सीतापुर नगर पंचायत में कार्यरत विभिन्न विभागों के प्लेसमेंट कर्मचारियों ने अपने लंबित मानदेय भुगतान की मांग को लेकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि वे पिछले 10 से 15 वर्षों से प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से नगर पंचायत को सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है। उनके अनुसार, उन्हें मार्च 2025 तक का मानदेय ही प्राप्त हुआ है, जबकि अप्रैल 2025 से लेकर मई 2026 तक का वेतन अभी भी बकाया है। कर्मचारियों ने बताया कि पहले नगर पंचायत द्वारा सीधे एजेंसी को भुगतान किए जाने पर उन्हें नियमित रूप से मानदेय मिल जाता था, लेकिन वर्तमान में प्लेसमेंट एजेंसी बदलने के बाद भुगतान व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। वेतन न मिलने के कारण उनके सामने परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा और अन्य दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर बकाया वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि दो दिनों के भीतर वेतन का भुगतान नहीं किया जाता है, तो सफाई शाखा, नल-जल शाखा, विद्युत शाखा सहित अन्य विभागों के प्लेसमेंट कर्मचारी नगर पंचायत कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। इस ज्ञापन की एक प्रति क्षेत्रीय विधायक, कलेक्टर सरगुजा, संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास, तथा नगर पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष को भी प्रेषित की गई है।
सीतापुर नगर पंचायत में कार्यरत विभिन्न विभागों के प्लेसमेंट कर्मचारियों ने अपने लंबित मानदेय भुगतान की मांग को लेकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि वे पिछले 10 से 15 वर्षों से प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से नगर पंचायत को सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है। उनके अनुसार, उन्हें मार्च 2025 तक का मानदेय ही प्राप्त हुआ है, जबकि अप्रैल 2025 से लेकर मई 2026 तक का वेतन अभी भी बकाया है। कर्मचारियों ने बताया कि पहले नगर पंचायत द्वारा सीधे एजेंसी को भुगतान किए जाने पर उन्हें नियमित रूप से मानदेय मिल जाता था, लेकिन वर्तमान में प्लेसमेंट एजेंसी बदलने के बाद भुगतान व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। वेतन न मिलने के कारण उनके सामने परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा और अन्य दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर बकाया वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि दो दिनों के भीतर वेतन का भुगतान नहीं किया जाता है, तो सफाई शाखा, नल-जल शाखा, विद्युत शाखा सहित अन्य विभागों के प्लेसमेंट कर्मचारी नगर पंचायत कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। इस ज्ञापन की एक प्रति क्षेत्रीय विधायक, कलेक्टर सरगुजा, संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास, तथा नगर पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष को भी प्रेषित की गई है।
- सूरजपुर ज़िले के सलका क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच लोगों ने 9 सूत्रीय मांगों को लेकर Adani के खिलाफ रेल रोको आंदोलन शुरू कर दिया। सैकड़ों की संख्या में इकट्ठा हुई भीड़ ने Adani के प्रति अपना गहरा आक्रोश जताया, जहाँ आदिवासी समुदाय विशेष रूप से परेशान दिखाई दे रहा है और उनका गुस्सा लगातार जारी है।1
- बेंगलुरु में स्थित आध्यात्मिक केंद्र ध्याण मंदिर को हाल ही में राष्ट्र को समर्पित किया गया है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर आयोजित ध्याण मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिरकत की।1
- बेहरटोली कामतारा पंचायत के 'मेरे गांव' में एक यूट्यूब वीडियो बनाया गया है, जिसे 'बहुत ही' सब्सक्राइबर मिल रहे हैं। यह वीडियो एक धार्मिक गाने का है, जिसे 'बहुत ही सुंदर' और 'दिल छू लेने वाला' बताया गया है। इस वीडियो को बनाने वाले ने अन्य लोगों को भी इससे जुड़ने का आग्रह किया है, यह विश्वास दिलाते हुए कि उन्हें भी यह 'अच्छा लगेगा', और इसके लिए धन्यवाद दिया है।1
- कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) का नया डिजिटल अपडेट, EPFO 3.0, जारी हो चुका है, जिससे अब PF का पैसा UPI और ATM के माध्यम से सेकंडों में निकाला जा सकेगा। इस बड़े अपडेट के तहत, ₹5 लाख तक का ऑटो क्लेम करने की सुविधा मिलेगी, जिसमें एंप्लॉयर अप्रूवल की कोई आवश्यकता नहीं होगी, और KYC अपडेट के साथ प्रक्रिया को और भी आसान बनाया गया है। नए अपडेट में यह भी बताया गया है कि UPI से PF कैसे निकालें, EPFO ATM कार्ड क्या है, तथा ₹5 लाख तक ऑटो क्लेम की सुविधा कैसे काम करेगी। इसके अतिरिक्त, KYC और फेस ऑथेंटिकेशन अपडेट भी लाए गए हैं और यह भी स्पष्ट किया गया है कि इन सुविधाओं का लाभ किन लोगों को मिलेगा। यह जानकारी विभिन्न समाचार रिपोर्टों और उपलब्ध अपडेट पर आधारित है। आधिकारिक और सटीक जानकारी के लिए EPFO की वेबसाइट और उसके नोटिफिकेशन की जांच करना आवश्यक है।1
- गरीब और असहाय परिवार को संत रामपाल जी महाराज का सहारा मिला है। इस सहायता के माध्यम से परिवार को मदद प्रदान की गई है। इस पूरे घटनाक्रम और सहयोग की विस्तृत वीडियो 'AnnaPurna Muhim' YouTube Channel पर उपलब्ध है, जिसे अवश्य देखने के लिए प्रेरित किया गया है।1
- आज बुधवार को गुमला के विकास भवन स्थित जिला परिषद कार्यालय सभागार में जिला परिषद अध्यक्ष किरण माला बाड़ा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण सामान्य बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, जिला परिषद उपाध्यक्ष संयुक्ता देवी, जिला परिषद कार्यपालक पदाधिकारी ललन कुमार रजक, जिला परिषद कार्यपालक अभियंता बलि उरांव, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी, विद्युत आपूर्ति पदाधिकारी विनय कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, अभियंता, जिला परिषद सदस्य और जनप्रतिनिधि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान पूर्व निर्धारित एजेंडे के तहत बिंदुवार समीक्षा की गई, जिसमें सर्वप्रथम 09 मार्च 2026 को हुई पिछली सामान्य बैठक की कार्यवाही को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। इसके साथ ही, पिछली बैठक में विभिन्न विभागों को दिए गए निर्देशों के अनुपालन की प्रगति रिपोर्ट का आकलन किया गया। इसमें जिला गव्य विकास, जिला पशुपालन, सामाजिक सुरक्षा कोषांग, जलपथ प्रमण्डल, विद्युत आपूर्ति प्रमण्डल और मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी कार्यालय द्वारा प्राप्त अनुपालन प्रतिवेदनों की विस्तृत समीक्षा शामिल थी। वित्तीय मामलों पर विचार करते हुए सदन ने मार्च 2026 से मई 2026 तक किए गए राजस्व मद के व्यय को मंजूरी दी। 15वें वित्त आयोग के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के अनाबद्ध मद में ली गई योजनाओं की प्रगति और वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत कुछ योजनाओं के स्थल या योजना परिवर्तन की भी समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, गुमला जिला परिषद के अंतर्गत आने वाले विभिन्न सैरातों और बाजार-हाटों की बंदोबस्ती की प्रक्रिया पर भी विचार-विमर्श हुआ। उपस्थित जिला परिषद सदस्यों और जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की जनसमस्याओं और विकास कार्यों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन के समक्ष रखा। बैठक में पशुपालन, कृषि, जिला सहकारिता, जिला आपूर्ति, जिला उद्योग केंद्र, पेयजल एवं स्वच्छता, जिला स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग, जिला समाज कल्याण, उद्यान विभाग, भूमि संरक्षण, विद्युत आपूर्ति, लघु सिंचाई प्रमंडल और ग्रामीण कार्य विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। संबंधित विभागीय अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों की वास्तविक स्थिति, तकनीकी बाधाओं और उनके निवारण हेतु बनाई गई आगामी योजनाओं से अध्यक्ष व सदन को अवगत कराया। जिला परिषद अध्यक्ष किरण माला बाड़ा ने जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सभी मामलों को अत्यंत गंभीरता से लिया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि आज की बैठक में तय किए गए प्रस्तावों और योजनाओं का क्रियान्वयन अगली बैठक से पहले निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करें, ताकि आम जनता को सरकारी योजनाओं का त्वरित लाभ मिल सके।2
- राजधानी पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज में हुई फायरिंग के मामले में जेल में बंद यूट्यूबर और कोचिंग संचालक रोशन आनंद को बड़ा झटका लगा है। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अनुराग वर्मा की अदालत ने मंगलवार को उनकी नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया। यह मामला 2 जून की रात को फैजल खान उर्फ खान सर की कोचिंग संस्था के बाहर हुई फायरिंग और हंगामे से जुड़ा है। रोशन आनंद पर इस घटना में साजिश रचने और हमले से संबंधित आरोप लगाए गए हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने रोशन आनंद समेत उनके सहयोगियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था। मामले की जांच के दौरान एक वीडियो सामने आने और खान सर के सुरक्षा कर्मियों के बयान के आधार पर पुलिस ने एफआईआर में खान सर का नाम भी जोड़ा था। हालांकि, खान सर को पटना सिविल कोर्ट से 20 जून तक गिरफ्तारी पर अंतरिम राहत मिली हुई है। इस बीच, प्रशासन ने रोशन आनंद के कोचिंग संस्थान और अस्पताल में फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी पाई जाने पर नोटिस जारी किया है। इन संबंधित संस्थानों को एक सप्ताह के भीतर आवश्यक सुधार करने का निर्देश दिया गया है, और ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। रोशन आनंद की गिरफ्तारी के विरोध में पटना में कैंडल मार्च भी निकाला गया था। हालांकि, अदालत के इस नवीनतम फैसले के बाद उनकी कानूनी मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। मामले की अगली सुनवाई और आगामी जांच पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।1
- कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र में मंगलवार को एक पटाखा गोदाम में भीषण आग लग गई। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसके बाद गोदाम में रखे पटाखों तक पहुंचते ही लगातार जोरदार धमाके होने शुरू हो गए। इन धमाकों की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक बेहद दर्दनाक और डराने वाला हादसा सामने आया है, जहाँ कटघोरा थाना क्षेत्र के रामपुर इलाके में स्थित एक बड़े पटाखा गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते पूरा गोदाम मलबे और धुएं के गुबार में तब्दील हो गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गोदाम के भीतर रखे भारी मात्रा में पटाखों में लगातार तेज धमाके हो रहे थे, जिससे आसपास की धरती तक हिल गई और धमाकों की गूंज से रामपुर कांप उठा। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कई किलोमीटर दूर से ही आसमान में काले धुएं का विशाल गुबार साफ देखा जा सकता था। यह भीषण आग शर्मा पटाखा गोदाम में भड़की, जो पूरे क्षेत्र में काफी प्रसिद्ध है। यहाँ कोरबा के साथ-साथ आसपास के अन्य जिलों से भी लोग थोक और खुदरा दरों पर पटाखे खरीदने आते थे, क्योंकि यहाँ अन्य बाजारों की तुलना में काफी सस्ते दामों पर पटाखे उपलब्ध होते थे, जिसके कारण गोदाम में हमेशा स्टॉक भरा रहता था। आज अचानक अज्ञात कारणों से गोदाम के भीतर आग लग गई, और आग लगते ही पटाखों में सिलसिलेवार धमाके शुरू हो गए, जिससे बचाव दल को शुरुआत में पास जाने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। फिलहाल, आग लगने की सही वजह का पता नहीं चल पाया है। घटना की सूचना मिलते ही कटघोरा नगरपालिका की दमकल गाड़ियां मौके पर पहुँच गईं और आग पर काबू पाने की जद्दोजहद में जुट गईं। आग की भयावहता और गंभीरता को देखते हुए कटघोरा दमकल विभाग के अलावा अन्य नजदीकी क्षेत्रों से भी अतिरिक्त फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलाई जा रही हैं। राहत की बात यह रही कि यह गोदाम आबादी वाले क्षेत्र से काफी दूरी पर स्थित है, जिसकी वजह से कोई बड़ी जनहानि होने से बच गई। मौके पर स्थानीय पुलिस बल और ग्रामीणों की भारी भीड़ मौजूद है, जो राहत कार्य में प्रशासन की मदद कर रही है। पुलिस प्रशासन द्वारा पूरे इलाके को सुरक्षित घेरे में ले लिया गया है ताकि किसी भी उत्सुक राहगीर को नुकसान न पहुँचे। आग पर पूरी तरह काबू पाने में अभी कुछ और समय लगने की आशंका है।2