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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सिलवानी में एक जनकल्याण शिविर, लोकार्पण और हितलाभ वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ कन्यापूजन और दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कुल 21 कार्यों की सौगात दी, जिसमें पीआईयू के अंतर्गत 1835.35 लाख रुपये की लागत वाले 6 कार्य और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 2282.93 लाख रुपये की लागत वाले 15 कार्य शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को भी वितरित किया गया। केंद्रीय मंत्री श्री चौहान और पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री रामपाल सिंह ने वहां उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया, जिसमें कई स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
भुवनेश्वर कुशवाह संपादक
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सिलवानी में एक जनकल्याण शिविर, लोकार्पण और हितलाभ वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ कन्यापूजन और दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कुल 21 कार्यों की सौगात दी, जिसमें पीआईयू के अंतर्गत 1835.35 लाख रुपये की लागत वाले 6 कार्य और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 2282.93 लाख रुपये की लागत वाले 15 कार्य शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को भी वितरित किया गया। केंद्रीय मंत्री श्री चौहान और पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री रामपाल सिंह ने वहां उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया, जिसमें कई स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रायसेन के सिलवानी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपना संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि हर बहन लखपति दीदी बनेगी और प्रदेश के हर खेत को पानी मिलेगा।1
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- Post by Vineet maheshwari1
- सोमवती अमावस्या और अधिक मास स्नान के पर्व पर होशंगाबाद में माँ नर्मदा स्नान के लिए विदिशा रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। बीती रात से ही स्टेशन पर भक्तों की खचाखच भीड़ जमा थी, जिसमें हजारों श्रद्धालु अपनी ट्रेनों का इंतजार कर रहे थे। स्थिति यह थी कि ट्रेनों में ठसाठस भीड़ देखने को मिली और प्लेटफॉर्म पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची। यात्रियों की इस विशाल संख्या और अव्यवस्था का मुख्य कारण कई ट्रेनों का चार-चार घंटे देरी से चलना था, जिसके चलते स्टेशन परिसर पूरी तरह से यात्रियों से भर गया। इस विशाल भीड़ और देरी के कारण स्टेशन पर देर रात तक अफरा-तफरी जैसे हालात बने रहे। भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जीआरपी (सरकारी रेलवे पुलिस) और रेलवे पुलिस ने मोर्चा संभाला। उन्होंने लगातार यात्रियों से शांति बनाए रखने और सहयोग करने की अपील की।4
- मध्य प्रदेश के एक प्रेमी जोड़े की प्रेम कहानी का भयावह अंत गांधीनगर के नेशनल हाईवे पर स्थित एक होटल के कमरे में हुआ, जिससे हड़कंप मच गया है। आधी रात को पुलिस और परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में, प्रेमी ने अपनी प्रेमिका का चाकू से गला काटकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद, प्रेमी ने उसी चाकू से अपना गला काटकर आत्महत्या करने की भी कोशिश की। चिलोडा पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि पेशे से बिल्डर प्रेमी संतोष, अपनी प्रेमिका रजनी के पिता के लिए नया घर बना रहा था। इसी दौरान दोनों के बीच प्यार पनपा और वे पिछले तीन वर्षों से साथ घर बसाने के सपने देख रहे थे, लेकिन इन सपनों का अंत एक होटल के बंद कमरे में खूनी अंजाम के साथ हुआ। दरअसल, मध्य प्रदेश के पिपरसमा गांव की रहने वाली 21 वर्षीय रजनी 7 जून को अपने ही गांव के संतोष जाटव के साथ घर से भाग गई थी। बेटी के लापता होने पर रजनी के पिता व्रजलाल धाकड़ ने देहात शिवपुरी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद हेड कांस्टेबल दीपचंद ने जांच शुरू की। 10 जून को परिवार को रजनी के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद रजनी के चचेरे भाई प्रवेंद्र और नीरज अपनी किया कैरेंस कार लेकर हेड कांस्टेबल दीपचंद और कांस्टेबल बदन सिंह के साथ उसकी तलाश में निकले। 11 जून की दोपहर वे राजकोट के शापर पहुंचे और वहां रजनी और संतोष को ढूंढ निकाला। रजनी के माता-पिता के मान जाने की बात कहने पर, पुलिस और उसके भाई उसे कार में बिठाकर अपने गांव के लिए निकल पड़े। हालांकि, लंबी यात्रा से थकी हुई टीम ने 11 जून की रात करीब साढ़े नौ बजे गांधीनगर हाईवे पर धनप के पास स्थित 'रॉयल फोर्ट होटल' में कमरा नंबर 107 बुक किया। होटल पहुंचने के बाद सबने साथ मिलकर खाना खाया और फिर उसी कमरे में सोने की तैयारी की। एक बिस्तर पर भाई प्रवेन्द्र, नीरज और कॉन्स्टेबल बदनसिंह सो रहे थे, जबकि दूसरे बिस्तर पर हेड कॉन्स्टेबल दीपचंद लेटे थे। रजनी नीचे गद्दे पर सोई थी और संतोष दोनों बिस्तरों के बीच खाली जगह पर लेटा हुआ था। कमरे की लाइटें बंद कर दी गईं और थकान के कारण सभी गहरी नींद में सो गए, लेकिन संतोष की आंखों में नींद नहीं थी। 12 जून की आधी रात को 12 बजे से 2:30 बजे के बीच, संतोष ने अपने पास छिपाकर रखे चाकू से नीचे सो रही रजनी का गला काट दिया। प्रेमिका की सांसें थमने के बाद, संतोष ने उसी खून से सने चाकू से अपना गला भी काटने की कोशिश की और आत्महत्या का प्रयास किया। इसी दौरान, रात करीब ढाई बजे अचानक हेड कॉन्स्टेबल दीपचंद की नींद खुली और कमरे का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत चिल्लाकर सबको जगाया और जैसे ही कमरे की लाइट जली, अंदर का दृश्य देखकर हर कोई कांप उठा। रजनी खून से लथपथ हालत में संतोष की गोद में पड़ी थी और संतोष भी गले से बहते खून के साथ हाथ में चाकू पकड़े बैठा था। होटल के कमरे में हुई इस दहला देने वाली घटना के बाद तुरंत होटल मैनेजर को जानकारी दी गई और 108 एम्बुलेंस तथा 112 नंबर पर पुलिस को बुलाया गया। गंभीर हालत में भी संतोष की सांसें चल रही थीं, इसलिए उसे तुरंत इलाज के लिए गांधीनगर सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत और नाजुक होने के कारण उसे अहमदाबाद सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल वह वहां पुलिस की कड़ी निगरानी में मौत से जंग लड़ रहा है।1
- राजधानी भोपाल में मोबाइल गुम होने पर उम्मीद न छोड़ने का भरोसा देते हुए भोपाल देहात पुलिस ने आम नागरिकों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है। पुलिस ने गुम हुए कई मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए, जिससे लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने पुलिस की इस पहल की जमकर सराहना की। पुलिस की साइबर टीम ने शिकायतों और तकनीकी जांच के आधार पर इन सभी मोबाइल फोन को ट्रेस कर सफलतापूर्वक बरामद किया। इस तरह की कार्रवाई में आमतौर पर CEIR पोर्टल और साइबर ट्रैकिंग तकनीक की मदद से गुम या चोरी हुए मोबाइल खोजकर उनके मालिकों तक पहुंचाए जाते हैं। वहीं, देहात एसपी पंकज पांडे ने नागरिकों से अपील की है कि अगर उनका मोबाइल गुम होता है, तो वे तुरंत शिकायत दर्ज कराएं ताकि उसे जल्द से जल्द ट्रेस कर वापस लौटाया जा सके।1
- मध्यप्रदेश के भोपाल में पुलिस ने गुम हुए मोबाइल फोन वापस लौटाकर लोगों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी है। पुलिस की साइबर टीम ने सक्रियता दिखाते हुए इन फोनों को ट्रेस किया और सफलतापूर्वक बरामद कर उनके मालिकों तक पहुंचाया।1
- रायसेन नगर से लगभग दो किलोमीटर दूर, भोपाल रोड पर स्थित बाबा पीर फतेह उल्लाह साहब की मजार के पास, बिजली की डीपी से तार छेड़छाड़ कर रहे एक व्यक्ति को करंट लग गया। यह घटना रात करीब 11 बजे हुई, जिसमें रायसेन निवासी साहिल खान को बिजली का झटका लगा। करंट लगने के बाद साहिल को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।2