बातचीत प्रतिबंधित क्षेत्र में मकान ढहाने पर हाईकोर्ट की रोक जैसलमेर। राजस्थान हाईकोर्ट ने जैसलमेर शहर में पुरातत्व विभाग द्वारा प्रतिबंधित क्षेत्र में बने मकानों को ढहाने की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति कुलदीप माथुर की एकल पीठ ने अमरदीन खान सहित अन्य याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने अगली सुनवाई तक शहर के इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ नहीं करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिला कलेक्टर जैसलमेर को 8 अप्रैल 2026 को व्यक्तिगत रूप से रिकॉर्ड सहित अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है। कोर्ट ने प्रशासन से पूछा है कि यदि निर्माण अवैध पाए जाते हैं, तो वहां रहने वाले सैकड़ों परिवारों के पुनर्वास की क्या योजना है। क्या है मामलाः यह मामला प्राचीन स्मारक तथा पुरातात्विक स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण को रह लेकर है। पुरातत्व विभाग का कहना है कि जैसलमेर किले और अन्य संरक्षित स्मारकों के आसपास प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध निर्माण किए गए हैं, इसलिए मकान खाली करने और ध्वस्तीकरण के नोटिस जारी किए गए थे। याचिकाकर्ताओं ने लगाया भेदभाव का आरोपः याचिकाकर्ताओं ने अदालत में कहा कि सू इन क्षेत्रों में लगभग 300 से 400 मकान दशकों नि से बने हुए हैं और कई निर्माण सरकारी अनुमति तर और पट्टों के आधार पर किए गए थे। बिना कि पुनर्वास योजना के लोगों को बेघर करना उचित नहीं है। कोर्ट ने मांगा पूरा रिकॉर्ड हाईकोर्ट ने जिला कलेक्टर को निर्देश दिए कि वे प्रतिबंधित क्षेत्र में बने निर्माणों का पूरा रिकॉर्ड, अवैध निर्माण की स्थिति में पुनर्वास योजना और राज्य सरकार का आधिकारिक रुख अदालत में प्रस्तुत करें।
बातचीत प्रतिबंधित क्षेत्र में मकान ढहाने पर हाईकोर्ट की रोक जैसलमेर। राजस्थान हाईकोर्ट ने जैसलमेर शहर में पुरातत्व विभाग द्वारा प्रतिबंधित क्षेत्र में बने मकानों को ढहाने की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति कुलदीप माथुर की एकल पीठ ने अमरदीन खान सहित अन्य याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने अगली सुनवाई तक शहर के इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ नहीं करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिला कलेक्टर जैसलमेर को 8 अप्रैल 2026 को व्यक्तिगत रूप से रिकॉर्ड सहित अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है। कोर्ट ने प्रशासन से पूछा है कि यदि निर्माण अवैध पाए जाते हैं, तो वहां रहने वाले सैकड़ों परिवारों के पुनर्वास की क्या योजना है। क्या है मामलाः यह मामला प्राचीन स्मारक तथा पुरातात्विक स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण को रह लेकर है। पुरातत्व विभाग का कहना है कि जैसलमेर किले और अन्य संरक्षित स्मारकों के आसपास प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध निर्माण किए गए हैं, इसलिए मकान खाली करने और ध्वस्तीकरण के नोटिस जारी किए गए थे। याचिकाकर्ताओं ने लगाया भेदभाव का आरोपः याचिकाकर्ताओं ने अदालत में कहा कि सू इन क्षेत्रों में लगभग 300 से 400 मकान दशकों नि से बने हुए हैं और कई निर्माण सरकारी अनुमति तर और पट्टों के आधार पर किए गए थे। बिना कि पुनर्वास योजना के लोगों को बेघर करना उचित नहीं है। कोर्ट ने मांगा पूरा रिकॉर्ड हाईकोर्ट ने जिला कलेक्टर को निर्देश दिए कि वे प्रतिबंधित क्षेत्र में बने निर्माणों का पूरा रिकॉर्ड, अवैध निर्माण की स्थिति में पुनर्वास योजना और राज्य सरकार का आधिकारिक रुख अदालत में प्रस्तुत करें।
- शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी मध्यप्रदेश में आयोजित युवा विधायक सम्मेलन में मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी एवं अन्य विधायकों के साथ।1
- Post by तिलोकाराम गोदारा जिला अध्यक्ष1
- श्री कोलायत “गैस सेवा पर क्या बोले डीलर? देखिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू”1
- Post by Bhanwar Lal Beniwal2
- चरली त,आहोर जिला जालोर राजस्थान पिछले 2 वर्षों से नालि की गमबिर समस्या कही बार बाइक नालि से निकालते समय बाइक डेमेज कहीं बार बाइक चालक नालि में गिर सूखे कही बार कम्पलेन करने कर भी नालि ठिक नहीं कर रही ग्राम पंचायत1
- माहेश्वरी कॉलोनी भीनमाल वार्ड 06 मे माहेश्वरी समाज भवन के आगे कई दिनों से नाली के ऊपर बना जम (स्पीड ब्रेकर ) टुटा हुआ इस कोई ध्यान नहीं दे रहा है दोनों साइड से टूट गया है इस नहीं तो साधन चल सकता है नहीं पैदल व्यक्ति. कभी भी अंधेरे होने से बड़ा हादसा मोहल्ले मे हो सकता है. मेरा प्रशासन से आग्रह है इसे तुरंत ध्यान मे लेते हुए सही करावे4
- Post by तिलोकाराम गोदारा जिला अध्यक्ष1
- वीडियो शाकिर हुसैन बीकानेर सूरसागर की वर्तमान स्थिति चिंताजनक है। थोड़े दिनों में ही कूड़ा कचरा फिर से जमा होने लगा है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के समय यहां का निर्माण और रखरखाव बहुत अच्छा था। उस समय पानी, से भरा रहता था आसपास के इलाके में साफ सफाई और दीवारों पर सुंदर पेंटिंग का काम हुआ था। समय रहते सुधार नहीं हुआ तो सूरसागर फिर से खराब स्थिति में जा सकता है। नागरिकों की सुरक्षा और साफ सफाई के लिए प्रशासन, विधायक और न्यास को मिलकर उपाय करने की जरूरत है। सुझाव है कि सूरसागर में पुल या बच्चों के खेलने कूदने के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित क्षेत्र बनाया जाए। ऐसा होने से बीकानेर के नागरिकों को एक नई और उपयोगी सार्वजनिक जगह मिलेगी और सूरसागर की सौंदर्य एवं सुरक्षा दोनों सुनिश्चित होंगी।1
- कोट वाली जो कुआँ जो वीरान था, उसकी टंकी की तैयारी हो चुकी है, जिसमें पानी की टंकी बन रही है। अब रामपुरिया कॉलेज के पीछे जो कुआँ पड़ा है, उससे निवेदन है कि उसको भी जल्द से जल्द टंकी की पानी की टंकी की तैयारी में करें। 🌟 यह एक अच्छा कदम है कि पुराने कुओं को पुनर्जीवित किया जा रहा है। इससे पानी की समस्या का समाधान होगा और लोगों को स्वच्छ पानी मिलेगा।1