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हाथरस। थाना सिकंद्राराऊ क्षेत्र के गांव मऊ चिरायल में 28 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हाथरस। थाना सिकंद्राराऊ क्षेत्र के गांव मऊ चिरायल में 28 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जानकारी के अनुसार मृतका 28 वर्षीय लक्ष्मी पुत्री श्योराज सिंह निवासी गन्थरी शाहयपुर थाना सिकंद्राराऊ की शादी करीब 6 वर्ष पूर्व क्रितपाल सिंह चौहान के बेटे रवि चौहान निवासी मऊ चिरायल के साथ धूमधाम से हुई थी। मृतका के मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग उसे दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे थे। परिजनों के अनुसार उन्होंने रवि चौहान को एक मोटरसाइकिल भी दिलाई थी, लेकिन इसके बाद भी ससुराल पक्ष की ओर से अतिरिक्त दहेज की मांग की जाती रही। मायके वालों का आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने लक्ष्मी की हत्या कर उसके शव को फंदे पर लटका दिया और घटना के बाद से सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। विवाहिता की मौत से परिजनों में शोक की लहर है और उनका रो-रोकर बुरा हाल है।

1 day ago
user_Cp 24 news
Cp 24 news
Local News Reporter थैलीसैंण, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड•
1 day ago

हाथरस। थाना सिकंद्राराऊ क्षेत्र के गांव मऊ चिरायल में 28 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हाथरस। थाना सिकंद्राराऊ क्षेत्र के गांव मऊ चिरायल में 28 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जानकारी के अनुसार मृतका 28 वर्षीय लक्ष्मी पुत्री श्योराज सिंह निवासी गन्थरी शाहयपुर थाना सिकंद्राराऊ की शादी करीब 6 वर्ष पूर्व क्रितपाल सिंह चौहान के बेटे रवि चौहान निवासी मऊ चिरायल के साथ धूमधाम से हुई थी। मृतका के मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग उसे दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे थे। परिजनों के अनुसार उन्होंने रवि चौहान को एक मोटरसाइकिल भी दिलाई थी, लेकिन इसके बाद भी ससुराल पक्ष की ओर से अतिरिक्त दहेज की मांग की जाती रही। मायके वालों का आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने लक्ष्मी की हत्या कर उसके शव को फंदे पर लटका दिया और घटना के बाद से सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। विवाहिता की मौत से परिजनों में शोक की लहर है और उनका रो-रोकर बुरा हाल है।

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  • राज्य महिला आयोग उपाध्यक्ष ऎश्वर्या रावत पहुँची टिहरी, जनसुनवाई मे सुनी महिलाओ की समस्याएं
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    राज्य महिला आयोग उपाध्यक्ष ऎश्वर्या रावत  पहुँची   टिहरी, जनसुनवाई मे सुनी महिलाओ की समस्याएं
    user_Uklive Uttrakhand
    Uklive Uttrakhand
    टिहरी, टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड•
    3 hrs ago
  • Post by Rajendra Kumar
    1
    Post by Rajendra Kumar
    user_Rajendra Kumar
    Rajendra Kumar
    अल्मोड़ा, अल्मोड़ा, उत्तराखंड•
    9 hrs ago
  • Hello, namaskar Mein AAP sabka Bhai Sultan a video ek road ke maksath ke saath banai hui hai
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    Hello, namaskar Mein AAP sabka Bhai Sultan a video ek road ke maksath ke saath banai hui hai
    user_Sultan Khan
    Sultan Khan
    रामनगर, नैनीताल, उत्तराखंड•
    12 hrs ago
  • Post by तापेन सैनी
    1
    Post by तापेन सैनी
    user_तापेन सैनी
    तापेन सैनी
    नगीना, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    6 min ago
  • 🚨 हरिद्वार में बिना सत्यापन रहने वालों पर पुलिस का शिकंजा 🔴 1500 लोगों की जांच, 260 मकान मालिक और प्रतिष्ठान संचालकों पर 26 लाख का चालान ✍️ स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ हरिद्वार, 11 मार्च 2026। तीर्थनगरी हरिद्वार में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कोतवाली नगर पुलिस ने एक बड़ा और सख्त सत्यापन अभियान चलाया। थाना क्षेत्र में बाहरी राज्यों से आकर रह रहे मजदूरों, कर्मचारियों, किरायेदारों तथा फड़-ठेली संचालकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर अलग-अलग क्षेत्रों में भेजी गईं। 🔎 होटल, धर्मशाला और कॉलोनियों में पुलिस की अचानक जांच अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने होटल, धर्मशाला, जिम, आवासीय कॉलोनियों और किराए के मकानों में काम करने वाले कर्मचारियों तथा रहने वाले व्यक्तियों की मौके पर ही जांच और सत्यापन किया। जांच में यह भी सामने आया कि कई मकान मालिक और प्रतिष्ठान संचालक बिना सत्यापन के ही कर्मचारियों और किरायेदारों को रखे हुए थे। ⚡ 1500 लोगों का सत्यापन, लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई विशेष अभियान के दौरान अब तक करीब 1500 लोगों का सत्यापन किया जा चुका है। वहीं जिन मकान मालिकों, होटल संचालकों और धर्मशाला प्रबंधकों ने कर्मचारियों या किरायेदारों का पुलिस सत्यापन नहीं कराया था, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। पुलिस ने उत्तराखंड पुलिस एक्ट की धारा-83 के तहत 260 चालान करते हुए ₹26,00,000 (छब्बीस लाख रुपये) का कोर्ट चालान किया है और संबंधित रिपोर्ट माननीय न्यायालय को भेजी जा रही है। ⚠️ तीर्थनगरी की सुरक्षा से समझौता नहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हरिद्वार जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक शहर में देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग आते हैं। ऐसे में बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन कराना कानून व्यवस्था और सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद जरूरी है। 📢 मकान मालिकों को सख्त चेतावनी पुलिस ने मकान मालिकों, होटल संचालकों और संस्थानों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि किरायेदारों, नौकरों और कर्मचारियों का सत्यापन अनिवार्य रूप से कराएं, अन्यथा भविष्य में भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई की जाएगी। 🚔 अभियान जारी रहेगा कोतवाली नगर पुलिस के अनुसार यह सत्यापन अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस का उद्देश्य तीर्थनगरी में किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते रोक लगाना और शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद हरिद्वार में बिना सत्यापन रह रहे लोगों और उन्हें शरण देने वाले मकान मालिकों में हड़कंप मच गया है।
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    🚨 हरिद्वार में बिना सत्यापन रहने वालों पर पुलिस का शिकंजा
🔴 1500 लोगों की जांच, 260 मकान मालिक और प्रतिष्ठान संचालकों पर 26 लाख का चालान
✍️ स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़
हरिद्वार, 11 मार्च 2026।
तीर्थनगरी हरिद्वार में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कोतवाली नगर पुलिस ने एक बड़ा और सख्त सत्यापन अभियान चलाया। थाना क्षेत्र में बाहरी राज्यों से आकर रह रहे मजदूरों, कर्मचारियों, किरायेदारों तथा फड़-ठेली संचालकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर अलग-अलग क्षेत्रों में भेजी गईं।
🔎 होटल, धर्मशाला और कॉलोनियों में पुलिस की अचानक जांच
अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने होटल, धर्मशाला, जिम, आवासीय कॉलोनियों और किराए के मकानों में काम करने वाले कर्मचारियों तथा रहने वाले व्यक्तियों की मौके पर ही जांच और सत्यापन किया।
जांच में यह भी सामने आया कि कई मकान मालिक और प्रतिष्ठान संचालक बिना सत्यापन के ही कर्मचारियों और किरायेदारों को रखे हुए थे।
⚡ 1500 लोगों का सत्यापन, लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई
विशेष अभियान के दौरान अब तक करीब 1500 लोगों का सत्यापन किया जा चुका है। वहीं जिन मकान मालिकों, होटल संचालकों और धर्मशाला प्रबंधकों ने कर्मचारियों या किरायेदारों का पुलिस सत्यापन नहीं कराया था, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।
पुलिस ने उत्तराखंड पुलिस एक्ट की धारा-83 के तहत 260 चालान करते हुए ₹26,00,000 (छब्बीस लाख रुपये) का कोर्ट चालान किया है और संबंधित रिपोर्ट माननीय न्यायालय को भेजी जा रही है।
⚠️ तीर्थनगरी की सुरक्षा से समझौता नहीं
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हरिद्वार जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक शहर में देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग आते हैं। ऐसे में बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन कराना कानून व्यवस्था और सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद जरूरी है।
📢 मकान मालिकों को सख्त चेतावनी
पुलिस ने मकान मालिकों, होटल संचालकों और संस्थानों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि किरायेदारों, नौकरों और कर्मचारियों का सत्यापन अनिवार्य रूप से कराएं, अन्यथा भविष्य में भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
🚔 अभियान जारी रहेगा
कोतवाली नगर पुलिस के अनुसार यह सत्यापन अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस का उद्देश्य तीर्थनगरी में किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते रोक लगाना और शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद हरिद्वार में बिना सत्यापन रह रहे लोगों और उन्हें शरण देने वाले मकान मालिकों में हड़कंप मच गया है।
    user_रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    38 min ago
  • खाड़ी देशों में ईरान व इजरायल के बीच युद्ध के हालात के चलते हरिद्वार में गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। जिसके चलते आज दिनभर गैस गोदामों पर सिलेंडर लेने और बुक कराने वालों की लगी रही। एकाएक डिमांड बढ़ने से गैस आपूर्ति भी गड़बड़ा गई है। जिसके चलते पूर्ति विभाग ने भी एहतियातन कई कदम उठाए हैं। घरेलू गैस को छोड़कर अन्य सिलेंडरों की आपूर्ति अगले आदेश तक रोक दी गई है।साथ ही घरेलू गैस भी अब निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद और निर्धारित समय पर ही मिलेगी। हालांकि जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल का कहना है कि हरिद्वार में घरेलू गैस की आपूर्ति सुचारू है और इसको लेकर उपभोक्ताओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है। (-कुमार दुष्यंत)
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    खाड़ी देशों में ईरान व इजरायल के बीच युद्ध के हालात के चलते हरिद्वार में गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। जिसके चलते आज दिनभर गैस गोदामों पर सिलेंडर लेने और बुक कराने वालों की लगी रही। एकाएक डिमांड बढ़ने से गैस आपूर्ति भी गड़बड़ा गई है। जिसके चलते पूर्ति विभाग ने भी एहतियातन कई कदम उठाए हैं। घरेलू गैस को छोड़कर अन्य सिलेंडरों की आपूर्ति अगले आदेश तक रोक दी गई है।साथ ही घरेलू गैस भी अब निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद और निर्धारित समय पर ही मिलेगी। हालांकि जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल का कहना है कि हरिद्वार में घरेलू गैस की आपूर्ति सुचारू है और इसको लेकर उपभोक्ताओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
(-कुमार दुष्यंत)
    user_लोकल न्यूज़ हरिद्वार  शहर की खबर शहर को खबर
    लोकल न्यूज़ हरिद्वार शहर की खबर शहर को खबर
    Journalist हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    59 min ago
  • एक क्षुद्रग्रह गिरने से यूरोपीय देशों में दहशत फैल गई। इस घटना में एक मकान की छत में फुटबॉल के बराबर बड़ा होल हो गयो। कई मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। यह घटना तीन दिन पहले की है। शाम को एक जलता हुआ क्षुद्रग्रह असमान से पृथ्वी की ओर आता हुआ दिखाई दिया। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते, वह असमान में ही फट गया और कई टुकड़ों में बंट गया। जिसमे से एक टुकड़ा जलता हुआ जर्मनी में एक घर की छत फाड़कर अंदर जा घुसा। इसके अलावा कुछ घरों को भी नुकसान पहुंचा है। पश्चिमी यूरोपमें जर्मनी के अलावा फ्रांस, लक्जमबर्ग और नीदरलैंड में भी असमान से आते क्षुद्रग्रह को देखा गया। यूरोपियन स्पेस एजेंसी (इएसए) ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है। इस घटना की दर्जनों वीडियो यूरोपीय सोसल मीडिया में छाई हुई है। साथ ही हजारों लोगों ने इस घटना को देखा।
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    एक क्षुद्रग्रह गिरने से  यूरोपीय देशों में दहशत फैल गई। इस घटना में एक मकान  की छत में फुटबॉल के बराबर बड़ा होल हो गयो। कई मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। यह घटना तीन दिन पहले की है। शाम को  एक जलता हुआ क्षुद्रग्रह असमान से पृथ्वी की ओर आता हुआ दिखाई दिया। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते, वह असमान में ही फट गया और कई टुकड़ों में बंट गया। जिसमे से एक टुकड़ा जलता हुआ जर्मनी में एक घर की छत फाड़कर अंदर जा घुसा। इसके अलावा कुछ घरों को भी नुकसान पहुंचा है। पश्चिमी यूरोपमें जर्मनी के अलावा फ्रांस, लक्जमबर्ग और नीदरलैंड में भी असमान से आते क्षुद्रग्रह को देखा गया। 
यूरोपियन स्पेस एजेंसी (इएसए) ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है। इस घटना की दर्जनों वीडियो यूरोपीय सोसल मीडिया में छाई हुई है। साथ ही हजारों लोगों ने इस घटना को देखा।
    user_NTL
    NTL
    Nainital, Uttarakhand•
    1 hr ago
  • 🔴 हरकी पैड़ी से कनखल तक एनएमसीजी की विशेषज्ञ टीम का निरीक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन पर हुआ मंथन 🔴 कुंभ मेले में स्वच्छता सबसे बड़ी चुनौती, 6 फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की तैयारी 🔴 करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन से पहले गंगा की पवित्रता बचाने की रणनीति पर प्रशासन सक्रिय ✍️ स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से हरिद्वार, 11 मार्च 2026। विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजनों में शामिल हरिद्वार कुंभ मेला की तैयारियां अब तेज होती दिखाई दे रही हैं। आगामी वर्ष कुंभ मेले में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना को देखते हुए मेला प्रशासन ने गंगा की निर्मलता और मेला क्षेत्र की स्वच्छता को अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखा है। इसी कड़ी में मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका की पहल पर राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के विशेषज्ञों की टीम ने बुधवार को कुंभ क्षेत्र का व्यापक भ्रमण किया। टीम ने मेला प्रशासन के साथ ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, सीवरेज व्यवस्था और सैनिटेशन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की। 🔹 हरकी पैड़ी से बैरागी कैंप तक जमीन पर उतरी जांच एनएमसीजी की टीम ने मेला प्रशासन, नगर निगम और पेयजल निगम के अधिकारियों के साथ हरकी पैड़ी, बैरागी कैंप, दक्ष द्वीप, कनखल, नीलधारा और गौरीशंकर जैसे प्रमुख क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान इन क्षेत्रों में आगामी कुंभ मेले के दौरान कचरा प्रबंधन, सीवरेज व्यवस्था और सफाई सुविधाओं की वर्तमान स्थिति तथा प्रस्तावित व्यवस्थाओं का बारीकी से आकलन किया गया। 🔹 गंगा की पवित्रता बचाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती निरीक्षण के बाद आयोजित बैठक में मेलाधिकारी सोनिका ने स्पष्ट कहा कि कुंभ मेले के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में गंगा की निर्मलता और मेला क्षेत्र की स्वच्छता बनाए रखना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी परीक्षा होगी। उन्होंने कहा कि इतने बड़े आयोजन में कूड़ा प्रबंधन, सीवरेज नियंत्रण और पर्याप्त शौचालय व्यवस्था सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है, जिसके लिए वैज्ञानिक और प्रभावी रणनीति तैयार की जा रही है। 🔹 वैज्ञानिक तकनीक और कुंभ के अनुभव से बनेगी रणनीति बैठक के दौरान एनएमसीजी के विशेषज्ञों ने नई तकनीकों, विभिन्न शोध अध्ययनों और प्रयागराज कुंभ के अनुभवों को साझा किया। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि मेला क्षेत्र में कूड़ेदान, कचरा संग्रहण केंद्र, अपशिष्ट परिवहन व्यवस्था और अस्थायी शिविरों में कचरा निस्तारण की वैज्ञानिक व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि गंगा में प्रदूषण का खतरा कम किया जा सके। 🔹 6 फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का प्रस्ताव कुंभ मेले के दौरान बढ़ने वाले सीवरेज दबाव को देखते हुए 06 फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP) स्थापित करने की योजना भी प्रस्तावित की गई है। इसके अलावा अस्थायी शौचालयों की स्थापना, सेप्टेज प्रबंधन, घाटों की नियमित सफाई और कचरा पृथक्करण की विस्तृत कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई। 🔹 विशेषज्ञों और अधिकारियों की मौजूदगी में हुई अहम बैठक इस दौरान विशेषज्ञ टीम में टेरी स्कूल ऑफ एडवांस्ड स्टडीज के प्रो. शलीन सिंघल, होकाईडो यूनिवर्सिटी जापान के प्रो. राम अवतार, आईआईटी बीएचयू के रिसर्च एसोसिएट डॉ. तरुण यादव, तथा स्टेट मिशन फॉर क्लीन गंगा उत्तराखंड के आरबीएम डॉ. सिद्धार्थ श्रीवास्तव शामिल रहे। बैठक में नगर निगम हरिद्वार के आयुक्त नंदन सिंह, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह गिल, तथा पेयजल निगम की परियोजना प्रबंधक (गंगा) मीनाक्षी मित्तल वशिष्ठ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। 🔎 सवाल जो अब भी खड़े हैं हरिद्वार की पहचान गंगा की पवित्रता और कुंभ की आस्था से जुड़ी है। लेकिन हर कुंभ में करोड़ों लोगों की भीड़ के बीच स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती साबित होती रही है। अब सवाल यह है कि बैठकों और योजनाओं के बाद क्या इस बार व्यवस्थाएं वास्तव में जमीन पर उतर पाएंगी, या फिर गंगा की निर्मलता केवल कागजों और बैठकों तक ही सीमित रह जाएगी। ✍️ स्वतंत्र पत्रकार – रामेश्वर गौड़
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    🔴 हरकी पैड़ी से कनखल तक एनएमसीजी की विशेषज्ञ टीम का निरीक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन पर हुआ मंथन
🔴 कुंभ मेले में स्वच्छता सबसे बड़ी चुनौती, 6 फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की तैयारी
🔴 करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन से पहले गंगा की पवित्रता बचाने की रणनीति पर प्रशासन सक्रिय
✍️ स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से
हरिद्वार, 11 मार्च 2026।
विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजनों में शामिल हरिद्वार कुंभ मेला की तैयारियां अब तेज होती दिखाई दे रही हैं। आगामी वर्ष कुंभ मेले में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना को देखते हुए मेला प्रशासन ने गंगा की निर्मलता और मेला क्षेत्र की स्वच्छता को अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखा है।
इसी कड़ी में मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका की पहल पर राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के विशेषज्ञों की टीम ने बुधवार को कुंभ क्षेत्र का व्यापक भ्रमण किया। टीम ने मेला प्रशासन के साथ ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, सीवरेज व्यवस्था और सैनिटेशन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की।
🔹 हरकी पैड़ी से बैरागी कैंप तक जमीन पर उतरी जांच
एनएमसीजी की टीम ने मेला प्रशासन, नगर निगम और पेयजल निगम के अधिकारियों के साथ हरकी पैड़ी, बैरागी कैंप, दक्ष द्वीप, कनखल, नीलधारा और गौरीशंकर जैसे प्रमुख क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया।
इस दौरान इन क्षेत्रों में आगामी कुंभ मेले के दौरान कचरा प्रबंधन, सीवरेज व्यवस्था और सफाई सुविधाओं की वर्तमान स्थिति तथा प्रस्तावित व्यवस्थाओं का बारीकी से आकलन किया गया।
🔹 गंगा की पवित्रता बचाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
निरीक्षण के बाद आयोजित बैठक में मेलाधिकारी सोनिका ने स्पष्ट कहा कि कुंभ मेले के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में गंगा की निर्मलता और मेला क्षेत्र की स्वच्छता बनाए रखना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
उन्होंने कहा कि इतने बड़े आयोजन में कूड़ा प्रबंधन, सीवरेज नियंत्रण और पर्याप्त शौचालय व्यवस्था सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है, जिसके लिए वैज्ञानिक और प्रभावी रणनीति तैयार की जा रही है।
🔹 वैज्ञानिक तकनीक और कुंभ के अनुभव से बनेगी रणनीति
बैठक के दौरान एनएमसीजी के विशेषज्ञों ने नई तकनीकों, विभिन्न शोध अध्ययनों और प्रयागराज कुंभ के अनुभवों को साझा किया।
विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि मेला क्षेत्र में कूड़ेदान, कचरा संग्रहण केंद्र, अपशिष्ट परिवहन व्यवस्था और अस्थायी शिविरों में कचरा निस्तारण की वैज्ञानिक व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि गंगा में प्रदूषण का खतरा कम किया जा सके।
🔹 6 फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का प्रस्ताव
कुंभ मेले के दौरान बढ़ने वाले सीवरेज दबाव को देखते हुए 06 फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP) स्थापित करने की योजना भी प्रस्तावित की गई है। इसके अलावा अस्थायी शौचालयों की स्थापना, सेप्टेज प्रबंधन, घाटों की नियमित सफाई और कचरा पृथक्करण की विस्तृत कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई।
🔹 विशेषज्ञों और अधिकारियों की मौजूदगी में हुई अहम बैठक
इस दौरान विशेषज्ञ टीम में टेरी स्कूल ऑफ एडवांस्ड स्टडीज के प्रो. शलीन सिंघल, होकाईडो यूनिवर्सिटी जापान के प्रो. राम अवतार, आईआईटी बीएचयू के रिसर्च एसोसिएट डॉ. तरुण यादव, तथा स्टेट मिशन फॉर क्लीन गंगा उत्तराखंड के आरबीएम डॉ. सिद्धार्थ श्रीवास्तव शामिल रहे।
बैठक में नगर निगम हरिद्वार के आयुक्त नंदन सिंह, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह गिल, तथा पेयजल निगम की परियोजना प्रबंधक (गंगा) मीनाक्षी मित्तल वशिष्ठ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
🔎 सवाल जो अब भी खड़े हैं
हरिद्वार की पहचान गंगा की पवित्रता और कुंभ की आस्था से जुड़ी है। लेकिन हर कुंभ में करोड़ों लोगों की भीड़ के बीच स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती साबित होती रही है।
अब सवाल यह है कि बैठकों और योजनाओं के बाद क्या इस बार व्यवस्थाएं वास्तव में जमीन पर उतर पाएंगी, या फिर गंगा की निर्मलता केवल कागजों और बैठकों तक ही सीमित रह जाएगी।
✍️ स्वतंत्र पत्रकार – रामेश्वर गौड़
    user_रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    54 min ago
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