पोसरा में जनआक्रोश की हुंकार कलश यात्रा से गूंजा गांव, आदिवासियों के दर्द पर पसीजा नेता का दिल कटनी। ग्राम पोसरा में आदिवासी समाज सहित अन्य समाजों के सैकड़ों ग्रामीणों ने समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष डॉ. खान का जोरदार और ऐतिहासिक स्वागत किया। गांव की माता-बहनों ने सिर पर कलश रखकर भव्य कलश यात्रा निकाली, जो वर्षों से उपेक्षित आदिवासी समाज के दर्द और आक्रोश की प्रतीक बन गई। इस दौरान डॉ. खान ने कन्याओं के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया, जिससे यह संदेश गया कि यह दौरा राजनीति नहीं, बल्कि पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता का प्रतीक है। 🩸 “हम भूखे मरने की कगार पर हैं” ग्रामीणों ने एक स्वर में बताया कि आदिवासी समाज के साथ लगातार अन्याय हो रहा है— आदिवासियों की जमीनें दबंगों द्वारा हड़पी जा रही हैं लाड़ली बहना योजना की राशि अब तक नहीं मिल रही बिजली और पानी की गंभीर समस्या, इसके बावजूद ₹3000 तक के बिल थमाए जा रहे हैं गांव में अवैध शराब बिक्री और जुआ खुलेआम, जिससे परिवार बर्बादी की ओर बच्चों को शिक्षा से वंचित रखा जा रहा है, कई बच्चों के पैरों में चप्पल तक नहीं पूरा गांव गरीबी, भुखमरी और बदहाली से जूझ रहा है ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा— 👉 “हम गरीब हैं, लेकिन इंसान हैं… हमारी सुनवाई क्यों नहीं होती?” ⚠️ प्रशासन की संवेदनहीनता उजागर ग्रामीणों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शिकायतों के बावजूद कोई अधिकारी गांव तक नहीं पहुंचा। फाइलों में सब ठीक है, लेकिन ज़मीनी हकीकत दर्दनाक और शर्मनाक है। ✊ समाजवादी पार्टी का ऐलान – संघर्ष होगा डॉ. खान ने दो टूक कहा— “आदिवासी समाज के साथ हो रहे अत्याचार को समाजवादी पार्टी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो सड़क से लेकर प्रशासनिक कार्यालयों तक आंदोलन किया जाएगा।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि जमीन हड़पने, योजनाओं का लाभ, बिजली बिलों की अनियमितता और अवैध शराब-जुए के खिलाफ ठोस संघर्ष किया जाएगा। इस अवसर पर देवी दीन गुप्ता, प्रहलाद सिंह ठाकुर सहित समाजवादी पार्टी के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। 🔔 प्रशासन से सीधा सवाल क्या आदिवासी समाज शासन की प्राथमिकता में नहीं? क्या योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित हैं? कब जागेगा प्रशासन? यह खबर केवल समाचार नहीं, पोसरा के आदिवासियों की पीड़ा और चेतावनी है। अब देखना यह है कि प्रशासन सुधरता है या फिर आंदोलन की चिंगारी आग बनती है।
पोसरा में जनआक्रोश की हुंकार कलश यात्रा से गूंजा गांव, आदिवासियों के दर्द पर पसीजा नेता का दिल कटनी। ग्राम पोसरा में आदिवासी समाज सहित अन्य समाजों के सैकड़ों ग्रामीणों ने समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष डॉ. खान का जोरदार और ऐतिहासिक स्वागत किया। गांव की माता-बहनों ने सिर पर कलश रखकर भव्य कलश यात्रा निकाली, जो वर्षों से उपेक्षित आदिवासी समाज के दर्द और आक्रोश की प्रतीक बन गई। इस दौरान डॉ. खान ने कन्याओं के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया, जिससे यह संदेश गया कि यह दौरा राजनीति नहीं, बल्कि पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता का प्रतीक है। 🩸 “हम भूखे मरने की कगार पर हैं” ग्रामीणों ने एक स्वर में बताया कि आदिवासी समाज के साथ लगातार अन्याय हो रहा है— आदिवासियों की जमीनें दबंगों द्वारा
हड़पी जा रही हैं लाड़ली बहना योजना की राशि अब तक नहीं मिल रही बिजली और पानी की गंभीर समस्या, इसके बावजूद ₹3000 तक के बिल थमाए जा रहे हैं गांव में अवैध शराब बिक्री और जुआ खुलेआम, जिससे परिवार बर्बादी की ओर बच्चों को शिक्षा से वंचित रखा जा रहा है, कई बच्चों के पैरों में चप्पल तक नहीं पूरा गांव गरीबी, भुखमरी और बदहाली से जूझ रहा है ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा— 👉 “हम गरीब हैं, लेकिन इंसान हैं… हमारी सुनवाई क्यों नहीं होती?” ⚠️ प्रशासन की संवेदनहीनता उजागर ग्रामीणों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शिकायतों के बावजूद कोई अधिकारी गांव तक नहीं पहुंचा। फाइलों में सब ठीक है, लेकिन ज़मीनी हकीकत दर्दनाक और शर्मनाक है। ✊ समाजवादी पार्टी का ऐलान – संघर्ष होगा डॉ.
खान ने दो टूक कहा— “आदिवासी समाज के साथ हो रहे अत्याचार को समाजवादी पार्टी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो सड़क से लेकर प्रशासनिक कार्यालयों तक आंदोलन किया जाएगा।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि जमीन हड़पने, योजनाओं का लाभ, बिजली बिलों की अनियमितता और अवैध शराब-जुए के खिलाफ ठोस संघर्ष किया जाएगा। इस अवसर पर देवी दीन गुप्ता, प्रहलाद सिंह ठाकुर सहित समाजवादी पार्टी के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। 🔔 प्रशासन से सीधा सवाल क्या आदिवासी समाज शासन की प्राथमिकता में नहीं? क्या योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित हैं? कब जागेगा प्रशासन? यह खबर केवल समाचार नहीं, पोसरा के आदिवासियों की पीड़ा और चेतावनी है। अब देखना यह है कि प्रशासन सुधरता है या फिर आंदोलन की चिंगारी आग बनती है।
- *धतूरा नई बस्ती में प्रशासन का 'बुलडोजर प्रहार': बिना नोटिस बेघर हुए गरीब, मासूमों की सिसकियों ने सरकार को झकझोरा* खबर/धतूरा (मध्य प्रदेश): एक तरफ जहां कड़ाके की ठंड और जीवन का संघर्ष है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की कथित 'गुंडाशाही' ने दर्जनों परिवारों को खुले आसमान के नीचे लाकर खड़ा कर दिया है। धतूरा नई बस्ती में हाल ही में हुई प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई विवादों के घेरे में आ गई है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना या जांच के उनके आशियानों पर बुलडोजर चला दिया गया *बिना नोटिस की कार्रवाई 'सब कुछ मिट्टी में मिल गया* पीड़ित मजदूरों और ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने नियमों को ताक पर रखकर कार्रवाई की। जहां कुछ लोगों को 'कारण बताओ' नोटिस जारी किए गए थे, वहीं प्रशासन ने उन घरों को भी जमींदोज कर दिया जिनके पास कोई नोटिस नहीं पहुंचा था। नुकसान का मंजर: कार्रवाई इतनी अचानक थी कि लोगों को अपना सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला। राशन, जमा पूंजी और गृहस्थी का सारा सामान मलबे में तब्दील हो गया है *मासूमों की पुकार मुख्यमंत्री जी हमारी किताबें दब गईं* इस घटना का सबसे हृदयविदारक पहलू वे नन्हे-मुन्ने बच्चे हैं, जिनकी पढ़ाई इस कार्रवाई की भेंट चढ़ गई हाथ जोड़कर रोते हुए बच्चों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुहार लगाई है "हमारी कॉपी-किताबें और स्कूल बैग सब मलबे में दब गए हैं। हम स्कूल कैसे जाएं हमें शिक्षा से वंचित न किया जाए, हमें रहने के लिए घर दिया जाए *जनता का आक्रोश हाइवे जाम करेंगे, आत्महत्या को मजबूर* बेघर हुए परिवारों ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है जनता का कहना है कि यदि उन्हें तत्काल सिर छुपाने की जगह और मुआवजा नहीं मिला, तो वे नेशनल हाईवे जाम करेंगे आक्रोशित लोगों ने यहां तक कहा कि यदि उनकी सुनवाई नहीं हुई, तो वे सामूहिक आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होंगे *उठते सवाल* क्या प्रशासन ने नियमानुसार बेदखली से पहले वैकल्पिक व्यवस्था की सोची बिना नोटिस दिए घर गिराने वाले अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी शिक्षा के अधिकार की बात करने वाली सरकार में बच्चों की किताबें मलबे में क्यों दबी हैं ग्रामीण अब मुख्यमंत्री से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं कि इस 'अमानवीय' कार्रवाई की जांच होगी और बेघर हुए गरीबों को छत नसीब होगी1
- “आखिर कौन है ‘मंत्री का आदमी’? धमकी के आरोपों पर खुद खूब सिंह लोधी ने दिया जवाब”1
- 📰 जबलपुर में महिला कारोबारी के घर बम फेंका गया, नाबालिग बेटी घायल - 📍 जगह: घमापुर थाना क्षेत्र, चुंगी चौकी, जबलपुर 💥 घटना: महिला टेंट कारोबारी के घर पर पथराव के बाद सूअर मारने वाला बम फेंका गया 🧒 घायल: बम बेटी जैस्मिन के चेहरे के पास फटा, गंभीर रूप से घायल 🏥 इलाज: बच्ची का जबलपुर जिला अस्पताल में इलाज जारी 🔁 दोहराव: दो महीनों में परिवार पर दूसरी बार हमला 📅 पहले भी हमला: 20 और 25 नवंबर 2025 को पथराव व आगजनी की घटनाएं ⚠️ आरोप: छात्राओं से छेड़छाड़ का विरोध करने पर बदमाशों ने हमला किया 🏠 अन्य आरोप: मकान और पास के प्लॉट पर कब्जे की कोशिश 👮 पुलिस: घमापुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की 😨 हालात: घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल _ 🗣️ रिपोर्ट: दीपक विश्वकर्मा 📰 Sach Tak Patrika News1
- *जिला मैहर में नगर* पालिका परिक्षेत्र को शासन द्वारा पवित्र नगरी घोषित किया हैं लेकिन सोनवारी शराब दुकान के लायसेंसी पूरे मैहर नगर पालिका क्षेत्र में जगह-जगह अवैध शराब की बिक्री कराकर माता के दरबार को पवित्र नगरी नही होने देने की ठान कर शासन-प्रशासन को ही चुनौती दे रहे है, जिसमें पूरा सहयोग आबकारी विभाग द्वारा किया जा रहा है। शासन ने राजस्व को कम तव्वजो देते हुये जनता के आस्था एवं विश्वास को ध्यान में रखते हुए पूरे मैहर नगर पालिका परिक्षेत्र में मदिरा की विक्रय पर पूर्णतः प्रतिबंधित करते हुये शुष्क क्षेत्र घोषित कर वहां संचालित मदिरा के दुकानों को बंद कराया गया हैं, परंतु लगता हैं, कि आबकारी विभाग को ये मंजूर नहीं हैं। तभी तो आबकारी विभाग, सोनवारी शराब दुकान के लायसेंसी के साथ कदम से कदम मिलाकर पूरे पवित्र नगरी मैहर में अवैध शराब की बिकी करा है। प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री जी के पवित्र नगरी में शराब बंदी के सपने को उन्ही के आबकारी विभाग द्वारा सपना ही रहने की ठान लिया हैं। अब देखते हैं, कि माननीय मुख्यमंत्री जी के पवित्र नगरी में शराब बंदी का प्रयास सफल हो पाता हैं, या उन्ही का विभाग उनके प्रयासों पर भारी पड़ता हैं2
- गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 70910778981
- महाकाल से लौटा बेटा, सनातन में घर वापसी आस्था की असली परिभाषा – देखिए पूरी कहानी। #GharWapsi #SanatanDharma #AsadToAtharv #Bharat1
- नगर परिषद चित्रकूट की लापरवाही एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नगर परिषद क्षेत्र में पेयजल सप्लाई की पाइपलाइन गंदे नाले में पड़ी होने का मामला सामने आया है, जिससे आमजन की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। चित्रकूट थाना के समीप गंदे नाले में तैरती हुई पानी सप्लाई की पाइपलाइन ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है। गौरतलब है कि हाल ही में इंदौर में दूषित जल आपूर्ति से हुई दुखद घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था, बावजूद इसके चित्रकूट नगर परिषद ने उससे कोई सबक नहीं लिया। गंदे नाले में पड़ी पाइपलाइन से सप्लाई किया जा रहा पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सवाल यह है कि क्या नगर परिषद किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रही है? अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर लापरवाही पर कब तक आंख मूंदे रहते हैं या समय रहते सुधारात्मक कदम उठाते हैं।1
- Post by Dr vinodsen3
- विकसित भारत - जी राम जी में गांव तथा ग्राम सभा, विकसित ग्राम पंचायत प्लान बनाएंगे और तय करेंगे कि गांव में कौन से काम हों। यह योजना गरीबी मुक्त, रोजगार युक्त, स्वावलंबी और स्वयंपूर्ण गांव के सपने को पूरा करने का संकल्प है।1