लातेहार जिले के मनिका प्रखंड क्षेत्र के आठ गांवों - नामुदाग, बाड़ी, बरवाडीह, भटकों, जेरुवा, जकतु, जुगुर और रेवद कला में गुरुवार को मातम का पर्व मुहर्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस दौरान अकीदतमंदों ने अनुशासन के साथ हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया, जबकि प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी, जिसमें ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का भी इस्तेमाल किया गया। मुहर्रम को लेकर मनिका थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास खुद जमीनी स्तर पर मुस्तैद रहे। उन्होंने सभी आठ गांवों में पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च कर सुरक्षा की कमान संभाली और बताया कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस अलर्ट मोड पर थी। अंचलाधिकारी अमन कुमार भी सक्रिय रहे, जिन्होंने मनिका के ताजिया मिलन स्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जुलूस कमेटी और स्थानीय लोगों को शांतिपूर्ण आयोजन के लिए बधाई दी और सभी समुदायों के सहयोग से पर्व के शांतिपूर्ण संपन्न होने की बात कही। इस मौके पर हसन-हुसैन के चाहने वाले बच्चों, नौजवानों और बुजुर्गों की जुबान से लगातार 'या अली, या हुसैन' की सदाएं गूंजती रहीं। लोगों ने ताजिया मिलान के दौरान कर्बला के शहीदों को याद करते हुए आंसू बहाए और जुलूस में शामिल लोगों ने अमन, भाईचारा तथा इंसानियत का संदेश दिया। स्थानीय लोगों ने इस बात की पुष्टि की कि सभी गांवों में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों ने एक-दूसरे का सहयोग किया तथा किसी भी तरह के विवाद या हुड़दंग की कोई सूचना नहीं मिली, प्रशासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया गया।
लातेहार जिले के मनिका प्रखंड क्षेत्र के आठ गांवों - नामुदाग, बाड़ी, बरवाडीह, भटकों, जेरुवा, जकतु, जुगुर और रेवद कला में गुरुवार को मातम का पर्व मुहर्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस दौरान अकीदतमंदों ने अनुशासन के साथ हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया, जबकि प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी, जिसमें ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का भी इस्तेमाल किया गया। मुहर्रम को लेकर मनिका थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास खुद जमीनी स्तर पर मुस्तैद रहे। उन्होंने सभी आठ गांवों में पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च कर सुरक्षा की कमान संभाली और बताया कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस अलर्ट मोड पर थी। अंचलाधिकारी अमन कुमार भी सक्रिय रहे, जिन्होंने मनिका के ताजिया मिलन स्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जुलूस कमेटी और स्थानीय लोगों को शांतिपूर्ण आयोजन के लिए बधाई दी और सभी समुदायों के सहयोग से पर्व के शांतिपूर्ण संपन्न होने की बात कही। इस मौके पर हसन-हुसैन के चाहने वाले बच्चों, नौजवानों और बुजुर्गों की जुबान से लगातार 'या अली, या हुसैन' की सदाएं गूंजती रहीं। लोगों ने ताजिया मिलान के दौरान कर्बला के शहीदों को याद करते हुए आंसू बहाए और जुलूस में शामिल लोगों ने अमन, भाईचारा तथा इंसानियत का संदेश दिया। स्थानीय लोगों ने इस बात की पुष्टि की कि सभी गांवों में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों ने एक-दूसरे का सहयोग किया तथा किसी भी तरह के विवाद या हुड़दंग की कोई सूचना नहीं मिली, प्रशासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया गया।
- लातेहार जिले के मनिका प्रखंड क्षेत्र के आठ गांवों - नामुदाग, बाड़ी, बरवाडीह, भटकों, जेरुवा, जकतु, जुगुर और रेवद कला में गुरुवार को मातम का पर्व मुहर्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस दौरान अकीदतमंदों ने अनुशासन के साथ हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया, जबकि प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी, जिसमें ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का भी इस्तेमाल किया गया। मुहर्रम को लेकर मनिका थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास खुद जमीनी स्तर पर मुस्तैद रहे। उन्होंने सभी आठ गांवों में पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च कर सुरक्षा की कमान संभाली और बताया कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस अलर्ट मोड पर थी। अंचलाधिकारी अमन कुमार भी सक्रिय रहे, जिन्होंने मनिका के ताजिया मिलन स्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जुलूस कमेटी और स्थानीय लोगों को शांतिपूर्ण आयोजन के लिए बधाई दी और सभी समुदायों के सहयोग से पर्व के शांतिपूर्ण संपन्न होने की बात कही। इस मौके पर हसन-हुसैन के चाहने वाले बच्चों, नौजवानों और बुजुर्गों की जुबान से लगातार 'या अली, या हुसैन' की सदाएं गूंजती रहीं। लोगों ने ताजिया मिलान के दौरान कर्बला के शहीदों को याद करते हुए आंसू बहाए और जुलूस में शामिल लोगों ने अमन, भाईचारा तथा इंसानियत का संदेश दिया। स्थानीय लोगों ने इस बात की पुष्टि की कि सभी गांवों में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों ने एक-दूसरे का सहयोग किया तथा किसी भी तरह के विवाद या हुड़दंग की कोई सूचना नहीं मिली, प्रशासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया गया।1
- महुआडार प्रखंड की अकसी ग्राम पंचायत की मुखिया रोजलिया टोपनो ने शुक्रवार सुबह 10 बजे एक साक्षात्कार के दौरान दावा किया कि वह सरकारी फंड से कम, बल्कि अपने निजी खर्च से अकसी पंचायत की जनता की अधिक मदद करती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अकसी पंचायत में पेयजल की समस्या सबसे गंभीर है, जिसके लिए वह लगातार मांग उठाती रहती हैं। रोजलिया टोपनो ने आगे कहा कि यदि जनता उन्हें फिर एक बार मौका देती है, तो वह बचे हुए सभी कार्यों को पूरा करके दिखाएंगी।1
- नफरतें जहाँ दीवारें खड़ी करती हैं, वहीं मोहब्बत दिलों को जोड़ने का काम करती है। मुहर्रम के पवित्र अवसर पर पप्पू सरदार जी द्वारा की गई सेवा ने इस बात को सिद्ध कर दिया कि इंसानियत का कोई धर्म नहीं होता। इस सेवा ने यह दर्शाया कि चाहे हिंदू हों या मुसलमान, जब दिल एक-दूसरे के लिए धड़कते हैं, तभी सच्चे भाईचारे की मिसाल कायम होती है। ऐसे परोपकारी कार्य समाज में एकता, शांति और प्रेम का महत्वपूर्ण संदेश फैलाते हैं।1
- सामाजिक कार्यकर्ता अयुब खान ने मुहर्रम पर्व के अवसर पर थाना परिसर में अपनी बात रखी।1
- चंदवा में शनिवार को समाजसेवी एवं भूदान यज्ञ समिति के प्रणेता स्वर्गीय विशम्भर दुबे की 15वीं पुण्यतिथि मनाई गई, जिसके उपलक्ष्य में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उनके पुत्र प्रमोद दुबे ने अपने पिता के चित्र पर माल्यार्पण कर और दीप प्रज्ज्वलित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए, साथ ही उनके सामाजिक योगदानों पर विस्तृत प्रकाश डाला। सभा में मौजूद समाजसेवी रामयश पाठक ने स्वर्गीय विशम्भर दुबे के कार्यों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भूदान यज्ञ समिति के माध्यम से समाज में जनजागरण का महत्वपूर्ण कार्य किया था, जिसे सदैव याद रखा जाएगा। इस मौके पर गोपाल बल्लभ मिश्रा, हरिनंदन दुबे, राजेश चंद्र पांडेय, दामोदर उपाध्याय, महेंद्र साहू, अर्जुन ठाकुर, सुधीर साहू, प्रवीण दुबे और सौरभ श्रीवास्तव सहित अन्य कई लोगों ने भी उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी।2
- गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे लोहरदगा जिले के कुडू प्रखंड की सलगी पंचायत में अचानक आई तेज बारिश और तूफान ने एक गरीब परिवार का घर-बार उजाड़ दिया। मात्र 5 से 7 मिनट के इस भीषण तूफान में लीलावती देवी का करकट से बना मकान पूरी तरह उड़कर टूट गया और उनकी छोटी किराना दुकान का सारा सामान बर्बाद हो गया। सलगी निवासी लीलावती देवी, पति तपेश्वर साहू, अपनी करकट की मकान में एक किराना दुकान चलाकर परिवार का गुजारा करती थीं। दोपहर लगभग 3 बजे आए अचानक तेज हवाओं के साथ तूफान में उनका पूरा करकट का मकान उड़ गया, जिससे दुकान का शटर, सॉकेट और छत टूटकर गिर गई। तूफान के समय लीलावती देवी दुकान में ही बैठी थीं, लेकिन छत उड़ते ही वे किसी तरह जान बचाकर घर के अंदर भागने में सफल रहीं। यदि कुछ सेकंड की भी देरी होती तो एक बड़ा हादसा हो सकता था। इस तूफान से दुकान में रखे चावल, दाल, तेल, मसाले और अन्य किराना सामान भीगकर पूरी तरह खराब हो गया। घर में रखी उनकी सिलाई मशीन भी टूट गई, जो उनकी अतिरिक्त आमदनी का एक अहम जरिया थी। लीलावती देवी ने बताया कि उन्होंने यह करकट का घर बड़ी मुश्किल से बनाया था, और अब तूफान ने सब कुछ तबाह कर दिया है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन, प्रखंड प्रशासन और सरकार से घटना की जांच कर उचित मुआवजे की मांग की है, ताकि वे फिर से अपना घर और दुकान खड़ा कर सकें। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से इस गरीब परिवार को तत्काल राहत प्रदान करने की अपील की है। स्थानीय लोगों के अनुसार, भले ही यह तूफान 5 मिनट का था, लेकिन उसकी रफ्तार इतनी तेज थी कि इलाके के कई अन्य घरों के करकट और टीन शेड भी उड़ गए। फिलहाल पंचायत प्रतिनिधि इस नुकसान का आकलन कर रहे हैं।1
- यदि आप ताजे आमों का स्वाद लेना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको लोहरदगा, झारखंड आना होगा।1
- लातेहार जिले के मनिका थाना क्षेत्र स्थित नामुदाग में मुहर्रम की दशमी का जुलूस गुरुवार को पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। अकीदतमंदों ने अनुशासन का परिचय देते हुए सभी कायदे-कानून के साथ जुलूस निकाला। यह जुलूस सुबह 8 बजे से शुरू होकर रात 9 बजे तक दो चरणों में निकला, जिसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया। मुहर्रम पर्व को लेकर प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर था, जिसमें मनिका थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास स्वयं ग्राउंड जीरो पर मुस्तैद रहे। उन्होंने जुलूस के दौरान नामुदाग के साथ-साथ प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न संवेदनशील गांवों का लगातार जायजा लिया। थाना प्रभारी ने पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च करते हुए पूरे इलाके में गश्त की और सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले रखी। सभी चौक-चौराहों पर पुलिस बल तैनात था, साथ ही ड्रोन और CCTV से भी निगरानी रखी गई और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई थी। जुलूस के दौरान कहीं से भी किसी तरह की नारेबाजी, हुड़दंग या विवाद की कोई सूचना नहीं मिली, जिससे यह सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक बना। जुलूस कमेटी और स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन के निर्देशों का पूरा पालन किया। मनिका प्रखंड क्षेत्र के नामुदाग में मुहर्रम की दशमी का प्रथम चरण का जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।1