जालौन जिले के डकोर ब्लॉक क्षेत्र में स्थित कुसमिलिया और टीकर गांवों में अज्ञात कारणों से अचानक आग लगने से दो दर्जन से अधिक घर उसकी चपेट में आ गए, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और कई मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें उठती देख ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और वे अपने घरों से सामान निकालने में जुट गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से काफी मशक्कत के बाद आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया। आग बुझाने के दौरान ग्रामीण बाल्टियों और पाइपों के माध्यम से पानी डालते हुए नजर आए। इस अग्निकांड में कई परिवारों का घरेलू सामान, अनाज, कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुएं जलकर राख हो गईं। हालांकि, समय रहते आग पर काबू पा लेने के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। फिलहाल, आग लगने के कारणों की जांच जारी है।
जालौन जिले के डकोर ब्लॉक क्षेत्र में स्थित कुसमिलिया और टीकर गांवों में अज्ञात कारणों से अचानक आग लगने से दो दर्जन से अधिक घर उसकी चपेट में आ गए, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और कई मकानों
को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें उठती देख ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और वे अपने घरों से सामान निकालने में जुट गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से काफी
मशक्कत के बाद आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया। आग बुझाने के दौरान ग्रामीण बाल्टियों और पाइपों के माध्यम से पानी डालते हुए नजर आए। इस अग्निकांड में कई परिवारों का घरेलू सामान, अनाज, कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुएं जलकर राख हो गईं। हालांकि, समय रहते आग पर काबू
पा लेने के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। फिलहाल, आग लगने के कारणों की जांच जारी है।
- जालौन के माधौगढ़ कस्बे में सोमवार दोपहर एक बड़ा हादसा टल गया, जब मौरंग से भरा एक डंपर हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने से धू-धूकर जल उठा। गनीमत रही कि इस घटना में डंपर के चालक और क्लीनर सुरक्षित बच गए, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। यह घटना माधौगढ़ निवासी अरविंद द्विवेदी की सीमेंट-मौरंग की दुकान मां कामाख्या ट्रेडर्स पर हुई, जहाँ मध्य प्रदेश के भिंड जिले के रौन निवासी ट्रक चालक शब्बीर मौरंग लेकर पहुँचा था। चालक शब्बीर हाइड्रोलिक प्रेशर की मदद से मौरंग उतार रहा था, तभी डंपर की बॉडी ऊपर से गुज़री हाईटेंशन विद्युत लाइन से छू गई। तार छूते ही एक तेज़ धमाके के साथ डंपर के पिछले हिस्से में आग लग गई। देखते ही देखते डंपर के पिछले सभी टायर, डीज़ल टैंक सहित पूरा पिछला हिस्सा जलकर राख हो गया। आग की लपटें देखकर दुकानदार और आसपास के लोग घबरा गए। चालक और क्लीनर ने तुरंत कूदकर अपनी जान बचाई। घटना की सूचना मिलते ही तत्काल विद्युत आपूर्ति बंद कराई गई और थाना पुलिस व फायर ब्रिगेड मौके पर पहुँची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। पुलिस ने बताया कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है। डंपर का केबिन और अगला हिस्सा तो सुरक्षित है, लेकिन पिछला हिस्सा पूरी तरह जल जाने से भारी नुकसान हुआ है। समय पर फायर ब्रिगेड के पहुँचने से एक बड़े हादसे को टाल दिया गया।1
- उरई से अपने गांव की ओर जा रहे चार लोग उस समय बाल-बाल बचे जब उरई-कोंच रोड पर मनोरी गांव के पास उनकी कार में अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया। देखते ही देखते कार में भीषण आग लग गई, जिससे अंदर बैठे लोगों में चीख-पुकार मच गई। सड़क से गुजर रहे राहगीरों ने तुरंत साहस दिखाते हुए कार के शीशे तोड़े और अंदर फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और सभी लोग सुरक्षित बचा लिए गए। घटना की सूचना मिलते ही कोंच फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बताया गया है कि आग इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में पूरी कार जलकर खाक हो गई। यह पूरा मामला उरई-कोंच रोड स्थित मनोरी गांव के पास का बताया जा रहा है।3
- जालौन के लौना कोतवाली क्षेत्र के लौना ग्राम में सरकारी नाला निर्माण और पुरानी राशन शिकायत को लेकर चला आ रहा विवाद हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि इसी रंजिश के चलते कुछ लोग एक महिला के घर पहुँच गए और गाली-गलौज शुरू कर दी। जब महिला और उसके परिवार के सदस्यों ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि घटना के दौरान महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया। शोर-शराबा सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुँचे, जिसके बाद मामला शांत हो पाया। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है और पुलिस तहरीर के आधार पर मामले की जांच में जुटी हुई है। गाँव में इस घटना के बाद से तनाव का माहौल बना हुआ है। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल बताया जा रहा है, हालांकि वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हमारा चैनल भी इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।1
- जालौन जिले के जालौन कोतवाली क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा चलाए गए एक चेकिंग अभियान के तहत आज दूसरे दिन भी अवैध खनन, परिवहन और ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई की गई। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के दौरान कुल आठ ट्रकों को पकड़ा गया।1
- जालौन जिले के डकोर विकास खंड के टीकर और कुशमिलिया गांवों में भीषण आग लगने से कई परिवारों का जीवन पूरी तरह से तबाह हो गया है। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते घरों में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया, जिसके कारण इन पीड़ित परिवारों के सामने अब खाने-पीने का भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है। एक घटना के अनुसार, शिवकुमार और उनका परिवार रात में अपने घर के अंदर सो रहा था, तभी मोहल्ले के लोगों ने घर से धुआँ और आग की लपटें उठती देख शोर मचाकर उन्हें जगाया। हालांकि, जब तक परिवार घर से बाहर निकलता, आग पूरे घर में बुरी तरह फैल चुकी थी। इस अग्निकांड में उनके कपड़े, बिस्तर, अनाज, घरेलू सामान और पैसे जल गए। घटना की सूचना तत्काल फायर ब्रिगेड को दी गई, लेकिन जब तक दमकल की गाड़ी मौके पर पहुँचती, तब तक घरों में रखा सब कुछ जलकर खाक हो चुका था।1
- जालौन में बाजार बंदी का व्यापक असर देखने को मिला। यह स्थिति एसडीएम रिंकू सिंह राही द्वारा दिए गए आदेश के बाद सामने आई, जिसके परिणामस्वरूप बाजार में बंदी का प्रभाव साफ तौर पर देखा गया।1
- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'मेट्रो मंडे' पहल के तहत अपने आवास से सचिवालय तक की यात्रा मेट्रो और डीटीसी बस से की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते हुए अपने दिन की शुरुआत की।1
- जालौन जिले के डकोर ब्लॉक क्षेत्र में स्थित कुसमिलिया और टीकर गांवों में अज्ञात कारणों से अचानक आग लगने से दो दर्जन से अधिक घर उसकी चपेट में आ गए, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और कई मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें उठती देख ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और वे अपने घरों से सामान निकालने में जुट गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से काफी मशक्कत के बाद आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया। आग बुझाने के दौरान ग्रामीण बाल्टियों और पाइपों के माध्यम से पानी डालते हुए नजर आए। इस अग्निकांड में कई परिवारों का घरेलू सामान, अनाज, कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुएं जलकर राख हो गईं। हालांकि, समय रहते आग पर काबू पा लेने के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। फिलहाल, आग लगने के कारणों की जांच जारी है।4