बागपत में पशु क्रूरता और तस्करी के खिलाफ की गई बड़ी कार्रवाई में, चेकिंग के दौरान एक आयशर कैंटर से अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंसकर ले जाई जा रहीं 72 भैंसों को सफलतापूर्वक बरामद किया गया है। इस त्वरित कार्रवाई में तीन तस्करों को गिरफ्तार कर उनके वाहन को जब्त कर लिया गया, जिसकी स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की। पुलिस को मिली सूचना के आधार पर एक संदिग्ध आयशर कैंटर (वाहन नंबर: HR-69E-6784) को रोका गया। तलाशी के दौरान कैंटर के अंदर का नजारा बेहद क्रूर था, जहां क्षमता से कई गुना अधिक पशुओं को भरा गया था, जिससे उनका दम घुट रहा था। जांच में कुल 72 भैंसें बरामद हुईं, जिनमें 60 छोटे और 12 बड़े पशु शामिल थे। पशु क्रूरता अधिनियम के स्पष्ट उल्लंघन के आरोप में कैंटर सवार तीन आरोपियों - पुराना कस्बा बागपत निवासी रिजवान (पुत्र मंगत), कस्बा बागपत निवासी अनश (पुत्र आस मोहम्मद), और रंजीत उर्फ रुद्र (पुत्र सुकदायल) को हिरासत में लिया गया। बरामद किए गए सभी बेजुबान पशुओं को सुरक्षित रेस्क्यू कर उनके खाने-पीने और संरक्षण की उचित व्यवस्था की गई है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत नामजद मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि पशुओं के साथ किसी भी प्रकार की क्रूरता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पशु तस्करी या क्रूरता में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ इसी तरह की सख्त दंडात्मक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
बागपत में पशु क्रूरता और तस्करी के खिलाफ की गई बड़ी कार्रवाई में, चेकिंग के दौरान एक आयशर कैंटर से अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंसकर ले जाई जा रहीं 72 भैंसों को सफलतापूर्वक बरामद किया गया है। इस त्वरित कार्रवाई में तीन तस्करों को गिरफ्तार कर उनके वाहन को जब्त कर लिया गया, जिसकी स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की। पुलिस को मिली सूचना के आधार पर एक संदिग्ध आयशर कैंटर (वाहन नंबर: HR-69E-6784) को रोका गया। तलाशी के दौरान कैंटर के अंदर का नजारा बेहद क्रूर था, जहां क्षमता से कई गुना अधिक पशुओं को भरा गया था, जिससे उनका दम घुट रहा था। जांच में कुल 72 भैंसें बरामद हुईं, जिनमें 60 छोटे और 12 बड़े पशु शामिल थे। पशु क्रूरता अधिनियम के स्पष्ट उल्लंघन के आरोप में कैंटर सवार तीन आरोपियों - पुराना कस्बा बागपत निवासी रिजवान (पुत्र मंगत), कस्बा बागपत निवासी अनश (पुत्र आस मोहम्मद), और रंजीत उर्फ रुद्र (पुत्र सुकदायल) को हिरासत में लिया गया। बरामद किए गए सभी बेजुबान पशुओं को सुरक्षित रेस्क्यू कर उनके खाने-पीने और संरक्षण की उचित व्यवस्था की गई है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत नामजद मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि पशुओं के साथ किसी भी प्रकार की क्रूरता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पशु तस्करी या क्रूरता में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ इसी तरह की सख्त दंडात्मक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
- yah pata nahin kahan ki video bheja idhar ek bacche ko Samaj ke liye kuchh Na kuchh kaise bhi bike1
- उत्तर प्रदेश एसटीएफ और कोतवाली बागपत पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई के तहत खनन की असली रॉयल्टी में हेरफेर कर फर्जी दस्तावेज बनाने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोप है कि यह गिरोह राज्य सरकार को लाखों रुपये के राजस्व की क्षति पहुंचा रहा था। पुलिस को जानकारी मिली थी कि एक संगठित गिरोह खनन की असली रॉयल्टी (आईएसटीपी) में तारीख और अन्य विवरण बदलकर फर्जी रॉयल्टी तैयार कर रहा था, जिनका उपयोग विभिन्न विभागों में खनन सामग्री के परिवहन और भुगतान के लिए किया जाता था। इस सूचना के आधार पर एसटीएफ और बागपत पुलिस ने संयुक्त जांच शुरू की और मुखबिर की सूचना पर इंडियन नर्सिंग होम, ग्राम निवाड़ा क्षेत्र में छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान पीडब्ल्यूडी बागपत में कार्यरत क्लर्क मंदीप तोमर का नाम सामने आया, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने साथियों के माध्यम से व्हाट्सएप पर असली रॉयल्टी प्राप्त करते थे और पीडब्ल्यूडी, नगर निगम सहित विभिन्न विभागों के कुछ क्लर्कों और ठेकेदारों की मांग के अनुसार उसमें बदलाव कर फर्जी रॉयल्टी बनाते थे। इस अवैध कार्य के बदले उन्हें मोटी रकम मिलती थी। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह लंबे समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय था। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन से व्हाट्सएप चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर कुल 25 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए क्षेत्राधिकारी नगर बागपत के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया है। यह टीम बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच करते हुए पूरे नेटवर्क का खुलासा करेगी। पुलिस के अनुसार, वांछित आरोपियों में जाहिद उर्फ लालू प्रधान, मुस्तफा, दानिश, बहादुर, आशुतोष और राहुल उर्फ राजा के साथ-साथ विभिन्न जनपदों के कुछ विभागीय कर्मचारी और क्लर्क भी शामिल हैं। इस संबंध में कोतवाली बागपत में मुकदमा संख्या 383/2026 धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) एवं 61(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है, और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- हरियाणा के नारनौल में एक बेहद शर्मनाक और निंदनीय घटना सामने आई है, जहाँ एक फौजी की पत्नी के साथ उसके अपने घर में घुसकर लाठी-डंडों से बेरहमी से मारपीट की गई। इस वारदात को अंजाम देने का आरोप पड़ोसी पर लगा है। बताया जा रहा है कि यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिससे हमले की तस्वीरें सामने आ गई हैं।1
- दान करना एक अत्यंत पुण्य का काम माना जाता है। हालांकि, दान की प्रक्रिया को पूरा करते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक बताया गया है।1
- दिल्ली में शिवसेना UBT सांसद संजय राउत द्वारा संदिग्ध बागी सांसदों को कथित तौर पर गाली देने के मामले पर शिवसेना UBT के ही सांसद अनिल देसाई ने प्रतिक्रिया दी है। देसाई ने इस पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि जो कुछ भी कहा गया है, वह केवल एक गाली थी और यह किसी खास व्यक्ति के लिए नहीं थी। उन्होंने आगे बताया कि जब कोई भावनात्मक रूप से संवेदनशील व्यक्ति, जिसने अपनी ज़िंदगी के 50 साल सार्वजनिक जीवन में राजनीति में बिताए हों, बोलता है, तो ऐसी बातें हो जाती हैं। देसाई ने यह भी साफ किया कि संजय राउत किसी विशेष इंसान को संबोधित नहीं कर रहे थे।1
- जनपद शामली के थाना झिंझाना क्षेत्र में दहेज हत्या के एक गंभीर मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के पति और सास को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी मृतका के परिजनों द्वारा थाना झिंझाना में एक लिखित तहरीर देने के बाद हुई, जिसमें उन्होंने दहेज हत्या का आरोप लगाया था। इस तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस अधीक्षक शामली एन.पी. सिंह के निर्देश पर महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत झिंझाना पुलिस ने इस मामले में वांछित आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान ग्राम टोडा, थाना झिंझाना निवासी सन्नी पुत्र रणवीर और अनीता देवी पत्नी रणवीर के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मामले की गहन जांच फिलहाल जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- मेरठ एक्सप्रेस अब पहले के मुकाबले काफी बेहतर स्थिति में आ चुका है। इस ट्रेन की सेवाओं और समग्र अनुभव में पहले से बहुत अधिक सुधार देखा गया है।1
- बागपत में पशु क्रूरता और तस्करी के खिलाफ की गई बड़ी कार्रवाई में, चेकिंग के दौरान एक आयशर कैंटर से अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंसकर ले जाई जा रहीं 72 भैंसों को सफलतापूर्वक बरामद किया गया है। इस त्वरित कार्रवाई में तीन तस्करों को गिरफ्तार कर उनके वाहन को जब्त कर लिया गया, जिसकी स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की। पुलिस को मिली सूचना के आधार पर एक संदिग्ध आयशर कैंटर (वाहन नंबर: HR-69E-6784) को रोका गया। तलाशी के दौरान कैंटर के अंदर का नजारा बेहद क्रूर था, जहां क्षमता से कई गुना अधिक पशुओं को भरा गया था, जिससे उनका दम घुट रहा था। जांच में कुल 72 भैंसें बरामद हुईं, जिनमें 60 छोटे और 12 बड़े पशु शामिल थे। पशु क्रूरता अधिनियम के स्पष्ट उल्लंघन के आरोप में कैंटर सवार तीन आरोपियों - पुराना कस्बा बागपत निवासी रिजवान (पुत्र मंगत), कस्बा बागपत निवासी अनश (पुत्र आस मोहम्मद), और रंजीत उर्फ रुद्र (पुत्र सुकदायल) को हिरासत में लिया गया। बरामद किए गए सभी बेजुबान पशुओं को सुरक्षित रेस्क्यू कर उनके खाने-पीने और संरक्षण की उचित व्यवस्था की गई है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत नामजद मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि पशुओं के साथ किसी भी प्रकार की क्रूरता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पशु तस्करी या क्रूरता में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ इसी तरह की सख्त दंडात्मक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1