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जालौन जिले के रामपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम जगम्मनपुर में एक संपत्ति विवाद को लेकर स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गांव के निवासी राजकुमार और शिवशंकर (दोनों पुत्र स्वर्गीय बैजनाथ) ने पुलिस अधीक्षक जालौन को पांच पृष्ठों का शिकायती पत्र देकर जगम्मनपुर पुलिस चौकी के प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस ने उनके घर में जबरन घुसकर तोड़फोड़ की और दबाव बनाकर थाने में कथित समझौता कराने का प्रयास किया। इस शिकायत की प्रतिलिपि झांसी के डीआईजी, उत्तर प्रदेश के डीजीपी और जालौन के जिलाधिकारी को भी भेजी गई है। पीड़ितों के अनुसार, विवादित संपत्ति का मामला माधौगढ़ न्यायालय में वाद संख्या 23/2025 के तहत पहले से ही विचाराधीन है। इसके बावजूद, पुलिस ने कथित तौर पर एक पक्ष को लाभ पहुंचाने की नीयत से कार्रवाई की। पीड़ितों का कहना है कि 6 जून 2026 को संपत्ति का कथित विक्रय किया गया था, जिसके बाद जबरन कब्जा दिलाने की कोशिशें शुरू हुईं। पीड़ितों ने 11 जुलाई 2026 को ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर पुलिस की मदद से कब्जा किए जाने की आशंका जताई थी। आरोप है कि उसी शाम पुलिस उनके घर में जबरन घुसी, तोड़फोड़ की और परिवार के सदस्यों को रामपुरा थाने ले गई। वहां पहले से मौजूद सूर्यकांत मिश्रा की उपस्थिति में पुलिस के दबाव में एक हस्तलिखित समझौता पत्र तैयार करवाकर उस पर हस्ताक्षर कराए गए। इस घटना को लेकर पीड़ितों ने कैमरे के सामने अपनी आपबीती बताई है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। पीड़ितों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए 11 जुलाई की सीसीटीवी फुटेज, जनरल डायरी (जीडी), आगमन-रवानगी रजिस्टर, ड्यूटी रजिस्टर, पुलिस वाहन की लॉगबुक और कॉल डिटेल जैसे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की मांग की है। उन्होंने जांच पूरी होने तक आरोपी चौकी प्रभारी और संबंधित पुलिसकर्मियों को इस प्रकरण से अलग रखने तथा दोषी पाए जाने पर विभागीय व कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है। इस पूरे घटनाक्रम ने न्यायालय में लंबित मामलों में पुलिस के हस्तक्षेप और बिना किसी वैधानिक नोटिस या एफआईआर के की गई कार्रवाई पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

23 hrs ago
user_सोनू महाराज पत्रकार
सोनू महाराज पत्रकार
कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
23 hrs ago

जालौन जिले के रामपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम जगम्मनपुर में एक संपत्ति विवाद को लेकर स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गांव के निवासी राजकुमार और शिवशंकर (दोनों पुत्र स्वर्गीय बैजनाथ) ने पुलिस अधीक्षक जालौन को पांच पृष्ठों का शिकायती पत्र देकर जगम्मनपुर पुलिस चौकी के प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस ने उनके घर में जबरन घुसकर तोड़फोड़ की और दबाव बनाकर थाने में कथित समझौता कराने का प्रयास किया। इस शिकायत की प्रतिलिपि झांसी के डीआईजी, उत्तर प्रदेश के डीजीपी और जालौन के जिलाधिकारी को भी भेजी गई है। पीड़ितों के अनुसार, विवादित संपत्ति का मामला माधौगढ़ न्यायालय में वाद संख्या 23/2025 के तहत पहले से ही विचाराधीन है। इसके बावजूद, पुलिस ने कथित तौर पर एक पक्ष को लाभ पहुंचाने की नीयत से कार्रवाई की। पीड़ितों का कहना है कि 6 जून 2026 को संपत्ति का कथित विक्रय किया गया था, जिसके बाद जबरन कब्जा दिलाने की कोशिशें शुरू हुईं। पीड़ितों ने 11 जुलाई 2026 को ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर पुलिस की मदद से कब्जा किए जाने की आशंका जताई थी। आरोप है कि उसी शाम पुलिस उनके घर में जबरन घुसी, तोड़फोड़ की और परिवार के सदस्यों को रामपुरा थाने ले गई। वहां पहले से मौजूद सूर्यकांत मिश्रा की उपस्थिति में पुलिस के दबाव में एक हस्तलिखित समझौता पत्र तैयार करवाकर उस पर हस्ताक्षर कराए गए। इस घटना को लेकर पीड़ितों ने कैमरे के सामने अपनी आपबीती बताई है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। पीड़ितों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए 11 जुलाई की सीसीटीवी फुटेज, जनरल डायरी (जीडी), आगमन-रवानगी रजिस्टर, ड्यूटी रजिस्टर, पुलिस वाहन की लॉगबुक और कॉल डिटेल जैसे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की मांग की है। उन्होंने जांच पूरी होने तक आरोपी चौकी प्रभारी और संबंधित पुलिसकर्मियों को इस प्रकरण से अलग रखने तथा दोषी पाए जाने पर विभागीय व कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है। इस पूरे घटनाक्रम ने न्यायालय में लंबित मामलों में पुलिस के हस्तक्षेप और बिना किसी वैधानिक नोटिस या एफआईआर के की गई कार्रवाई पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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  • जालौन के कोतवाली क्षेत्र के उदोतपुरा गांव में गांव के अंदर नागिन निकलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। नागिन दिखने के बाद ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने नागिन का रेस्क्यू कर उसे पकड़ा। गांव में नागिन निकलने का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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    जालौन के कोतवाली क्षेत्र के उदोतपुरा गांव में गांव के अंदर नागिन निकलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। नागिन दिखने के बाद ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने नागिन का रेस्क्यू कर उसे पकड़ा। गांव में नागिन निकलने का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
    user_Dev Patel
    Dev Patel
    Local News Reporter कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • जालौन जनपद के थाना कैलिया क्षेत्र के ग्राम खैरी की रहने वाली एक बालिग युवती ने घोषणा जारी कर अपनी स्वेच्छा से विवाह करने की बात कही है। युवती ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी मर्जी और पूर्ण सहमति से विवाह का यह निर्णय ले रही है। लिखित घोषणा के अनुसार, युवती पर इस फैसले को लेकर किसी भी प्रकार का दबाव या प्रलोभन नहीं है। इसमें दोनों पक्षों के बालिग होने और आपसी सहमति से विवाह करने का उल्लेख किया गया है। फिलहाल यह पूरी जानकारी संबंधित पक्ष द्वारा जारी लिखित घोषणा पर आधारित है, और भविष्य में कोई आधिकारिक या कानूनी जानकारी सामने आने पर ही आगे की स्थिति साफ हो पाएगी।
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    जालौन जनपद के थाना कैलिया क्षेत्र के ग्राम खैरी की रहने वाली एक बालिग युवती ने घोषणा जारी कर अपनी स्वेच्छा से विवाह करने की बात कही है। युवती ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी मर्जी और पूर्ण सहमति से विवाह का यह निर्णय ले रही है।

लिखित घोषणा के अनुसार, युवती पर इस फैसले को लेकर किसी भी प्रकार का दबाव या प्रलोभन नहीं है। इसमें दोनों पक्षों के बालिग होने और आपसी सहमति से विवाह करने का उल्लेख किया गया है। फिलहाल यह पूरी जानकारी संबंधित पक्ष द्वारा जारी लिखित घोषणा पर आधारित है, और भविष्य में कोई आधिकारिक या कानूनी जानकारी सामने आने पर ही आगे की स्थिति साफ हो पाएगी।
    user_पत्रकार विकाश सिंह
    पत्रकार विकाश सिंह
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात स्थित मूसानगर के फतेहपुर निवासी मोहम्मद अनीस कुरैशी द्वारा वैष्णो देवी के भक्तों के साथ बहुत बड़ा धोखा करने की बात सामने आई है। वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं के साथ इस बहुत बड़े धोखे को अंजाम दिया गया है।
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    उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात स्थित मूसानगर के फतेहपुर निवासी मोहम्मद अनीस कुरैशी द्वारा वैष्णो देवी के भक्तों के साथ बहुत बड़ा धोखा करने की बात सामने आई है। वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं के साथ इस बहुत बड़े धोखे को अंजाम दिया गया है।
    user_MD ANISH KURAISHI
    MD ANISH KURAISHI
    Mechanic भोगनीपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले के भोगनीपुर अंतर्गत आने वाले ग्राम प्रेमपुर में नाला जाम होने के कारण पानी भरने की समस्या पैदा हो गई है। यहाँ नाले का मार्ग अवरुद्ध होने की वजह से जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिसके संबंध में यह मामला सामने आया है।
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    उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले के भोगनीपुर अंतर्गत आने वाले ग्राम प्रेमपुर में नाला जाम होने के कारण पानी भरने की समस्या पैदा हो गई है। यहाँ नाले का मार्ग अवरुद्ध होने की वजह से जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिसके संबंध में यह मामला सामने आया है।
    user_Vinay Yadav
    Vinay Yadav
    भोगनीपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • कानपुर देहात में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण पाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से जनपदीय पुलिस द्वारा एक विशेष अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत कठोर कदम उठाए गए। इस विशेष चेकिंग अभियान के दौरान बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाने, ट्रिपल राइडिंग करने, हेलमेट न पहनने और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने जैसी लापरवाही बरतने वाले कुल 233 वाहनों का चालान किया गया। इस कार्रवाई के साथ ही जनपदीय पुलिस ने सभी वाहन चालकों से जिम्मेदार नागरिक बनने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जिले में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा।
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    कानपुर देहात में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण पाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से जनपदीय पुलिस द्वारा एक विशेष अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत कठोर कदम उठाए गए। इस विशेष चेकिंग अभियान के दौरान बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाने, ट्रिपल राइडिंग करने, हेलमेट न पहनने और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने जैसी लापरवाही बरतने वाले कुल 233 वाहनों का चालान किया गया।

इस कार्रवाई के साथ ही जनपदीय पुलिस ने सभी वाहन चालकों से जिम्मेदार नागरिक बनने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जिले में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा।
    user_Arvind sharma kanpur dehat
    Arvind sharma kanpur dehat
    Local News Reporter अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • कानपुर देहात के भोगनीपुर क्षेत्र के पुखरायां कस्बा स्थित राजेंद्र नगर में दबंगों द्वारा एक युवक और उसकी पत्नी के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। पीड़ित राजेश कुमार के अनुसार, पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब उनकी बेटी दुकान जा रही थी और उसने रास्ते में बंधी एक गाय को हांक दिया। इस बात से नाराज होकर पुखरायां के ही रहने वाले रूप सिंह यादव और दो अन्य अज्ञात लोगों ने गाली-गलौज करना शुरू कर दिया। जब राजेश कुमार ने इसका विरोध किया, तो आरोपी मारपीट पर आमादा हो गए। इन लोगों ने राजेश कुमार को बुरी तरह से मारा-पीटा और उनकी पत्नी को भी नहीं छोड़ा व उनके साथ भी मारपीट की।
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    कानपुर देहात के भोगनीपुर क्षेत्र के पुखरायां कस्बा स्थित राजेंद्र नगर में दबंगों द्वारा एक युवक और उसकी पत्नी के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। पीड़ित राजेश कुमार के अनुसार, पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब उनकी बेटी दुकान जा रही थी और उसने रास्ते में बंधी एक गाय को हांक दिया। इस बात से नाराज होकर पुखरायां के ही रहने वाले रूप सिंह यादव और दो अन्य अज्ञात लोगों ने गाली-गलौज करना शुरू कर दिया। जब राजेश कुमार ने इसका विरोध किया, तो आरोपी मारपीट पर आमादा हो गए। इन लोगों ने राजेश कुमार को बुरी तरह से मारा-पीटा और उनकी पत्नी को भी नहीं छोड़ा व उनके साथ भी मारपीट की।
    user_Kuldeep Kumar
    Kuldeep Kumar
    Journalist 9260920347 Bhognipur, Kanpur Dehat•
    20 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के उरई में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ एक सख्त अभियान शुरू किया है। सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देशन में नगर पालिका परिषद की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसके तहत जिला परिषद चौराहे से लेकर मामू-भांजे मजार तक सड़क किनारे किए गए सभी अवैध कब्जों को हटा दिया गया। इस अभियान के साथ ही नगर पालिका परिषद द्वारा क्षेत्र में नाला निर्माण कार्य भी कराया जा रहा है, ताकि जल निकासी की व्यवस्था बेहतर हो सके और स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिले। इसके साथ ही प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि किसी ने दोबारा अतिक्रमण करने का प्रयास किया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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    उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के उरई में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ एक सख्त अभियान शुरू किया है। सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देशन में नगर पालिका परिषद की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसके तहत जिला परिषद चौराहे से लेकर मामू-भांजे मजार तक सड़क किनारे किए गए सभी अवैध कब्जों को हटा दिया गया।

इस अभियान के साथ ही नगर पालिका परिषद द्वारा क्षेत्र में नाला निर्माण कार्य भी कराया जा रहा है, ताकि जल निकासी की व्यवस्था बेहतर हो सके और स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिले। इसके साथ ही प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि किसी ने दोबारा अतिक्रमण करने का प्रयास किया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
    user_Dev Patel
    Dev Patel
    Local News Reporter कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • जालौन जिले के रामपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम जगम्मनपुर में एक संपत्ति विवाद को लेकर स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गांव के निवासी राजकुमार और शिवशंकर (दोनों पुत्र स्वर्गीय बैजनाथ) ने पुलिस अधीक्षक जालौन को पांच पृष्ठों का शिकायती पत्र देकर जगम्मनपुर पुलिस चौकी के प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस ने उनके घर में जबरन घुसकर तोड़फोड़ की और दबाव बनाकर थाने में कथित समझौता कराने का प्रयास किया। इस शिकायत की प्रतिलिपि झांसी के डीआईजी, उत्तर प्रदेश के डीजीपी और जालौन के जिलाधिकारी को भी भेजी गई है। पीड़ितों के अनुसार, विवादित संपत्ति का मामला माधौगढ़ न्यायालय में वाद संख्या 23/2025 के तहत पहले से ही विचाराधीन है। इसके बावजूद, पुलिस ने कथित तौर पर एक पक्ष को लाभ पहुंचाने की नीयत से कार्रवाई की। पीड़ितों का कहना है कि 6 जून 2026 को संपत्ति का कथित विक्रय किया गया था, जिसके बाद जबरन कब्जा दिलाने की कोशिशें शुरू हुईं। पीड़ितों ने 11 जुलाई 2026 को ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर पुलिस की मदद से कब्जा किए जाने की आशंका जताई थी। आरोप है कि उसी शाम पुलिस उनके घर में जबरन घुसी, तोड़फोड़ की और परिवार के सदस्यों को रामपुरा थाने ले गई। वहां पहले से मौजूद सूर्यकांत मिश्रा की उपस्थिति में पुलिस के दबाव में एक हस्तलिखित समझौता पत्र तैयार करवाकर उस पर हस्ताक्षर कराए गए। इस घटना को लेकर पीड़ितों ने कैमरे के सामने अपनी आपबीती बताई है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। पीड़ितों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए 11 जुलाई की सीसीटीवी फुटेज, जनरल डायरी (जीडी), आगमन-रवानगी रजिस्टर, ड्यूटी रजिस्टर, पुलिस वाहन की लॉगबुक और कॉल डिटेल जैसे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की मांग की है। उन्होंने जांच पूरी होने तक आरोपी चौकी प्रभारी और संबंधित पुलिसकर्मियों को इस प्रकरण से अलग रखने तथा दोषी पाए जाने पर विभागीय व कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है। इस पूरे घटनाक्रम ने न्यायालय में लंबित मामलों में पुलिस के हस्तक्षेप और बिना किसी वैधानिक नोटिस या एफआईआर के की गई कार्रवाई पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
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    जालौन जिले के रामपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम जगम्मनपुर में एक संपत्ति विवाद को लेकर स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गांव के निवासी राजकुमार और शिवशंकर (दोनों पुत्र स्वर्गीय बैजनाथ) ने पुलिस अधीक्षक जालौन को पांच पृष्ठों का शिकायती पत्र देकर जगम्मनपुर पुलिस चौकी के प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस ने उनके घर में जबरन घुसकर तोड़फोड़ की और दबाव बनाकर थाने में कथित समझौता कराने का प्रयास किया। इस शिकायत की प्रतिलिपि झांसी के डीआईजी, उत्तर प्रदेश के डीजीपी और जालौन के जिलाधिकारी को भी भेजी गई है।

पीड़ितों के अनुसार, विवादित संपत्ति का मामला माधौगढ़ न्यायालय में वाद संख्या 23/2025 के तहत पहले से ही विचाराधीन है। इसके बावजूद, पुलिस ने कथित तौर पर एक पक्ष को लाभ पहुंचाने की नीयत से कार्रवाई की। पीड़ितों का कहना है कि 6 जून 2026 को संपत्ति का कथित विक्रय किया गया था, जिसके बाद जबरन कब्जा दिलाने की कोशिशें शुरू हुईं। पीड़ितों ने 11 जुलाई 2026 को ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर पुलिस की मदद से कब्जा किए जाने की आशंका जताई थी। आरोप है कि उसी शाम पुलिस उनके घर में जबरन घुसी, तोड़फोड़ की और परिवार के सदस्यों को रामपुरा थाने ले गई। वहां पहले से मौजूद सूर्यकांत मिश्रा की उपस्थिति में पुलिस के दबाव में एक हस्तलिखित समझौता पत्र तैयार करवाकर उस पर हस्ताक्षर कराए गए।

इस घटना को लेकर पीड़ितों ने कैमरे के सामने अपनी आपबीती बताई है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। पीड़ितों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए 11 जुलाई की सीसीटीवी फुटेज, जनरल डायरी (जीडी), आगमन-रवानगी रजिस्टर, ड्यूटी रजिस्टर, पुलिस वाहन की लॉगबुक और कॉल डिटेल जैसे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की मांग की है। उन्होंने जांच पूरी होने तक आरोपी चौकी प्रभारी और संबंधित पुलिसकर्मियों को इस प्रकरण से अलग रखने तथा दोषी पाए जाने पर विभागीय व कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है। इस पूरे घटनाक्रम ने न्यायालय में लंबित मामलों में पुलिस के हस्तक्षेप और बिना किसी वैधानिक नोटिस या एफआईआर के की गई कार्रवाई पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
    user_सोनू महाराज पत्रकार
    सोनू महाराज पत्रकार
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
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