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बाराबंकी ब्लाक सूरतगंज बिजली कटौती के खिलाड़ी प्रदर्शन इसमें बिजली कटौती के खिलाफ लिया जाए एक्शन बाराबंकी किशनगंज में देर राज प्रदर्शन में कई लोग बिजली कटौती के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं रात 12:00 बजे लोग इकट्ठा होकर अपना धरना प्रदर्शन कर दिया इसमें प्रशासन की तरफ से कोई सुनवाई नहीं हुई
मनीषा
बाराबंकी ब्लाक सूरतगंज बिजली कटौती के खिलाड़ी प्रदर्शन इसमें बिजली कटौती के खिलाफ लिया जाए एक्शन बाराबंकी किशनगंज में देर राज प्रदर्शन में कई लोग बिजली कटौती के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं रात 12:00 बजे लोग इकट्ठा होकर अपना धरना प्रदर्शन कर दिया इसमें प्रशासन की तरफ से कोई सुनवाई नहीं हुई
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- बाराबंकी ब्लाक सूरतगंज बिजली कटौती के खिलाड़ी प्रदर्शन इसमें बिजली कटौती के खिलाफ लिया जाए एक्शन बाराबंकी किशनगंज में देर राज प्रदर्शन में कई लोग बिजली कटौती के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं रात 12:00 बजे लोग इकट्ठा होकर अपना धरना प्रदर्शन कर दिया इसमें प्रशासन की तरफ से कोई सुनवाई नहीं हुई1
- रामनगर क्षेत्र के हेतमापुर में बाढ़ को लेकर रिपोर्टिंग करते हुए1
- ब्रेकिंग न्यूज: उन्नाव गंगाघाट में भू-माफिया के हौसले बुलंद, ग्राम सभा की करोड़ों की जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिश जनपद के गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र में भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। हाईवे किनारे स्थित ग्राम सभा की करोड़ों रुपये की जमीन गाटा संख्या 1164-ख पर कब्जा करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्राम प्रधान के अनुसार 27 अगस्त की रात करीब 50 लोगों के साथ पहुंचकर भू-माफियाओं ने उक्त जमीन पर अवैध तरीके से निर्माण कार्य शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि यह वही जमीन है जिसे वर्ष 2016 में हाईकोर्ट के आदेश पर कब्जामुक्त कराया गया था। ग्राम प्रधान जब ग्राम सभा की जमीन बचाने का प्रयास कर रहे हैं तो भू-माफिया द्वारा उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। प्रधान पति अनिल निषाद ने तत्काल 112 और जाजमऊ चौकी पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और काम रुकवाया, लेकिन पुलिस के जाते ही निर्माण कार्य फिर से शुरू कर दिया गया। कल सर्वे लेखपाल की टीम और राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की थी। अधिकारियों द्वारा निर्माण रोकने के निर्देश के बावजूद लगातार अवैध निर्माण जारी है। ग्राम प्रधान एवं ग्रामीणों ने जिलाधिकारी महोदय से मामले का संज्ञान लेने और भू-माफियाओं के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की मांग की है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं। यह मुलाकात 18वें #BRICS शिखर सम्मेलन के अवसर पर भारत दौरे के दौरान हुई।1
- लखनऊ के इको गार्डन में पंचायत सहायकों के समर्थन में धरने पर बैठे चंद्रशेखर आजाद1
- थाना माती पुलिस टीम द्वारा 01 वांछित अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार बाराबंकी जनपद के माटी पुलिस टीम द्वारा आज शनिवार लगभग 5:00 बजे जानकारी देते हुए बताया कि बीएनएस में वांछित अभियुक्त अम्बुज उपाध्याय पुत्र जयचन्द उपाध्याय निवासी दौलतपुर थाना मो0पुर खाला जनपद बाराबंकी को गिरफ्तार किया गया।1
- करोड़ों खर्च के बाद भी बाढ़ से नहीं मिली राहत, कटान ने खोली इंतजामों की पोल बाढ़ खंड के अधिकारियों पर बरसीं रेनू वर्मा, बोलीं—“एक खर्च करते हैं, दस दिखाते हैं” बाराबंकी। सरयू-घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज कटान ने प्रशासनिक इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हेतमापुर समेत बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार हो रहे कटान के बीच ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से बाढ़ और कटान से बचाव के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के दौरे के दौरान रेनू वर्मा ने बाढ़ खंड के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर तीखी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि “एक खर्च करते हैं, दस दिखाते हैं। बाढ़ खंड के अधिकारियों ने बंदरबांट मचा रखी है।” उन्होंने सवाल उठाया कि जब आज कटान रोकने के लिए काम किया जा रहा है तो यही काम पहले क्यों नहीं कराया गया। रेनू वर्मा का कहना था कि यदि समय रहते प्रभावी इंतजाम किए जाते तो आज हेतमापुर और आसपास के गांवों के लोगों को इस तरह की भयावह स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने बाढ़ से बचाव के नाम पर हुए कार्यों और खर्च की जांच की मांग भी उठाई।1
- रजनीगंधा का प्रचार विश्वविद्यालय परिसर में करना क्यों जरूरी हो गया..... छात्र : रजनीगंधा का प्रचार विश्विद्यालय परिसर में करना क्यों जरूरी हो गया? दैनिक जागरण : किसी भी कार्यक्रम के लिए फंड की जरूरत पड़ती है। वो फंड रजनीगंधा दे रहे हैं तो उनका नाम जाएगा। छात्र : फिर तो शराब की कंपनी भी दे सकती है, उसका भी हो जाना चाहिए। 📍पटना यूनिवर्सिटी, बिहार1