logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

लखीमपुर खीरी की निघासन सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीतकर पहली बार विधायक (MLA) बने। लोकसभा में प्रवेश (2014) अजय मिश्रा 'टेनी' Ajay Mishr Teni जी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक प्रमुख नेता और भारत के पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हैं। वह उत्तर प्रदेश की खीरी (लखीमपुर खीरी) लोकसभा सीट से 16वीं और 17वीं लोकसभा में सांसद रह चुके हैं। तराई क्षेत्र की राजनीति में और विशेषकर ब्राह्मण मतदाताओं के बीच उनका खासा प्रभाव माना जाता है। अजय मिश्रा 'टेनी' का विस्तृत जीवन परिचय इस प्रकार है:📌 व्यक्तिगत जीवन और प्रारंभिक परिचय पूरा नाम: अजय कुमार मिश्रा (लोकप्रिय नाम: अजय मिश्रा टेनी या टेनी महाराज) जन्म तिथि: 25 सितंबर 1960जन्म स्थान: बनवीरपुर गांव, लखीमपुर खीरी जिला, उत्तर प्रदेश पिता का नाम: श्री अंबिका प्रसाद मिश्रा माता का नाम: श्रीमती प्रेम दुलारी मिश्रा वैवाहिक स्थिति: विवाहित (पत्नी का नाम: श्रीमती पुष्पा मिश्रा) संतान: दो बेटे (जिसमें आशीष मिश्रा, अभिमन्यु मिश्र जी शामिल हैं) और एक बेटी शैक्षणिक योग्यता अजय मिश्रा ने अपनी स्कूली शिक्षा लखीमपुर खीरी से पूरी की। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए कानपुर चले गए, जहाँ उन्होंने छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय से संबद्ध क्राइस्ट चर्च कॉलेज से बीएससी (B.Sc.) और डी.ए.वी. कॉलेज से एलएलबी (LL.B.) की डिग्री हासिल की। राजनीति में आने से पहले वे वकालत और खेती-किसानी से जुड़े हुए थे। अजय मिश्रा टेनी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जमीनी स्तर से की थी। उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ता के रूप में काम करते हुए उन्होंने धीरे-धीरे पार्टी में बड़ा मुकाम हासिल किया: जिला पंचायत सदस्य: सबसे पहले वे लखीमपुर खीरी में जिला पंचायत सदस्य चुने गए। विधानसभा का सफर (2012): उन्होंने वर्ष 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में लखीमपुर खीरी की निघासन सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीतकर पहली बार विधायक (MLA) बने। लोकसभा में प्रवेश (2014): साल 2014 के आम चुनाव में भाजपा ने उन्हें खीरी लोकसभा सीट से मैदान में उतारा। वे भारी मतों से जीतकर पहली बार सांसद (MP) बने। दूसरी बार सांसदी (2019): वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने फिर से खीरी सीट से जीत दर्ज की और इस बार उनके जीत का अंतर 2 लाख से अधिक वोटों का था। केंद्रीय मंत्री पद (2021-2024): जुलाई 2021 में मोदी सरकार के कैबिनेट विस्तार के दौरान उन्हें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री (Minister of State for Home Affairs) की जिम्मेदारी सौंपी गई, इन्होंने निरंतर विकास कार्य किये और वर्तमान में कार्यरत भी है केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पद पर वे 2024 तक रहे। 2024 लोकसभा चुनाव: साल 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें पुनः खीरी सीट से टिकट दिया, वर्तमान में जनता से सीधा जुड़ाव और उनकी समस्याओं को किस प्रकार हल करें इसकी चिंता निरंतर माननीय मिश्रा जी को रहती है टेनी जी का राजनीतिक सफर और सेवा भाव निरंतर जारी है लखीमपुर खीरी गर्व करता है अजय मिश्रा टेनी जी पर..... Ajay Misra Teni ✌️🚩 #photooftheday #facebookpost #photos

10 hrs ago
user_Rajeev Khatri
Rajeev Khatri
निघासन, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
10 hrs ago

लखीमपुर खीरी की निघासन सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीतकर पहली बार विधायक (MLA) बने। लोकसभा में प्रवेश (2014) अजय मिश्रा 'टेनी' Ajay Mishr Teni जी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक प्रमुख नेता और भारत के पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हैं। वह उत्तर प्रदेश की खीरी (लखीमपुर खीरी) लोकसभा सीट से 16वीं और 17वीं लोकसभा में सांसद रह चुके हैं। तराई क्षेत्र की राजनीति में और विशेषकर ब्राह्मण मतदाताओं के बीच उनका खासा प्रभाव माना जाता है। अजय मिश्रा 'टेनी' का विस्तृत जीवन परिचय इस प्रकार है:📌 व्यक्तिगत जीवन और प्रारंभिक परिचय पूरा नाम: अजय कुमार मिश्रा (लोकप्रिय नाम: अजय मिश्रा टेनी या टेनी महाराज) जन्म तिथि: 25 सितंबर 1960जन्म स्थान: बनवीरपुर गांव, लखीमपुर खीरी जिला, उत्तर प्रदेश पिता का नाम: श्री अंबिका प्रसाद मिश्रा माता का नाम: श्रीमती प्रेम दुलारी मिश्रा वैवाहिक स्थिति: विवाहित (पत्नी का नाम: श्रीमती पुष्पा मिश्रा) संतान: दो बेटे (जिसमें आशीष मिश्रा, अभिमन्यु मिश्र जी शामिल हैं) और एक बेटी शैक्षणिक योग्यता अजय मिश्रा ने अपनी स्कूली शिक्षा लखीमपुर खीरी से पूरी की। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए कानपुर चले गए, जहाँ उन्होंने छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय से संबद्ध क्राइस्ट चर्च कॉलेज से बीएससी (B.Sc.) और डी.ए.वी. कॉलेज से एलएलबी (LL.B.) की डिग्री हासिल की। राजनीति में आने से पहले वे वकालत और खेती-किसानी से जुड़े हुए थे। अजय मिश्रा टेनी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जमीनी स्तर से की थी। उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ता के रूप में काम करते हुए उन्होंने धीरे-धीरे पार्टी में बड़ा मुकाम हासिल किया: जिला पंचायत सदस्य: सबसे पहले वे लखीमपुर खीरी में जिला पंचायत सदस्य चुने गए। विधानसभा का सफर (2012): उन्होंने वर्ष 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में लखीमपुर खीरी की निघासन सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीतकर पहली बार विधायक (MLA) बने। लोकसभा में प्रवेश (2014): साल 2014 के आम चुनाव में भाजपा ने उन्हें खीरी लोकसभा सीट से मैदान में उतारा। वे भारी मतों से जीतकर पहली बार सांसद (MP) बने। दूसरी बार सांसदी (2019): वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने फिर से खीरी सीट से जीत दर्ज की और इस बार उनके जीत का अंतर 2 लाख से अधिक वोटों का था। केंद्रीय मंत्री पद (2021-2024): जुलाई 2021 में मोदी सरकार के कैबिनेट विस्तार के दौरान उन्हें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री (Minister of State for Home Affairs) की जिम्मेदारी सौंपी गई, इन्होंने निरंतर विकास कार्य किये और वर्तमान में कार्यरत भी है केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पद पर वे 2024 तक रहे। 2024 लोकसभा चुनाव: साल 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें पुनः खीरी सीट से टिकट दिया, वर्तमान में जनता से सीधा जुड़ाव और उनकी समस्याओं को किस प्रकार हल करें इसकी चिंता निरंतर माननीय मिश्रा जी को रहती है टेनी जी का राजनीतिक सफर और सेवा भाव निरंतर जारी है लखीमपुर खीरी गर्व करता है अजय मिश्रा टेनी जी पर..... Ajay Misra Teni ✌️🚩 #photooftheday #facebookpost #photos

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • लखीमपुर खीरी की निघासन सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीतकर पहली बार विधायक (MLA) बने। लोकसभा में प्रवेश (2014) अजय मिश्रा 'टेनी' Ajay Mishr Teni जी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक प्रमुख नेता और भारत के पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हैं। वह उत्तर प्रदेश की खीरी (लखीमपुर खीरी) लोकसभा सीट से 16वीं और 17वीं लोकसभा में सांसद रह चुके हैं। तराई क्षेत्र की राजनीति में और विशेषकर ब्राह्मण मतदाताओं के बीच उनका खासा प्रभाव माना जाता है। अजय मिश्रा 'टेनी' का विस्तृत जीवन परिचय इस प्रकार है:📌 व्यक्तिगत जीवन और प्रारंभिक परिचय पूरा नाम: अजय कुमार मिश्रा (लोकप्रिय नाम: अजय मिश्रा टेनी या टेनी महाराज) जन्म तिथि: 25 सितंबर 1960जन्म स्थान: बनवीरपुर गांव, लखीमपुर खीरी जिला, उत्तर प्रदेश पिता का नाम: श्री अंबिका प्रसाद मिश्रा माता का नाम: श्रीमती प्रेम दुलारी मिश्रा वैवाहिक स्थिति: विवाहित (पत्नी का नाम: श्रीमती पुष्पा मिश्रा) संतान: दो बेटे (जिसमें आशीष मिश्रा, अभिमन्यु मिश्र जी शामिल हैं) और एक बेटी शैक्षणिक योग्यता अजय मिश्रा ने अपनी स्कूली शिक्षा लखीमपुर खीरी से पूरी की। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए कानपुर चले गए, जहाँ उन्होंने छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय से संबद्ध क्राइस्ट चर्च कॉलेज से बीएससी (B.Sc.) और डी.ए.वी. कॉलेज से एलएलबी (LL.B.) की डिग्री हासिल की। राजनीति में आने से पहले वे वकालत और खेती-किसानी से जुड़े हुए थे। अजय मिश्रा टेनी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जमीनी स्तर से की थी। उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ता के रूप में काम करते हुए उन्होंने धीरे-धीरे पार्टी में बड़ा मुकाम हासिल किया: जिला पंचायत सदस्य: सबसे पहले वे लखीमपुर खीरी में जिला पंचायत सदस्य चुने गए। विधानसभा का सफर (2012): उन्होंने वर्ष 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में लखीमपुर खीरी की निघासन सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीतकर पहली बार विधायक (MLA) बने। लोकसभा में प्रवेश (2014): साल 2014 के आम चुनाव में भाजपा ने उन्हें खीरी लोकसभा सीट से मैदान में उतारा। वे भारी मतों से जीतकर पहली बार सांसद (MP) बने। दूसरी बार सांसदी (2019): वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने फिर से खीरी सीट से जीत दर्ज की और इस बार उनके जीत का अंतर 2 लाख से अधिक वोटों का था। केंद्रीय मंत्री पद (2021-2024): जुलाई 2021 में मोदी सरकार के कैबिनेट विस्तार के दौरान उन्हें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री (Minister of State for Home Affairs) की जिम्मेदारी सौंपी गई, इन्होंने निरंतर विकास कार्य किये और वर्तमान में कार्यरत भी है केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पद पर वे 2024 तक रहे। 2024 लोकसभा चुनाव: साल 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें पुनः खीरी सीट से टिकट दिया, वर्तमान में जनता से सीधा जुड़ाव और उनकी समस्याओं को किस प्रकार हल करें इसकी चिंता निरंतर माननीय मिश्रा जी को रहती है टेनी जी का राजनीतिक सफर और सेवा भाव निरंतर जारी है लखीमपुर खीरी गर्व करता है अजय मिश्रा टेनी जी पर..... Ajay Misra Teni ✌️🚩 #photooftheday #facebookpost #photos
    1
    लखीमपुर खीरी की निघासन सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीतकर पहली बार विधायक (MLA) बने। 
लोकसभा में प्रवेश (2014) 
अजय मिश्रा 'टेनी' Ajay Mishr Teni  जी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक प्रमुख नेता और भारत के पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हैं। वह उत्तर प्रदेश की खीरी (लखीमपुर खीरी) लोकसभा सीट से 16वीं और 17वीं लोकसभा में सांसद रह चुके हैं। तराई क्षेत्र की राजनीति में और विशेषकर ब्राह्मण मतदाताओं के बीच उनका खासा प्रभाव माना जाता है। 
अजय मिश्रा 'टेनी' का विस्तृत जीवन परिचय इस प्रकार है:📌 
व्यक्तिगत जीवन और प्रारंभिक परिचय पूरा नाम: अजय कुमार मिश्रा (लोकप्रिय नाम: अजय मिश्रा टेनी या टेनी महाराज)
जन्म तिथि: 25 सितंबर 1960जन्म स्थान: बनवीरपुर गांव, लखीमपुर खीरी जिला, उत्तर प्रदेश
पिता का नाम: श्री अंबिका प्रसाद मिश्रा
माता का नाम: श्रीमती प्रेम दुलारी मिश्रा
वैवाहिक स्थिति: विवाहित (पत्नी का नाम: श्रीमती पुष्पा मिश्रा)
संतान: दो बेटे (जिसमें आशीष मिश्रा, अभिमन्यु मिश्र जी शामिल हैं) और एक बेटी 
शैक्षणिक योग्यता अजय मिश्रा ने अपनी स्कूली शिक्षा लखीमपुर खीरी से पूरी की। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए कानपुर चले गए, जहाँ उन्होंने छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय से संबद्ध क्राइस्ट चर्च कॉलेज से बीएससी (B.Sc.) और डी.ए.वी. कॉलेज से एलएलबी (LL.B.) की डिग्री हासिल की। राजनीति में आने से पहले वे वकालत और खेती-किसानी से जुड़े हुए थे। 
अजय मिश्रा टेनी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जमीनी स्तर से की थी। उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ता के रूप में काम करते हुए उन्होंने धीरे-धीरे पार्टी में बड़ा मुकाम हासिल किया: 
जिला पंचायत सदस्य: सबसे पहले वे लखीमपुर खीरी में जिला पंचायत सदस्य चुने गए। 
विधानसभा का सफर (2012): उन्होंने वर्ष 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में लखीमपुर खीरी की निघासन सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीतकर पहली बार विधायक (MLA) बने। 
लोकसभा में प्रवेश (2014): साल 2014 के आम चुनाव में भाजपा ने उन्हें खीरी लोकसभा सीट से मैदान में उतारा। वे भारी मतों से जीतकर पहली बार सांसद (MP) बने। 
दूसरी बार सांसदी (2019): वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने फिर से खीरी सीट से जीत दर्ज की और इस बार उनके जीत का अंतर 2 लाख से अधिक वोटों का था। 
केंद्रीय मंत्री पद (2021-2024): जुलाई 2021 में मोदी सरकार के कैबिनेट विस्तार के दौरान उन्हें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री (Minister of State for Home Affairs) की जिम्मेदारी सौंपी गई, इन्होंने निरंतर विकास कार्य किये और वर्तमान में कार्यरत भी है केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पद पर वे 2024 तक रहे। 
2024 लोकसभा चुनाव: साल 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें पुनः खीरी सीट से टिकट दिया, वर्तमान में जनता से सीधा जुड़ाव और उनकी समस्याओं को किस प्रकार हल करें इसकी चिंता निरंतर माननीय मिश्रा जी को रहती है टेनी जी का राजनीतिक सफर और सेवा भाव निरंतर जारी है लखीमपुर खीरी गर्व करता है अजय मिश्रा टेनी जी पर.....
Ajay Misra Teni ✌️🚩 
#photooftheday #facebookpost #photos
    user_Rajeev Khatri
    Rajeev Khatri
    निघासन, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • लखीमपुर खीरी गौरीफंटा पुलिस और SSB की बड़ी कार्रवाई, संयुक्त चेकिंग के दौरान 12.01 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ 3 आरोपी गिरफ्तार। डिगनिया तिराहे के पास गौरीफंटा-पलिया मार्ग पर हुई कार्रवाई में दो मोटरसाइकिलों से मादक पदार्थ बरामद। NDPS एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज। ये कार्यवाही प्रभारी निरीक्षक कोतवाली गौरीफटा जितेन्द्र बहादुर सिंह के नेतृत्व में की गई।
    1
    लखीमपुर खीरी

गौरीफंटा पुलिस और SSB की बड़ी कार्रवाई, संयुक्त चेकिंग के दौरान 12.01 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ 3 आरोपी गिरफ्तार।
डिगनिया तिराहे के पास गौरीफंटा-पलिया मार्ग पर हुई कार्रवाई में दो मोटरसाइकिलों से मादक पदार्थ बरामद। NDPS एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज। ये कार्यवाही प्रभारी निरीक्षक कोतवाली गौरीफटा जितेन्द्र बहादुर सिंह के नेतृत्व में की गई।
    user_संदीप कुमार शर्मा
    संदीप कुमार शर्मा
    Photographer लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    30 min ago
  • यूनिवर्सल हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप लखीमपुर खीरी । बेहजम चौराहे के पास स्थित यूनिवर्सल हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत से हड़कंप मच गया। घटना से उग्र परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही नहीं, बल्कि सीधे हत्या का आरोप लगाकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मोर्चा संभालते ही मामले की जांच शुरू कर दी है। जिले में कुकुरमुत्ते की तरह खुल रहे निजी अस्पतालों में आए दिन हो रही मौतों और स्वास्थ्य विभाग के मौन रवैये पर अब कड़े सवाल उठ रहे हैं।
    1
    यूनिवर्सल हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
लखीमपुर खीरी । बेहजम चौराहे के पास स्थित यूनिवर्सल हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत से हड़कंप मच गया। घटना से उग्र परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही नहीं, बल्कि सीधे हत्या का आरोप लगाकर हंगामा किया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने मोर्चा संभालते ही मामले की जांच शुरू कर दी है। जिले में कुकुरमुत्ते की तरह खुल रहे निजी अस्पतालों में आए दिन हो रही मौतों और स्वास्थ्य विभाग के मौन रवैये पर अब कड़े सवाल उठ रहे हैं।
    user_खीरी न्यूज़ अपडेट
    खीरी न्यूज़ अपडेट
    रिपोर्टर लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    42 min ago
  • प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन पर लखीमपुर खीरी में भव्य दीप उत्सव की तैयारी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन पर लखीमपुर खीरी में भव्य दीप उत्सव की तैयारी। सेठ घाट पर 11 हजार दीप प्रज्ज्वलित कर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का जन्मदिन उत्साहपूर्वक मनाया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर भाजपा सदर विधायक योगेश वर्मा जी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं द्वारा दीपों की पैकिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है। 50-50 दीप, बाती और आवश्यक सामग्री के पैकेट तैयार कर प्रत्येक बूथ तक पहुंचाए जाएंगे, ताकि कार्यकर्ता दीप प्रज्ज्वलित कर प्रधानमंत्री जी के दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना करें और देश की निरंतर प्रगति की मंगलकामना के साथ इस उत्सव में सहभागी बनें। 📍 स्थान: सेठ घाट, लखीमपुर खीरी 🪔 दीप प्रज्ज्वलन: शाम 5 बजे 🇮🇳 आयोजन: भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा NJ BHARAT NEWS — सच की आवाज
    1
    प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन पर लखीमपुर खीरी में भव्य दीप उत्सव की तैयारी।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन पर लखीमपुर खीरी में भव्य दीप उत्सव की तैयारी।
सेठ घाट पर 11 हजार दीप प्रज्ज्वलित कर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का जन्मदिन उत्साहपूर्वक मनाया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर भाजपा सदर विधायक योगेश वर्मा जी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं द्वारा दीपों की पैकिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
50-50 दीप, बाती और आवश्यक सामग्री के पैकेट तैयार कर प्रत्येक बूथ तक पहुंचाए जाएंगे, ताकि कार्यकर्ता दीप प्रज्ज्वलित कर प्रधानमंत्री जी के दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना करें और देश की निरंतर प्रगति की मंगलकामना के साथ इस उत्सव में सहभागी बनें।
📍 स्थान: सेठ घाट, लखीमपुर खीरी
🪔 दीप प्रज्ज्वलन: शाम 5 बजे
🇮🇳 आयोजन: भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा
NJ BHARAT NEWS — सच की आवाज
    user_NJ BHARAT NEWS
    NJ BHARAT NEWS
    Court reporter लखीमपुर खीरी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    56 min ago
  • बेहजम चौराहे के आगे यूनिवर्सल हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप लखीमपुर खीरी में बेहजम चौराहे के आगे स्थित यूनिवर्सल हॉस्पिटल में एक प्रसूता की मौत के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए हत्या का आरोप लगाया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच में जुट गई है। वहीं, जिले में लगातार सामने आ रही निजी अस्पतालों में मरीजों की मौत की घटनाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कुकुरमुत्ते की तरह खुले निजी अस्पतालों में आए दिन मरीजों की जान जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग कार्रवाई के बजाय मौन नजर आ रहा है। अब सवाल यह है कि बिना पर्याप्त व्यवस्थाओं और मानकों के संचालित हो रहे अस्पतालों पर कब होगी कार्रवाई? फिलहाल पुलिस मौके पर मौजूद है और मामले की जांच जारी है।
    1
    बेहजम चौराहे के आगे यूनिवर्सल हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
लखीमपुर खीरी में बेहजम चौराहे के आगे स्थित यूनिवर्सल हॉस्पिटल में एक प्रसूता की मौत के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए हत्या का आरोप लगाया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच में जुट गई है।
वहीं, जिले में लगातार सामने आ रही निजी अस्पतालों में मरीजों की मौत की घटनाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कुकुरमुत्ते की तरह खुले निजी अस्पतालों में आए दिन मरीजों की जान जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग कार्रवाई के बजाय मौन नजर आ रहा है।
अब सवाल यह है कि बिना पर्याप्त व्यवस्थाओं और मानकों के संचालित हो रहे अस्पतालों पर कब होगी कार्रवाई?
फिलहाल पुलिस मौके पर मौजूद है और मामले की जांच जारी है।
    user_Shaban siddiqui
    Shaban siddiqui
    Court reporter लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • 🔥 धौरहरा विधानसभा 141 🗳️ निर्दलीय प्रत्याशी ✊ न पार्टी का दबाव, न किसी का डर 📢 जनता की आवाज़ ही मेरी ताकत 🌾 किसान • मजदूर • नौजवान की लड़ाई 🤝 जनता के बीच, जनता के साथ 🔥 धौरहरा विधानसभा 141 🗳️ निर्दलीय प्रत्याशी ✊ न पार्टी का दबाव, न किसी का डर 📢 जनता की आवाज़ ही मेरी ताकत 🌾 किसान • मजदूर • नौजवान की लड़ाई 🤝 जनता के बीच, जनता के साथ
    1
    🔥 धौरहरा विधानसभा 141
🗳️ निर्दलीय प्रत्याशी
✊ न पार्टी का दबाव, न किसी का डर
📢 जनता की आवाज़ ही मेरी ताकत
🌾 किसान • मजदूर • नौजवान की लड़ाई
🤝 जनता के बीच, जनता के साथ
🔥 धौरहरा विधानसभा 141
🗳️ निर्दलीय प्रत्याशी
✊ न पार्टी का दबाव, न किसी का डर
📢 जनता की आवाज़ ही मेरी ताकत
🌾 किसान • मजदूर • नौजवान की लड़ाई
🤝 जनता के बीच, जनता के साथ
    user_RAHEESH KHAN
    RAHEESH KHAN
    धौरहरा, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • खमरिया कोयलार में दबंगई का आरोप, ब्राह्मण परिवार पर टूटा लाठी-डंडों का कहर महिला गंभीर घायल, 72 वर्षीय मंदिर पुजारी को रातभर थाने में बैठाने का आरोप—पीड़ित परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल तिकुनिया तहसील निघासन के कोतवाली तिकुनियाँ क्षेत्र की ग्राम पंचायत खमरिया कोयलार में पड़ोसी विवाद ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब एक ब्राह्मण परिवार ने गांव के ही शिव कुमार कनौजिया के परिवार पर गाली-गलौज, अभद्रता, धमकी और लाठी-डंडों से मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए। मारपीट में धर्मेंद्र की पत्नी और रमेश को काफी चोटें आने की बात पीड़ित परिवार की ओर से कही गई है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि विवाद के दौरान उन्हें अपशब्द कहे गए और धमकी दी गई कि “यहां केवल एक ही घर है, रह नहीं पाओगे, नामोनिशान मिटा देंगे।” आरोप है कि इसके बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया और लाठी-डंडे चलने से परिवार के लोगों को चोटें आईं। घटना के बाद रामकमल पाण्डेय के परिवार के लोग शिव कुमार कनौजिया के परिवार वालों से काफी डरे और सहमे हुए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि कथित धमकियों के कारण उन्हें अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। परिवार ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। थाने पहुंचा मामला तो पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल घटना के बाद मामला कोतवाली तिकुनियाँ पहुंचा, लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि वहां भी उन्हें अपेक्षित न्याय नहीं मिला। परिवार का कहना है कि पुलिस ने मामले में एकतरफा कार्रवाई की। सबसे अधिक सवाल उस समय खड़े हुए, जब करीब 72 वर्षीय जनार्दन प्रसाद पांडे, जो पिछले लगभग 14 वर्षों से तिकुनियाँ थाना परिसर स्थित मंदिर में पूजा-पाठ एवं देखरेख करते आ रहे हैं, उन्हें भी रातभर थाने में बैठाए रखने का आरोप लगाया गया। परिवार का कहना है कि बुजुर्ग पुजारी का विवाद से कोई प्रत्यक्ष लेना-देना नहीं था। इसके बावजूद उन्हें रातभर थाने में बैठाए जाने से परिवार बेहद आहत है। “14 साल मंदिर की सेवा की, बदले में मिला अपमान” पीड़ित बुजुर्ग पुजारी का कहना है कि उन्होंने वर्षों से मंदिर की पूजा-पाठ और सेवा को अपना कर्तव्य समझकर निभाया है। उनका आरोप है कि थाने में उनके साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उससे उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा है। पीड़ित परिवार ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, घायलों को न्याय और परिवार को सुरक्षा दिलाए जाने की मांग की है। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो भय का यह माहौल और गंभीर हो सकता है। अब सवाल यह है कि आखिर 72 वर्षीय बुजुर्ग पुजारी को रातभर थाने में क्यों बैठाया गया और मारपीट के मामले में पुलिस की कार्रवाई का आधार क्या था? पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। खमरिया कोयलार में दबंगई का आरोप, ब्राह्मण परिवार पर टूटा लाठी-डंडों का कहर महिला गंभीर घायल, 72 वर्षीय मंदिर पुजारी को रातभर थाने में बैठाने का आरोप—पीड़ित परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल तिकुनिया तहसील निघासन के कोतवाली तिकुनियाँ क्षेत्र की ग्राम पंचायत खमरिया कोयलार में पड़ोसी विवाद ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब एक ब्राह्मण परिवार ने गांव के ही शिव कुमार कनौजिया के परिवार पर गाली-गलौज, अभद्रता, धमकी और लाठी-डंडों से मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए। मारपीट में धर्मेंद्र की पत्नी और रमेश को काफी चोटें आने की बात पीड़ित परिवार की ओर से कही गई है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि विवाद के दौरान उन्हें अपशब्द कहे गए और धमकी दी गई कि “यहां केवल एक ही घर है, रह नहीं पाओगे, नामोनिशान मिटा देंगे।” आरोप है कि इसके बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया और लाठी-डंडे चलने से परिवार के लोगों को चोटें आईं। घटना के बाद रामकमल पाण्डेय के परिवार के लोग शिव कुमार कनौजिया के परिवार वालों से काफी डरे और सहमे हुए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि कथित धमकियों के कारण उन्हें अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। परिवार ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। थाने पहुंचा मामला तो पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल घटना के बाद मामला कोतवाली तिकुनियाँ पहुंचा, लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि वहां भी उन्हें अपेक्षित न्याय नहीं मिला। परिवार का कहना है कि पुलिस ने मामले में एकतरफा कार्रवाई की। सबसे अधिक सवाल उस समय खड़े हुए, जब करीब 72 वर्षीय जनार्दन प्रसाद पांडे, जो पिछले लगभग 14 वर्षों से तिकुनियाँ थाना परिसर स्थित मंदिर में पूजा-पाठ एवं देखरेख करते आ रहे हैं, उन्हें भी रातभर थाने में बैठाए रखने का आरोप लगाया गया। परिवार का कहना है कि बुजुर्ग पुजारी का विवाद से कोई प्रत्यक्ष लेना-देना नहीं था। इसके बावजूद उन्हें रातभर थाने में बैठाए जाने से परिवार बेहद आहत है। “14 साल मंदिर की सेवा की, बदले में मिला अपमान” पीड़ित बुजुर्ग पुजारी का कहना है कि उन्होंने वर्षों से मंदिर की पूजा-पाठ और सेवा को अपना कर्तव्य समझकर निभाया है। उनका आरोप है कि थाने में उनके साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उससे उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा है। पीड़ित परिवार ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, घायलों को न्याय और परिवार को सुरक्षा दिलाए जाने की मांग की है। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो भय का यह माहौल और गंभीर हो सकता है। अब सवाल यह है कि आखिर 72 वर्षीय बुजुर्ग पुजारी को रातभर थाने में क्यों बैठाया गया और मारपीट के मामले में पुलिस की कार्रवाई का आधार क्या था? पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
    1
    खमरिया कोयलार में दबंगई का आरोप, ब्राह्मण परिवार पर टूटा लाठी-डंडों का कहर
महिला गंभीर घायल, 72 वर्षीय मंदिर पुजारी को रातभर थाने में बैठाने का आरोप—पीड़ित परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
तिकुनिया
तहसील निघासन के कोतवाली तिकुनियाँ क्षेत्र की ग्राम पंचायत खमरिया कोयलार में पड़ोसी विवाद ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब एक ब्राह्मण परिवार ने गांव के ही शिव कुमार कनौजिया के परिवार पर गाली-गलौज, अभद्रता, धमकी और लाठी-डंडों से मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए। मारपीट में धर्मेंद्र की पत्नी और रमेश को काफी चोटें आने की बात पीड़ित परिवार की ओर से कही गई है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि विवाद के दौरान उन्हें अपशब्द कहे गए और धमकी दी गई कि “यहां केवल एक ही घर है, रह नहीं पाओगे, नामोनिशान मिटा देंगे।” आरोप है कि इसके बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया और लाठी-डंडे चलने से परिवार के लोगों को चोटें आईं।
घटना के बाद रामकमल पाण्डेय के परिवार के लोग शिव कुमार कनौजिया के परिवार वालों से काफी डरे और सहमे हुए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि कथित धमकियों के कारण उन्हें अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। परिवार ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
थाने पहुंचा मामला तो पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
घटना के बाद मामला कोतवाली तिकुनियाँ पहुंचा, लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि वहां भी उन्हें अपेक्षित न्याय नहीं मिला। परिवार का कहना है कि पुलिस ने मामले में एकतरफा कार्रवाई की।
सबसे अधिक सवाल उस समय खड़े हुए, जब करीब 72 वर्षीय जनार्दन प्रसाद पांडे, जो पिछले लगभग 14 वर्षों से तिकुनियाँ थाना परिसर स्थित मंदिर में पूजा-पाठ एवं देखरेख करते आ रहे हैं, उन्हें भी रातभर थाने में बैठाए रखने का आरोप लगाया गया।
परिवार का कहना है कि बुजुर्ग पुजारी का विवाद से कोई प्रत्यक्ष लेना-देना नहीं था। इसके बावजूद उन्हें रातभर थाने में बैठाए जाने से परिवार बेहद आहत है।
“14 साल मंदिर की सेवा की, बदले में मिला अपमान”
पीड़ित बुजुर्ग पुजारी का कहना है कि उन्होंने वर्षों से मंदिर की पूजा-पाठ और सेवा को अपना कर्तव्य समझकर निभाया है। उनका आरोप है कि थाने में उनके साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उससे उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा है।
पीड़ित परिवार ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, घायलों को न्याय और परिवार को सुरक्षा दिलाए जाने की मांग की है। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो भय का यह माहौल और गंभीर हो सकता है।
अब सवाल यह है कि आखिर 72 वर्षीय बुजुर्ग पुजारी को रातभर थाने में क्यों बैठाया गया और मारपीट के मामले में पुलिस की कार्रवाई का आधार क्या था? पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
खमरिया कोयलार में दबंगई का आरोप, ब्राह्मण परिवार पर टूटा लाठी-डंडों का कहर
महिला गंभीर घायल, 72 वर्षीय मंदिर पुजारी को रातभर थाने में बैठाने का आरोप—पीड़ित परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
तिकुनिया
तहसील निघासन के कोतवाली तिकुनियाँ क्षेत्र की ग्राम पंचायत खमरिया कोयलार में पड़ोसी विवाद ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब एक ब्राह्मण परिवार ने गांव के ही शिव कुमार कनौजिया के परिवार पर गाली-गलौज, अभद्रता, धमकी और लाठी-डंडों से मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए। मारपीट में धर्मेंद्र की पत्नी और रमेश को काफी चोटें आने की बात पीड़ित परिवार की ओर से कही गई है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि विवाद के दौरान उन्हें अपशब्द कहे गए और धमकी दी गई कि “यहां केवल एक ही घर है, रह नहीं पाओगे, नामोनिशान मिटा देंगे।” आरोप है कि इसके बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया और लाठी-डंडे चलने से परिवार के लोगों को चोटें आईं।
घटना के बाद रामकमल पाण्डेय के परिवार के लोग शिव कुमार कनौजिया के परिवार वालों से काफी डरे और सहमे हुए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि कथित धमकियों के कारण उन्हें अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। परिवार ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
थाने पहुंचा मामला तो पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
घटना के बाद मामला कोतवाली तिकुनियाँ पहुंचा, लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि वहां भी उन्हें अपेक्षित न्याय नहीं मिला। परिवार का कहना है कि पुलिस ने मामले में एकतरफा कार्रवाई की।
सबसे अधिक सवाल उस समय खड़े हुए, जब करीब 72 वर्षीय जनार्दन प्रसाद पांडे, जो पिछले लगभग 14 वर्षों से तिकुनियाँ थाना परिसर स्थित मंदिर में पूजा-पाठ एवं देखरेख करते आ रहे हैं, उन्हें भी रातभर थाने में बैठाए रखने का आरोप लगाया गया।
परिवार का कहना है कि बुजुर्ग पुजारी का विवाद से कोई प्रत्यक्ष लेना-देना नहीं था। इसके बावजूद उन्हें रातभर थाने में बैठाए जाने से परिवार बेहद आहत है।
“14 साल मंदिर की सेवा की, बदले में मिला अपमान”
पीड़ित बुजुर्ग पुजारी का कहना है कि उन्होंने वर्षों से मंदिर की पूजा-पाठ और सेवा को अपना कर्तव्य समझकर निभाया है। उनका आरोप है कि थाने में उनके साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उससे उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा है।
पीड़ित परिवार ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, घायलों को न्याय और परिवार को सुरक्षा दिलाए जाने की मांग की है। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो भय का यह माहौल और गंभीर हो सकता है।
अब सवाल यह है कि आखिर 72 वर्षीय बुजुर्ग पुजारी को रातभर थाने में क्यों बैठाया गया और मारपीट के मामले में पुलिस की कार्रवाई का आधार क्या था? पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
    user_Rajeev Khatri
    Rajeev Khatri
    निघासन, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • पुलिस थाने के इलेक्ट्रिक रूम में फंदे से लटका मिला युवक, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका लखीमपुर-खीरी जिला की तहसील पलिया क्षेत्र के ग्राम छोटी फुलवरिया निवासी 35 वर्षीय राजू पुत्र रामनक्षत्र की गुजरात के अहमदाबाद में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। राजू जामनगर में एक कंपनी में काम करता था। पुलिस के अनुसार उसने थाना शहर कोटडा परिसर के ग्राउंड फ्लोर स्थित इलेक्ट्रिक रूम में पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। वहीं, परिजनों ने गांव के ही जितेन्द्र पर राजू की हत्या करने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि दो महीना पहले गांव का जितेन्द्र राजू को अपने साथ गुजरात लेकर गया था। बताया जा रहा है कि मौत से पहले राजू द्वारा अपने घर के मोबाइल पर वाट्सऐप के माध्यम से एक रिकॉर्डिंग भेजी गई थी। वायरल हो रही इस रिकॉर्डिंग में राजू और जितेन्द्र के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर बातचीत हुई बताई जा रही है। परिजनों का आरोप है कि रिकॉर्डिंग में जितेन्द्र राजू के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहा है। इसी आधार पर परिजन राजू की मौत को आत्महत्या न मानते हुए हत्या की आशंका जता रहे हैं। राजू की पत्नी सुनीता ने बताया कि घटना से पहले राजू ने फोन कर कहा था कि उसके पीछे कुछ लोग लगे हुए हैं और उसे जान से मार देंगे। इसके बाद उसने अपने मम्मी-पापा से भी बात की। बाद में उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। करीब 12 बजे राजू का मोबाइल दोबारा ऑन हुआ। इसके बाद परिजनों को राजू की मौत की सूचना मिली। पुलिस ने बताया कि थाने में की आत्महत्या अहमदाबाद के थाना शहर कोटडा के थानाध्यक्ष विजय चौधरी ने बताया कि राजू जामनगर में काम कर रहा था। शनिवार को घर जाते समय उसने रास्ते से पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर बताया कि उसे खतरा है और कुछ लोग उसे मारना चाहते हैं। उसने यह भी बताया कि उसे नौकरी से निकाल दिया गया है। कंट्रोल रूम की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और राजू को अपने साथ कंट्रोल रूम ले गई। राजू ने पुलिस से थाना जाने की बात कही, जिसके बाद उसे थाना शहर कोटडा लाया गया। पुलिस के अनुसार राजू काफी परेशान था और बार-बार घर जाने की बात कह रहा था। थाने में उसने अपनी पत्नी से फोन पर बात की और दो हजार रुपये भी भेजने को कहा था। पत्नी ने सुबह रुपये भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद राजू ने थाने के ग्राउंड फ्लोर स्थित इलेक्ट्रिक रूम में पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। चार बच्चों के सिर से उठा पिता का साया राजू अपने पीछे पत्नी सुनीता, मां सरस्वती समेत चार बच्चों को छोड़ गया है। उसके बच्चों में 12 वर्षीय अंकित, आठ वर्षीय महक, छह वर्षीय शिखा और करीब चार वर्षीय अंकुश शामिल हैं। मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। अभी राजू का शव गांव नहीं पहुंचा है। पत्नी सुनीता और मां सरस्वती ने राजू की मौत पर हत्या की आशंका जताते हुए गांव के जितेन्द्र के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि वायरल रिकॉर्डिंग और राजू द्वारा घटना से पहले जताए गए खतरे की भी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए।
    3
    पुलिस थाने के इलेक्ट्रिक रूम में फंदे से लटका मिला युवक, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
लखीमपुर-खीरी जिला की तहसील पलिया क्षेत्र के ग्राम छोटी फुलवरिया निवासी 35 वर्षीय राजू पुत्र रामनक्षत्र की गुजरात के अहमदाबाद में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। राजू जामनगर में एक कंपनी में काम करता था। पुलिस के अनुसार उसने थाना शहर कोटडा परिसर के ग्राउंड फ्लोर स्थित इलेक्ट्रिक रूम में पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। वहीं, परिजनों ने गांव के ही जितेन्द्र पर राजू की हत्या करने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों का कहना है कि दो महीना पहले गांव का जितेन्द्र राजू को अपने साथ गुजरात लेकर गया था। बताया जा रहा है कि मौत से पहले राजू द्वारा अपने घर के मोबाइल पर वाट्सऐप के माध्यम से एक रिकॉर्डिंग भेजी गई थी। वायरल हो रही इस रिकॉर्डिंग में राजू और जितेन्द्र के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर बातचीत हुई बताई जा रही है। परिजनों का आरोप है कि रिकॉर्डिंग में जितेन्द्र राजू के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहा है। इसी आधार पर परिजन राजू की मौत को आत्महत्या न मानते हुए हत्या की आशंका जता रहे हैं।
राजू की पत्नी सुनीता ने बताया कि घटना से पहले राजू ने फोन कर कहा था कि उसके पीछे कुछ लोग लगे हुए हैं और उसे जान से मार देंगे। इसके बाद उसने अपने मम्मी-पापा से भी बात की। बाद में उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। करीब 12 बजे राजू का मोबाइल दोबारा ऑन हुआ। इसके बाद परिजनों को राजू की मौत की सूचना मिली।
पुलिस ने बताया कि थाने में की आत्महत्या
अहमदाबाद के थाना शहर कोटडा के थानाध्यक्ष विजय चौधरी ने बताया कि राजू जामनगर में काम कर रहा था। शनिवार को घर जाते समय उसने रास्ते से पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर बताया कि उसे खतरा है और कुछ लोग उसे मारना चाहते हैं। उसने यह भी बताया कि उसे नौकरी से निकाल दिया गया है।
कंट्रोल रूम की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और राजू को अपने साथ कंट्रोल रूम ले गई। राजू ने पुलिस से थाना जाने की बात कही, जिसके बाद उसे थाना शहर कोटडा लाया गया। पुलिस के अनुसार राजू काफी परेशान था और बार-बार घर जाने की बात कह रहा था। थाने में उसने अपनी पत्नी से फोन पर बात की और दो हजार रुपये भी भेजने को कहा था। पत्नी ने सुबह रुपये भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद राजू ने थाने के ग्राउंड फ्लोर स्थित इलेक्ट्रिक रूम में पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली।
चार बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
राजू अपने पीछे पत्नी सुनीता, मां सरस्वती समेत चार बच्चों को छोड़ गया है। उसके बच्चों में 12 वर्षीय अंकित, आठ वर्षीय महक, छह वर्षीय शिखा और करीब चार वर्षीय अंकुश शामिल हैं। मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। अभी राजू का शव गांव नहीं पहुंचा है।
पत्नी सुनीता और मां सरस्वती ने राजू की मौत पर हत्या की आशंका जताते हुए गांव के जितेन्द्र के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि वायरल रिकॉर्डिंग और राजू द्वारा घटना से पहले जताए गए खतरे की भी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए।
    user_निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    लखीमपुर खीरी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.