*प्रधानमंत्री मोदी श्री का पेपर लीक कानून विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा गारंटी - भूपेन्द्र सिंह* *लोकसभा में दो दिन तक विपक्ष ने केवल राजनीति की, पेपर लीक रोकने का एक भी ठोस सुझाव नहीं दिया ,! प्रधानमंत्री मोदी श्री का पेपर लीक कानून विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा गारंटी - लोकसभा में दो दिन तक विपक्ष ने केवल राजनीति की, पेपर लीक रोकने का एक भी ठोस सुझाव नहीं दिया सागर। मध्यप्रदेश के पूर्व गृह मंत्री एवं खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (संशोधन) विधेयक, 2026 के ध्वनिमत से पारित होने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का अभिनंदन करते हुए इसे देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य की सुरक्षा, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और पेपर लीक माफियाओं पर निर्णायक प्रहार की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि युवाओं के हित से जुड़े इस महत्वपूर्ण विधेयक पर भी विपक्ष ने सुझाव देने की जगह केवल विरोध की राजनीति की। श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि लोकसभा में इस विधेयक पर लगातार दो दिनों तक विस्तृत चर्चा हुई, लेकिन विपक्षी दलों के सांसदों के भाषण केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहे। उन्होंने कहा कि जिन विषयों पर देश के युवाओं को ठोस समाधान की अपेक्षा थी, वहां विपक्ष ने केवल राजनीतिक वातावरण बनाने का प्रयास किया। उनके अनुसार चर्चा के दौरान कई वक्तव्यों में छात्रों की भावनाओं को भड़काने और उन्हें आंदोलित करने का प्रयास अधिक दिखाई दिया, जबकि आवश्यकता परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सार्थक सुझाव देने की थी। उन्होंने कहा कि सबसे आश्चर्यजनक बात यह रही कि जिन दलों ने सरकार पर सबसे अधिक आरोप लगाए, उन्होंने यह बताने का प्रयास तक नहीं किया कि भविष्य में पेपर लीक की घटनाओं को कैसे रोका जाए। परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए विपक्ष की ओर से एक भी ठोस एवं व्यावहारिक सुझाव सामने नहीं आया। इससे स्पष्ट होता है कि उनका उद्देश्य समाधान नहीं, बल्कि केवल राजनीतिक लाभ लेना है। श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि देश का प्रत्येक विद्यार्थी चाहता है कि उसकी वर्षों की मेहनत किसी पेपर लीक या संगठित नकल गिरोह की वजह से व्यर्थ न जाए। यह विधेयक ऐसे ही ईमानदार और परिश्रमी युवाओं के हितों की रक्षा करने वाला कानून है। उन्होंने कहा कि संशोधित विधेयक में पेपर लीक एवं परीक्षा से जुड़े संगठित अपराधों पर अधिकतम 10 वर्ष के कठोर कारावास तथा दोषी संस्थानों पर 10 करोड़ रुपये तक के आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है। इससे पेपर लीक माफियाओं और संगठित परीक्षा गिरोहों पर प्रभावी अंकुश लगेगा। इससे परीक्षा माफियाओं, संगठित नकल गिरोहों और भर्ती प्रक्रियाओं में धांधली करने वाले तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में सरकार को और अधिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार लगातार ऐसी व्यवस्था विकसित कर रही है, जिसमें योग्य और मेहनती युवाओं को बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष अवसर मिल सके। ऐसे में अपेक्षा थी कि विपक्ष इस विधेयक को और प्रभावी बनाने के लिए रचनात्मक सुझाव देता, किंतु उसने ऐसा करने के बजाय राजनीतिक लाभ-हानि को प्राथमिकता दी। श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं लाखों परिवारों की आशाओं और सपनों से जुड़ी होती हैं। जब किसी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होता है, तो केवल एक परीक्षा प्रभावित नहीं होती, बल्कि लाखों युवाओं का विश्वास भी टूटता है। इसलिए परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने वाला प्रत्येक कदम देश के भविष्य को मजबूत करने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि यह संशोधन केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के युवाओं को यह भरोसा दिलाने का प्रयास है कि उनकी मेहनत, प्रतिभा और ईमानदारी के साथ कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा। केन्द्र सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि भर्ती परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही के साथ संपन्न हों तथा किसी भी प्रकार की धांधली करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पूर्व गृह मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि देश के युवाओं को राजनीति का माध्यम बनाने के बजाय उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए सभी दलों को एकजुट होकर काम करना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पब्लिक एग्जामिनेशन (संशोधन) विधेयक देश की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता को नई मजबूती देगा तथा आने वाले समय में ईमानदार विद्यार्थियों के हितों की प्रभावी रक्षा करेगा। *मीडिया कार्यालय* *दिनांक-30.07.2026*
*प्रधानमंत्री मोदी श्री का पेपर लीक कानून विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा गारंटी - भूपेन्द्र सिंह* *लोकसभा में दो दिन तक विपक्ष ने केवल राजनीति की, पेपर लीक रोकने का एक भी ठोस सुझाव नहीं दिया ,! प्रधानमंत्री मोदी श्री का पेपर लीक कानून विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा गारंटी - लोकसभा में दो दिन तक विपक्ष ने केवल राजनीति की, पेपर लीक रोकने का एक भी ठोस सुझाव नहीं दिया सागर। मध्यप्रदेश के पूर्व गृह मंत्री एवं खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (संशोधन) विधेयक, 2026 के ध्वनिमत से पारित होने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का अभिनंदन करते हुए इसे देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य की सुरक्षा, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और पेपर लीक माफियाओं पर निर्णायक प्रहार की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि युवाओं के हित से जुड़े इस महत्वपूर्ण विधेयक पर भी विपक्ष ने सुझाव देने की जगह केवल विरोध की राजनीति की। श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि लोकसभा में इस विधेयक पर लगातार दो दिनों तक विस्तृत चर्चा हुई, लेकिन विपक्षी दलों के सांसदों के भाषण केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहे। उन्होंने कहा कि जिन विषयों पर देश के युवाओं को ठोस समाधान की अपेक्षा थी, वहां विपक्ष ने केवल राजनीतिक वातावरण बनाने का प्रयास किया। उनके अनुसार चर्चा के दौरान कई वक्तव्यों में छात्रों की भावनाओं को भड़काने और उन्हें आंदोलित करने का प्रयास अधिक दिखाई दिया, जबकि आवश्यकता परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सार्थक सुझाव देने की थी। उन्होंने कहा कि सबसे आश्चर्यजनक बात यह रही कि जिन दलों ने सरकार पर सबसे अधिक आरोप लगाए, उन्होंने यह बताने का प्रयास तक नहीं किया कि भविष्य में पेपर लीक की घटनाओं को कैसे रोका जाए। परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए विपक्ष की ओर से एक भी ठोस एवं व्यावहारिक सुझाव सामने नहीं आया। इससे स्पष्ट होता है कि उनका उद्देश्य समाधान नहीं, बल्कि केवल राजनीतिक लाभ लेना है। श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि देश का प्रत्येक विद्यार्थी चाहता है कि उसकी वर्षों की मेहनत किसी पेपर लीक या संगठित नकल गिरोह की वजह से व्यर्थ न जाए। यह विधेयक ऐसे ही ईमानदार और परिश्रमी युवाओं के हितों की रक्षा करने वाला कानून है। उन्होंने कहा कि संशोधित विधेयक में पेपर लीक एवं परीक्षा से जुड़े संगठित अपराधों पर अधिकतम 10 वर्ष के कठोर कारावास तथा दोषी संस्थानों पर 10 करोड़ रुपये तक के आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है। इससे पेपर लीक माफियाओं और संगठित परीक्षा गिरोहों पर प्रभावी अंकुश लगेगा। इससे परीक्षा माफियाओं, संगठित नकल गिरोहों और भर्ती प्रक्रियाओं में धांधली करने वाले तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में सरकार को और अधिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार लगातार ऐसी व्यवस्था विकसित कर रही है, जिसमें योग्य और मेहनती युवाओं को बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष अवसर मिल सके। ऐसे में अपेक्षा थी कि विपक्ष इस विधेयक को और प्रभावी बनाने के लिए रचनात्मक सुझाव देता, किंतु उसने ऐसा करने के बजाय राजनीतिक लाभ-हानि को प्राथमिकता दी। श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं लाखों परिवारों की आशाओं और सपनों से जुड़ी होती हैं। जब किसी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होता है, तो केवल एक परीक्षा प्रभावित नहीं होती, बल्कि लाखों युवाओं का विश्वास भी टूटता है। इसलिए परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने वाला प्रत्येक कदम देश के भविष्य को मजबूत करने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि यह संशोधन केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के युवाओं को यह भरोसा दिलाने का प्रयास है कि उनकी मेहनत, प्रतिभा और ईमानदारी के साथ कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा। केन्द्र सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि भर्ती परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही के साथ संपन्न हों तथा किसी भी प्रकार की धांधली करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पूर्व गृह मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि देश के युवाओं को राजनीति का माध्यम बनाने के बजाय उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए सभी दलों को एकजुट होकर काम करना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पब्लिक एग्जामिनेशन (संशोधन) विधेयक देश की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता को नई मजबूती देगा तथा आने वाले समय में ईमानदार विद्यार्थियों के हितों की प्रभावी रक्षा करेगा। *मीडिया कार्यालय* *दिनांक-30.07.2026*
- भोपाल , मध्यप्रदेश दतिया उपचुनाव पर भाजपा का पलटवार कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने घेरा1
- दतिया में उपचुनाव हो जाने के बाद राजेंद्र भारती और घनश्याम सिंह आमने सामने ............. दतिया में उपचुनाव हो जाने के बाद राजेंद्र भारती और घनश्याम सिंह आमने सामने1
- फेसबुक पर राजनीतिक टिप्पणी करना तालगांव के रोजगार सहायक को पड़ा भारी, आदर्श आचरण संहिता उल्लंघन में जिला पंचायत सीईओ ने किया निलंबित दतिया विधानसभा क्षेत्र-22 के उप निर्वाचन 2026 के दौरान सोशल मीडिया पर राजनीतिक टिप्पणी करना ग्राम रोजगार सहायक को महंगा पड़ गया। ग्राम पंचायत तालगांव के ग्राम रोजगार सहायक एवं प्रभारी सचिव विकास शर्मा द्वारा अपने व्यक्तिगत फेसबुक अकाउंट पर राजनीतिक टिप्पणी पोस्ट किए जाने का मामला सामने आया। जांच में प्रथम दृष्टया इसे आदर्श आचरण संहिता का उल्लंघन एवं अनुशासनहीनता माना गया। इसके बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दतिया अक्षय कुमार तेम्रवाल ने शुक्रवार शाम 05 बजे आदेश जारी कर विकास शर्मा को तत्काल प्रभाव से शासकीय कार्य से विरत (निलंबित) कर दिया। आदेश के अनुसार विरत अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार 50 प्रतिशत पारिश्रमिक देय होगा। प्रशासन ने निर्वाचन अवधि में सभी शासकीय कर्मचारियों को आचरण संहिता का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।1
- इंदरगढ़ में युवक के प्लाट पर दबंग कर रहे कब्जा युवक अपने लगए गंभीर आरोप सुने किया कहा खबर इंदरगढ़ में युवक के प्लाट पर दबंग कर रहे कब्जा युवक अपने लगए गंभीर आरोप सुने किया कहा खबर1
- 33 केवी लाइन बिजली के खंभे दे रहे हादसों को निमंत्रण जिम्मेदार मौन भांडेर तहसील के पंडोखर थाना क्षेत्र में मेन हाईवे पर खड़े बिजली के खंभे हादसे को दावत दे रहे हैं। पंडोखर मोड़ से सालोन बी गांव की ओर जाने वाली सड़क के किनारे कई खंभे बुरी तरह झुके हुए हैं और कभी भी गिर सकते हैं। 33 केवी लाइन से बड़ा खतरा स्थानीय लोगों ने बताया कि इन खंभों से 33 केवी की हाईटेंशन लाइन निकली है। खंभों का झुकाव इतना ज्यादा है कि तेज हवा या वाहन के टकराने पर तार समेत गिरने का खतरा बना हुआ है। सड़क से रोजाना सैकड़ों राहगीर और वाहन चालक इन्हीं खंभों के नीचे से गुजरते हैं। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। अधिकारी भी अनदेखी कर रहे हैरानी की बात यह है कि प्रशासनिक अधिकारी और बिजली विभाग के कर्मचारी भी इसी रास्ते से रोज आते-जाते हैं, लेकिन अब तक किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की लापरवाही के कारण कभी भी जान-माल का नुकसान हो सकता है। जेई ने दिया आश्वासन इस संबंध में पंडोखर के जेई राहुल कुमार गौड ने बताया कि झुके हुए खंभों और मेन लाइन को बदलने का एस्टीमेट तैयार हो चुका है। एक-दो दिन में खंभों को बदलने और लाइन सुधार का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि एस्टीमेट के भरोसे न रहकर तुरंत अस्थायी सुरक्षा उपाय किए जाएं, ताकि हादसे से पहले ही खतरे को टाला जा सके।।1
- मनासा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 705 किलो डोडाचूरा, पिस्टल सहित ₹22 लाख का माल बरामद मनासा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 705 किलो डोडाचूरा, पिस्टल सहित ₹22 लाख का माल बरामद *नीमच।* "नशे से दूरी है ज़रूरी" अभियान 2.0 के तहत चौकी कंजार्डा थाना मनासा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 705 किलो अवैध डोडाचूरा जब्त किया। चेकिंग के दौरान बोलेरो पिकअप से मादक पदार्थ के साथ एक देशी पिस्टल, जिंदा कारतूस और तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की गई। कुल जब्त संपत्ति की कीमत करीब ₹22 लाख 11 हजार आंकी गई है। *खबर का मुख्य अंश* : एसपी श्री राजेश व्यास के निर्देशन और एएसपी हेमलता अग्रवाल, एसडीओपी शाबेरा अंसारी व टीआई निलेश अवस्थी के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में आरोपी शीतल धाकड निवासी चित्तौडगढ़, राजस्थान को पकड़ा गया। उसके खिलाफ NDPS एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर पूरे तस्करी नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है।1
- दतिया , मध्यप्रदेश दतिया से बदलेगी प्रदेश की राजनीति: पटवारी कांग्रेस की 25 हजार वोटों से जीत का दावा1
- *AI-जनरेटेड फर्जी वीडियो मामले में FIR दर्ज, व्हाट्सएप स्टेटस पर आपत्तिजनक पोस्ट डालना पड़ा भारी...* *रतलाम*। _प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का कथित AI-जनरेटेड एवं एडिट किया गया आपत्तिजनक वीडियो व्हाट्सएप स्टेटस पर साझा करने के मामले में दीनदयाल नगर थाना पुलिस ने लालचंद राठौड़ निवासी ब्राह्मणों का वास के खिलाफ एफआईआर क्रमांक 560/2026 दर्ज की है। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 336(4) के तहत दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक पंकज राजपूत को सौंपी गई है।_ _शिकायतकर्ता अंकुश श्रीवास्तव ने बताया कि उनके मित्र कृष्णा डिंडोर ने उन्हें आरोपी के व्हाट्सएप स्टेटस का स्क्रीनशॉट और वीडियो भेजा, जिसमें प्रधानमंत्री के विरुद्ध कथित फर्जी व आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की गई थी। इसके बाद अंकुश श्रीवास्तव अपने साथियों मोहित बंजारा, जयेश जाजोरिया और नवीन चौधरी के साथ दीनदयाल नगर थाने पहुंचे और पुलिस को मोबाइल1