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आज राजस्थान के कई जिलों में ओलावृष्टि हुई है, जिनमें शामिल हैं: ऑरेंज अलर्ट वाले जिले: सवाई माधोपुर, करौली, बूंदी, सीकर, जयपुर, भरतपुर, दौसा येलो अलर्ट वाले जिले जैसलमेर, बीकानेर, नागौर, अजमेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, टोंक, कोटा, झालावाड़ इसके अलावा, हरियाणा के आदमपुर-नारनौल में भी भारी ओलावृष्टि हुई है, और पंजाब के संगरूर, पटियाला, मोहाली और श्री फतेहगढ़ साहिब में ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है ।

12 hrs ago
user_आईरा समाचार बीकानेर
आईरा समाचार बीकानेर
Journalist Bikaner, Rajasthan•
12 hrs ago

आज राजस्थान के कई जिलों में ओलावृष्टि हुई है, जिनमें शामिल हैं: ऑरेंज अलर्ट वाले जिले: सवाई माधोपुर, करौली, बूंदी, सीकर, जयपुर, भरतपुर, दौसा येलो अलर्ट वाले जिले जैसलमेर, बीकानेर, नागौर, अजमेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, टोंक, कोटा, झालावाड़ इसके अलावा, हरियाणा के आदमपुर-नारनौल में भी भारी ओलावृष्टि हुई है, और पंजाब के संगरूर, पटियाला, मोहाली और श्री फतेहगढ़ साहिब में ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है ।

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  • बीकानेर l77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर अभय जैन ग्रंथालय में एक गरिमामय एवं विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्व गुरुदीप आश्रम, जयपुर के महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानेश्वर पुरी जी रहे। सर्वप्रथम मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण किया गया, जिसके पश्चात राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानेश्वर पुरी जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि गणतंत्र केवल शासन व्यवस्था नहीं बल्कि चेतना, संस्कृति और ज्ञान परंपरा की रक्षा का संकल्प है। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन पांडुलिपियाँ हमारी आत्मा हैं, जिनमें वेद, दर्शन, विज्ञान, आयुर्वेद और सामाजिक मूल्यों का अमूल्य ज्ञान सुरक्षित है। यदि इनका संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियाँ अपनी जड़ों से कट जाएँगी। उन्होंने पांडुलिपि संरक्षण को राष्ट्र सेवा का कार्य बताते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग से इसमें सहभागिता का आह्वान किया।इस अवसर पर अभय जैन ग्रंथालय के निदेशक ऋषभ नाहटा ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए अपने विचार रखे। उन्होंने भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत संचालित ज्ञान भारतम् मिशन के माध्यम से ग्रंथालय में चल रहे पांडुलिपि सर्वेक्षण, संरक्षण, डिजिटलीकरण एवं शोध कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह मिशन भारतीय ज्ञान परंपरा को संरक्षित कर उसे वैश्विक मंच तक पहुँचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।कार्यक्रम का संचालन मोहित बिस्सा द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। कार्यक्रम के दौरान गणतंत्र दिवस की भावना, भारतीय संविधान, सांस्कृतिक चेतना एवं पांडुलिपि संरक्षण जैसे विषयों पर सार्थक जोर दिया गया ।इस अवसर पर एडवकेट रविन्द्र बरडिया, डॉ. संदीप व्यास, लव कुमार देराश्री,नवरत्न चोपड़ा, मोहित बिस्सा, लक्ष्मी कांत उपाध्याय, गौरव आचार्य, जसवंत सिंह एवं वीरेंद्र सहित अनेक प्रबुद्धजन, शोधार्थी एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का समापन भारतीय सांस्कृतिक धरोहर, ज्ञान परंपरा एवं पांडुलिपि संरक्षण को राष्ट्र निर्माण का अभिन्न अंग मानते हुए उसे सुरक्षित रखने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
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    बीकानेर l77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर अभय जैन ग्रंथालय में एक गरिमामय एवं विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्व गुरुदीप आश्रम, जयपुर के महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानेश्वर पुरी जी रहे। सर्वप्रथम मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण किया गया, जिसके पश्चात राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानेश्वर पुरी जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि गणतंत्र केवल शासन व्यवस्था नहीं बल्कि चेतना, संस्कृति और ज्ञान परंपरा की रक्षा का संकल्प है। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन पांडुलिपियाँ हमारी आत्मा हैं, जिनमें वेद, दर्शन, विज्ञान, आयुर्वेद और सामाजिक मूल्यों का अमूल्य ज्ञान सुरक्षित है। यदि इनका संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियाँ अपनी जड़ों से कट जाएँगी। उन्होंने पांडुलिपि संरक्षण को राष्ट्र सेवा का कार्य बताते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग से इसमें सहभागिता का आह्वान किया।इस अवसर पर अभय जैन ग्रंथालय के निदेशक ऋषभ नाहटा ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए अपने विचार रखे। उन्होंने भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत संचालित ज्ञान भारतम् मिशन के माध्यम से ग्रंथालय में चल रहे पांडुलिपि सर्वेक्षण, संरक्षण, डिजिटलीकरण एवं शोध कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह मिशन भारतीय ज्ञान परंपरा को संरक्षित कर उसे वैश्विक मंच तक पहुँचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।कार्यक्रम का संचालन मोहित बिस्सा द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। कार्यक्रम के दौरान गणतंत्र दिवस की भावना, भारतीय संविधान, सांस्कृतिक चेतना एवं पांडुलिपि संरक्षण जैसे विषयों पर सार्थक जोर दिया गया ।इस अवसर पर एडवकेट रविन्द्र बरडिया, डॉ. संदीप व्यास, लव कुमार देराश्री,नवरत्न चोपड़ा, मोहित बिस्सा, लक्ष्मी कांत उपाध्याय, गौरव आचार्य, जसवंत सिंह एवं वीरेंद्र सहित अनेक प्रबुद्धजन, शोधार्थी एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का समापन भारतीय सांस्कृतिक धरोहर, ज्ञान परंपरा एवं पांडुलिपि संरक्षण को राष्ट्र निर्माण का अभिन्न अंग मानते हुए उसे सुरक्षित रखने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
    user_Cityexpressnews
    Cityexpressnews
    Local News Reporter बीकानेर, बीकानेर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • श्रीडूंगरगढ़ हाईवे पर भीषण टक्कर, स्लीपर बस और ट्रेलर में लगी आग
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    श्रीडूंगरगढ़ हाईवे पर भीषण टक्कर, स्लीपर बस और ट्रेलर में लगी आग
    user_SSSO News
    SSSO News
    Journalist Bikaner, Rajasthan•
    1 hr ago
  • अस्थमा हों नजला ज़ुकाम हो खांसी आना बलग़म आना छींक आना सांस लेने में दिक्कत हो हों एलर्जी हो। 7568628143
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    अस्थमा हों नजला ज़ुकाम हो खांसी आना बलग़म आना छींक आना सांस लेने में दिक्कत हो हों एलर्जी हो।
7568628143
    user_Sharwan
    Sharwan
    Doctor बीकानेर, बीकानेर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • चीन ने फोम और कॉन्क्रीट से मकान बनाने की एक अनोखी और सस्ती तकनीक विकसित की है, जिससे ईंट, पत्थर और मजदूरों की जरूरत कम हो जाएगी। इस तकनीक में फोम कॉन्क्रीट का उपयोग किया जाता है, जो हल्का, ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण के अनुकूल होता है। फोम कॉन्क्रीट के फायदे: हल्का और ऊर्जा-कुशल फोम कॉन्क्रीट हल्का होता है, जिससे निर्माण की लागत कम होती है और ऊर्जा की बचत होती है। सस्ता फोम कॉन्क्रीट की कीमत ईंट और पत्थर की तुलना में कम होती है। तेजी से निर्माण: फोम कॉन्क्रीट से मकान बनाने की प्रक्रिया तेज होती है, जिससे समय और मजदूरी की बचत होती है। पर्यावरण के अनुकूल फोम कॉन्क्रीट पर्यावरण के अनुकूल होता है, क्योंकि इसमें कोई हानिकारक पदार्थ नहीं होता है।
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    चीन ने फोम और कॉन्क्रीट से मकान बनाने की एक अनोखी और सस्ती तकनीक विकसित की है, जिससे ईंट, पत्थर और मजदूरों की जरूरत कम हो जाएगी। इस तकनीक में फोम कॉन्क्रीट का उपयोग किया जाता है, जो हल्का, ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण के अनुकूल होता है।
फोम कॉन्क्रीट के फायदे:
हल्का और ऊर्जा-कुशल फोम कॉन्क्रीट हल्का होता है, जिससे निर्माण की लागत कम होती है और ऊर्जा की बचत होती है।
सस्ता फोम कॉन्क्रीट की कीमत ईंट और पत्थर की तुलना में कम होती है।
तेजी से निर्माण: फोम कॉन्क्रीट से मकान बनाने की प्रक्रिया तेज होती है, जिससे समय और मजदूरी की बचत होती है। पर्यावरण के अनुकूल फोम कॉन्क्रीट पर्यावरण के अनुकूल होता है, क्योंकि इसमें कोई हानिकारक पदार्थ नहीं होता है।
    user_आईरा समाचार बीकानेर
    आईरा समाचार बीकानेर
    Journalist Bikaner, Rajasthan•
    9 hrs ago
  • जोधपुर जिले में सनसनीखेज मामला पत्नी से नाराज युवक ने साले की काटी नाक
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    जोधपुर जिले में सनसनीखेज मामला पत्नी से नाराज युवक ने साले की काटी नाक
    user_Mlp Jamba
    Mlp Jamba
    बाप, जोधपुर, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • पुराना दिल्ली रोड , शिव मंदिर शाहपुरा के पास में सरकारी कुएं कि जमीन पर बिल्डिंग,अवैध निर्माण के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर आम जनता में आक्रोश,अवैध निर्माण को केवल समय बीत जाने या प्रशासन की लापरवाही के कारण नियमित (Regularize) नहीं किया, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनी किसी भी संरचना को, चाहे वह कितनी भी पुरानी क्यों न हो, हटाया जाना चाहिए।
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    पुराना दिल्ली रोड , शिव मंदिर शाहपुरा के पास में सरकारी कुएं कि जमीन पर बिल्डिंग,अवैध निर्माण के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर आम जनता में आक्रोश,अवैध निर्माण को केवल समय बीत जाने या प्रशासन की लापरवाही के कारण नियमित (Regularize) नहीं किया,
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनी किसी भी संरचना को, चाहे वह कितनी भी पुरानी क्यों न हो, हटाया जाना चाहिए।
    user_Breaking Live News
    Breaking Live News
    Journalist संझू, नागौर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ का बागेश्वर धाम बालाजी के पुजारी धीरेंद्र शास्त्री के तीन दिवासी कथा की समीक्षा रिपोर्ट। अच्छी लगे तो कमेंट बॉक्स में हमें अवश्य लिखना।
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    राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ का बागेश्वर धाम बालाजी के पुजारी धीरेंद्र शास्त्री के तीन दिवासी कथा की समीक्षा रिपोर्ट।
अच्छी लगे तो कमेंट बॉक्स में हमें अवश्य लिखना।
    user_Ramesh Gandhi
    Ramesh Gandhi
    Acupuncture school संझू, नागौर, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • आंखों में मोतियाबिंद हों चश्मा लगा हो आंखों में पानी आना लाली रहना तों इस प्रोडक्ट को इस्तेमाल करें। 7568628143
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    आंखों में मोतियाबिंद हों चश्मा लगा हो आंखों में पानी आना लाली रहना तों इस प्रोडक्ट को इस्तेमाल करें।
7568628143
    user_Sharwan
    Sharwan
    Doctor बीकानेर, बीकानेर, राजस्थान•
    4 hrs ago
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