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बाड़मेर जिले के पी खालेपे की बावड़ी गांव में स्थित ट्यूबवेल पिछले 45 दिनों से खराब पड़ा है, जिसके कारण भीषण गर्मी के इस मौसम में पशु पानी के लिए तरस रहे हैं और ग्रामीणों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव के निवासी कामल खान मथरानी सौंद ने संबंधित अधिकारियों से इस समस्या का तत्काल समाधान करते हुए ट्यूबवेल की जल्द मरम्मत करवाने का विनम्र निवेदन किया है। उन्होंने अपनी शिकायत के लिए मोबाइल नंबर 9928737530 उपलब्ध कराया है।
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बाड़मेर जिले के पी खालेपे की बावड़ी गांव में स्थित ट्यूबवेल पिछले 45 दिनों से खराब पड़ा है, जिसके कारण भीषण गर्मी के इस मौसम में पशु पानी के लिए तरस रहे हैं और ग्रामीणों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव के निवासी कामल खान मथरानी सौंद ने संबंधित अधिकारियों से इस समस्या का तत्काल समाधान करते हुए ट्यूबवेल की जल्द मरम्मत करवाने का विनम्र निवेदन किया है। उन्होंने अपनी शिकायत के लिए मोबाइल नंबर 9928737530 उपलब्ध कराया है।
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- बाड़मेर जिले के पी खालेपे की बावड़ी गांव में स्थित ट्यूबवेल पिछले 45 दिनों से खराब पड़ा है, जिसके कारण भीषण गर्मी के इस मौसम में पशु पानी के लिए तरस रहे हैं और ग्रामीणों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव के निवासी कामल खान मथरानी सौंद ने संबंधित अधिकारियों से इस समस्या का तत्काल समाधान करते हुए ट्यूबवेल की जल्द मरम्मत करवाने का विनम्र निवेदन किया है। उन्होंने अपनी शिकायत के लिए मोबाइल नंबर 9928737530 उपलब्ध कराया है।1
- जीवन में अक्सर ऐसी दुविधाएँ सामने आती हैं जहाँ एक तरफ आगे बढ़ने का सफ़र होता है और दूसरी तरफ बरसों का हमसफ़र साथ होता है। ऐसे में रुकने पर सफ़र छूट जाने और चलने पर हमसफ़र छूट जाने का डर बना रहता है, जिससे मंज़िल की हसरत और मोहब्बत के बीच मन तय नहीं कर पाता कि आखिर कहाँ जाया जाए। यह स्थिति इतनी विकट होती है, जैसे तेज़ प्यास लगने पर पानी में ज़हर मिलना, जिसे पीने या न पीने, दोनों ही सूरतों में मृत्यु निश्चित हो। लेखक बताता है कि जीवन के ऐसे दो मसले कभी हल नहीं हो पाए, जिसके कारण न तो कभी नींद पूरी हुई और न ही ख़्वाब मुकम्मल हो सके। इस अंतहीन उलझन में, वक्त को सब्र की और सब्र को सब्र को वक्त की कमी का अहसास होता रहता है।1
- साफ-सफाई को लेकर विशेष ध्यान रखने की बात कही गई है। इस पर जोर दिया गया है कि स्वच्छता बनी रहे, ताकि लोगों को आने-जाने में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।1
- जयपुर पुलिस ने आमजन को सतर्क करते हुए एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें शहर में कच्छा-बनियान गिरोह की संभावित सक्रियता के मद्देनजर नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या समूह को संदिग्ध परिस्थितियों में घूमता देख स्वयं जोखिम न उठाएं, बल्कि तुरंत अपने नजदीकी पुलिस थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें। इसके अतिरिक्त, रात्रि के समय घरों के दरवाजे-खिड़कियां सुरक्षित रखने, आसपास की गतिविधियों पर नजर बनाए रखने और पड़ोसियों के साथ भी सुरक्षा संबंधी जानकारी साझा करने का आग्रह किया गया है। पुलिस ने जोर देकर कहा है कि सतर्क नागरिक ही सुरक्षित समाज की सबसे बड़ी ताकत हैं, और सभी से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने और इस संदेश को व्यापक रूप से फैलाने की अपील की है।1
- जैसलमेर में लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर ने पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से जिले में कानून का राज पूरी तरह से समाप्त हो चुका है और आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। अमरदीन फकीर ने इस बात पर जोर दिया कि जैसलमेर शहर में लगातार बड़ी चोरियाँ हो रही हैं, जिसके उदाहरण के तौर पर उन्होंने अमर सागर, बड़ा बाग और भाटिया मार्केट जैसे प्रमुख इलाकों में बेखौफ होकर अंजाम दी गईं चोरियों का जिक्र किया। उन्होंने पुलिस पर निशाना साधते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन केवल मीडिया को बुलाकर झूठी वाहवाही लूटने में व्यस्त है कि उन्होंने चोरों को पकड़ लिया। फकीर ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर इन वारदातों पर रोक कब लगेगी और यह सिलसिला कब थमेगा। उन्होंने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि जैसलमेर में पुलिस गश्त नहीं कर रही, बल्कि सिर्फ वसूली करने में जुटी हुई है।1
- जैसलमेर जिले के चांधन क्षेत्र और दवाडा में बिजली आपूर्ति एक बड़ी समस्या बनी हुई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोग खासे परेशान हैं। बताया गया है कि इन इलाकों में अक्सर घंटों तक बिजली बंद रहती है, जिसका सीधा असर खेती, पशुपालन, व्यापार और आम जनजीवन पर पड़ता है। जनता अब यह जानना चाहती है कि जैसलमेर जिले के दवाडा और चांधन क्षेत्र में प्रतिदिन कितने घंटे बिजली आपूर्ति का निर्धारित समय तय किया गया है।1
- खेतेश्वर कॉलोनी, नर्मदा कॉलोनी और हरिजन कॉलोनी में चल रहे ज़मीन विवाद पर पूर्व मंत्री सुखराम बिश्नोई ने खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि विवादित ज़मीन पर नर्मदा विभाग का कभी कब्ज़ा ही नहीं रहा है, और इस ज़मीन का आवंटन निरस्त किया जाना चाहिए। बिश्नोई ने तर्क दिया कि कॉलोनीवासियों के पास इस ज़मीन के वैध पट्टे और दस्तावेज़ मौजूद हैं। ऐसे में 21 साल बाद इस ज़मीन पर दावा करना पूरी तरह अनुचित है और यह जनता के साथ घोर अन्याय है। उन्होंने प्रशासन से पहले तथ्यों को स्पष्ट करने और उसके बाद ही कोई कार्रवाई करने की मांग की। इस मामले से संबंधित रूप से CMO राजस्थान भजनलाल शर्मा और सांचौर के विधायक जीवाराम चौधरी का भी उल्लेख किया गया है।1
- दुनिया की बेरुखी और बदलते हालात को देखकर अब लोगों से बात करने का मन नहीं करता। यह महसूस होता है कि हवा किसी की सगी नहीं होती और एक दिन सबके चिराग बुझेंगे। आजकल का जमाना विश्वास और भरोसे पर नहीं, बल्कि केवल सबूतों पर चलता है, यही वजह है कि मन अब लोगों से संवाद करने के लिए तैयार नहीं होता।1