समर्थन किया क्योंकि उनके खेतों में पानी भर रहा था, वहीं दूसरे पक्ष ने बांध पहुंचकर इसका कड़ा विरोध जताया। विरोध कर रहे किसानों का आरोप है कि बांडी नदी में फैक्ट्रियों का केमिकलयुक्त और रंगीन पानी छोड़ा गया है। किसानों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के निर्देशों के बावजूद यह दूषित पानी नदी में पहुंच रहा है, जिसके कारण सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इसी मुद्दे पर किसान नेता वागाराम विश्नोई शनिवार सुबह 10 बजे से अन्न-जल त्यागकर धरने पर बैठ गए हैं, और वे कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। उधर, सिंचाई विभाग ने सफाई दी है कि गेट को तेल और ग्रीसिंग के लिए खोला गया था, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण वह जाम हो गया, और अब उसे बंद करने के प्रयास जारी हैं।3
- पाली रेलवे स्टेशन के पास मिलगेट पुलिस चौकी क्षेत्र में मंदिर परिसर के ठीक निकट एक पेशाब घर के निर्माण को लेकर स्थानीय निवासियों और राजनीतिक संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। शिव सेना (शिंदे गुट) - पाली ने इस निर्माण को हिंदू आस्था पर एक गहरा आघात बताते हुए इसका कड़ा विरोध दर्ज कराया है। स्थानीय नागरिकों और शिव सेना (शिंदे गुट) का कहना है कि पवित्र मंदिर परिसर के पास पेशाब घर का निर्माण धार्मिक भावनाओं और मर्यादा के पूरी तरह खिलाफ है। उनका तर्क है कि मिलगेट पुलिस चौकी और रेलवे स्टेशन जैसे व्यस्त और संवेदनशील इलाके में ऐसे निर्माण से आम जनता में काफी नाराजगी है। इस विरोध के चलते, शिव सेना (शिंदे गुट) और समस्त पाली निवासियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है, "मंदिर परिसर के पास पेशाब घर का निर्माण क्यों? हिंदू आस्था पर गहरी चोट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन इस पेशाब घर को तत्काल यहाँ से हटाए।" स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस मामले पर ध्यान नहीं दिया और इस पेशाब घर को यहाँ से स्थानांतरित नहीं किया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जा सकता है। फिलहाल, इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और सभी प्रशासन के अगले कदम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।1
- पाली जिले के सोजत रोड थाना क्षेत्र के रिसाणिया गांव से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक विधवा महिला कौशल्या देवी ने अपने पति के निधन के बाद रिश्तेदारों पर मारपीट करने और उन्हें घर से बेदखल करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता कौशल्या देवी ने पुलिस अधीक्षक को दी गई शिकायत में बताया कि उनके पति श्री भंवरलाल का निधन 01.06.2026 को हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि पति के अंतिम संस्कार के ठीक बाद उसी दिन, गांव के ही कुछ लोग उनके घर आए और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इन लोगों ने कौशल्या देवी और उनके पुत्र दिनेश के साथ मारपीट की और उन्हें पुश्तैनी मकान से बाहर निकाल दिया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है, जिसके चलते उन्हें अपना घर छोड़कर सोजत रोड पर किराए के मकान में रहने को मजबूर होना पड़ा है। कौशल्या देवी का कहना है कि वे अपने पति की हिंदू रीति-रिवाज से होने वाली अंतिम संस्कार की रस्में (धर्म-पुण्य) अपने पुश्तैनी घर रिसाणिया में ही करना चाहती हैं, लेकिन आरोपियों की धमकियों के कारण उन्हें अपनी और अपने पुत्र की जान का खतरा बना हुआ है। उन्होंने सोजत रोड पुलिस पर पहले की गई रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है और अब पुलिस अधीक्षक से इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई करने के साथ-साथ अपनी और अपने पुत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।3
- Post by District.reporter.babulaljogaw1
- पाली के सोजत रोड क्षेत्र के रिसाणिया गांव में एक विधवा महिला ने अपने ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाते हुए बताया है कि उसके साथ मारपीट कर उसे घर से बेदखल कर दिया गया है, साथ ही उसके पुश्तैनी मकान और कृषि भूमि पर भी जबरन कब्जा कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक मोनिका सेन को दिए प्रार्थना पत्र में पीड़िता कोशल्या सिरवी ने बताया कि उसके पति के निधन के अगले ही दिन उसके जेठ, जेठानी, देवर और अन्य परिजनों ने उसके तथा उसके पुत्र दिनेश व पुत्रवधू मंजू सिरवी के साथ मारपीट की और उन्हें घर से बाहर निकाल दिया। महिला का आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने उसके पुश्तैनी मकान और खेत पर भी कब्जा कर लिया। महिला ने पूर्व में सोजत रोड पुलिस को घटना की सूचना देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन आरोप है कि अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। इस कारण आरोपियों के हौसले बढ़ गए हैं और पीड़िता अपने परिवार के साथ बेघर होकर कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन करने को मजबूर है। कोशल्या सिरवी ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि उसके मकान को कब्जे से मुक्त करवाया जाए, ताकि वह अपने दिवंगत पति के धार्मिक कार्य और सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार प्रसादी कार्यक्रम आयोजित कर सके तथा अपने घर में सुरक्षित रह सके। पीड़िता ने अपने और परिवार के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की भी मांग की है। इस दौरान शिवसेना शिंदे गुट के पाली जिला प्रमुख तख्तसिंह सोलंकी और जिला प्रवक्ता राजू देवासी ने भी पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर पीड़ित महिला को न्याय दिलाने और आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग का समर्थन किया।4
- पाली शहर में ROB 95-C के नीचे प्रस्तावित रेल सुरक्षा दीवार का निर्माण स्थानीय श्रमिक वर्ग के लिए एक बड़ी समस्या बन सकता है। इस आशंका के मद्देनजर, जिला कांग्रेस कमेटी शहरी स्थानीय निकाय प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों और स्थानीय निवासियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस समस्या के तत्काल समाधान की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि पाली रेलवे स्टेशन के दूसरी ओर शहर की आधी से अधिक आबादी, जिसमें अधिकांश श्रमिक और मजदूर वर्ग के लोग शामिल हैं, निवास करती है। ये लोग स्वतंत्रता से पूर्व से ही यहां स्थित महाराजा श्री बांगड़ उम्मेद मिल्स में काम करते आ रहे हैं और पुरानी रेल फाटक के रास्ते आवाजाही करते हैं, जिससे उनके समय और श्रम दोनों की बचत होती है। रेलवे सूत्रों के अनुसार, अब रेल लाइन के दोनों ओर सुरक्षा दीवार का निर्माण प्रस्तावित है। जन प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि यह दीवार बनाई जाती है, तो लगभग 4 से 5 हजार मजदूर वर्ग के लोगों का यह रास्ता बंद हो जाएगा, और उन्हें अपने काम पर जाने के लिए काफी लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। क्षेत्र के लोगों की जन भावनाओं को देखते हुए, कांग्रेस नेताओं और निवासियों ने कलेक्टर से यह मांग की है कि वे रेलवे के उच्च अधिकारियों को निर्देशित करें कि सुरक्षा दीवार में पैदल आवाजाही के लिए कम से कम 2 फीट का रास्ता छोड़ा जाए। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि इस रास्ते का उपयोग केवल पैदल राहगीरों के लिए होगा, जिससे किसी दुर्घटना की संभावना नहीं रहेगी और वाहनों की आवाजाही भी नहीं होगी। इस दौरान भंवर राव, राधा राव, भरत राव, भरत सामरिया सहित क्षेत्र के अनेक जागरूक नागरिक उपस्थित थे।4
- शुक्रवार शाम बिराटिया कला गांव के ग्रामीणों का बिजली विभाग के प्रति गुस्सा फूट पड़ा। लंबे समय से चली आ रही कम वोल्टेज और अनियमित विद्युत आपूर्ति की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने बर स्थित जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेडीवीवीएनएल) के एईएन कार्यालय का घेराव कर अधिकारियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में काफी समय से कम वोल्टेज की गंभीर समस्या है, जिसके कारण घरेलू उपकरण ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं। इसके साथ ही, किसानों को भी सिंचाई कार्यों में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। यह प्रदर्शन कोई अचानक नहीं था; ग्रामीणों ने पहले भी 8 जून को बिजली विभाग को इस समस्या के समाधान के लिए चेतावनी दी थी और कार्यालय घेराव का अल्टीमेटम भी दिया था। उस समय विभाग के एईएन ने दो दिन के भीतर विद्युत व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया था। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि यह आश्वासन केवल कागजी बनकर रह गया और जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। विभागीय उदासीनता और झूठे आश्वासनों से निराश होकर, ग्रामीण शुक्रवार को एईएन कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों से जवाबदेही की मांग की। इस दौरान ग्रामीण महिलाओं ने भी अपनी समस्याओं को अधिकारियों के सामने प्रमुखता से रखा। ग्रामीणों ने अधिकारियों पर उनकी शिकायतों को गंभीरता से न सुनने और संवेदनहीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया, जिससे लोगों में और अधिक आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कम वोल्टेज और अनियमित विद्युत आपूर्ति की समस्या का जल्द और स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ऐसी स्थिति में होने वाली किसी भी घटना की पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी। ग्रामीणों ने विभाग से तत्काल विद्युत व्यवस्था में सुधार कर आम जनता और किसानों को राहत प्रदान करने की पुरजोर मांग की। प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की और शीघ्र समाधान की मांग दोहराई।1