तेज बारिश भी नहीं रोक सकी भक्तों की आस्था, भानुप्रतापपुर में उत्साह के साथ हुआ बप्पा का विसर्जन भानुप्रतापपुर। गणेशोत्सव के समापन अवसर पर भानुप्रतापपुर में भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं का श्रद्धा और उत्साह के साथ विसर्जन किया गया। विसर्जन के दौरान क्षेत्र में तेज बारिश होने के बावजूद भक्तों की आस्था और उत्साह में कोई कमी देखने को नहीं मिली। बारिश के बीच भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बप्पा को विदाई देने के लिए सड़कों पर नजर आए। गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से नगर का वातावरण भक्तिमय बना रहा। सामान्य दिनों की तरह ही श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। कई स्थानों से गणेश प्रतिमाओं को साज-सज्जा के साथ विसर्जन के लिए ले जाया गया। श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के बीच नाचते-गाते हुए बप्पा को विदाई देने पहुंचे। बारिश के कारण रास्तों में पानी और फिसलन की स्थिति बनने के बावजूद श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था को प्राथमिकता दी। बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों तक सभी में गणेश विसर्जन को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। कई भक्त बारिश में भीगते हुए गणपति बप्पा के जयकारे लगाते नजर आए। गणेशोत्सव के दौरान नगर के विभिन्न स्थानों पर स्थापित गणेश प्रतिमाओं को अंतिम विदाई देने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा। विसर्जन यात्रा के दौरान भक्तों ने भगवान श्री गणेश से सुख-समृद्धि, शांति और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। श्रद्धालुओं का कहना था कि बारिश भले ही तेज हो, लेकिन बप्पा के प्रति आस्था और श्रद्धा को कोई मौसम नहीं रोक सकता। यही कारण रहा कि तेज बारिश के बीच भी विसर्जन का उत्साह सामान्य दिनों की तरह बना रहा। विसर्जन के साथ ही कई दिनों से चल रहे गणेशोत्सव का समापन हुआ। भक्तों ने भावुक मन से बप्पा को विदाई देते हुए अगले वर्ष फिर से उनके आगमन की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयघोष गूंजते रहे।
तेज बारिश भी नहीं रोक सकी भक्तों की आस्था, भानुप्रतापपुर में उत्साह के साथ हुआ बप्पा का विसर्जन भानुप्रतापपुर। गणेशोत्सव के समापन अवसर पर भानुप्रतापपुर में भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं का श्रद्धा और उत्साह के साथ विसर्जन किया गया। विसर्जन के दौरान क्षेत्र में तेज बारिश होने के बावजूद भक्तों की आस्था और उत्साह में कोई कमी देखने को नहीं मिली। बारिश के बीच भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बप्पा को विदाई देने के लिए सड़कों पर
नजर आए। गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से नगर का वातावरण भक्तिमय बना रहा। सामान्य दिनों की तरह ही श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। कई स्थानों से गणेश प्रतिमाओं को साज-सज्जा के साथ विसर्जन के लिए ले जाया गया। श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के बीच नाचते-गाते हुए बप्पा को विदाई देने पहुंचे। बारिश के कारण रास्तों में पानी और फिसलन की स्थिति बनने के बावजूद श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था को प्राथमिकता दी। बच्चों से लेकर युवाओं और
बुजुर्गों तक सभी में गणेश विसर्जन को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। कई भक्त बारिश में भीगते हुए गणपति बप्पा के जयकारे लगाते नजर आए। गणेशोत्सव के दौरान नगर के विभिन्न स्थानों पर स्थापित गणेश प्रतिमाओं को अंतिम विदाई देने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा। विसर्जन यात्रा के दौरान भक्तों ने भगवान श्री गणेश से सुख-समृद्धि, शांति और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। श्रद्धालुओं का कहना था कि बारिश भले ही तेज हो, लेकिन बप्पा के
प्रति आस्था और श्रद्धा को कोई मौसम नहीं रोक सकता। यही कारण रहा कि तेज बारिश के बीच भी विसर्जन का उत्साह सामान्य दिनों की तरह बना रहा। विसर्जन के साथ ही कई दिनों से चल रहे गणेशोत्सव का समापन हुआ। भक्तों ने भावुक मन से बप्पा को विदाई देते हुए अगले वर्ष फिर से उनके आगमन की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयघोष गूंजते रहे।
- ‘2027 मेरा आखिरी वर्ल्ड कप होगा’ – विराट कोहली का बड़ा ऐलान, ट्रॉफी जीतने के लिए 100% झोंकने को तैयार स्वतंत्र न्यूज छत्तीसगढ़ | मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने शनिवार को एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने साफ कहा है कि दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में अक्टूबर-नवंबर 2027 में होने वाला आईसीसी पुरुष वनडे वर्ल्ड कप भारत के लिए उनका आखिरी वर्ल्ड कप होगा। जियोस्टार से बातचीत में कोहली ने कहा, “मेरे लिए यह भारत की ओर से खेला जाने वाला आखिरी वर्ल्ड कप है। और यही मेरी प्रेरणा है। मैं मैदान पर अपना सब कुछ झोंक देना चाहता हूं। लक्ष्य बिल्कुल साफ है – वर्ल्ड कप जीतना। और इसके लिए जो भी करना पड़े, मैं पूरी तरह तैयार हूं।” 37 वर्षीय कोहली अब सिर्फ वनडे फॉर्मेट में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने 2024 में टी-20 इंटरनेशनल और 2025 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। 2027 का टूर्नामेंट उनके करियर का पांचवां ओडीआई वर्ल्ड कप होगा (पहले 2011, 2015, 2019 और 2023 में खेल चुके हैं)। कोहली ने 50 ओवर के वर्ल्ड कप की चुनौती को लेकर भी विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि इसकी तीव्रता टी-20 से भी ज्यादा होती है क्योंकि लगभग 10 मैचों में टी-20 जैसी एनर्जी बनाए रखनी पड़ती है, जो एक दिन में ढाई टी-20 मैच के बराबर होती है। विदेशी परिस्थितियों में यह और भी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि अब वह ज्यादा फ्री होकर खेलना चाहते हैं और लोगों की अपेक्षाओं की चिंता नहीं करेंगे। पहले लंबे समय तक उनकी भूमिका टीम को स्थिर रखने की रही है, लेकिन अब वह रिस्क लेने पर फोकस करेंगे। कोहली के शानदार आंकड़े: वनडे में 54 शतक के साथ 14,941 रन (सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे स्थान पर) वर्ल्ड कप में 37 मैचों में 5 शतक और 12 अर्धशतक के साथ 1,795 रन 2011 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य यह बयान वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की ओडीआई सीरीज से ठीक पहले आया है, जो रविवार 27 सितंबर से तिरुवनंतपुरम से शुरू हो रही है। यह सीरीज 2027 वर्ल्ड कप की तैयारियों का हिस्सा मानी जा रही है। कोहली का यह ऐलान भारतीय क्रिकेट फैन्स के लिए भावनात्मक पल है। एक ओर जहां वह अपनी आखिरी वर्ल्ड कप यात्रा की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ट्रॉफी जीतने का जज्बा भी साफ दिख रहा है। क्या टीम इंडिया 2011 के बाद एक बार फिर विश्व कप घर ला पाएगी? आने वाला समय बताएगा। स्वतंत्र न्यूज छत्तीसगढ़ मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ। #swatantrashort #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #news #shorts #swatantralive Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH1
- उफनते नाले में फंसी बस, 35-40 यात्रियों का पुलिस ने किया सुरक्षित रेस्क्यू गरियाबंद। जिले में पिछले 48 घंटों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। इस बीच मगरलोड थाना क्षेत्र के सरायीबदर और महुआजोरी नाले के बीच पानी के तेज बहाव में एक यात्री बस फंस गई। बस में करीब 35 से 40 यात्री सवार थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। घटना की सूचना मिलते ही गरियाबंद थाना पुलिस और डायल 112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। बताया गया कि यात्री करीब 2 से 3 घंटे तक नाले के बीच फंसे रहे। पानी का बहाव तेज होने के कारण स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई थी। पुलिस जवानों ने जोखिम उठाते हुए रस्सी और सुरक्षा उपकरणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए बस तक पहुंच बनाई और यात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला। करीब 35 से 40 यात्रियों को सुरक्षित नाले के पार पहुंचाया गया। पुलिस की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया। पुलिस ने की सावधानी बरतने की अपील पुलिस अधीक्षक गरियाबंद ने रेस्क्यू टीम के अधिकारी-कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदी, नाले और रपटों में पानी का बहाव होने पर उन्हें पार करने का जोखिम न उठाएं। जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और आपात स्थिति में तत्काल पुलिस अथवा डायल 112 को सूचना दें।4
- बाढ़ पीड़ितों के लिए सालासर समिति आगे आई नाश्ता, सब्जी, चाय-बिस्किट और रात्रि भोजन की कराई व्यवस्था नवापारा-राजिम। नगर एवं अंचल की सेवाभावी संस्था सालासर सुंदरकांड हनुमान चालीसा जनकल्याण समिति एक बार फिर मानव सेवा की मिसाल पेश करते हुए बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आई। नगर में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए समिति ने राहत शिविरों में ठहरे महिला, पुरुषों और बच्चों के लिए भोजन एवं नाश्ते की व्यवस्था की। जनमानस के अनुसार वर्ष 1993 में आई विकराल बाढ़ की याद इस बार फिर ताजा हो गई। लोगों का कहना है कि उस समय तटबंध नहीं था, लेकिन तटबंध बनने के बाद भी इस बार बाढ़ ने गंभीर रूप धारण कर लिया। कई परिवार करीब 18 से 20 घंटे तक अपने घरों की छतों पर शरण लेने को मजबूर रहे। वहीं कृषि उपज मंडी, झूलेलाल मंदिर और स्कूलों में प्रभावित लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई। बाढ़ पीड़ितों की परेशानी को देखते हुए सालासर समिति के संस्थापक राजू काबरा, अध्यक्ष धरम साहू, रूपेंद्र चंद्राकर एवं नंदकिशोर राठी सहित समिति के सदस्यों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया। कृषि उपज मंडी में ठहरे लोगों के लिए पोहे, सब्जी, चाय और बिस्किट के पैकेट वितरित किए गए। इसके साथ ही समिति द्वारा रात्रि भोजन की व्यवस्था भी की गई। झूलेलाल मंदिर में ठहरे बाढ़ प्रभावित लोगों को भी चाय एवं बिस्किट के पैकेट वितरित किए गए। समिति के इस सेवा कार्य की नगरवासियों ने सराहना की। तिरंगा चौक निवासी रानी निषाद ने बताया कि संकट की घड़ी में सबसे पहले उन्हें सालासर समिति की याद आई। उन्होंने संस्थापक राजू काबरा से संपर्क किया और करीब एक घंटे के भीतर नाश्ते की व्यवस्था हो गई। इसके बाद सब्जी, चाय और बिस्किट भी उपलब्ध कराए गए। उन्होंने समिति के प्रति आभार व्यक्त किया। बाढ़ की इस विकट परिस्थिति में सालासर समिति द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों से प्रभावित परिवारों को काफी सहारा मिला है।2
- रायपुर शहर के प्रतिमा विसर्जन कुंड पानी से भरा लबालब आने-जाने में है परेशानियां1
- केसीजी जिले में साइबर जागृति अभियान, अधिकारियों-कर्मचारियों को डेटा प्राइवेसी की दी जानकारी, केसीजी जिले में साइबर जागृति अभियान, अधिकारियों-कर्मचारियों को डेटा प्राइवेसी की दी जानकारी, 26 सितंबर शनिवार को सुबह 10 बजे मिली जनकारी अनुसार साइबर अपराधों से बचाव और सुरक्षित डिजिटल वातावरण के उद्देश्य से चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के छठवें सप्ताह के तहत केसीजी पुलिस ने विभिन्न शासकीय संस्थानों का भ्रमण कर अधिकारियों और कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। अभियान में ‘डेटा प्राइवेसी एवं सोशल मीडिया की सीमाएं’ विषय पर जानकारी दी गई। पुलिस ने अधिकारियों-कर्मचारियों को OTP, पासवर्ड, लॉगिन विवरण, कार्यालयीन दस्तावेज, गोपनीय जानकारी और संवेदनशील तस्वीरें सोशल मीडिया या अनधिकृत व्यक्तियों के साथ साझा नहीं करने की समझाइश दी। पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर कोई भी जानकारी साझा करने से पहले उसकी आवश्यकता, सत्यता और संभावित जोखिमों का ध्यान रखना जरूरी है। शासकीय संस्थानों की डिजिटल सुरक्षा में प्रत्येक कर्मचारी की सतर्कता और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार महत्वपूर्ण है।1
- पुल और पुलिया पानी में डूब चुके हैं। हालात इतने खराब हैं कि यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। हेडलाइन: BREAKING: छत्तीसगढ़ में 3 दिन की मूसलाधार बारिश से हाहाकार, बोरी से ननकट्ठी-दुर्ग समेत 5 बड़े मार्ग बंद, पुल-पुलिया डूबे रिपोर्ट - दिनेश पटेल, छत्तीसगढ़ राज्य न्यूज़, Shuru App रिपोर्टर छत्तीसगढ़ में पिछले 3 दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। दुर्ग जिले के बोरी से ननकट्ठी दुर्ग मार्ग पूरी तरह से बंद एवं धमधा, देवकर, साजा और बेमेतरा को जोड़ने वाले मुख्य मार्गों पर भी पानी की वजह से बंद हो गया है। नदी-नाले उफान पर हैं, जिसके कारण कई जगहों पर पुल और पुलिया पानी में डूब चुके हैं। हालात इतने खराब हैं कि यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सड़क तालाब में बदल गई है और एक व्यक्ति कमर से ऊपर तक पानी में फंसा हुआ है। दूर-दूर तक सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अति आवश्यक होने पर ही घर से निकलें और नदी-नाले वाले रास्तों को पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें। आपके क्षेत्र में भी बारिश से ऐसा हाल है? कमेंट में बताएं और वीडियो को शेयर करें ताकि सभी तक जानकारी पहुंचे।1
- ‘ज्ञानेश कुमार को प्रधानमंत्री बना देना चाहिए’… पद्म भूषण छोटी बात है! बंगाल BJP अध्यक्ष की तारीफ पर कांग्रेस का तंज स्वतंत्र न्यूज छत्तीसगढ़/नई दिल्ली/कोलकाता | 26 सितंबर 2026 मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक घमासान जारी है। पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष शमिक (समिक) भट्टाचार्य ने ज्ञानेश कुमार के बचाव में उतरते हुए उनकी तारीफ की और उन्हें पद्म भूषण दिए जाने की मांग कर दी। इस बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने तीखा तंज कसा। पवन खेड़ा ने कहा, “पद्म भूषण तो बहुत छोटी बात है, उन्हें तो देश का प्रधानमंत्री ही बना देना चाहिए। आखिर जो व्यक्ति दूसरों को प्रधानमंत्री बना सकता है, वह खुद भी प्रधानमंत्री बनने का हकदार है।” क्या कहा था बंगाल BJP अध्यक्ष ने? शुक्रवार को शमिक भट्टाचार्य ने ज्ञानेश कुमार की सराहना करते हुए कहा था कि पश्चिम बंगाल में लंबे समय बाद हिंसा-मुक्त विधानसभा चुनाव हुए। लोगों ने डर-धमकी के बिना वोट डाला और मतदाता सूची को “साफ” करने में CEC की अहम भूमिका रही। उन्होंने दावा किया कि सीमावर्ती राज्य में बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम हटाने का काम भी ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में हुआ। इसलिए वे कम से कम पद्म भूषण सम्मान के हकदार हैं। कांग्रेस का पलटवार कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस तारीफ को व्यंग्य का विषय बनाते हुए कहा कि पद्म भूषण जैसी सम्मान बहुत छोटी चीज है। जो व्यक्ति दूसरों को प्रधानमंत्री बना सकता है, उसे खुद प्रधानमंत्री बना देना चाहिए। यह तंज उस समय आया है जब देश के कई राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विवाद गहराया हुआ है। विपक्ष चुनाव आयोग पर पक्षपात के आरोप लगा रहा है और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। हाल ही में चुनाव आयोग के अंदर भी मतभेदों की खबरें सामने आई हैं। पृष्ठभूमि ज्ञानेश कुमार फरवरी 2025 से मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। वे 1988 बैच के केरल कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी हैं। उनके कार्यकाल में SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े कई मुद्दे विपक्ष के निशाने पर रहे हैं। भाजपा ज्ञानेश कुमार के बचाव में है, जबकि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। स्वतंत्र न्यूज छत्तीसगढ़ का मानना है कि चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान की निष्पक्षता लोकतंत्र की रीढ़ है। किसी भी पक्ष की तारीफ या आलोचना से ऊपर उठकर तथ्यों पर आधारित चर्चा जरूरी है। मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ। (स्रोत: विभिन्न समाचार एजेंसियां और रिपोर्ट्स) #swatantrashort #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #news #shorts #swatantralive Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH1
- रायपुर मे आया बाढ़ - जन जीवन अस्त व्यस्तरायपुर मे आया बाढ़ - जन जीवन अस्त व्यस्त रायपुर मे आया बाढ़ - जन जीवन अस्त व्यस्त1
- तीन दिनों की लगातार बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में मचा कहर घरों में घुसा पानी, ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री सड़क काटकर बनाई निकासी; पुल-पाइप नहीं होने से बढ़ी परेशानी फरसागुड़ा मार्ग भी बारिश से सड़क कटा तीन दिनों की लगातार बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में मचा कहर घरों में घुसा पानी, ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री सड़क काटकर बनाई निकासी; पुल-पाइप नहीं होने से बढ़ी परेशानी भानपुरी। बस्तर क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने ग्रामीण इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। ग्राम पंचायत मुरकुची सहित आसपास के गांवों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई जगह बारिश का पानी घरों में घुसने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को खुद ही मोर्चा संभालना पड़ा। ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री सड़क को काटकर पानी निकासी का रास्ता बनाया, ताकि बस्ती में जमा पानी बाहर निकल सके। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पर्याप्त पुल-पाइप नहीं होने के कारण बारिश के दौरान पानी का बहाव बाधित हो जाता है और जलभराव की स्थिति गंभीर हो जाती है। फरसागुड़ा मार्ग भी बारिश से प्रभावित पानी की निकासी के लिए प्रधानमंत्री सड़क को ग्रामीणों ने काटा, उसी मार्ग का फरसागुड़ा को जोड़ने वाली सड़क का हिस्सा भी भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। यह मार्ग फरसागुड़ा को राष्ट्रीय राजमार्ग-30 से जोड़ता है और क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। सड़क क्षतिग्रस्त होने से इस मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ है। मुरकुची में घर गिरने की भी जानकारी वहीं ग्राम पंचायत मुरकुची में लगातार बारिश के चलते एक-दो घरों के गिरने की भी जानकारी सामने आई है। लगातार बारिश जारी रहने से ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो नुकसान और बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने, आवश्यक स्थानों पर पुल-पाइप लगाने, क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराने तथा बारिश से प्रभावित घरों का सर्वे कर प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।4