गनोड़ा में गणेश विसर्जन के दिन हुआ कुछ ऐसा देख ने उमड़ा जन सैलाब नमस्कार, आप देख रहे हैं 'न्यूज़ 24 वागड़' और मैं हूँ पंडित। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से इस वक्त की एक बड़ी और भक्तिमय खबर। गनोड़ा तहसील में बीते 10 दिनों से जारी गणेश उत्सव का आज धूमधाम और भक्ति भाव के साथ समापन हो गया। गनोड़ा में श्रीगोड़ समाज द्वारा आयोजित 10 दिवसीय गणेश उत्सव में हर दिन आस्था और उत्साह का अनोखा रंग देखने को मिला। 10 दिनों तक चले इस धार्मिक महोत्सव में श्रीगोड़ समाज द्वारा प्रतिदिन अलग-अलग सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें भक्तिमय भजन संध्या, श्री सुंदरकांड पाठ का संगीतमय आयोजन, डांडिया-गरबा की शाम, और बच्चों व महिलाओं के लिए कुर्सी दौड़ व चम्मच दौड़ जैसी खेल प्रतियोगिताएं शामिल रहीं। इन आयोजनों ने पूरे क्षेत्र के माहौल को भक्तिमय और ऊर्जावान बनाए रखा। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर गणेश विसर्जन के दिन गनोड़ा में एक अद्भुत और अलौकिक नजारा देखने को मिला। विसर्जन के दिन गनोड़ा के 'सर्व समाज' द्वारा एक विशाल और भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में गनोड़ा के हर समाज ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने-अपने समाज के गणपति बप्पा की प्रतिमाओं के साथ जुलूस निकाला। ढोल-नगाड़ों की थाप, डीजे की धुन और जयकारों के बीच गनोड़ा की सड़कों पर एक ऐसा अद्भुत नजारा देखने को मिला, जिसे देखकर श्रद्धालुओं की आँखों से आँसू छलक पड़े। यह दृश्य देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो भक्तों के इस अपार प्रेम को छोड़कर गणपति बप्पा का भी जाने का मन नहीं कर रहा था। लेकिन भक्तों ने बप्पा को भावुक होकर मनाया और विनती की कि "हे प्रभु! अगर आप इस बार नहीं जाएंगे, तो अगले साल वापस कैसे आएंगे?" भक्तों की इसी कातर पुकार और अटूट भक्ति को सुनकर गणपति बप्पा अगले वर्ष पुन: आने का वचन देकर जाने के लिए तैयार हुए। 'गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ' के गूंजते जयकारों के साथ बप्पा को अश्रुपूरित नेत्रों से विदाई दी गई।
गनोड़ा में गणेश विसर्जन के दिन हुआ कुछ ऐसा देख ने उमड़ा जन सैलाब नमस्कार, आप देख रहे हैं 'न्यूज़ 24 वागड़' और मैं हूँ पंडित। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से इस वक्त की एक बड़ी और भक्तिमय खबर। गनोड़ा तहसील में बीते 10 दिनों से जारी गणेश उत्सव का आज धूमधाम और भक्ति भाव के साथ समापन हो गया। गनोड़ा में श्रीगोड़ समाज द्वारा आयोजित 10 दिवसीय गणेश उत्सव में हर दिन आस्था और उत्साह का अनोखा रंग देखने को मिला। 10 दिनों तक चले इस धार्मिक महोत्सव में श्रीगोड़ समाज द्वारा प्रतिदिन अलग-अलग सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें भक्तिमय भजन संध्या, श्री सुंदरकांड पाठ का संगीतमय आयोजन, डांडिया-गरबा की शाम, और बच्चों व महिलाओं के लिए कुर्सी दौड़ व चम्मच दौड़ जैसी खेल प्रतियोगिताएं शामिल रहीं। इन आयोजनों ने पूरे क्षेत्र के माहौल को भक्तिमय और ऊर्जावान बनाए रखा। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर गणेश विसर्जन के दिन गनोड़ा में एक अद्भुत और अलौकिक नजारा देखने को मिला। विसर्जन के दिन गनोड़ा के 'सर्व समाज' द्वारा एक विशाल और भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में गनोड़ा के हर समाज ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने-अपने समाज के गणपति बप्पा की प्रतिमाओं के साथ जुलूस निकाला। ढोल-नगाड़ों की थाप, डीजे की धुन और जयकारों के बीच गनोड़ा की सड़कों पर एक ऐसा अद्भुत नजारा देखने को मिला, जिसे देखकर श्रद्धालुओं की आँखों से आँसू छलक पड़े। यह दृश्य देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो भक्तों के इस अपार प्रेम को छोड़कर गणपति बप्पा का भी जाने का मन नहीं कर रहा था। लेकिन भक्तों ने बप्पा को भावुक होकर मनाया और विनती की कि "हे प्रभु! अगर आप इस बार नहीं जाएंगे, तो अगले साल वापस कैसे आएंगे?" भक्तों की इसी कातर पुकार और अटूट भक्ति को सुनकर गणपति बप्पा अगले वर्ष पुन: आने का वचन देकर जाने के लिए तैयार हुए। 'गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ' के गूंजते जयकारों के साथ बप्पा को अश्रुपूरित नेत्रों से विदाई दी गई।
- Pandit Repotarगनोड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान🙏🙏🙏🙏17 hrs ago
- गनोड़ा में गणेश विसर्जन के दिन हुआ कुछ ऐसा देख ने उमड़ा जन सैलाब नमस्कार, आप देख रहे हैं 'न्यूज़ 24 वागड़' और मैं हूँ पंडित। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से इस वक्त की एक बड़ी और भक्तिमय खबर। गनोड़ा तहसील में बीते 10 दिनों से जारी गणेश उत्सव का आज धूमधाम और भक्ति भाव के साथ समापन हो गया। गनोड़ा में श्रीगोड़ समाज द्वारा आयोजित 10 दिवसीय गणेश उत्सव में हर दिन आस्था और उत्साह का अनोखा रंग देखने को मिला। 10 दिनों तक चले इस धार्मिक महोत्सव में श्रीगोड़ समाज द्वारा प्रतिदिन अलग-अलग सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें भक्तिमय भजन संध्या, श्री सुंदरकांड पाठ का संगीतमय आयोजन, डांडिया-गरबा की शाम, और बच्चों व महिलाओं के लिए कुर्सी दौड़ व चम्मच दौड़ जैसी खेल प्रतियोगिताएं शामिल रहीं। इन आयोजनों ने पूरे क्षेत्र के माहौल को भक्तिमय और ऊर्जावान बनाए रखा। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर गणेश विसर्जन के दिन गनोड़ा में एक अद्भुत और अलौकिक नजारा देखने को मिला। विसर्जन के दिन गनोड़ा के 'सर्व समाज' द्वारा एक विशाल और भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में गनोड़ा के हर समाज ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने-अपने समाज के गणपति बप्पा की प्रतिमाओं के साथ जुलूस निकाला। ढोल-नगाड़ों की थाप, डीजे की धुन और जयकारों के बीच गनोड़ा की सड़कों पर एक ऐसा अद्भुत नजारा देखने को मिला, जिसे देखकर श्रद्धालुओं की आँखों से आँसू छलक पड़े। यह दृश्य देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो भक्तों के इस अपार प्रेम को छोड़कर गणपति बप्पा का भी जाने का मन नहीं कर रहा था। लेकिन भक्तों ने बप्पा को भावुक होकर मनाया और विनती की कि "हे प्रभु! अगर आप इस बार नहीं जाएंगे, तो अगले साल वापस कैसे आएंगे?" भक्तों की इसी कातर पुकार और अटूट भक्ति को सुनकर गणपति बप्पा अगले वर्ष पुन: आने का वचन देकर जाने के लिए तैयार हुए। 'गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ' के गूंजते जयकारों के साथ बप्पा को अश्रुपूरित नेत्रों से विदाई दी गई।1
- प्रभु तारा छै हजार की गूंज के बीच निकली आदिनाथ की पालकी पर्यूषण महापर्व की धून थमी *प्रभु तारा नाम छै हजार की गूंज के बीच निकली आदिनाथ की पालकी*। *आसपुर में पर्यूषण महापर्व की धुन थमी* *सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से रथोत्सव संहित क्षेत्र के समस्त जैन बाहुल्य गांवों मे चल रहे दस लक्षण पर्युषण महापर्व का समापन किया। बिसा नरसिंहपुरा दिगम्बर समाज की ओर से शांतिनाथ* - *दिगम्बर जैन मंदिर एवं नागदा समाज की ओर से आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर से निकली रथयात्रा के दौरान गणेश चौक, तहसील चौराया, पुराना बस स्टैंड एवं* *होली चौक में युवक युवतियों नें भक्ति गीतों की धुन पर सुंदर डांडिया रास प्रस्तुत कर महोत्सव के आनंद को* *बहुगुणित किया। रथोत्सव का नजारा देखने आस पास के गांवों से लोग उमड़े। रात्रि में रथ भंडारण की रस्म अदायगी के साथ तीर्थकर भगवंत एवं* *जिनवाणी मां की मंगल आराधना कर विश्व शांति एवं लोक मंगल की कामना की। चंपालाल भूखिया, सेठ शांतिलाल सिंघवी, अध्यक्ष भगवती लाल भूखिया, धनपाल नेतावत, शंकरलाल कुंडलिया, सेठ लक्ष्मीचंद किकावत, व्यापार संघ अध्यक्ष सुशील जैन, नरेंद्र जैन, कारुलाल रायकीया, प्रकाश नागदा एवं पुलक मंच के अनिल चंदावत आदि उपस्थित रहे*।1
- सरेडी बड़ी केन्द्र'बी' में 'आंगन मिलन समारोह' संपन्न, बच्चों व महिलाओं को दी पोषण की जानकारी दी | राज्य सरकार के निर्देशानुसार गढ़ी ब्लॉक की ग्राम पंचायत सरेडी बड़ी मे स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र 'बी' में भव्य 'आंगन मिलन समारोह' आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य स्थानिय विद्यालय के अध्यापक जिसमे मुख्य अतिथि धर्मेंद्र शाह रहे तथा अध्यक्षता कृपा शंकर जी जोशी ने की। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में अरविंद जी पाठक, लोकेश जी पाठक और जगदीश जी , हेमा जोशी उपस्थित रहे। इस दौरान उत्कृष्ट सेवाओं के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कामिनी त्रिवेदी और शांता रावल को अतिथियों द्वारा उत्कृष्ट कार्य हेतु प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा उनका स्वागत किया गया। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इस अवसर पर भुवन त्रिवेदी, भूपेंद्र जोशी, केशवलाल जोशी, मणिलाल जोशी सहित आसपास के बच्चे और बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।2
- माणकपुरा में 70वीं जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का समापन, सांसद राजकुमार रोत का घोड़े पर बैठाकर किया स्वागत माणकपुरा में 70वीं जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का समापन, सांसद राजकुमार रोत का घोड़े पर बैठाकर किया स्वागत सागवाड़ा। डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा उपखंड के माणकपुरा स्थित राजकीय विद्यालय में 70वीं जिला स्तरीय 14 वर्षीय बैडमिंटन, शतरंज एवं टेबल टेनिस खेलकूद प्रतियोगिता का समापन समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम में सांसद राजकुमार रोत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष धीरज मेहता ने की। इस दौरान माणकपुरा ग्रामवासियों ने सांसद राजकुमार रोत को घोड़े पर बैठाकर स्वागत एवं सम्मान किया। समारोह को संबोधित करते हुए सांसद राजकुमार रोत ने कहा कि इस क्षेत्र में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन बेहतर संसाधनों के अभाव में प्रतिभाएं उभरकर सामने नहीं आ पाती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार विद्यालयों के निजीकरण की दिशा में कार्य कर रही है। वहीं, शिक्षकों को पढ़ाई के अलावा अन्य सरकारी कार्यों में लगा दिया जाता है, जिससे शैक्षणिक कार्य प्रभावित होते हैं। उन्होंने क्षेत्र की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में भारत आदिवासी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कपिल भट्ट, कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष ललित ननोमा सुरेला, बीएपी संभागीय प्रभारी कैलाश चंद्र रोत, सागवाड़ा विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी नरेंद्र भट्ट, सीबीआई रमेश प्रजापत, सीबीईओ प्रशांत शर्मा, एसीबीओ अशोक पुरोहित, रजनीश पांचाल, राकेश जैन एवं प्रधानाध्यापक प्रेम कुमार मेहता सहित मोतीलाल परमार, बाबू भाई, मणिलाल, वजा भाई, देवीलाल, कालूराम और दिनेश भाई मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन रमेश चंद्र पाटीदार ने किया।1
- बावलियाखाल हनुमान मंदिर में जनप्रतिनिधियों का भव्य सम्मान, अध्यक्ष-उपाध्यक्ष ने मंदिर विकास में सहयोग का दिया भरोसा कुशलगढ़। क्षेत्र की आस्था के प्रमुख केंद्र बावलियाखाल हनुमान मंदिर परिसर में बावलियाखाल हनुमान मंदिर सेवा समिति के तत्वावधान में नवनिर्वाचित नगर पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं पार्षदों का भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समिति पदाधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों का तिलक, पगड़ी, माला एवं शॉल से अभिनंदन किया। सैकड़ों श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों ने तालियों से स्वागत किया। समारोह में नगर पालिका अध्यक्ष हितेश पडियार, उपाध्यक्ष नरेश गादीया, पूर्व पालिका अध्यक्ष एवं पार्षद राघवेश चरपोटा, वरिष्ठ पार्षद रजनीकांत खाब्या सहित निर्वाचित पार्षदों का सम्मान किया गया। अध्यक्ष हितेश पडियार ने कहा कि बावलियाखाल हनुमान मंदिर पूरे क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर परिसर के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए आवश्यक कार्यों में वे तन-मन-धन से सहयोग के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। उन्होंने धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास को सामूहिक जिम्मेदारी बताया। उपाध्यक्ष नरेश गादीया ने भी मंदिर के विकास एवं सेवा कार्यों में तन-मन-धन से पूरा सहयोग देने की बात कही। उन्होंने मंदिर की आवश्यकताओं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए समिति, जनप्रतिनिधियों एवं नगरवासियों से मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। पूर्व पालिका अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पार्षद राघवेश चरपोटा ने मंदिर को कुशलगढ़ की आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए विकास के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। वरिष्ठ पार्षद रजनीकांत खाब्या ने आयोजन को सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का उदाहरण बताया। पार्षद चेतना बैरागी ने मंदिर विकास में सभी की भागीदारी की बात कही। समारोह का संचालन वरिष्ठ पत्रकार ललित गोलेछा ने किया। इस दौरान पत्रकार ललित गोलेछा, सुनील शर्मा एवं दीपांशु गुप्ता का भी समिति की ओर से सम्मान किया गया। अंत में हसमुखलाल जोशी ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, समिति सदस्यों एवं नगरवासियों का आभार व्यक्त किया।2
- बांसवाड़ा राजस्थान में गणपति विसर्जन करने चले शहर वासी उमड़ा सैलाब1
- SOG की तत्कालीन एडिशनल SP दिव्या मित्तल पर 2 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत मांगने का आरोप राजस्थान से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। SOG की तत्कालीन एडिशनल SP दिव्या मित्तल पर 2 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। मामला एक NDPS केस में राहत दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने से जुड़ा बताया गया। ACB के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद रिश्वत की मांग का सत्यापन किया गया। आरोप है कि शुरुआत में 2 करोड़ रुपये की मांग की गई, जिसके बाद कथित तौर पर 50 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। पहली किस्त के तौर पर 25 लाख रुपये दिए जाने की बात सामने आई। ACB ने मामले में कार्रवाई करते हुए कई ठिकानों पर तलाशी ली और दिव्या मित्तल को गिरफ्तार किया। हालांकि, आरोपी अधिकारी ने रिश्वत मांगने के आरोपों से इनकार किया था और अपना पक्ष भी रखा था। फिलहाल यह मामला कानूनी प्रक्रिया के अधीन है और आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा।1
- जोधपुर केमिकल फैक्ट्री ब्लास्ट में डूंगरपुर के फायरकर्मी प्रीतेश परमार की मौत डूंगरपुर/जोधपुर। जोधपुर के बासनी क्षेत्र की केमिकल फैक्ट्री में आग बुझाने के दौरान हुए भीषण ब्लास्ट में गंभीर रूप से झुलसे फायरकर्मी प्रीतेश परमार की शनिवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे में प्रीतेश करीब 90 फीसदी तक झुलस गए थे और पिछले दो दिनों से वेंटिलेटर पर उनका इलाज चल रहा था। प्रीतेश डूंगरपुर जिले के रहने वाले थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। प्रीतेश के परिवार का अग्निशमन सेवा से भी गहरा जुड़ाव है। उनके पिता धुलेश्वर परमार डूंगरपुर नगर परिषद की फायर ब्रिगेड में लीडिंग फायरमैन हैं और करीब 25 वर्षों से अधिक समय से विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। आग बुझाने के दौरान हुआ था जोरदार ब्लास्ट हादसा 23 सितंबर की शाम जोधपुर के बासनी स्थित गणेश नगर क्षेत्र की एक हैंडीक्राफ्ट/केमिकल फैक्ट्री में हुआ था। शाम करीब 5:30 बजे फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली। आग पर काबू पाने के लिए अलग-अलग फायर स्टेशनों से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों के अनुसार करीब 10 दमकल गाड़ियां ऑपरेशन में लगाई गई थीं। दमकलकर्मी आग बुझाने में जुटे थे, तभी फैक्ट्री में रखे ज्वलनशील केमिकल से भरे ड्रमों में अचानक विस्फोट होने लगे। एक रिपोर्ट के अनुसार छत से पत्थर गिरने के बाद फिनोल से भरे ड्रम में विस्फोट होने की बात सामने आई है। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों की जांच जारी है। विस्फोट इतना तेज था कि आग बुझाने में जुटे 14 फायरकर्मी झुलस गए, जिनमें कई की हालत गंभीर थी। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर हालत में जयपुर किया गया था रेफर हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल फायरकर्मियों को बेहतर इलाज के लिए जयपुर रेफर किया गया था। कुछ घायलों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जयपुर के एसएमएस अस्पताल पहुंचाया गया। प्रीतेश की हालत भी बेहद गंभीर थी और करीब 90 फीसदी तक झुलसने के कारण उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। इलाज के दौरान शनिवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। पिता भी फायर ब्रिगेड में, बेटे ने भी चुनी अग्निशमन सेवा की राह प्रीतेश के परिवार के लिए यह हादसा इसलिए भी बेहद दर्दनाक है क्योंकि उनके पिता धुलेश्वर परमार खुद लंबे समय से फायर ब्रिगेड में सेवाएं दे रहे हैं। पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए प्रीतेश भी अग्निशमन सेवा से जुड़े थे। ड्यूटी के दौरान हादसे में बेटे की मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे ने खड़े किए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल जोधपुर की इस घटना में बड़ी संख्या में दमकलकर्मियों के झुलसने के बाद फैक्ट्री में रखे ज्वलनशील केमिकल और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने फैक्ट्री संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है और घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। प्रीतेश परमार की मौत ने उस अग्निशमनकर्मी की जिम्मेदारी और जोखिम को एक बार फिर सामने ला दिया है, जो दूसरों की जान और संपत्ति बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर आग की लपटों के बीच पहुंचता है।1