फेसबुक पर राजनीतिक टिप्पणी करना तालगांव के रोजगार सहायक को पड़ा भारी, आदर्श आचरण संहिता उल्लंघन में जिला पंचायत सीईओ ने किया निलंबित दतिया विधानसभा क्षेत्र-22 के उप निर्वाचन 2026 के दौरान सोशल मीडिया पर राजनीतिक टिप्पणी करना ग्राम रोजगार सहायक को महंगा पड़ गया। ग्राम पंचायत तालगांव के ग्राम रोजगार सहायक एवं प्रभारी सचिव विकास शर्मा द्वारा अपने व्यक्तिगत फेसबुक अकाउंट पर राजनीतिक टिप्पणी पोस्ट किए जाने का मामला सामने आया। जांच में प्रथम दृष्टया इसे आदर्श आचरण संहिता का उल्लंघन एवं अनुशासनहीनता माना गया। इसके बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दतिया अक्षय कुमार तेम्रवाल ने शुक्रवार शाम 05 बजे आदेश जारी कर विकास शर्मा को तत्काल प्रभाव से शासकीय कार्य से विरत (निलंबित) कर दिया। आदेश के अनुसार विरत अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार 50 प्रतिशत पारिश्रमिक देय होगा। प्रशासन ने निर्वाचन अवधि में सभी शासकीय कर्मचारियों को आचरण संहिता का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
फेसबुक पर राजनीतिक टिप्पणी करना तालगांव के रोजगार सहायक को पड़ा भारी, आदर्श आचरण संहिता उल्लंघन में जिला पंचायत सीईओ ने किया निलंबित दतिया विधानसभा क्षेत्र-22 के उप निर्वाचन 2026 के दौरान सोशल मीडिया पर राजनीतिक टिप्पणी करना ग्राम रोजगार सहायक को महंगा पड़ गया। ग्राम पंचायत तालगांव के ग्राम रोजगार सहायक एवं प्रभारी सचिव विकास शर्मा द्वारा अपने व्यक्तिगत फेसबुक अकाउंट पर राजनीतिक टिप्पणी पोस्ट किए जाने का मामला सामने आया। जांच में प्रथम दृष्टया इसे आदर्श आचरण संहिता का उल्लंघन एवं अनुशासनहीनता माना गया। इसके बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दतिया अक्षय कुमार तेम्रवाल ने शुक्रवार शाम 05 बजे आदेश जारी कर विकास शर्मा को तत्काल प्रभाव से शासकीय कार्य से विरत (निलंबित) कर दिया। आदेश के अनुसार विरत अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार 50 प्रतिशत पारिश्रमिक देय होगा। प्रशासन ने निर्वाचन अवधि में सभी शासकीय कर्मचारियों को आचरण संहिता का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
- फेसबुक पर राजनीतिक टिप्पणी करना तालगांव के रोजगार सहायक को पड़ा भारी, आदर्श आचरण संहिता उल्लंघन में जिला पंचायत सीईओ ने किया निलंबित दतिया विधानसभा क्षेत्र-22 के उप निर्वाचन 2026 के दौरान सोशल मीडिया पर राजनीतिक टिप्पणी करना ग्राम रोजगार सहायक को महंगा पड़ गया। ग्राम पंचायत तालगांव के ग्राम रोजगार सहायक एवं प्रभारी सचिव विकास शर्मा द्वारा अपने व्यक्तिगत फेसबुक अकाउंट पर राजनीतिक टिप्पणी पोस्ट किए जाने का मामला सामने आया। जांच में प्रथम दृष्टया इसे आदर्श आचरण संहिता का उल्लंघन एवं अनुशासनहीनता माना गया। इसके बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दतिया अक्षय कुमार तेम्रवाल ने शुक्रवार शाम 05 बजे आदेश जारी कर विकास शर्मा को तत्काल प्रभाव से शासकीय कार्य से विरत (निलंबित) कर दिया। आदेश के अनुसार विरत अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार 50 प्रतिशत पारिश्रमिक देय होगा। प्रशासन ने निर्वाचन अवधि में सभी शासकीय कर्मचारियों को आचरण संहिता का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।1
- इंदरगढ़ में युवक के प्लाट पर दबंग कर रहे कब्जा युवक अपने लगए गंभीर आरोप सुने किया कहा खबर इंदरगढ़ में युवक के प्लाट पर दबंग कर रहे कब्जा युवक अपने लगए गंभीर आरोप सुने किया कहा खबर1
- बुंदेलखंड जैसे गरीब एवं पिछड़े क्षेत्र में E20 एथनॉल मिश्रित पेट्रोल लागू करने से आम जनता पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ के बावत बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिला अधिकारी के माध्यम से भेजा गया। ज्ञापन में कहा गया की बुंदेलखंड वर्षों से सूखा, बेरोज़गारी, पलायन और आर्थिक अभाव झेल रहा है। यहाँ का आम नागरिक बड़ी कठिनाई से अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। अनेक परिवार आज भी पुराने दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर निर्भर हैं, क्योंकि नया वाहन खरीदना उनके लिए संभव नहीं है। *अखण्ड बुंदेलखंड क्षेत्र (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश) में पांच लाख से ज्यादा चार पहिया वाहन है, जिसमे चार लाख से ज्यादा तीन साल या उससे ज्यादा पुराने है। लगभग चालीस लाख से ज्यादा दो पहिया वाहन है। बुंदेलखंड के लोग अपने वाहनों को बहुत सहेज के रखते है, उनके पास इतना पैसा नहीं होता कि E20 से ख़राब होने वाले वाहन को ठीक करवा पाये साथ ही कम माईलेज भी बर्दास्त नहीं कर पाएगे*। ऐसी परिस्थिति में E20 एथनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर लोगों में गहरी चिंता है। विशेष रूप से पुराने अथवा E20-अनुकूल न होने वाले वाहनों के मालिकों को आशंका है कि इससे उनके वाहनों के रखरखाव और मरम्मत का खर्च बढ़ सकता है। बुंदेलखंड के गरीब परिवारों के लिए यह अतिरिक्त आर्थिक बोझ अत्यंत कठिन साबित हो सकता है। हम पूछना चाहते हैं कि जब लोगों के पास अपने वाहनों की सामान्य मरम्मत कराने तक के पर्याप्त साधन नहीं हैं, तब यदि नई ईंधन नीति के कारण उन पर अतिरिक्त खर्च का जोखिम बढ़े, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? हमारी मांग है कि— 1. बुंदेलखंड जैसे आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों में E20 नीति के प्रभावों का स्वतंत्र तकनीकी एवं सामाजिक अध्ययन कराया जाए। 2. जिन वाहनों को निर्माता E20 के लिए उपयुक्त नहीं बताते, उनके उपभोक्ताओं के हितों की विशेष सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। 3. व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को स्पष्ट जानकारी दी जाए कि उनका वाहन E20 के लिए उपयुक्त है या नहीं। 4. यदि किसी नीति मै परिवर्तन से आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है, तो उसके लिए उचित राहत एवं सहायता की व्यवस्था की जाए। 5. किसी भी निर्णय में गरीब और ग्रामीण नागरिकों की आर्थिक स्थिति व क्षमता को दृष्टिगत रखते हुए को प्राथमिक दी जाए। ज्ञापन भेंट करने वालो में एड.भानू सहाय, एड अशोक सक्सैना महामंत्री, प्रवक्ता रघुराज शर्मा, एड वरूण अग्रवाल कोषाध्यक्ष, एड अनुराग मिश्रा, अभिषेक तिवारी, एड जी डी सैनी, एड अभिषेक खरे, एड जशवंत राव, एड प्रतीक झाँ, एड धर्मेन्द्र कुशवाहा, आदि उपस्थित रहे भानू सहाय अध्यक्ष बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा3
- भोपाल , मध्यप्रदेश दतिया उपचुनाव पर भाजपा का पलटवार कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने घेरा1
- बुंदेलखंड जैसे गरीब एवं पिछड़े क्षेत्र में E20 एथनॉल मिश्रित पेट्रोल लागू करने से आम जनता पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ के बावत बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिला अधिकारी के माध्यम से भेजा गया। ज्ञापन में कहा गया की बुंदेलखंड वर्षों से सूखा, बेरोज़गारी, पलायन और आर्थिक अभाव झेल रहा है। यहाँ का आम नागरिक बड़ी कठिनाई से अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। अनेक परिवार आज भी पुराने दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर निर्भर हैं, क्योंकि नया वाहन खरीदना उनके लिए संभव नहीं है। *अखण्ड बुंदेलखंड क्षेत्र (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश) में पांच लाख से ज्यादा चार पहिया वाहन है, जिसमे चार लाख से ज्यादा तीन साल या उससे ज्यादा पुराने है। लगभग चालीस लाख से ज्यादा दो पहिया वाहन है। बुंदेलखंड के लोग अपने वाहनों को बहुत सहेज के रखते है, उनके पास इतना पैसा नहीं होता कि E20 से ख़राब होने वाले वाहन को ठीक करवा पाये साथ ही कम माईलेज भी बर्दास्त नहीं कर पाएगे*। ऐसी परिस्थिति में E20 एथनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर लोगों में गहरी चिंता है। विशेष रूप से पुराने अथवा E20-अनुकूल न होने वाले वाहनों के मालिकों को आशंका है कि इससे उनके वाहनों के रखरखाव और मरम्मत का खर्च बढ़ सकता है। बुंदेलखंड के गरीब परिवारों के लिए यह अतिरिक्त आर्थिक बोझ अत्यंत कठिन साबित हो सकता है। हम पूछना चाहते हैं कि जब लोगों के पास अपने वाहनों की सामान्य मरम्मत कराने तक के पर्याप्त साधन नहीं हैं, तब यदि नई ईंधन नीति के कारण उन पर अतिरिक्त खर्च का जोखिम बढ़े, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? हमारी मांग है कि— 1. बुंदेलखंड जैसे आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों में E20 नीति के प्रभावों का स्वतंत्र तकनीकी एवं सामाजिक अध्ययन कराया जाए। 2. जिन वाहनों को निर्माता E20 के लिए उपयुक्त नहीं बताते, उनके उपभोक्ताओं के हितों की विशेष सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। 3. व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को स्पष्ट जानकारी दी जाए कि उनका वाहन E20 के लिए उपयुक्त है या नहीं। 4. यदि किसी नीति मै परिवर्तन से आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है, तो उसके लिए उचित राहत एवं सहायता की व्यवस्था की जाए। 5. किसी भी निर्णय में गरीब और ग्रामीण नागरिकों की आर्थिक स्थिति व क्षमता को दृष्टिगत रखते हुए को प्राथमिक दी जाए। ज्ञापन भेंट करने वालो में एड.भानू सहाय, एड अशोक सक्सैना महामंत्री, प्रवक्ता रघुराज शर्मा, एड वरूण अग्रवाल कोषाध्यक्ष, एड अनुराग मिश्रा, अभिषेक तिवारी, एड जी डी सैनी, एड अभिषेक खरे, एड जशवंत राव, एड प्रतीक झाँ, एड धर्मेन्द्र कुशवाहा, आदि उपस्थित रहे भानू सहाय अध्यक्ष बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा1
- झांसी। वन विभाग पर लगाया आरोप। जिलाधिकारी से की शिकायत।1
- 33 केवी लाइन बिजली के खंभे दे रहे हादसों को निमंत्रण जिम्मेदार मौन भांडेर तहसील के पंडोखर थाना क्षेत्र में मेन हाईवे पर खड़े बिजली के खंभे हादसे को दावत दे रहे हैं। पंडोखर मोड़ से सालोन बी गांव की ओर जाने वाली सड़क के किनारे कई खंभे बुरी तरह झुके हुए हैं और कभी भी गिर सकते हैं। 33 केवी लाइन से बड़ा खतरा स्थानीय लोगों ने बताया कि इन खंभों से 33 केवी की हाईटेंशन लाइन निकली है। खंभों का झुकाव इतना ज्यादा है कि तेज हवा या वाहन के टकराने पर तार समेत गिरने का खतरा बना हुआ है। सड़क से रोजाना सैकड़ों राहगीर और वाहन चालक इन्हीं खंभों के नीचे से गुजरते हैं। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। अधिकारी भी अनदेखी कर रहे हैरानी की बात यह है कि प्रशासनिक अधिकारी और बिजली विभाग के कर्मचारी भी इसी रास्ते से रोज आते-जाते हैं, लेकिन अब तक किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की लापरवाही के कारण कभी भी जान-माल का नुकसान हो सकता है। जेई ने दिया आश्वासन इस संबंध में पंडोखर के जेई राहुल कुमार गौड ने बताया कि झुके हुए खंभों और मेन लाइन को बदलने का एस्टीमेट तैयार हो चुका है। एक-दो दिन में खंभों को बदलने और लाइन सुधार का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि एस्टीमेट के भरोसे न रहकर तुरंत अस्थायी सुरक्षा उपाय किए जाएं, ताकि हादसे से पहले ही खतरे को टाला जा सके।।1
- भांडेर में महिला ने पति व ससुराल पक्ष पर मारपीट का लगाया आरोप, थाने में शिकायत दर्ज, पुलिस ने जांच शुरू की। भांडेर थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर मारपीट का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की है। अजीतपुरा निवासी पीड़िता ने बताया कि उसका पति भानु प्रताप शराब के नशे में आए दिन उसके साथ मारपीट करता है। महिला का आरोप है कि ससुराल पक्ष के अन्य लोगों ने भी उसके साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की। घटना के बाद पीड़िता भांडेर थाने पहुंची और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान लिए जाएंगे और तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1