गोरियाधार में पुल की मांग को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन, नदी में उतरकर की नारेबाजी। गोरियाधार में पुल की मांग को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन, नदी में उतरकर की नारेबाजी। आजादी के बाद से आरसीसी पुल की मांग, दर्जनों गांवों के लोगों व स्कूली बच्चों को हो रही परेशानी। टेढ़ागाछ। प्रखंड क्षेत्र की चिल्हनियां पंचायत के वार्ड संख्या 1 स्थित बात्तर टोला खर्रा गांव के समीप गोरियाधार में आरसीसी पुल निर्माण की मांग वर्षों से उठती आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के बाद से लगातार शासन-प्रशासन के समक्ष मांग रखने के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। पुल नहीं रहने से दर्जनों गांवों के लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।शनिवार को स्थानीय महिलाओं, ग्रामीणों और छोटे-छोटे बच्चों ने गोरिया नदी में उतरकर पुल निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द आरसीसी पुल निर्माण कराने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने पर आवागमन और भी जोखिमपूर्ण हो जाता है। लोगों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। इसका सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ता है, जिन्हें विद्यालय आने-जाने में काफी कठिनाई होती है। चिल्हनियां पंचायत के सरपंच कैलाश बोसाक ने कहा कि आजादी के करीब 80 वर्ष बाद भी गोरिया नदी पर आरसीसी पुल का निर्माण नहीं हो सका है। ग्रामीण लंबे समय से आवेदन देकर थक चुके हैं। सांसद, एमएलसी, विधायक और जिला पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को कई बार लिखित आवेदन देकर पुल निर्माण की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। ग्रामीणों ने प्रशासन से गोरियाधार की समस्या का स्थायी समाधान करते हुए आरसीसी पुल निर्माण की दिशा में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुल बनने से दर्जनों गांवों के लोगों को प्रखंड एवं जिला मुख्यालय आने-जाने के साथ बच्चों को विद्यालय पहुंचने में भी बड़ी राहत मिलेगी।
गोरियाधार में पुल की मांग को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन, नदी में उतरकर की नारेबाजी। गोरियाधार में पुल की मांग को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन, नदी में उतरकर की नारेबाजी। आजादी के बाद से आरसीसी पुल की मांग, दर्जनों गांवों के लोगों व स्कूली बच्चों को हो रही परेशानी। टेढ़ागाछ। प्रखंड क्षेत्र की चिल्हनियां पंचायत के वार्ड संख्या 1 स्थित बात्तर टोला खर्रा गांव के समीप गोरियाधार में आरसीसी पुल निर्माण की मांग वर्षों से उठती आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के बाद से लगातार शासन-प्रशासन के समक्ष मांग रखने के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। पुल नहीं रहने से दर्जनों गांवों के लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।शनिवार को स्थानीय महिलाओं, ग्रामीणों और छोटे-छोटे बच्चों ने गोरिया नदी में उतरकर पुल निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द आरसीसी पुल निर्माण कराने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने पर आवागमन और भी जोखिमपूर्ण हो जाता है। लोगों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। इसका सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ता है, जिन्हें विद्यालय आने-जाने में काफी कठिनाई होती है। चिल्हनियां पंचायत के सरपंच कैलाश बोसाक ने कहा कि आजादी के करीब 80 वर्ष बाद भी गोरिया नदी पर आरसीसी पुल का निर्माण नहीं हो सका है। ग्रामीण लंबे समय से आवेदन देकर थक चुके हैं। सांसद, एमएलसी, विधायक और जिला पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को कई बार लिखित आवेदन देकर पुल निर्माण की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। ग्रामीणों ने प्रशासन से गोरियाधार की समस्या का स्थायी समाधान करते हुए आरसीसी पुल निर्माण की दिशा में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुल बनने से दर्जनों गांवों के लोगों को प्रखंड एवं जिला मुख्यालय आने-जाने के साथ बच्चों को विद्यालय पहुंचने में भी बड़ी राहत मिलेगी।
- 🚨 आजादी के 79 साल, फिर भी पुल का इंतजार! गोरियाधार में आरसीसी पुल की मांग पर ग्रामीणों का जोरदार प्रदर्शन, दर्जनों गांवों के लोग और स्कूली बच्चे आज भी परेशान। 🚨 आजादी के 79 साल, फिर भी पुल का इंतजार! गोरियाधार में आरसीसी पुल की मांग पर ग्रामीणों का जोरदार प्रदर्शन, दर्जनों गांवों के लोग और स्कूली बच्चे आज भी परेशान।1
- गोरियाधार में पुल की मांग को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन, नदी में उतरकर की नारेबाजी। गोरियाधार में पुल की मांग को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन, नदी में उतरकर की नारेबाजी। आजादी के बाद से आरसीसी पुल की मांग, दर्जनों गांवों के लोगों व स्कूली बच्चों को हो रही परेशानी। टेढ़ागाछ। प्रखंड क्षेत्र की चिल्हनियां पंचायत के वार्ड संख्या 1 स्थित बात्तर टोला खर्रा गांव के समीप गोरियाधार में आरसीसी पुल निर्माण की मांग वर्षों से उठती आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के बाद से लगातार शासन-प्रशासन के समक्ष मांग रखने के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। पुल नहीं रहने से दर्जनों गांवों के लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।शनिवार को स्थानीय महिलाओं, ग्रामीणों और छोटे-छोटे बच्चों ने गोरिया नदी में उतरकर पुल निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द आरसीसी पुल निर्माण कराने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने पर आवागमन और भी जोखिमपूर्ण हो जाता है। लोगों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। इसका सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ता है, जिन्हें विद्यालय आने-जाने में काफी कठिनाई होती है। चिल्हनियां पंचायत के सरपंच कैलाश बोसाक ने कहा कि आजादी के करीब 80 वर्ष बाद भी गोरिया नदी पर आरसीसी पुल का निर्माण नहीं हो सका है। ग्रामीण लंबे समय से आवेदन देकर थक चुके हैं। सांसद, एमएलसी, विधायक और जिला पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को कई बार लिखित आवेदन देकर पुल निर्माण की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। ग्रामीणों ने प्रशासन से गोरियाधार की समस्या का स्थायी समाधान करते हुए आरसीसी पुल निर्माण की दिशा में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुल बनने से दर्जनों गांवों के लोगों को प्रखंड एवं जिला मुख्यालय आने-जाने के साथ बच्चों को विद्यालय पहुंचने में भी बड़ी राहत मिलेगी।1
- Sushant Singh Rajput ka case khul gaya ab dekhiae mamla mein sangan kya hone wala hai1
- अररिया शहर होगा अतिक्रमण मुक्त, लोगों को मिलेगी जाम से निजात; सुनिए अररिया के डीएम विनोद दूहन1
- अररिया में शिक्षा पर डीएम सख्त, वेतन-मिड-डे मील पर बड़ा एक्शन अररिया में जिलाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में जिला शिक्षा कार्यालय की समीक्षा बैठक हुई, जिसमें शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में शिक्षकों के लंबित वेतन भुगतान, मॉडल स्कूलों के संचालन और मिड-डे मील योजना की मौजूदा स्थिति पर विशेष रूप से बात हुई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिक्षकों के वेतन से जुड़े मामलों को नियमानुसार शीघ्र सुलझाया जाए। मॉडल स्कूलों को बेहतर शिक्षा केंद्र बनाने के लिए पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा भी की गई। मिड-डे मील योजना को लेकर उन्होंने नियमित निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया। साथ ही स्कूलों की स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि बच्चों के स्वस्थ और सुरक्षित शिक्षण माहौल से कोई समझौता नहीं होगा।1
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- मांस फैक्ट्री के समर्थन में ग्रामीणों की बैठक, प्रदर्शन का विरोध; क्या दुर्गंध की समस्या आंदोलन से सुलझेगी या बातचीत से? रोजगार से जुड़े हजारों परिवारों की चिंता के बीच उठे सवाल—आखिर फैक्ट्री विवाद का स्थायी और निष्पक्ष समाधान कब निकलेगा? मांस फैक्ट्री के समर्थन में ग्रामीणों की बैठक, प्रदर्शन का विरोध; क्या दुर्गंध की समस्या आंदोलन से सुलझेगी या बातचीत से? रोजगार से जुड़े हजारों परिवारों की चिंता के बीच उठे सवाल—आखिर फैक्ट्री विवाद का स्थायी और निष्पक्ष समाधान कब निकलेगा?1
- अररिया के चांदनी चौक से हटा अतिक्रमण, अब सख्ती की तैयारी! अररिया से बड़ी खबर। शहर में बढ़ती जाम की समस्या को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। चांदनी चौक सहित आसपास के इलाकों में शुक्रवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। दुकानदारों को 20 सितंबर तक खुद अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी गई है। एसडीओ दीक्षित श्वेतम के मुताबिक, तय समयसीमा के बाद बड़े स्तर पर सख्त कार्रवाई होगी। अभियान काली मंदिर से जीरो माइल तक चलेगा। प्रशासन का लक्ष्य — बाज़ार को जाम-मुक्त बनाना और जनता को राहत देना।1