कैमूर से इस वक्त की बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। जिले में अब तक नकली खाद्य सामग्री से जुड़े कई मामले सामने आते रहे हैं, कैमूर में नकली खाद का मामला, आखिर दोषी कौन? कैमूर में नकली खाद का मामला, आखिर दोषी कौन? कैमूर बिहार रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम कैमूर से इस वक्त की बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। जिले में अब तक नकली खाद्य सामग्री से जुड़े कई मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन अब खेतों में इस्तेमाल होने वाली डुप्लीकेट खाद को लेकर भी बड़ा मामला सामने आया है। भभुआ-कुदरा मुख्य पथ पर सोनहन थाना क्षेत्र के कुकराड़ गांव के समीप एक गोदाम में प्रशासन ने छापेमारी कर बड़ी मात्रा में संदिग्ध DAP खाद और खाद तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल बरामद किए। जांच के बाद भभुआ SDO ओर क़ृषि पदाधिकारी की मौजूदगी में गोदाम को सील कर दिया गया। अब सबसे बड़ा सवाल है—आखिर यह कारोबार इतने दिनों से कैसे चलता रहा? क्या संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं थी? अगर जानकारी नहीं थी तो निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। और अगर जानकारी थी, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? आखिर दोषी कौन है और किनके संरक्षण या शह पर कथित तौर पर यह कारोबार चलता रहा? हालांकि पूरे मामले में प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बरामद खाद वास्तव में नकली थी या नहीं और इसके पीछे कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं। लेकिन किसानों के हित से जुड़े इस मामले ने कृषि विभाग की निगरानी व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। यहाँ बता दे की कुकूराड मे डुप्लीकेट खाद बनाए जाने की चर्चा ज़ोरो पर थी
कैमूर से इस वक्त की बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। जिले में अब तक नकली खाद्य सामग्री से जुड़े कई मामले सामने आते रहे हैं, कैमूर में नकली खाद का मामला, आखिर दोषी कौन? कैमूर में नकली खाद का मामला, आखिर दोषी कौन? कैमूर बिहार रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम कैमूर से इस वक्त की बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। जिले में अब तक नकली
खाद्य सामग्री से जुड़े कई मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन अब खेतों में इस्तेमाल होने वाली डुप्लीकेट खाद को लेकर भी बड़ा मामला सामने आया है। भभुआ-कुदरा मुख्य पथ पर सोनहन थाना क्षेत्र के कुकराड़ गांव के समीप एक गोदाम में प्रशासन ने छापेमारी कर बड़ी मात्रा में संदिग्ध DAP खाद और खाद तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल बरामद किए। जांच के बाद भभुआ SDO ओर क़ृषि
पदाधिकारी की मौजूदगी में गोदाम को सील कर दिया गया। अब सबसे बड़ा सवाल है—आखिर यह कारोबार इतने दिनों से कैसे चलता रहा? क्या संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं थी? अगर जानकारी नहीं थी तो निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। और अगर जानकारी थी, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? आखिर दोषी कौन है और किनके संरक्षण या शह पर कथित तौर पर यह
कारोबार चलता रहा? हालांकि पूरे मामले में प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बरामद खाद वास्तव में नकली थी या नहीं और इसके पीछे कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं। लेकिन किसानों के हित से जुड़े इस मामले ने कृषि विभाग की निगरानी व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। यहाँ बता दे की कुकूराड मे डुप्लीकेट खाद बनाए जाने की चर्चा ज़ोरो पर थी
- 5 फीट पानी में सेना की तैयारी, बाढ़ भी नहीं तोड़ पाई युवाओं का हौसला* *5 फीट पानी में सेना की तैयारी, बाढ़ भी नहीं तोड़ पाई युवाओं का हौसला* लोकेशन भागलपूर सुल्तानगंज बिहार रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम भागलपुर का निचला और दियारा इलाका इन दिनों पूरी तरह बाढ़ की चपेट में है। कई इलाके टापू में तब्दील हो चुके हैं। बाढ़ के पानी से आम जनजीवन प्रभावित है लेकिन सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं का जुनून कम नहीं हुआ है जिस मैदान में युवा सुबह-शाम दौड़ लगाकर सेना में भर्ती की तैयारी करते थे आज उसी मैदान में 4 से 5 फीट तक बाढ़ का पानी जमा है मैदान पूरी तरह जलमग्न है इसके बावजूद युवा इसी पानी के बीच अपनी शारीरिक तैयारी करते नजर आ रहे हैं इन युवाओं को सेना में भर्ती की तैयारी के लिए पैरा कमांडो से सेवानिवृत्त रणजीत सोलंकी प्रशिक्षण दे रहे हैं बाढ़ के कारण मैदान में पानी भर जाने के बावजूद रणजीत सोलंकी युवाओं का अभ्यास जारी रखे हुए हैं और उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में भी फिटनेस बनाए रखने के लिए तैयार कर रहे हैं युवाओं का कहना है कि आने वाले दिनों में सेना की परीक्षा है। ऐसे में तैयारी रोकना संभव नहीं है सेना में जाने का सपना है और इस सपने को पूरा करने के लिए वे हर मुश्किल का सामना करने को तैयार हैं बाढ़ ने इन युवाओं से उनका मैदान जरूर छीन लिया लेकिन उनका हौसला नहीं छीन पाई 5 फीट पानी के बीच जारी इनकी तैयारी और पैरा कमांडो से रिटायर प्रशिक्षक की ट्रेनिंग यह दिखाती है कि देश की सेवा करने का जुनून मुश्किल हालात में भी कम नहीं होता बाइट -- अभिमन्यु कुमार सिंह छात्र बाइट -- रंजीत सोलंकी ट्रेनर4
- सड़कें डूबीं तो जलमार्ग बना सहारा। जिला पदाधिकारी विक्रम विरकर की पहल पर खगड़िया के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फ्लोटिंग क्लिनिक के जरिए जरूरतमंदों तक इलाज, दवाएं और चिकित्सकीय परामर्श पहुंचाया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं से लेकर बच्चों और बुजुर्गों तक विशेष स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं। अब तक 1,300 से अधिक मरीजों का उपचार किया जा चुका है। आपदा में इंतजार नहीं—स्वास्थ्य सेवा पहुंचेगी जरूरतमंदों तक। सड़कें डूबीं तो जलमार्ग बना सहारा। जिला पदाधिकारी विक्रम विरकर की पहल पर खगड़िया के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फ्लोटिंग क्लिनिक के जरिए जरूरतमंदों तक इलाज, दवाएं और चिकित्सकीय परामर्श पहुंचाया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं से लेकर बच्चों और बुजुर्गों तक विशेष स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं। अब तक 1,300 से अधिक मरीजों का उपचार किया जा चुका है। आपदा में इंतजार नहीं—स्वास्थ्य सेवा पहुंचेगी जरूरतमंदों तक।1
- तारापुर पुलिस ने स्मैक मामले में फरार गैर-जमानतीय वारंटी गिरफ्तार तारापुर मुंगेर एसपी सैयद इमरान मसूद के निर्देश पर फरार अभियुक्तों एवं वारंटियों की गिरफ्तारी को लेकर तारापुर पुलिस का विशेष छापेमारी अभियान जारी है। इसी अभियान के तहत शनिवार को पुलिस ने लखनपुर से स्मैक बरामदगी मामले में फरार चल रहे गैर-जमानतीय वारंटी पंकज साह को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार पंकज साह लखनपुर का निवासी है। थानाध्यक्ष राज कुमार ने बताया कि वह स्मैक बरामदगी से जुड़े मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था। उसके विरुद्ध न्यायालय से गैर-जमानतीय वारंट जारी किया गया था। तारापुर थाना में उसके खिलाफ कांड संख्या 52/26 के तहत एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पंकज साह अपने घर में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने उसके घर पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में मुंगेर भेज दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।1
- 2oooo हजार वेतन वाली नौकरी देखिये दोस्तों #Samrat Choudhary1
- 🚨 कहलगांव में ब्राउन शुगर के साथ 3 गिरफ्तार, ₹52,650 नकद बरामद | SSP प्रमोद कुमार ने दी जानकारी 🚨 कहलगांव में ब्राउन शुगर के साथ 3 गिरफ्तार, ₹52,650 नकद बरामद | SSP प्रमोद कुमार ने दी जानकारी1
- गोगरी थाना क्षेत्र अंतर्गत एक शराबी देवर ने नशे की हालत में भाभी को ईंट से मार कर किया घायल, गोगरी थाना में दिया लिखित आवेदन। गोगरी बाजार में देवर ने भाभी को ईट से मारकर किया घायल, गोगरी थाने में पीड़िता ने की शिकायत गोगरी थाना क्षेत्र के गोगरी बाजार में एक शराबी देवर ने अपनी भाभी को ईट से मारकर घायल कर दिया। घायल भाभी का इलाज गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में किया गया। घायल की पहचान गोगरी बाजार निवासी विधान मालाकार की पत्नी पूनम देवी के रूप में हुई है। घायल पीड़िता रविवार की शाम चार बजे गोगरी थाना पहुंचकर मामले में देवर की शिकायत की है। पीड़िता ने बताई कि उसका देवर शराब के नशे में गाली गलौज कर रहा था। जिसका विरोध करने पर घटना को अंजाम दिया गया है। पीड़िता ने कहा कि इससे पहले भी उसके साथ गाली गलौज और मारपीट किया जाता रहा है। पहले भी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन आरोपी पर कोई कार्रवाई नहीं हुआ। जिस कारण आरोपी का मन बढ़ा हुआ है। इधर अब पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।1
- बेचारे हुए सांसद : मंत्रालय बचाने की जुगत में जनता के बीच लगा रहे दौड़ ? NDA शासन में कितने नए सड़क? बेचारे हुए सांसद? मंत्रालय बचाने की जुगत में जनता के बीच दौड़ लगा रहे सांसद ? क्या बांकीपुर उपचुनाव के परिणाम ने मंत्री, सांसद, विधायक को जनता के बीच पहुंचने पर किया विवश? एनडीए शासनकाल में जमालपुर में कितने नए सड़क का हुआ निर्माण? क्या रेलवे की सड़क के मरम्मत को लेकर जदयू के बेचारे सांसद महोदय की नहीं सुन रहे भाजपा के रेल मंत्री? जन सुराज नेता मोहम्मद मोकिम ने जदयू नेताओं को क्यों बताया बेचारा?1
- कैमूर से इस वक्त की बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। कैमूर में नकली खाद का मामला, आखिर दोषी कौन? कैमूर में नकली खाद का मामला, आखिर दोषी कौन? कैमूर बिहार रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम कैमूर से इस वक्त की बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। जिले में अब तक नकली खाद्य सामग्री से जुड़े कई मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन अब खेतों में इस्तेमाल होने वाली डुप्लीकेट खाद को लेकर भी बड़ा मामला सामने आया है। भभुआ-कुदरा मुख्य पथ पर सोनहन थाना क्षेत्र के कुकराड़ गांव के समीप एक गोदाम में प्रशासन ने छापेमारी कर बड़ी मात्रा में संदिग्ध DAP खाद और खाद तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल बरामद किए। जांच के बाद भभुआ SDO ओर क़ृषि पदाधिकारी की मौजूदगी में गोदाम को सील कर दिया गया। अब सबसे बड़ा सवाल है—आखिर यह कारोबार इतने दिनों से कैसे चलता रहा? क्या संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं थी? अगर जानकारी नहीं थी तो निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। और अगर जानकारी थी, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? आखिर दोषी कौन है और किनके संरक्षण या शह पर कथित तौर पर यह कारोबार चलता रहा? हालांकि पूरे मामले में प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बरामद खाद वास्तव में नकली थी या नहीं और इसके पीछे कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं। लेकिन किसानों के हित से जुड़े इस मामले ने कृषि विभाग की निगरानी व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। यहाँ बता दे की कुकूराड मे डुप्लीकेट खाद बनाए जाने की चर्चा ज़ोरो पर थी3