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कासगंज के सहवार गेट इलाके से कूड़ा तो हटा दिया गया है, लेकिन वहां झाड़ू नहीं लगाई गई है। इससे क्षेत्र में सफाई का काम अधूरा रह गया है और गंदगी जस की तस बनी हुई है।
Durgesh prajapati
कासगंज के सहवार गेट इलाके से कूड़ा तो हटा दिया गया है, लेकिन वहां झाड़ू नहीं लगाई गई है। इससे क्षेत्र में सफाई का काम अधूरा रह गया है और गंदगी जस की तस बनी हुई है।
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- PM मोदी के सोमनाथ पूजन का सोरों में LIVE प्रसारण | महिलाओं ने निकाली कलश यात्रा सोरों में दिखी सनातन आस्था की भव्य तस्वीर | चक्रेश्वर महादेव मंदिर में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व LIVE PM मोदी के सोमनाथ पूजन का सोरों में LIVE प्रसारण | महिलाओं ने निकाली कलश यात्रा सोरों चक्रेश्वर महादेव मंदिर में गूंजा ‘ॐ नमः शिवाय’ | भव्य धार्मिक आयोजन सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर सोरों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब | LIVE कार्यक्रम सोरों शूकरक्षेत्र की पावन धरती पर सोमवार को सनातन आस्था और संस्कृति का भव्य संगम देखने को मिला… तीर्थ नगरी स्थित चक्रेश्वर महादेव मंदिर में “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं और भाजपा कार्यकर्ताओं ने एलईडी टीवी के माध्यम से गुजरात के सोमनाथ मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जा रहे पूजा-अर्चना कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा। वहीं महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भव्य कलश यात्रा निकालकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मंदिर परिसर “हर हर महादेव” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष से गूंज उठा। इस अवसर पर आयोजित “ॐ नमः शिवाय” लेखन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। भाजपा नगर अध्यक्ष आदित्य काकोरिया ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं। मनीष शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर के धार्मिक स्थलों का गौरव पुनर्स्थापित हो रहा है। कार्यक्रम में महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सांत्वना पाराशर, आशुतोष त्रिवेदी, विष्णु तिवारी, नीतेश पचौरी, विजय गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- कासगंज के सहवार गेट इलाके से कूड़ा तो हटा दिया गया है, लेकिन वहां झाड़ू नहीं लगाई गई है। इससे क्षेत्र में सफाई का काम अधूरा रह गया है और गंदगी जस की तस बनी हुई है।1
- कासगंज के ग्राम किलोनी रफातपुर में नालियां ओवरफ्लो हैं और गंदगी के कारण बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सफाईकर्मी और ग्राम प्रधान दोनों ही समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। बदबू और कीचड़ के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- आगरा के एक थाने में एक महिला दरोगा ने अपनी ही महिला इंस्पेक्टर को बेरहमी से पीटा। इस घटना से पूरे पुलिस स्टेशन में हड़कंप मच गया और अधिकारी भी सकते में आ गए।1
- यह मेरे गांव जाने वाली सड़क है, यह अभी भी ठीक नहीं है, यह कब ठीक होगी? इस सड़क पर गांव के लोगों के लिए कोई रोशनी की बत्ती नहीं है।1
- कासगंज गंजडुंडवारा में महाराणा प्रताप जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम साहस और शौर्य के प्रतीक महाराणा प्रताप की जयंती पर नगर में निकली भव्य शोभायात्रा राष्ट्रभक्त महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर कल नगर में एक भव्य और ऐतिहासिक शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धा और उत्साह के इस संगम में पूरा नगर 'जय राजपूताना' और 'वीर प्रताप अमर रहें' के जयघोषों से सराबोर नजर आया शोभायात्रा का शुभारंभ मुख्य चौराहे से विधि-विधान से पूजन के बाद किया गया। यात्रा में सबसे आगे महाराणा प्रताप के शौर्य को दर्शाती सजीव झांकियां चल रही थीं आकर्षण का केंद्र रहीं पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवाओं और बैंड-बाजों की धुन ने वातावरण को पूरी तरह देशभक्ति के रंग में रंग दिया शोभायात्रा जिस मार्ग से भी गुजरी, वहां स्थानीय निवासियों ने छतों और द्वारों से पुष्पवर्षा कर वीर शिरोमणि को नमन किया। स्वागत के लिए जगह-जगह तोरण द्वार बनाए गए थे और जलपान की व्यवस्था की गई थी। इस अवसर पर महिलाओं भी उपस्थिति ने कार्यक्रम की भव्यता को और बढ़ा दिया। यात्रा के समापन पर वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका संघर्ष केवल सत्ता के लिए नहीं, बल्कि अपनी मातृभूमि की स्वतंत्रता और स्वाभिमान के लिए था। उपस्थित जनसमूह ने उनके बताए मार्ग पर चलने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का सामूहिक संकल्प लिया। इस भव्य आयोजन में सामाजिक ,विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और हजारों की संख्या में उत्साही युवा शामिल हुए। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे1
- ग्राम पंचायत बमेड़ ब्लॉग अम्बियापुर तहसील बिल्सी जिला बदायूं में केदारी पृथ्वीराज के घर व खेल मैदान श्मशान घाट का रास्ता है ग्राम पंचायत __बमेड़ ब्लॉक अम्बियापुर_ में सड़क पर लंबे समय से पानी भरा हुआ है, जिससे आने-जाने में ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है। कई बार शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हुआ। संबंधित अधिकारियों से जल्द कार्रवाई की मांग है।”2
- पर्यटन विभाग की बड़ी चूक: सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के फ्लैक्स से गायब हुआ तीर्थ नगरी सोरों प्रमुख तीर्थ का नाम गायब पर्यटन विभाग की बड़ी चूक: सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के फ्लैक्स से गायब हुआ तीर्थ नगरी सोरों के प्रमुख तीर्थों का नाम सोरों शूकरक्षेत्र। धार्मिक एवं पौराणिक महत्व की नगरी सोरों शूकरक्षेत्र में आयोजित होने जा रहे “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” कार्यक्रम से पहले पर्यटन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए फ्लैक्स एवं प्रचार सामग्री में तीर्थ नगरी के प्रमुख धार्मिक स्थलों — चक्रेश्वर महादेव मंदिर और वाराह मंदिर — का नाम शामिल न किए जाने पर स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है। मामला सामने आते ही क्षेत्र में नाराजगी का माहौल बन गया। लोगों का कहना है कि सोरों शूकरक्षेत्र देशभर में भगवान वाराह की तपोस्थली और प्राचीन तीर्थ के रूप में प्रसिद्ध है, ऐसे में धार्मिक कार्यक्रम के फ्लैक्स से प्रमुख मंदिरों के नाम गायब होना पर्यटन विभाग की गंभीर अनदेखी को दर्शाता है। भाजपा नगर अध्यक्ष आदित्य काकोरिया ने कार्यक्रम स्थल पर लगे फ्लैक्स को देखकर तत्काल क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव से फोन पर वार्ता की। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि तीर्थ नगरी की धार्मिक पहचान से जुड़े प्रमुख स्थलों को नजरअंदाज करना स्थानीय आस्था का अपमान है। उन्होंने जल्द से जल्द गलती सुधारकर नए फ्लैक्स लगाने की मांग की। आदित्य काकोरिया ने कहा कि, “सोरों शूकरक्षेत्र केवल एक नगर नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यहां के प्रमुख मंदिरों के नाम हटाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पर्यटन विभाग को धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।” कार्यक्रम में मौजूद सभासद नीतेश पचौरी और सभासद विष्णु तिवारी ने भी इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यटन विभाग लगातार सोरों की उपेक्षा कर रहा है। सभासद नीतेश पचौरी ने कहा, “जब भी पर्यटन से जुड़े प्रचार-प्रसार की बात आती है, सोरों के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को उचित स्थान नहीं दिया जाता। यह स्थानीय जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।” वहीं सभासद विष्णु तिवारी ने कहा कि, “सोरों शूकरक्षेत्र की पहचान भगवान वाराह और प्राचीन धार्मिक स्थलों से है। यदि इन्हीं स्थलों का नाम प्रचार सामग्री से गायब रहेगा तो आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के सामने गलत संदेश जाएगा।” स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पर्यटन विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संशोधित फ्लैक्स जारी करे तथा भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अनुपम श्री वास्तव ने फोन पर बताया कि फ्लैक्स पर नाम गलत अंकित होना ये प्रेस की गलती से हुआ जल्दबाजी में चेक नहीं किया गया कार्यदाई संस्था पर कार्यवाही की जाएगी।1