जिंन्दौर पंचायत में इंटरलॉकिंग और पौधारोपण कार्य पर सवाल, जांच की मांग* लखनऊ। विकासखंड मलिहाबाद की ग्राम पंचायत जिंदौर के मजरा तकिया में विकास कार्यों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि अमजद के घर से सरवर के घर तक कागजों में इंटरलॉकिंग कार्य दिखाया गया है, जबकि मौके पर करीब 20 वर्ष पुरानी आरसीसी सड़क ही मौजूद है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उक्त आरसीसी सड़क पूर्व जिला पंचायत सदस्य रहे उस्मान हुसैन के कार्यकाल में डलवाई गई थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि इसी स्थान पर इंटरलॉकिंग का भुगतान दर्शाया गया है तो जमीन पर नया कार्य कहां हुआ? इसके अलावा पंचायत क्षेत्र के बाजार में लाखों रुपये के पौधारोपण कार्य का भी दावा किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि कागजों में पौधारोपण दिखाया गया, लेकिन मौके पर पर्याप्त संख्या में पौधे दिखाई नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने पौधारोपण के नाम पर खर्च की गई धनराशि और कार्य की जांच कराने की मांग की है। मामले में ग्राम प्रधान सतीश गोस्वामी और ग्राम पंचायत सचिव ब्रजेश कुमार वर्मा से सवाल है कि इंटरलॉकिंग कार्य और पौधारोपण के नाम पर कितनी धनराशि स्वीकृत हुई, कितना भुगतान किया गया और मौके पर वास्तविक कार्य कितना हुआ? मांग करते हैं ग्रामवासी इसका जवाब कब दिया जाएगा, ग्रामीणों का कहना है कि यदि एक-एक विकास कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो पंचायत में खर्च हुई सरकारी धनराशि को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। संबंधित अधिकारियों से अभिलेखों और मौके की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है।
जिंन्दौर पंचायत में इंटरलॉकिंग और पौधारोपण कार्य पर सवाल, जांच की मांग* लखनऊ। विकासखंड मलिहाबाद की ग्राम पंचायत जिंदौर के मजरा तकिया में विकास कार्यों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि अमजद के घर से सरवर के घर तक कागजों में इंटरलॉकिंग कार्य दिखाया गया है, जबकि मौके पर करीब 20 वर्ष पुरानी आरसीसी सड़क ही मौजूद है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उक्त आरसीसी सड़क पूर्व जिला पंचायत सदस्य रहे उस्मान हुसैन के कार्यकाल में डलवाई गई थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि इसी स्थान पर इंटरलॉकिंग का भुगतान दर्शाया गया है तो जमीन पर नया कार्य कहां हुआ? इसके अलावा पंचायत क्षेत्र के बाजार में लाखों रुपये के पौधारोपण कार्य का भी दावा किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि कागजों में पौधारोपण दिखाया गया, लेकिन मौके पर पर्याप्त संख्या में पौधे दिखाई नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने पौधारोपण के नाम पर खर्च की गई धनराशि और कार्य की जांच कराने की मांग की है। मामले में ग्राम प्रधान सतीश गोस्वामी और ग्राम पंचायत सचिव ब्रजेश कुमार वर्मा से सवाल है कि इंटरलॉकिंग कार्य और पौधारोपण के नाम पर कितनी धनराशि स्वीकृत हुई, कितना भुगतान किया गया और मौके पर वास्तविक कार्य कितना हुआ? मांग करते हैं ग्रामवासी इसका जवाब कब दिया जाएगा, ग्रामीणों का कहना है कि यदि एक-एक विकास कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो पंचायत में खर्च हुई सरकारी धनराशि को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। संबंधित अधिकारियों से अभिलेखों और मौके की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है।
- जिंन्दौर पंचायत में इंटरलॉकिंग और पौधारोपण कार्य पर सवाल, जांच की मांग* लखनऊ। विकासखंड मलिहाबाद की ग्राम पंचायत जिंदौर के मजरा तकिया में विकास कार्यों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि अमजद के घर से सरवर के घर तक कागजों में इंटरलॉकिंग कार्य दिखाया गया है, जबकि मौके पर करीब 20 वर्ष पुरानी आरसीसी सड़क ही मौजूद है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उक्त आरसीसी सड़क पूर्व जिला पंचायत सदस्य रहे उस्मान हुसैन के कार्यकाल में डलवाई गई थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि इसी स्थान पर इंटरलॉकिंग का भुगतान दर्शाया गया है तो जमीन पर नया कार्य कहां हुआ? इसके अलावा पंचायत क्षेत्र के बाजार में लाखों रुपये के पौधारोपण कार्य का भी दावा किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि कागजों में पौधारोपण दिखाया गया, लेकिन मौके पर पर्याप्त संख्या में पौधे दिखाई नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने पौधारोपण के नाम पर खर्च की गई धनराशि और कार्य की जांच कराने की मांग की है। मामले में ग्राम प्रधान सतीश गोस्वामी और ग्राम पंचायत सचिव ब्रजेश कुमार वर्मा से सवाल है कि इंटरलॉकिंग कार्य और पौधारोपण के नाम पर कितनी धनराशि स्वीकृत हुई, कितना भुगतान किया गया और मौके पर वास्तविक कार्य कितना हुआ? मांग करते हैं ग्रामवासी इसका जवाब कब दिया जाएगा, ग्रामीणों का कहना है कि यदि एक-एक विकास कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो पंचायत में खर्च हुई सरकारी धनराशि को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। संबंधित अधिकारियों से अभिलेखों और मौके की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है।1
- लखनऊ दौलतगंज-सज्जादगंज, थाना ठाकुरगंज क्षेत्र अंतर्गत अंबिया मस्जिद में नूरानी जलसे का आयोजन 4 अक्टूबर 2026 को 12 रबीउल अव्वल के मौके पर अंबिया मस्जिद में नूरानी जलसे का आयोजन किया गया। हर वर्ष की तरह इस बार भी जलसे में शहर के तमाम बड़े उलमा-ए-किराम और क्षेत्र की आवाम ने बड़ी संख्या में शिरकत की। जलसे में हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की शान में तकरीर, मिलाद, नात-ए-पाक और कुरआन-ए-पाक की तिलावत की गई। जलसे में मौलाना अब्दुल मन्नान साहब समेत तमाम उलमा-ए-किराम ने शिरकत की। वहीं मौलाना कपिल अशरफ साहब ने भी जलसे में शिरकत कर अपनी तकरीर के जरिए लोगों को पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ की शिक्षाओं पर चलने का संदेश दिया। अंबिया मस्जिद के मुतवल्ली डॉक्टर असलम व मोहम्मद अकरम तथा सहयोगियों मोहम्मद शादाब, मोहम्मद आमिर और मोहम्मद जमाल समेत मस्जिद से जुड़े तमाम लोगों ने मिलकर इस नूरानी जलसे का आयोजन किया। उलमा-ए-किराम ने देश में अमन-ओ-अमान, शांति, आपसी भाईचारे और तरक्की के लिए दुआ की। साथ ही लोगों से हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ की शिक्षाओं पर चलने तथा आपसी मोहब्बत, भाईचारा और इंसानियत को कायम रखने की अपील की। जलसे में नात-ए-पाक और कुरआन-ए-पाक की तिलावत के साथ बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की और नूरानी जलसा सकुशल संपन्न हुआ।1
- लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र के टेंडर पॉम हॉस्पिटल के करीब अवैध खनन का सिलसिला बदस्तूर जारी पुलिस के संरक्षण में खनन माफिया दिन दहाड़े करवा रहे अवैध खनन और सड़कों पर दौड़ रहीं मौत की गाड़ियां खनन माफियाओं का कहना कि इंस्पेक्टर सुशांत गोल्फ सिटी इंस्पेक्टर के कारखाना संदीप को दिया मोटा पैसा और पुलिस का प्राप्त है संरक्षण1
- रात के 3 बजे गर्लफ्रेंड से मिलना पड़ा भारी! पापा ने रंगे हाथों पकड़ लिया। आपके साथ कभी ऐसा वाकया हुआ है क्या? कमेंट में बताएं। रात के 3 बजे गर्लफ्रेंड से मिलना पड़ा भारी! पापा ने रंगे हाथों पकड़ लिया। आपके साथ कभी ऐसा वाकया हुआ है क्या? कमेंट में बताएं।1
- हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद चोरी-छिपे चल रहा था हुक्का बार, 25 हुक्के और करीब 50 फ्लेवर बरामद। 🚨 लखनऊ ब्रेकिंग |कैसरबाग में हुक्का बार पर पुलिस का छापा। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद चोरी-छिपे चल रहा था हुक्का बार, 25 हुक्के और करीब 50 फ्लेवर बरामद। लखनऊ। कैसरबाग थाना क्षेत्र में पुलिस ने हुक्का बार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक होटल की ऊपरी मंजिल पर संचालित हो रहे कथित हुक्का बार पर छापा मारा। पुलिस के मुताबिक कार्रवाई के दौरान करीब 25 हुक्के और लगभग 50 फ्लेवर बरामद किए गए। बताया जा रहा है कि सिटी होटल के ऊपर के फ्लोर पर ‘कैफे टेल’ नाम से हुक्का बार संचालित किया जा रहा था। पुलिस को इसकी सूचना मिलने के बाद कैसरबाग इंस्पेक्टर अंजनी कुमार मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से करीब 30 लोगों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किए जाने की सूचना दी है। वहीं, हुक्का बार का संचालक मौके से फरार बताया जा रहा है। पुलिस की कार्रवाई में खंदारी बाजार चौकी प्रभारी रणजीत सिंह की भी अहम भूमिका बताई जा रही है। चौकी प्रभारी के साथ पूरी पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया। हुक्का बार संचालन को लेकर हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद गतिविधियां संचालित होने की सूचना के बाद हुई इस कार्रवाई से अवैध रूप से चल रहे हुक्का बार संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। फिलहाल पुलिस द्वारा बरामद सामान, गिरफ्तार लोगों और फरार संचालक के संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।4
- मलिहाबाद विधान सभा के पूर्व विधायक प्रत्याशी माननीय जगदीश रावत जी ने मलिहाबाद विधानसभा के बाढ़ प्रभावित गांव का किया भरमढ चकवर्ती मौसम के कारण कई घंटो तक चलते हुई मुलाधर बारिश न केवल जान जीवन अस्त वेस्त हो गया हैं मलिहाबाद विधान सभा के पूर्व विधायक प्रत्याशी माननीय जगदीश रावत जी ने मलिहाबाद विधानसभा के बाढ़ प्रभावित गांव का किया भरमढ चकवर्ती मौसम के कारण कई घंटो तक चलते हुई मुलाधर बारिश न केवल जान जीवन अस्त वेस्त हो गया हैं बल्कि की पुरे प्रदेश में बाढ़ की इस्टाती उत्पन्न हो गई है जिसमे अवध मंडल के कई जिले पुर्डताया प्रभावित हुये हैं जींसमे जिला लखनऊ की विधानसभा मलिहाबाद की गोमती नदी के निकटवारती कुछ गांव अत्यन्त रुप से प्रभावित हुये हैं जैसे, बदइया, बहरोरा, बसेहरी अटरिया, निकरोजपुर, तहतना, कोलवा, मझोवा, ककराबाद, जेहटा , शैथा, आदि गांव के ग्राम वाइयो की ना केवल फासले बर्बाद हुईं है बल्कि घरों मै पानी भर जाने के कारण उनका घर मै रहना दुबहार हो गया हैं1
- लखनऊ: ये हाल है भाजपा नेताओं का...* *कार्यकर्ता चापलूसी करे तो नेता खुद को राजा से कम नहीं समझते और जनता विरोध कर दे तो धमकी और मारपीट पर उतारू हो जाते हैं...* पीड़ितों की समस्या क्या समझेंगे विधायक योगेश शुक्ला, बस पार्षदों को सिख दें कमाई का बाकी जनता को खूब लूटिए...* राजधानी लखनऊ में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे बख्शी का तालाब के भाजपा विधायक योगेश शुक्ला, वहीं विरोध शुरू हुआ गया... फिर क्या था प्रतिनिधि और कार्यकर्ता ने जनता को मां-बहन की गालियां और मारने की धमकी दे डाली और विधायक योगेश शुक्ला खुश... विधायक योगेश शुक्ला अपने क्षेत्र में कितना काम किए हैं...? विधायक की चापलूसी करने वाले पार्षद जैसे शैलेन्द्र वर्मा आदि कितना क्षेत्रवासियों के लिए काम किया...? वार्डों में कितना पैसा कमाया और कितना लगाया, जनता पूछ बैठे सवाल तो विधायक जी भाग खड़े होंगे और पार्षद भी साथ छोड़ देंगे... इसबार चुनाव में विधायक जी को अच्छा सबक सिखाने वाली है जनता, काफी नाराज़ है और फायदा दिखा कर और झूठे दावों से जनता पर असर नहीं पड़ेने वाला... हारने के बाद शायद विधायक योगेश शुक्ला अपने कर्तव्य और जिम्मेदारी को समझ जाएं...1
- इंटौजा थाना क्षेत्र के हरदा में राहत सामग्री बांटकर लौट रहे विधायक की गाड़ी रोकी बाढ़ पीड़ितों को राशन किट बाट कर वापस आ रहे थे विधायक 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | लखनऊ एसडीम,तहसील प्रशासन के लोग रहे मौजूद बाढ़ प्रभावितों को राशन किट बांटकर लौट रहे बीकेटी विधायक योगेश शुक्ला की गाड़ी को हरदा मोड़ के पास कुछ अराजकतत्वों ने घेरकर रोक लिया। आरोप है कि विरोध कर रहे लोगों ने गाड़ी के बोनट पर हाथ मारकर हंगामा किया। घटना के बाद विधायक समर्थकों और विरोध कर रहे लोगों के बीच नोकझोंक भी हुई। इधर, बवाल कर रहे लोगों में ग्रामीण के साथ समाजवादी पार्टी के समर्थक भी नजर आए वहीं, विधायक समर्थकों ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक लोग नहीं चाहते कि बाढ़ पीड़ित को भाजपा सरकार जो राहत सामग्री पहुंचा रही है वो पहुंच सके । विधायक का कहना है कि आपदा के समय राहत कार्यों में सहयोग करने के बजाय राजनीति करना गलत है । पुलिस को पहले से थी सूचना की हरदा मोड पर खड़े है अराजकतत्व तो कार्यवाही क्यों नहीं की1